छोटी नाव का इंजन कैसे काम करता है
इंजन छोटे कक्षों में ईंधन जलाता है। जलने से पिस्टन धक्का खाते हैं। पिस्टन एक शाफ़्ट (shaft) को घुमाते हैं। शाफ़्ट प्रोपेलर को घुमाता है और प्रोपेलर पानी को पीछे धकेलता है, इसलिए नाव आगे बढ़ती है।
- पेट्रोल इंजन हल्के होते हैं और आउटबोर्ड (नाव के पीछे लटकने वाला इंजन) में आम हैं।
- डीज़ल इंजन ताकतवर होते हैं और कम ईंधन खाते हैं। ये इनबोर्ड (नाव के अंदर लगे इंजन) में आम हैं।
- इंजन बहुत गर्म होता है, इसलिए उसे समुद्र या नदी से ठंडा पानी चाहिए। किनारे की छोटी धार बताती है कि पंप ठीक है।
- पुर्ज़े बिना घिसे चलें, इसके लिए स्नेहक तेल (lubricating oil) चाहिए।
इंजन का संचालन: चालू, चलना, बंद
चालू करने से पहले
देखिए ईंधन (जाने और लौटने भर का), तेल (डिपस्टिक के दो निशानों के बीच), पानी (पानी का मुँह बंद न हो), प्रोपेलर (कुछ लिपटा न हो, पास में कोई तैर न रहा हो)। गियर न्यूट्रल में हो। अगर कट-ऑफ़ डोरी (kill switch) है तो उसे पहन लें।
चलते समय
पहले एक मिनट धीमी चाल पर इंजन को गर्म होने दें। फिर पानी की धार, तापमान, आवाज़ और धुआँ देखते रहें। ठंडे इंजन को ज़ोर से न भगाएँ।
बंद करना
चाल धीमी करें, गियर न्यूट्रल करें, थोड़ी देर इंजन को हल्का चलने दें, फिर बंद करें। समुद्र में चलाने के बाद इंजन को मीठे पानी से धो दें।
सुरक्षा: पेट्रोल की भाप जल्दी आग पकड़ती है। आग और चिंगारी दूर रखें। इंजन गर्म या चालू हो तो ईंधन न भरें। गिरा ईंधन पोंछ दें।
इंजन की देखभाल (रखरखाव)
छोटे काम बार-बार करने से समुद्र में बड़ी खराबी नहीं होती।
- इंजन ऑयल: हर सफ़र से पहले देखें। निर्माता के बताए घंटों बाद बदलें। पुराना तेल काला और पतला होता है।
- ईंधन फ़िल्टर: गंदगी और पानी रोकता है। साफ़ करें या बदलें। उसमें जमा पानी निकालें।
- स्पार्क प्लग (पेट्रोल): काला या गीला हो तो साफ़ करें या बदलें।
- ठंडे पानी के पंप का इम्पेलर: रबर का पहिया, जो घिस जाता है। समय पर बदलें।
- बैटरी और तार: सूखे, कसे हुए और चार्ज रखें।
- ग्रीस और धुलाई: चलने वाले हिस्सों में ग्रीस लगाएँ, नमक धो दें और घंटों व कामों का रजिस्टर रखें।
- फ़ालतू सामान: अतिरिक्त प्लग, फ़िल्टर, औज़ार और लंगर साथ रखें।
इंजन खराब होने पर क्या करें
पहला कदम: नाव सुरक्षित करें। शांत रहें। सबको लाइफ़ जैकेट पहनाएँ। नाव चट्टानों या आते-जाते जहाज़ों की ओर बह रही हो तो लंगर डालें। ज़रूरत हो तो मदद बुलाएँ।
दूसरा कदम: कारण खोजें। ई-त-पा-प्रो क्रम से जाँचें:
| लक्षण | संभावित कारण | क्या करें |
|---|---|---|
| खाँसकर बंद हो गया | ईंधन खत्म, फ़िल्टर बंद या टंकी की हवा वाली टोपी बंद | टंकी देखें, टोपी खोलें, फ़िल्टर साफ़ करें |
| पानी की धार नहीं, इंजन गर्म | पानी का मुँह बंद या पंप घिसा | तुरंत बंद करें, मुँह साफ़ करें, गर्म इंजन न चलाएँ |
| गर्म और तेल कम | तेल की कमी | बंद करें, ठंडा होने दें, तेल भरें |
| इंजन तेज़, नाव नहीं चलती | प्रोपेलर पर रस्सी या जाल, या पिन टूटी | बंद करें, ऊपर उठाएँ, रस्सी काटें |
| चालू ही नहीं होता | बैटरी खत्म, गीला प्लग, गलत गियर | न्यूट्रल, बैटरी, प्लग देखें |
तीसरा कदम: कुछ मिनट में ठीक न हो तो वहीं रुकें, मदद का संकेत दें और लंगर या चप्पू इस्तेमाल करें। इंजन चल सकता हो तो प्रोपेलर के पास हाथ कभी न डालें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- चालू से पहले जाँच: ई-त-पा-प्रो = ईंधन, तेल, पानी, प्रोपेलर
- ईंधन का तिहाई नियम: एक तिहाई जाने को, एक तिहाई लौटने को, एक तिहाई बचत
- इंजन के हिस्से: टंकी → फ़िल्टर → इंजन → शाफ़्ट → प्रोपेलर
- खराबी जाँचने का क्रम: ईंधन, फ़िल्टर, पानी, तेल, प्रोपेलर
हल किए गए उदाहरण
1. आप घाट से निकलने वाले हैं। अपनी जाँचें गिनाइए और हर एक का कारण बताइए।
ईंधन: जाने-आने भर का (तिहाई नियम)। तेल: निशानों के बीच, वरना घिसाई या गर्मी। पानी: मुँह साफ़ ताकि ठंडक मिले। प्रोपेलर: रस्सी न हो, पास में कोई न हो। साथ में न्यूट्रल गियर और कट-ऑफ़ डोरी।
2. चलते समय पानी की धार रुक गई और तापमान की बत्ती लाल हो गई। क्या करेंगे?
चाल घटाइए और इंजन तुरंत बंद कीजिए ताकि वह जाम न हो। ठंडा होने दें। इंजन ऊपर उठाकर या पानी का मुँह देखकर घास या प्लास्टिक हटाइए। पंप घिसा हो तो इम्पेलर बदलिए। धार लौटने पर ही दोबारा चालू कीजिए।
3. किनारे से दूर इंजन खाँसकर बंद हो गया। टंकी में ईंधन है। आगे क्या?
पहले नाव सुरक्षित कीजिए (लाइफ़ जैकेट, बहती हो तो लंगर)। फिर क्रम से जाँचिए: टंकी की हवा वाली टोपी खुली है, पाइप मुड़ा नहीं है, फ़िल्टर बंद या पानी भरा है। फ़िल्टर साफ़ कर चालू कीजिए। फिर भी न चले तो मदद का संकेत दीजिए।
4. एक सफ़र में 20 लीटर लगे। तिहाई नियम से कितना ईंधन लेकर चलना चाहिए?
जाने-आने में दो तिहाई लगता है, एक तिहाई बचत होती है। 20 L सफ़र का है, तो बचत 10 L। कुल 30 L लेकर चलें।
आम गलतियाँ
- "कल तो चला था" सोचकर तेल और ठंडा पानी बिना देखे चालू कर देना।
- ठंडे इंजन को तेज़ भगाना, या पानी से बाहर इंजन चला देना।
- पानी की धार न दिखने को अनदेखा करना। गर्म इंजन मिनटों में जाम हो सकता है।
- इंजन चालू रहते (या चालू हो सकने की हालत में) प्रोपेलर से रस्सी निकालने की कोशिश करना।