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जैव-मनोविज्ञान: शरीर और मस्तिष्क व्यवहार को कैसे चलाते हैं

जैव-मनोविज्ञान (biopsychology) पढ़ता है कि शरीर, ख़ासकर तंत्रिका तंत्र और हॉर्मोन, हमारे सोचने, महसूस करने और करने को कैसे बनाते हैं। तंत्रिका तंत्र का एक केंद्रीय भाग (मस्तिष्क और मेरुरज्जु) और एक परिधीय भाग (कायिक और स्वायत्त नसें) है। न्यूरॉन अपनी लंबाई में विद्युत संकेत से और सिनैप्स की दरार पर रसायन (न्यूरोट्रांसमीटर) से संदेश भेजते हैं; यह रसायन उत्तेजक या निरोधी हो सकता है। अंतःस्रावी तंत्र ग्रंथियों और हॉर्मोन से काम करता है; ख़तरे में अनुकंपी शाखा और एड्रेनालिन 'लड़ो या भागो' प्रतिक्रिया लाते हैं। कुछ काम मस्तिष्क के ख़ास क्षेत्रों में होते हैं (स्थानीयकरण) और कुछ एक अर्धगोल में (पार्श्वीकरण), जैसा स्प्लिट-ब्रेन अध्ययन दिखाते हैं। मस्तिष्क ख़ुद को बदल सकता है (प्लास्टिसिटी) और क्षति के बाद सुधर सकता है। वैज्ञानिक fMRI, EEG, ERP और शव-परीक्षण से इसे पढ़ते हैं। शरीर लय पर भी चलता है: सर्केडियन (लगभग 24 घंटे), अल्ट्राडियन (छोटी) और इन्फ्राडियन (लंबी), जिन्हें भीतरी पेसमेकर चलाते हैं और रोशनी जैसे ज़ाइटगेबर ठीक करते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. तंत्रिका तंत्र के दो बड़े भाग हैं। मस्तिष्क और मेरुरज्जु केंद्र हैं। बाकी सारी नसें बाहरी भाग हैं।
  2. न्यूरॉन एक छोटी दरार के पार बात करते हैं, जिसे सिनैप्स कहते हैं। एक रसायन दरार पार करता है। वह अगले न्यूरॉन को तेज़ या धीमा कर सकता है।
  3. ख़तरा दिखते ही शरीर झट से तैयार होता है। एड्रेनालिन दिल की धड़कन तेज़ कर देता है। यही है लड़ो या भागो।
  4. मस्तिष्क के अलग क्षेत्र अलग काम करते हैं। दोनों आधे भाग भी काम बाँटते हैं। और क्षति के बाद मस्तिष्क नए रास्ते बना सकता है।
  5. वैज्ञानिक मस्तिष्क को चार मुख्य तरीकों से पढ़ते हैं। कुछ बताते हैं कहाँ। कुछ बताते हैं कब।
  6. खुला खेल: घड़ी घुमाइए। देखिए रोशनी और अँधेरा शरीर की 24 घंटे की लय कैसे तय करते हैं।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

दोनों स्वायत्त तंत्र में हैं, तो अनुकंपी और परानुकंपी उल्टे काम क्यों करते हैं?

वे जोड़ी हैं, जैसे गाड़ी का एक्सीलेरेटर और ब्रेक। एक काम के लिए तैयार करता है, दूसरा शांति लौटाता है। चरण 1 में दोनों साथ दिखते हैं।

नसें विद्युत हैं, तो रसायन संदेश कैसे ले जाता है?

न्यूरॉन के अंदर संकेत विद्युत है। दरार पर वह रसायन बनता है, फिर अगले न्यूरॉन में फिर विद्युत। चरण 2 में सुनहरी वेसिकल दरार पार करती हैं।

एड्रेनालिन हॉर्मोन भी है और न्यूरोट्रांसमीटर भी, कैसे?

खून में (अधिवृक्क ग्रंथि से) यह पूरे शरीर पर हॉर्मोन की तरह असर करता है; सिनैप्स पर उत्तेजक न्यूरोट्रांसमीटर की तरह। चरण 3 खून वाला रास्ता दिखाता है।

अगर एक अर्धगोल भाषा सँभालता है, तो क्या दूसरा शब्दों के लिए बेकार है?

नहीं। दायाँ भाग लहजा, भावना और बड़ी तस्वीर में मदद करता है; बस प्रायः बोल नहीं पाता। चरण 4 का स्प्लिट-ब्रेन दृश्य बँटे हुए काम दिखाता है।

वैज्ञानिक हर काम के लिए fMRI ही क्यों नहीं लेते?

fMRI धीमा (सेकंड), महँगा है और केवल संबंध दिखाता है। EEG और ERP तेज़ बदलाव पकड़ते हैं। चरण 5 में 'कहाँ' और 'कब' पट्टियाँ मिलाइए।

रात में देर तक फ़ोन चलाने के बाद नींद क्यों नहीं आती?

फ़ोन की रोशनी ज़ाइटगेबर बनकर मेलाटोनिन घटा देती है, तो घड़ी सोचती है अभी दिन है। खुले खेल की घड़ी रात पर लाकर देखिए, अँधेरे में मेलाटोनिन बढ़ता है।

तंत्रिका तंत्र और उसके भाग

तंत्रिका तंत्र शरीर का तेज़ संदेश-जाल है। इसके दो मुख्य भाग हैं।

कायिक और स्वायत्त

न्यूरॉन और सिनैप्टिक संचरण

न्यूरॉन तंत्रिका कोशिका है। इसके तीन प्रकार हैं:

न्यूरॉन के भाग: केंद्रक वाला कोशिका-काय, संकेत लेने वाले द्रुमिका (dendrites), संकेत ले जाने वाला तंत्रिकाक्ष (axon), उस पर चर्बी की परत माइलिन आवरण जो गति बढ़ाती है, और सिरे पर टर्मिनल बटन।

सिनैप्स पार करना

  1. विद्युत संकेत (क्रिया विभव) axon के सिरे तक पहुँचता है।
  2. छोटी थैलियाँ (वेसिकल) एक रसायन, न्यूरोट्रांसमीटर, दरार में छोड़ती हैं।
  3. रसायन दरार पार करके अगले न्यूरॉन के ग्राही (receptors) से जुड़ता है।
  4. फिर वह तोड़ दिया जाता है या वापस सोख लिया जाता है (reuptake)।

संचरण सिर्फ़ एक दिशा में होता है, क्योंकि वेसिकल केवल भेजने वाली ओर और ग्राही केवल पाने वाली ओर होते हैं।

उत्तेजना और निरोध

उत्तेजक न्यूरोट्रांसमीटर (जैसे एड्रेनालिन) अगले न्यूरॉन के संकेत भेजने की संभावना बढ़ाते हैं। निरोधी (जैसे सेरोटोनिन, GABA) घटाते हैं। अगला न्यूरॉन सबको जोड़ता है (summation) और कुल उत्तेजना काफ़ी हो तभी संकेत भेजता है।

अंतःस्रावी तंत्र और लड़ो या भागो

अंतःस्रावी तंत्र उन ग्रंथियों का समूह है जो खून में हॉर्मोन छोड़ती हैं। हॉर्मोन नस के संकेत से धीमे हैं, पर असर ज़्यादा देर रहता है।

लड़ो या भागो, क्रम से

  1. मस्तिष्क (एमिग्डाला) ख़तरा पहचानकर हाइपोथैलेमस को बताता है।
  2. हाइपोथैलेमस अनुकंपी शाखा चालू करता है।
  3. अधिवृक्क मज्जा खून में एड्रेनालिन छोड़ती है।
  4. धड़कन और साँस तेज़, पुतलियाँ चौड़ी, पाचन धीमा, ऊर्जा के लिए शर्करा निकलती है।
  5. ख़तरा टलने पर परानुकंपी शाखा शरीर को शांत करती है।

कुछ शोधकर्ता तीसरी प्रतिक्रिया भी बताते हैं: "देखभाल और मेल" (tend and befriend), यानी दूसरों की रक्षा और सहारा ढूँढना, जो महिलाओं में ज़्यादा दिखी। कई लोग जम (freeze) भी जाते हैं।

स्थानीयकरण, पार्श्वीकरण और स्प्लिट-ब्रेन शोध

स्थानीयकरण (localisation) यानी कुछ काम मस्तिष्क के ख़ास क्षेत्र करते हैं।

सब कुछ स्थानीय नहीं है: स्मृति जैसे जटिल काम पूरे मस्तिष्क में फैले माने जाते हैं (समग्र मत)।

पार्श्वीकरण

मस्तिष्क के दो आधे भाग (अर्धगोल) हैं। पार्श्वीकरण यानी कुछ काम मुख्य रूप से एक भाग करता है। भाषा प्रायः बाएँ में; चेहरे पहचानना और स्थान-बोध दाएँ में ज़्यादा। बायाँ भाग शरीर का दायाँ हिस्सा चलाता है, और उल्टा भी।

स्प्लिट-ब्रेन शोध

गंभीर मिर्गी वाले कुछ मरीज़ों का कॉर्पस कैलोसम (दोनों भागों का पुल) काटा गया। शोधकर्ताओं ने चित्र केवल एक दृष्टि-क्षेत्र में दिखाया। दाएँ भाग को दिखाया शब्द वे बोल नहीं पाए (बोली बाएँ में है), पर बायाँ हाथ छूकर सही वस्तु उठा लेता था। यह पार्श्वीकरण का समर्थन है। सीमा: मरीज़ बहुत कम थे, और ऑपरेशन से पहले उनके मस्तिष्क सामान्य नहीं थे।

प्लास्टिसिटी और कार्यात्मक सुधार

प्लास्टिसिटी यानी अनुभव और सीखने से मस्तिष्क की बनावट बदलती है। नए जोड़ बनते हैं; बेकार जोड़ हट जाते हैं। बड़े शहर की गलियाँ याद करने वाले टैक्सी चालकों में स्मृति-क्षेत्र (हिप्पोकैम्पस) बड़ा मिला। लंबे ध्यान और जगलिंग सीखने से भी ग्रे मैटर बदलता है।

क्षति के बाद सुधार

स्ट्रोक या चोट के बाद मस्तिष्क खोया काम स्वस्थ हिस्सों को दे सकता है:

कम उम्र, ज़्यादा पढ़ाई ("संज्ञानात्मक भंडार") और थेरेपी-अभ्यास से सुधार प्रायः बेहतर होता है।

मस्तिष्क को पढ़ने के तरीके

दो मुख्य बातें: स्थानिक विभेदन (spatial resolution) = कितनी सही तरह पता चले कि गतिविधि कहाँ है; कालिक विभेदन (temporal resolution) = कितनी सही तरह पता चले कि कब।

जैविक लय, पेसमेकर और ज़ाइटगेबर

पेसमेकर और ज़ाइटगेबर

अंतर्जात पेसमेकर भीतरी घड़ियाँ हैं। मुख्य घड़ी हाइपोथैलेमस का SCN (सुप्राकियास्मैटिक केंद्रक) है। यह आँखों से रोशनी की ख़बर लेता है और पीनियल ग्रंथि को बताता है कब मेलाटोनिन (नींद का हॉर्मोन, अँधेरे में ज़्यादा) बनाना है।

बहिर्जात ज़ाइटगेबर (जर्मन में "समय-देने वाले") बाहरी संकेत हैं जो घड़ी ठीक करते हैं। रोशनी सबसे ताकतवर है; भोजन का समय और सामाजिक आदतें भी। गुफा-अध्ययनों में, जहाँ लोग दिन की रोशनी के बिना रहे, उनका चक्र लगभग 25 घंटे का हो गया। यानी भीतरी घड़ी को 24 पर टिकाने के लिए रोशनी चाहिए।

घर पर करके देखें

तीन दिन लिखिए कि आप कब सबसे चुस्त और कब सबसे उनींदे होते हैं। फिर देखिए कमरा कब अँधेरा होता है। क्या नींद का समय अँधेरे के पीछे-पीछे चलता है?

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक छात्रा अपनी ओर दौड़ता कुत्ता देखती है और उसका दिल ज़ोर से धड़कने लगता है। शरीर में क्या हुआ, समझाइए।

1) एमिग्डाला ने ख़तरा पहचाना और हाइपोथैलेमस को संकेत दिया। 2) हाइपोथैलेमस ने अनुकंपी तंत्र चालू किया। 3) अधिवृक्क मज्जा ने खून में एड्रेनालिन छोड़ा। 4) एड्रेनालिन ने धड़कन और साँस तेज़ की और मांसपेशियों को खून भेजा, ताकि वह भाग सके। 5) सुरक्षित होने पर परानुकंपी शाखा ने दिल फिर धीमा किया।

2. एक मरीज़ बात समझ लेता है, पर टूटे-टूटे शब्दों में धीरे बोलता है। कौन-सा क्षेत्र क्षतिग्रस्त होगा, और जीवित व्यक्ति में कौन-सा तरीका पुष्टि करेगा?

ब्रोका क्षेत्र (बोलना, बायाँ अग्र भाग) क्षतिग्रस्त होगा, क्योंकि समझना (वर्निके) ठीक है। fMRI स्कैन दिखा सकता है कि बोलने की कोशिश में कौन-सा क्षेत्र सक्रिय नहीं होता, क्योंकि fMRI का स्थानिक विभेदन अच्छा है।

3. मुंबई की रात-पाली वाली नर्स दिन में ठीक से सो नहीं पाती। पेसमेकर और ज़ाइटगेबर से समझाइए।

उसका SCN (अंतर्जात पेसमेकर) दिन की रोशनी (मुख्य ज़ाइटगेबर) से ठीक होता है। दिन में रोशनी मेलाटोनिन कम रखती है, इसलिए शरीर "जागो" कहता है, भले वह सोना चाहे। शरीर का ताप भी दिन में ऊँचा होता है। मोटे पर्दे (रोशनी का संकेत हटाना) और तय दिनचर्या घड़ी को बदलने में मदद करते हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. इनमें से केंद्रीय तंत्रिका तंत्र का भाग कौन है?
2. न्यूरोट्रांसमीटर का कौन-सा असर अगले न्यूरॉन के संकेत भेजने की संभावना घटाता है?
3. लड़ो या भागो में एड्रेनालिन कौन छोड़ता है?
4. किस तरीके का कालिक विभेदन (कब) सबसे अच्छा है?
5. 90 मिनट का नींद-चरण चक्र किसका उदाहरण है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जैव-मनोविज्ञान क्या है?

यह अध्ययन कि तंत्रिका तंत्र, हॉर्मोन और जीन जैसे जैविक तंत्र हमारे व्यवहार, विचार और भावनाओं को कैसे प्रभावित करते हैं।

स्थानीयकरण और पार्श्वीकरण में क्या अंतर है?

स्थानीयकरण: कोई काम मस्तिष्क के ख़ास क्षेत्र में होता है। पार्श्वीकरण: कोई काम मुख्य रूप से एक अर्धगोल (बायाँ या दायाँ) करता है।

ज़ाइटगेबर क्या है?

रोशनी या भोजन के समय जैसा बाहरी संकेत, जो शरीर की भीतरी घड़ी को रोज़ ठीक करता है।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

इंग्लैंडYear 124.2.2 Biopsychology
इंग्लैंडYear 134.2.2 Biopsychology (A-level extension)

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