विज्ञान की विशेषताएँ
विज्ञान ज्ञान पाने का तरीक़ा है जिसमें विचारों को सबूत से परखा जाता है।
- अनुभववाद (empiricism): ज्ञान ध्यान से देखने और नापने से आता है, राय से नहीं।
- वस्तुनिष्ठता (objectivity): शोधकर्ता अपनी निजी राय दूर रखता है; तय और नियंत्रित तरीक़े अपनाता है।
- दोहराव (replicability): दूसरे लोग उसी विधि से अध्ययन दोहराकर मिलते-जुलते नतीजे पा सकें।
- मिथ्यापनीयता (falsifiability): दावा ऐसा हो जिसे ग़लत साबित किया जा सके (कार्ल पॉपर)। "सब कुछ किसी कारण से होता है" परखा नहीं जा सकता, इसलिए वैज्ञानिक नहीं।
- सिद्धांत निर्माण और परिकल्पना जाँच: सिद्धांत भविष्यवाणी (परिकल्पना) करता है; जाँच उसे समर्थन देती है या ग़लत करती है; सिद्धांत सुधरता है।
प्रतिमान और प्रतिमान बदलाव
थॉमस कुह्न ने कहा कि परिपक्व विज्ञान का एक प्रतिमान (paradigm) होता है: मान्यताओं और विधियों का साझा ढाँचा जिसे ज़्यादातर वैज्ञानिक मानते हैं।
- सामान्य विज्ञान: प्रतिमान के अंदर पहेलियाँ सुलझाना।
- असंगत नतीजे (anomalies): ऐसे नतीजे जो फिट नहीं होते, जमा होते जाते हैं।
- प्रतिमान बदलाव: वैज्ञानिक क्रांति पुराने ढाँचे को बदल देती है, जैसे सौर मंडल के केंद्र में पृथ्वी की जगह सूर्य।
कुह्न के अनुसार मनोविज्ञान शायद पूर्व-प्रतिमान (pre-paradigmatic) है, क्योंकि इसमें एक साझा प्रतिमान की जगह कई होड़ करते नज़रिये हैं (जैविक, व्यवहारवादी, संज्ञानात्मक आदि)।
सहकर्मी समीक्षा और रिपोर्ट लिखना
सहकर्मी समीक्षा (peer review) में उसी क्षेत्र के विशेषज्ञ छपने से पहले अध्ययन जाँचते हैं: विधि, विश्लेषण और क्या निष्कर्ष आँकड़ों से निकलते हैं। यह कमज़ोर काम छाँटती है, पर धीमी है, समीक्षक नए विचारों के ख़िलाफ़ झुक सकते हैं, और प्रकाशन पूर्वाग्रह (सकारात्मक नतीजों को तरजीह) होता है।
वैज्ञानिक रिपोर्ट के तय हिस्से:
- सार (abstract): 150–200 शब्दों में लक्ष्य, विधि, नतीजे, निष्कर्ष।
- परिचय: पुराना शोध जो लक्ष्य और परिकल्पनाओं तक ले जाता है।
- विधि: डिज़ाइन, प्रतिभागी और नमूना, सामग्री, प्रक्रिया और नैतिकता, इतने विस्तार से कि दोहराया जा सके।
- परिणाम: वर्णनात्मक आँकड़े, ग्राफ़ और अनुमानात्मक टेस्ट।
- चर्चा: नतीजों का अर्थ, पुराने शोध से जुड़ाव, सीमाएँ और आगे का शोध।
- संदर्भ: हर स्रोत का पूरा विवरण, तय ढंग से।
वैधता और विश्वसनीयता के प्रकार
वैधता (validity) यानी अध्ययन या टेस्ट वही नापे जो वह दावा करता है, और नतीजे असली हों।
- आंतरिक वैधता: आश्रित चर (DV) में बदलाव सच में स्वतंत्र चर (IV) से आया, बाहरी चरों या "माँग विशेषताओं" से नहीं।
- बाहरी वैधता: नतीजे अध्ययन के बाहर लागू हों: पारिस्थितिक (दूसरी जगहें), जनसंख्या (दूसरे लोग), कालिक (दूसरे समय)।
- प्रत्यक्ष वैधता (face): पहली नज़र में टेस्ट सही चीज़ नापता दिखे।
- समवर्ती वैधता (concurrent): अंक उसी समय लिए गए भरोसेमंद टेस्ट से मेल खाएँ (अक्सर सहसंबंध +0.80 से ऊपर)।
विश्वसनीयता (reliability) यानी एकरूपता। टेस्ट-रीटेस्ट: वही व्यक्ति दो बार में मिलते-जुलते अंक पाए। अंतर-प्रेक्षक: दो प्रेक्षक एक ही व्यवहार एक जैसा दर्ज करें (+0.80 से ऊपर)। माप विश्वसनीय होकर भी अवैध हो सकता है, पर अविश्वसनीय माप सच में वैध नहीं हो सकता।
करके देखो: अपना माप परखो
किसी किताब को रसोई या बाथरूम के तराज़ू पर पाँच बार तौलो। क्या रीडिंग पास-पास हैं (विश्वसनीय)? फिर कोई ऐसी चीज़ तौलो जिसका वज़न पता हो, जैसे 1 kg चावल का पैकेट। क्या तराज़ू सही है (वैध)? अपना नतीजा 3D के खेल वाले निशाने से मिलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विज्ञान चक्र: सिद्धांत → परिकल्पना → जाँच → आँकड़े → सिद्धांत में सुधार
- विश्वसनीय = एक जैसा; वैध = सही (जो नापना है वही नापे)
- रिपोर्ट: सार, परिचय, विधि, परिणाम, चर्चा, संदर्भ
- अच्छी विश्वसनीयता/समवर्ती वैधता: सहसंबंध ≥ +0.80
हल किए गए उदाहरण
1. एक व्यक्तित्व टेस्ट एक हफ़्ते के अंतर पर बहुत अलग अंक देता है। समस्या क्या है?
टेस्ट-रीटेस्ट विश्वसनीयता कमज़ोर है: टेस्ट समय के साथ एक जैसा नहीं।
2. लैब में याददाश्त का अध्ययन बेमतलब शब्दांशों की सूची से होता है। इसमें पारिस्थितिक वैधता क्यों कम हो सकती है?
लैब में बेमतलब शब्द याद करना रोज़ की याददाश्त जैसा नहीं, तो नतीजे असली जीवन पर लागू न हों।
3. नई चिंता प्रश्नावली पुरानी भरोसेमंद प्रश्नावली से +0.86 सहसंबंध रखती है। यह कौन-सी वैधता है?
समवर्ती वैधता: उसी समय लिए भरोसेमंद टेस्ट से मेल।
आम गलतियाँ
- मानना कि विज्ञान सिद्धांत को सच साबित करता है। सबूत सिर्फ़ समर्थन देता है या ग़लत साबित करता है।
- विश्वसनीयता और वैधता को मिलाना। एक जैसे नतीजे भी ग़लत हो सकते हैं।
- कहना कि एक अजीब नतीजे से प्रतिमान बदल जाता है। इसके लिए बहुत से असंगत नतीजे चाहिए।
- नतीजों की व्याख्या "परिणाम" में लिखना। व्याख्या "चर्चा" में जाती है।