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कांग्रेस प्रणाली: चुनौतियाँ और पुनर्स्थापना

1960 के दशक में कांग्रेस प्रणाली की बड़ी परीक्षा हुई। 1964 में नेहरू के निधन के बाद सत्ता शांति से शास्त्री और फिर इंदिरा गांधी को मिली। 1967 के 'राजनीतिक भूकंप' में कांग्रेस नौ राज्यों में हारी; गठबंधन सरकारें और दल-बदल हुए। 1969 में पार्टी सिंडिकेट (कांग्रेस ओ) और इंदिरा गांधी (कांग्रेस आर) में बँट गई। 1971 में इंदिरा के 'ग़रीबी हटाओ' ने 352 सीटें जिताईं और कांग्रेस का प्रभुत्व लौटा, पर अब वह गुटों के गठबंधन के बजाय एक लोकप्रिय नेता पर टिका था।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. उत्तराधिकार: नेहरू से शास्त्री (1964) और फिर इंदिरा गांधी (1966), सब शांति से।
  2. 1967: कांग्रेस की सीटें घटीं और वह लगभग 9 राज्य हार गई।
  3. दल-बदल: 'आया राम, गया राम' - विधायक दल बदलते, सरकारें गिरतीं।
  4. 1969: पार्टी कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) में बँटी।
  5. 1971: 'ग़रीबी हटाओ' से 352 सीटें। कांग्रेस की वापसी।
  6. खुद करके देखें: 1962, 1967 और 1971 की सीटों की तुलना कीजिए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

नेहरू के निधन पर क्या भारत संकट में पड़ा?

नहीं। सत्ता शांति से शास्त्री और फिर इंदिरा को मिली; लोकतंत्र चलता रहा।

क्या 1967 में कांग्रेस पूरे देश में हार गई?

नहीं। लोकसभा में छोटा बहुमत बचा, पर कई राज्य हारे।

1967 की राज्य सरकारें इतनी अस्थिर क्यों थीं?

सदस्य बार-बार दल बदलते थे (दल-बदल), तो बहुमत रातों-रात ग़ायब हो जाता था।

कांग्रेस दो हिस्सों में क्यों बँटी?

इंदिरा और सिंडिकेट में नियंत्रण की लड़ाई थी; 1969 का राष्ट्रपति चुनाव निर्णायक मोड़ बना।

1971 में कांग्रेस कैसे लौटी?

इंदिरा के 'ग़रीबी हटाओ' को ग़रीबों का समर्थन मिला और 352 सीटें आईं।

1960 के दशक में राजनीतिक बदलाव

उत्तराधिकार की चुनौती

मई 1964 में नेहरू का निधन हुआ। बाहर के कई लोग अराजकता की उम्मीद कर रहे थे, पर लाल बहादुर शास्त्री आसानी से प्रधानमंत्री बने। उन्होंने 1965 में पाकिस्तान से युद्ध में देश का नेतृत्व किया और 'जय जवान जय किसान' का नारा दिया। जनवरी 1966 में ताशकंद में उनका निधन हुआ। फिर कांग्रेस सांसदों के मतदान में इंदिरा गांधी ने मोरारजी देसाई को हराया। उनका साथ देने वाले वरिष्ठ नेताओं को सिंडिकेट कहा गया (के. कामराज, एस.के. पाटिल, अतुल्य घोष, एस. निजलिंगप्पा, एन. संजीव रेड्डी)।

चौथा आम चुनाव, 1967

गठबंधन और दल-बदल

कई राज्यों में संयुक्त विधायक दल (संविद) की गठबंधन सरकारें बनीं, जिनमें अक्सर उलटे विचारों वाले दल साथ थे (जैसे बिहार में समाजवादी, भाकपा और जनसंघ साथ)। दल-बदल आम हो गया: हरियाणा में विधायक गया लाल ने दो हफ़्तों में तीन बार पाला बदला ('आया राम, गया राम')।

कांग्रेस प्रणाली की पुनर्स्थापना

इंदिरा बनाम सिंडिकेट

इंदिरा गांधी अपना नियंत्रण और वामपंथी झुकाव वाला एजेंडा चाहती थीं (दस-सूत्री कार्यक्रम: बैंकों का राष्ट्रीयकरण, भूमि सुधार, सार्वजनिक वितरण, राजाओं के विशेषाधिकार ख़त्म करना)।

1969 का विभाजन

1971 का चुनाव और पुनर्स्थापना

क्या यह वही कांग्रेस थी?

नहीं। पुरानी प्रणाली गुटों और स्थानीय नेताओं का गठबंधन थी। नई कांग्रेस एक नेता की लोकप्रियता पर टिकी थी, उसे ग़रीबों, महिलाओं, दलितों, आदिवासियों और अल्पसंख्यकों का समर्थन था, और संगठन कमज़ोर था। प्रभुत्व लौटा, पर उसका स्वरूप बदल गया।

करके देखें

खुद करके देखें वाले बटनों से 1962, 1967 और 1971 की तुलना कीजिए। पहले अनुमान लगाइए कि कौन-सा साल सबसे नीचे है। फिर अपने शब्दों में दो नारे लिखिए: एक 1967 के विपक्ष के लिए और एक 1971 की इंदिरा के लिए।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. 1967 को राजनीतिक भूकंप क्यों कहते हैं?

1952 से लगभग हर जगह राज करने वाली कांग्रेस अचानक लगभग नौ राज्यों में हार गई और लोकसभा में मुश्किल से बहुमत बचा पाई।

2. सिंडिकेट क्या था?

कांग्रेस के ताक़तवर वरिष्ठ नेताओं का समूह, जो संगठन पर नियंत्रण रखता था और जिसने शास्त्री और फिर इंदिरा गांधी को प्रधानमंत्री बनवाया, यह सोचकर कि इंदिरा उनकी बात मानेंगी।

3. 1969 के राष्ट्रपति चुनाव से विभाजन कैसे हुआ?

इंदिरा गांधी ने कांग्रेस के आधिकारिक उम्मीदवार संजीव रेड्डी के ख़िलाफ़ 'अंतरात्मा की आवाज़' के ज़रिए वी.वी. गिरि का समर्थन किया। गिरि जीते और पार्टी कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) में बँट गई।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. 'जय जवान जय किसान' का नारा किसने दिया?
2. 'ग़ैर-कांग्रेसवाद' किसका विचार था?
3. 1969 का राष्ट्रपति चुनाव किसने जीता?
4. 1971 में कांग्रेस (आर) की सीटें:
5. 'आया राम, गया राम' किससे जुड़ा है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ग़ैर-कांग्रेसवाद क्या है?

राम मनोहर लोहिया की रणनीति कि कांग्रेस को हराने के लिए सभी विपक्षी दल एक हों; 1967 में अपनाई गई।

कांग्रेस (ओ) और कांग्रेस (आर) कौन थे?

1969 के विभाजन के बाद कांग्रेस (ओ) सिंडिकेट वाला संगठन पक्ष था और कांग्रेस (आर) इंदिरा गांधी का पक्ष।

'ग़रीबी हटाओ' क्या था?

1971 में इंदिरा गांधी का ग़रीबी मिटाने का नारा, जिससे कांग्रेस (आर) ने 352 लोकसभा सीटें जीतीं।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12स्वतंत्र भारत में राजनीति

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