उपकरण की स्थापना और पाइपिंग का काम
1. इकाइयों की जगह
- अंदर की इकाई: मज़बूत दीवार पर ऊँचाई (फ़र्श से लगभग 2.3 m या ज़्यादा) पर, ऊपर और बगल में हवा के लिए जगह के साथ, गर्मी के स्रोतों से दूर, और ऐसी जगह जहाँ ठंडी हवा पूरे कमरे में फैले।
- बाहर की इकाई: मज़बूत, समतल स्टैंड या दीवार के ब्रैकेट पर, हो सके तो छाया में, हवा के अंदर आने और बाहर जाने की दिशाओं में खुली जगह के साथ ताकि गर्म हवा वापस अंदर न खिंचे।
2. रेफ्रिजरेंट पाइपिंग
- तांबे की दो नलियाँ: एक पतली द्रव नली और एक मोटी गैस (सक्शन) नली।
- रेफ्रिजरेशन के लिए बना साफ़, सूखा तांबा लीजिए। सीधा काटिए, खुरदरापन हटाइए और सिरे बंद रखिए ताकि धूल और नमी अंदर न जाए।
- फ़्लेयर नट (निर्माता के बताए टॉर्क तक कसें) या नली में थोड़ी नाइट्रोजन बहाते हुए ब्रेज़िंग से जोड़िए।
- दोनों नलियों (कम से कम गैस वाली) पर इन्सुलेशन लगाइए ताकि वे पसीना न छोड़ें और ठंडक न खोएँ।
- नली छोटी रखिए, मोड़ कम, और मैनुअल में दी अधिकतम लंबाई और ऊँचाई-अंतर मानिए। लंबी नली में थोड़ा अतिरिक्त रेफ्रिजरेंट डालते हैं।
3. ड्रेन पाइप
हवा से निकला पानी बाहर जाना चाहिए। ड्रेन में कम से कम 1 सेमी प्रति मीटर (1:100) की ढलान रखिए, बीच में गड्ढा न हो। बिना ट्रैप या एयर-ब्रेक के उसे सीवर से मत जोड़िए।
4. बिजली और नियंत्रण
अलग सर्किट, सही ब्रेकर, पर्याप्त मोटा तार, अर्थिंग और बाहर की इकाई के पास स्विच।
एयर-कंडीशनिंग की जाँच, निरीक्षण और रखरखाव
लीक टेस्ट
नलियों में निर्माता के बताए दाब तक सूखी नाइट्रोजन भरिए (हवा या ऑक्सीजन नहीं)। कुछ मिनट या घंटे गेज देखिए। गेज स्थिर रहे तो रिसाव नहीं। गेज गिरे तो रिसाव है: जोड़ों पर साबुन का पानी लगाइए (बुलबुले रिसाव बताते हैं)। याद रखिए कि कमरे के तापमान से भी गेज थोड़ा बदलता है, क्योंकि गैस का दाब तापमान के साथ घटता-बढ़ता है।
वैक्यूम
अंदर रही हवा और नमी जम सकती है, अम्ल बना सकती है और कंप्रेसर को ख़राब कर सकती है। वैक्यूम पंप नलियों को गहरे निर्वात (गेज लगभग −100 kPa, या कुछ सौ माइक्रॉन) तक खींचता है। पंप बंद करके 15 से 30 मिनट रुकिए: निर्वात टिका रहना चाहिए। फिर बाहर के वाल्व खोलकर रेफ्रिजरेंट अंदर छोड़िए।
कमीशनिंग (पहली बार चलाना)
- जाँचिए कि इकाई चल रही है और पंखा सही दिशा में घूम रहा है।
- अंदर की इकाई में घुसने और निकलने वाली हवा का तापमान नापिए। अंतर सामान्यतः 8 से 12 °C होता है।
- चलती धारा की नेमप्लेट से तुलना कीजिए, दाब जाँचिए और शोर सुनिए।
- ड्रेन पाइप से पानी निकलता देखिए।
रखरखाव
- हर एक-दो महीने में फ़िल्टर साफ़ कीजिए (गंदा फ़िल्टर हवा रोकता है और ठंडक घटाता है)।
- साल में एक-दो बार अंदर और बाहर के कॉइल साफ़ कीजिए।
- ड्रेन, बिजली के जोड़, इन्सुलेशन और रेफ्रिजरेंट का स्तर जाँचिए; रीडिंग लॉग में लिखिए।
- रेफ्रिजरेंट केवल प्रशिक्षित लोग सँभालें। उसे कभी हवा में न छोड़ें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ड्रेन में गिरावट = लंबाई × ढलान (1:100 के लिए, गिरावट = लंबाई ÷ 100)
- हवा से ठंडक: Q = वायु-प्रवाह × 1.2 kg/m³ × 1.005 kJ/kg·K × ΔT
- गैस का दाब ∝ परम तापमान (P₁/T₁ = P₂/T₂, T केल्विन में)
- अतिरिक्त चार्ज = (नली की लंबाई − निःशुल्क लंबाई) × ग्राम प्रति मीटर
- अंदर की इकाई में सामान्य ΔT: लगभग 8 से 12 °C
हल किए गए उदाहरण
1. एक ड्रेन पाइप 6 m लंबा है और उसमें 1:100 ढलान चाहिए। बाहरी सिरा कितना नीचा होगा?
गिरावट = 6 m ÷ 100 = 0.06 m = 6 cm।
2. नाइट्रोजन गेज 27 °C पर 1000 kPa (परम मानिए) दिखाता है। रात को तापमान 12 °C हो जाता है। रिसाव न हो तो गेज क्या दिखाएगा?
T₁ = 300 K, T₂ = 285 K। P₂ = 1000 × 285 ÷ 300 = 950 kPa। इसलिए थोड़ी गिरावट केवल तापमान से हो सकती है, रिसाव से नहीं। उसी तापमान पर दोबारा जाँचिए।
3. वापसी हवा 27 °C और आपूर्ति हवा 17 °C है। क्या इकाई सामान्य काम कर रही है?
ΔT = 27 − 17 = 10 °C, जो सामान्य 8 से 12 °C के भीतर है। हाँ।
4. अंदर की इकाई 0.15 m³/s हवा चलाती है और ΔT = 10 °C है। ठंडक kW में निकालिए।
Q = 0.15 × 1.2 × 1.005 × 10 = 1.81 kW (संवेदी ठंडक)।
5. एक इकाई में 5 m नली तक अतिरिक्त चार्ज नहीं चाहिए और हर अतिरिक्त मीटर पर 20 g चाहिए। लगी नली 12 m है। अतिरिक्त रेफ्रिजरेंट कितना?
अतिरिक्त लंबाई = 12 − 5 = 7 m। अतिरिक्त चार्ज = 7 × 20 = 140 g।
आम गलतियाँ
- हवा या ऑक्सीजन से परीक्षण करना। केवल सूखी नाइट्रोजन लीजिए।
- वैक्यूम छोड़ देना। नमी और हवा अंदर रह जाती हैं और कंप्रेसर ख़राब करती हैं।
- ड्रेन पाइप सपाट या बीच में दबा रखना। पानी जमा होता है, कमरे में टपकता है या कीटाणु पनपाता है।
- तापमान का ध्यान रखे बिना रिसाव मान लेना। ठंडी रात से भी गेज थोड़ा गिर सकता है।