अंतरराष्ट्रीय संदर्भ
भारत 1947 में तब आज़ाद हुआ जब शीतयुद्ध शुरू हुआ: अमेरिका के नेतृत्व वाले पश्चिमी गुट और सोवियत संघ के नेतृत्व वाले पूर्वी गुट के बीच सीधी लड़ाई के बिना होड़। दोनों गुट नए देशों को साथी बनाना चाहते थे।
- भारत अभी-अभी औपनिवेशिक राज से निकला था और अपने फ़ैसले ख़ुद लेने की आज़ादी चाहता था।
- वह ग़रीब था और विकास के लिए शांति और सबकी मदद चाहता था।
- संविधान (अनुच्छेद 51) राज्य से अंतरराष्ट्रीय शांति और अंतरराष्ट्रीय क़ानून के सम्मान की अपेक्षा करता है।
- प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री (1946-64) के रूप में नेहरू ने नीति को आकार दिया।
गुटनिरपेक्षता की नीति
गुटनिरपेक्षता का अर्थ है दोनों गुटों के किसी सैन्य गठबंधन में शामिल न होना और हर मुद्दे को उसके गुण-दोष पर तय करना। यह तटस्थता नहीं है: भारत ने सक्रिय रुख़ अपनाया, जैसे उपनिवेशवाद और रंगभेद के ख़िलाफ़।
एफ़्रो-एशियाई एकता
- एशियाई संबंध सम्मेलन, नई दिल्ली (1947)।
- बांडुंग सम्मेलन, इंडोनेशिया (1955)।
- पहला गुटनिरपेक्ष सम्मेलन, बेलग्रेड (1961)। संस्थापक: नेहरू (भारत), नासिर (मिस्र), टीटो (यूगोस्लाविया), सुकर्णो (इंडोनेशिया), न्क्रूमा (घाना)।
आलोचना और बदलाव
आलोचक कहते थे कि भारत सिद्धांतहीन है या सोवियत संघ की ओर झुका है। 1962 के बाद भारत ने अमेरिका से मदद ली, और 1971 में सोवियत संघ से 20 साल की मैत्री संधि की। फिर भी भारत ने अपनी स्वतंत्र आवाज़ बनाए रखी।
पड़ोसियों से संबंध
चीन
- 1950: चीन ने तिब्बत पर नियंत्रण किया; भारत ने इसे मान लिया।
- 1954: पंचशील: शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत (क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान, अनाक्रमण, आंतरिक मामलों में दख़ल नहीं, बराबरी और परस्पर लाभ, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व)।
- 1959: दलाई लामा भारत आए। अक्साई चिन और पूर्वी क्षेत्र में सीमा विवाद।
- अक्टूबर 1962: चीन ने हमला किया; भारत को झटका लगा। रक्षा मंत्री वी.के. कृष्ण मेनन ने इस्तीफ़ा दिया; कांग्रेस कुछ उपचुनाव हारी; 1964 में कम्युनिस्ट पार्टी टूट गई।
- धीरे-धीरे संबंध सुधरे; 1988 में राजीव गांधी चीन गए।
पाकिस्तान
- 1947-48: कश्मीर पर टकराव; संयुक्त राष्ट्र की मदद से युद्धविराम रेखा बनी।
- 1960: विश्व बैंक की मदद से नेहरू और अयूब ख़ान ने सिंधु जल संधि की, जो तनाव के बावजूद चली।
- 1965 का युद्ध; सोवियत मदद से लाल बहादुर शास्त्री और अयूब ख़ान के बीच ताशकंद समझौता (जनवरी 1966)। शास्त्री का ताशकंद में निधन हुआ।
- 1971: पूर्वी पाकिस्तान में सेना की कार्रवाई से लगभग 80 लाख शरणार्थी भारत आए। भारत ने भारत-सोवियत संधि (अगस्त 1971) की, दिसंबर में युद्ध हुआ और बांग्लादेश आज़ाद हुआ। शिमला समझौता (1972): इंदिरा गांधी और ज़ेड.ए. भुट्टो ने मसले आपसी बातचीत से सुलझाने पर सहमति दी।
- 1999 करगिल संघर्ष।
अन्य पड़ोसी
भारत के नेपाल, भूटान और श्रीलंका से नज़दीकी संबंध रहे और 1971 के बाद भारत ने बांग्लादेश की मदद की।
परमाणु नीति
- नेहरू और वैज्ञानिक होमी जे. भाभा ने शांतिपूर्ण उपयोग के लिए परमाणु कार्यक्रम शुरू किया और परमाणु हथियारों का विरोध किया।
- 1964 में चीन ने परीक्षण किया। एनपीटी (1968) ने सिर्फ़ पाँच देशों (अमेरिका, सोवियत संघ, ब्रिटेन, फ़्रांस, चीन) को हथियार रखने दिए। भारत ने इसे भेदभावपूर्ण कहकर हस्ताक्षर नहीं किए।
- मई 1974: पोखरण में पहला परीक्षण, जिसे 'शांतिपूर्ण परमाणु विस्फोट' कहा गया।
- भारत ने सीटीबीटी (1996) पर भी हस्ताक्षर नहीं किए।
- मई 1998: और परीक्षण (पोखरण-II); भारत परमाणु हथियार संपन्न देश बना। नीति: पहले प्रयोग नहीं, विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोध, और विश्व स्तर पर निरस्त्रीकरण का समर्थन।
करके देखें
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मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- गुटनिरपेक्षता ≠ तटस्थता: कोई सैन्य गुट नहीं, स्वतंत्र निर्णय
- गुटनिरपेक्ष आंदोलन: बेलग्रेड 1961 (नेहरू, नासिर, टीटो, सुकर्णो, न्क्रूमा)
- पंचशील 1954 → युद्ध 1962
- सिंधु जल संधि 1960; ताशकंद 1966; शिमला 1972
- 1971: भारत-सोवियत संधि; बांग्लादेश बना
- परमाणु: 1974 पोखरण-I; 1998 पोखरण-II; पहले प्रयोग नहीं; एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं
हल किए गए उदाहरण
1. क्या गुटनिरपेक्षता और तटस्थता एक ही हैं?
नहीं। तटस्थ देश दुनिया के मुद्दों से दूर रहता है। भारत सैन्य गुटों से दूर रहा, पर उपनिवेशवाद और रंगभेद जैसे मुद्दों पर खुलकर बोला।
2. भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर क्यों नहीं किए?
यह पाँच देशों को परमाणु हथियार रखने देता था और बाक़ियों को रोकता था। भारत ने इसे भेदभावपूर्ण माना और बराबर, पूरे निरस्त्रीकरण की माँग की।
3. 1962 के युद्ध का भारतीय राजनीति पर क्या असर हुआ?
नेहरू की छवि को ठेस लगी, कृष्ण मेनन ने इस्तीफ़ा दिया, कांग्रेस कुछ उपचुनाव हारी, रक्षा ख़र्च बढ़ा और चीन व सोवियत संघ के प्रति रुख़ को लेकर 1964 में भाकपा टूट गई।
आम गलतियाँ
- गुटनिरपेक्षता को तटस्थता कहना।
- ताशकंद (1966, 1965 युद्ध के बाद) और शिमला (1972, 1971 युद्ध के बाद) को मिला देना।
- कहना कि भारत ने एनपीटी पर हस्ताक्षर किए। नहीं किए।
- यह मानना कि पंचशील पाकिस्तान से हुआ। यह चीन से (1954) था।