मस्तिष्क के मुख्य भाग
- प्रमस्तिष्क (cerebrum): सबसे बड़ा भाग। यह बाएँ और दाएँ गोलार्ध में बँटा है। इसकी झुर्रीदार बाहरी परत, प्रमस्तिष्क वल्कुट (cerebral cortex), सोच, भाषा, इंद्रियाँ और योजना वाली गति सँभालती है।
- अनुमस्तिष्क (cerebellum): पीछे और नीचे का "छोटा मस्तिष्क"।
- मस्तिष्क स्तंभ (brain stem): मस्तिष्क को मेरुरज्जु से जोड़ता है। साँस, धड़कन और नींद जैसे अपने-आप होने वाले काम चलाता है।
हर गोलार्ध शरीर के उलटे हिस्से को चलाता है। बायाँ प्रेरक क्षेत्र दायाँ हाथ हिलाता है।
चार पालियाँ और अनुमस्तिष्क
| भाग | कहाँ | मुख्य काम |
|---|---|---|
| अग्र पालि (frontal) | आगे | योजना, निर्णय, व्यक्तित्व, गति शुरू करना (प्रेरक क्षेत्र), बोलना (ब्रोका क्षेत्र) |
| पार्श्विका पालि (parietal) | ऊपर, अग्र के पीछे | स्पर्श, दर्द, तापमान (संवेदी क्षेत्र), शरीर की स्थिति का बोध |
| शंख पालि (temporal) | बगल में, कानों के पास | सुनना (श्रवण क्षेत्र), भाषा समझना (वर्निके क्षेत्र), स्मृति |
| पश्च पालि (occipital) | पीछे | देखना (दृष्टि क्षेत्र) |
| अनुमस्तिष्क | पीछे, प्रमस्तिष्क के नीचे | संतुलन, मुद्रा, सहज और सही समय पर गति |
चोट से सुराग़ मिलते हैं। अग्र पालि में चोट से व्यक्ति ठीक से योजना नहीं बना पाता या उसका व्यक्तित्व बदल जाता है। अनुमस्तिष्क की चोट से संतुलन बिगड़ता है और गति भद्दी होती है।
कार्य का स्थानीयकरण और पेनफ़ील्ड का अध्ययन
कार्य का स्थानीयकरण (localisation of function) का मतलब है कि ख़ास काम मस्तिष्क के ख़ास हिस्से चलाते हैं।
- प्रेरक क्षेत्र (अग्र पालि का पिछला भाग): मांसपेशियों को हिलने का संकेत भेजता है।
- संवेदी क्षेत्र (पार्श्विका का अगला भाग): त्वचा से स्पर्श ग्रहण करता है।
- दृष्टि क्षेत्र (पश्च पालि) और श्रवण क्षेत्र (शंख पालि)।
- भाषा क्षेत्र, आमतौर पर बाएँ गोलार्ध में: बोलने के लिए ब्रोका क्षेत्र (अग्र) और समझने के लिए वर्निके क्षेत्र (शंख)।
पेनफ़ील्ड का अध्ययन
सर्जन वाइल्डर पेनफ़ील्ड गंभीर मिर्गी के मरीज़ों का ऑपरेशन करते थे। मस्तिष्क को दर्द महसूस नहीं होता, इसलिए मरीज़ सिर्फ़ स्थानीय बेहोशी के साथ जागे रहते थे। वे कॉर्टेक्स को हल्की बिजली वाली सुई से छूकर पूछते कि क्या महसूस हुआ।
- संवेदी क्षेत्र छूने पर किसी अंग में झनझनाहट होती।
- प्रेरक क्षेत्र छूने पर कोई अंग फड़कता।
- शंख पालि के कुछ बिंदुओं से आवाज़ें या यादें लौट आतीं।
उन्होंने कॉर्टेक्स पर शरीर का नक़्शा बनाया। हाथ और होंठ जैसे बारीक नियंत्रण वाले अंगों को पीठ या टाँगों से कहीं ज़्यादा कॉर्टेक्स मिलता है। सीमाएँ: मरीज़ों को मिर्गी थी, तो उनके मस्तिष्क सामान्य न हों; और नतीजे मरीज़ों के बताने पर टिके थे।
संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान: ब्रेन स्कैन
संज्ञानात्मक तंत्रिका विज्ञान (cognitive neuroscience) यह पढ़ता है कि मस्तिष्क की संरचनाएँ सोच, स्मृति जैसी मानसिक प्रक्रियाएँ कैसे बनाती हैं। स्कैन से बिना ऑपरेशन के जीवित मस्तिष्क देखा जाता है।
| स्कैन | कैसे काम करता है | क्या दिखाता है |
|---|---|---|
| CT | अलग-अलग कोणों से कई एक्स-रे चित्र | संरचना: गाँठ, रक्तस्राव, चोट |
| PET | थोड़ी रेडियोधर्मी शक्कर; व्यस्त हिस्से ज़्यादा लेते हैं | सक्रियता, रंगों में |
| fMRI | तेज़ चुंबक व्यस्त हिस्सों में जाने वाला ऑक्सीजन भरा ख़ून पकड़ते हैं | सक्रियता, बहुत बारीकी से, बिना विकिरण |
ख़ूबियाँ: असली जीवित मस्तिष्क दिखता है और डॉक्टरों को मदद मिलती है। सीमाएँ: मशीनें महँगी हैं; PET में विकिरण है; शोर वाली मशीन में स्थिर लेटना असली जीवन जैसा नहीं।
टुलविंग का 'गोल्ड' स्मृति अध्ययन
एंडेल टुलविंग जानना चाहते थे कि क्या दीर्घकालिक स्मृति के अलग प्रकार मस्तिष्क के अलग हिस्से इस्तेमाल करते हैं।
- कुछ स्वयंसेवकों (ख़ुद टुलविंग समेत) को सुरक्षित रेडियोधर्मी सोने (gold) का अंश दिया गया और PET स्कैन किया गया।
- उन्होंने या तो प्रासंगिक स्मृति (episodic: निजी घटनाएँ, जैसे छुट्टी) या अर्थगत स्मृति (semantic: तथ्य, जैसे राजधानियाँ) के बारे में सोचा। हर व्यक्ति ने कई बार किया।
- परिणाम: प्रासंगिक स्मृति में आगे (अग्र पालि) ज़्यादा सक्रियता; अर्थगत स्मृति में पीछे की ओर ज़्यादा।
निष्कर्ष: स्मृति का भौतिक आधार है और उसके प्रकार स्थानीय हैं। सीमाएँ: सिर्फ़ छह लोग थे, और सबमें साफ़ नतीजे नहीं दिखे। प्रासंगिक और अर्थगत यादों को अलग करना भी कठिन है।
करके देखिए
फ़्री प्ले में हर हिस्सा दबाइए और पढ़ने से पहले उसका काम ज़ोर से बोलिए। फिर आँखें बंद कर 20 सेकंड एक पैर पर खड़े होइए। मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा सबसे ज़्यादा मेहनत कर रहा है? (संकेत: पीछे और नीचे वाला।)
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रमस्तिष्क (2 गोलार्ध, कॉर्टेक्स) · अनुमस्तिष्क · मस्तिष्क स्तंभ
- अग्र: योजना, गति, बोलना (ब्रोका) · पार्श्विका: स्पर्श · शंख: सुनना, समझना (वर्निके), स्मृति · पश्च: देखना
- अनुमस्तिष्क: संतुलन और तालमेल
- स्थानीयकरण: ख़ास काम → ख़ास हिस्सा (पेनफ़ील्ड के नक़्शे)
- CT = संरचना · PET, fMRI = सक्रियता · टुलविंग: प्रासंगिक → आगे, अर्थगत → पीछे
हल किए गए उदाहरण
1. सिर के पीछे चोट लगने के बाद मीना सामान्य रूप से सोच और बोल सकती है, पर देख नहीं पाती। कौन-सी पालि प्रभावित हुई?
पश्च पालि, जो मस्तिष्क के पीछे है और जिसमें दृष्टि क्षेत्र है।
2. स्ट्रोक के बाद एक व्यक्ति बात समझ लेता है पर शब्द बोलने में अटकता है। कौन-सा क्षेत्र और किस पालि में प्रभावित है?
ब्रोका क्षेत्र, अग्र पालि में (आमतौर पर बाईं ओर)। यह बोलना बनाता है; समझने वाला वर्निके क्षेत्र ठीक काम कर रहा है।
3. डॉक्टर देखना चाहती हैं कि पढ़ते समय मस्तिष्क का कौन-सा हिस्सा सक्रिय होता है। CT या fMRI? क्यों?
fMRI। CT सिर्फ़ संरचना दिखाता है। fMRI व्यस्त हिस्सों में जाने वाला ऑक्सीजन भरा ख़ून पकड़कर सक्रियता दिखाता है, वह भी बिना विकिरण।
आम गलतियाँ
- पश्च पालि को आगे बताना। यह पीछे है और देखने का काम करती है।
- ब्रोका (बोलना, अग्र पालि) और वर्निके (समझना, शंख पालि) को उलट देना।
- मानना कि CT मस्तिष्क की सक्रियता दिखाता है। यह संरचना दिखाता है; PET और fMRI सक्रियता।
- कहना कि बायाँ मस्तिष्क शरीर का बायाँ हिस्सा चलाता है। हर हिस्सा उलटी तरफ़ चलाता है।