📘 CodingMarble Learn

खेती और रोज़मर्रा का जीवन

खेत हमें भोजन देते हैं और खेत धूप, बारिश और मिट्टी पर निर्भर हैं। लापरवाह खेती से मिट्टी नदी में बह जाती है और प्रकृति को नुकसान होता है; सावधान खेती प्रकृति को बचाती है। खेती हमारे त्योहारों और खान-पान को भी बनाती है। आज किसान कम और बुज़ुर्ग होते जा रहे हैं, जलवायु बदल रही है और ड्रोन जैसे नए औज़ार आ रहे हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. खेत में फसल उगी है और थाली भर रही है। हमारा खाना खेत से शुरू होता है।
  2. अब बारिश रुक गई। पौधे छोटे रह गए और थाली लगभग खाली है। फसल कितनी होगी, यह प्रकृति तय करती है।
  3. खुली मिट्टी पर तेज़ बारिश हुई। मिट्टी बहकर नदी में गई और नदी भूरी हो गई। खेत की अच्छी मिट्टी घट गई।
  4. हमने किनारे पर पेड़ और घास लगाए। मिट्टी रुक गई, नदी साफ़ है और फसल अच्छी है।
  5. फसल के बाद लोग त्योहार मनाते हैं। ड्रोन जैसे नए औज़ार भी किसान की मदद करने आए हैं।
  6. अब आपकी बारी। धूप और बारिश बदलिए, देखभाल चालू या बंद कीजिए और थाली देखिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

बारिश रुकने पर खेत कम अन्न क्यों देता है?

पौधों को बढ़ने के लिए पानी चाहिए। बारिश नहीं तो पौधे छोटे रहते हैं और कम थालियाँ भरती हैं।

नदी भूरी क्यों हो जाती है?

तेज़ बारिश खुली ज़मीन की ढीली मिट्टी बहा ले जाती है। कीचड़ नदी में चला जाता है।

किनारे के पेड़ कैसे मदद करते हैं?

जड़ें मिट्टी को पकड़ती हैं और पत्तियाँ बारिश की रफ़्तार घटाती हैं, इसलिए मिट्टी खेत में रहती है और नदी साफ़ रहती है।

क्या आज भी खेती की संस्कृति ज़रूरी है?

हाँ। त्योहार और स्थानीय खाना लोगों को अपनी ज़मीन से जोड़ते हैं और नए औज़ार इसके साथ काम कर सकते हैं।

बहुत ज़्यादा बारिश या धूप हो तो?

पट्टियाँ चलाकर देखिए। फसल बीच की मात्रा पर सबसे अच्छी होती है और बहुत कम या बहुत ज़्यादा होने पर घटती है।

भोजन और कृषि (Food and agriculture)

कृषि का मतलब है फसल उगाना और पशु पालना। इससे हमें अनाज (चावल, गेहूँ), सब्ज़ियाँ और फल, दूध, अंडे और माँस मिलते हैं। कपास, रबड़ और पशुओं का चारा भी मिलता है।

भोजन से शरीर को ऊर्जा (कार्बोहाइड्रेट और वसा), बढ़ने के लिए प्रोटीन और सुरक्षा के लिए विटामिन व खनिज मिलते हैं। खेत सूरज की रोशनी, पानी और मिट्टी को भोजन में बदलता है।

कई देश अपना सारा खाना खुद नहीं उगा पाते और कुछ बाहर से खरीदते हैं। देश जितना खाना खुद उगाता है, उसका हिस्सा खाद्य आत्मनिर्भरता कहलाता है। हर व्यक्ति तक सही दाम पर भोजन पहुँचना खाद्य सुरक्षा है।

प्राकृतिक पर्यावरण और कृषि (Natural environment and agriculture)

फसल को प्रकृति से चार चीज़ें चाहिए: धूप (पत्तियों में भोजन बनाने के लिए), पानी (बारिश या सिंचाई), मिट्टी (पोषक तत्व और जड़ों की जगह) और सही तापमान।

इनमें से किसी एक की भी कमी या ज़्यादती से फसल घट जाती है। धान को गर्मी और बहुत पानी चाहिए। गेहूँ को ठंडा मौसम और कम पानी। इसीलिए अलग जगह अलग फसल उगती है।

खेती प्रकृति को बदलती भी है। खेत जंगल नहीं है। उसमें पेड़-पौधे और जीव कम होते हैं, पर मेड़ पर पेड़ और तालाब हों तो चिड़ियाँ, कीड़े और मेंढक वहाँ रह सकते हैं।

पर्यावरण संरक्षण और कृषि (Environmental conservation and agriculture)

खेती प्रकृति को नुकसान पहुँचा सकती है जब:

खेती प्रकृति को बचा भी सकती है। किनारे पर पेड़ और घास मिट्टी को पकड़ते हैं। कम्पोस्ट और फसल-चक्र मिट्टी को उपजाऊ रखते हैं। बूँद-बूँद सिंचाई पानी बचाती है। मिली-जुली फसल और तालाब जीवों को बचाते हैं। जो खेती बिना नुकसान के बरसों चल सके, वह टिकाऊ (sustainable) खेती है।

जीवन-शैली, संस्कृति और कृषि (Lifestyle culture and agriculture)

खेती ने हमारे जीने का ढंग बनाया। त्योहार खेती के साल के साथ चलते हैं: पोंगल और मकर संक्रांति, बैसाखी, ओणम, बिहू, और कई देशों में नए चावल का धन्यवाद-उत्सव। गीत, नाच, खाना और पहनावा अक्सर बुवाई और कटाई से आए हैं।

स्थानीय खाना स्थानीय फसल से बनता है: बाजरे की रोटी, चावल के पकवान, नूडल्स या ब्रेड। खेत, सीढ़ीदार खेत, गाँव के तालाब और धान के खेत ज़मीन की सुंदरता भी हैं। इस साझा जीवन-शैली को कृषि संस्कृति कहते हैं और कई जगह इसे बचाने की कोशिश होती है।

कृषि की प्रवृत्तियाँ और भविष्य (Trends and outlook of agriculture)

खेती बदल रही है। मुख्य प्रवृत्तियाँ ये हैं:

कल का बड़ा सवाल: सबके लिए पर्याप्त भोजन उगाएँ और फिर भी मिट्टी, पानी और जीव-जंतु स्वस्थ रखें, यह कैसे हो?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक गाँव को साल में 500 टन अनाज चाहिए और खेत 400 टन उगाते हैं। उसकी खाद्य आत्मनिर्भरता कितनी है?

आत्मनिर्भरता = 400 ÷ 500 × 100 = 80%। गाँव को अब भी 100 टन बाहर से लाना होगा।

2. देखभाल के साथ खेत 24 थालियाँ भरता है। देखभाल के बिना मिट्टी घटने से फसल 30% कम हो जाती है। अब कितनी थालियाँ?

24 का 30% = 7.2। यानी 24 − 7.2 = 16.8, लगभग 17 थालियाँ। देखभाल से लगभग 7 थालियाँ बचती हैं।

3. 3D वाला खेत नदी को दो तरह से कैसे नुकसान पहुँचाता है, और किसान उसे दो तरह से कैसे रोक सकता है?

नुकसान: खुली मिट्टी से कीचड़ बहना और ज़्यादा खाद का नदी में जाना। रोकथाम: किनारे पर पेड़ और घास लगाना और फसल को जितनी खाद चाहिए उतनी ही देना।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें से कौन सी चीज़ फसल को प्रकृति से नहीं चाहिए?
2. खुली मिट्टी पर तेज़ बारिश गिरे तो क्या होता है?
3. खेत में कौन सा काम पर्यावरण की रक्षा करता है?
4. फसल का त्योहार किसका उदाहरण है?
5. आज की खेती की एक बड़ी प्रवृत्ति क्या है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खेती का रोज़मर्रा के जीवन से क्या संबंध है?

खेती हमें भोजन और कपास जैसी चीज़ें देती है। वह हमारे त्योहार, स्थानीय पकवान और गाँव के दृश्य भी बनाती है।

खेती पर्यावरण को कैसे नुकसान पहुँचा सकती है?

खुली मिट्टी बह सकती है, ज़्यादा खाद नदी को गंदा करती है, ज़्यादा पानी खींचने से भूजल घटता है और जंगल कटने से जीवों के घर छिनते हैं।

टिकाऊ खेती का क्या मतलब है?

इसका मतलब है आज पर्याप्त भोजन उगाना, लेकिन ऐसे ढंग से कि कल के लिए मिट्टी, पानी और जीव-जंतु स्वस्थ रहें।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Agriculture and Environment

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी जीव विज्ञान पाठ