निकलने से पहले की तैयारी और जाँच
समुद्र की ज़्यादातर परेशानी घाट पर ही शुरू हो जाती है। ई-ला-इ-मौ-र सूची और कुछ और बातें याद रखें।
- ईंधन: जाने-आने भर का और एक तिहाई बचत।
- लाइफ़ जैकेट: हर व्यक्ति के लिए सही नाप की, पहुँच में। पहनिए भी।
- इंजन: तेल, ठंडा पानी, साफ़ प्रोपेलर, न्यूट्रल गियर, कट-ऑफ़ डोरी (इंजन वाला पाठ देखें)।
- मौसम: हवा, लहरें, बारिश और तूफ़ान का पूर्वानुमान पढ़ें। शक हो तो मत जाइए।
- रस्से और लंगर: बाँधने के रस्से, ज़रूरी लंबाई की डोरी वाला लंगर, चप्पू।
- सुरक्षा सामान: पानी निकालने का बर्तन या पंप, टॉर्च, प्राथमिक उपचार, पीने का पानी, चालू फ़ोन या रेडियो, ज़रूरी हो तो फ़्लेयर।
- किनारे पर किसी को बताएँ: कहाँ जा रहे हैं, कौन साथ है और कब लौटेंगे।
- कागज़ और नियम: आपके यहाँ ज़रूरी हो तो लाइसेंस और नाव के कागज़, और सुरक्षित सीमा तक ही सामान लादें।
नाव बाँधना और खोलना
बाँधना (मूरिंग)
धीरे-धीरे पास जाइए। हो सके तो मुँह हवा या धारा की ओर रखें, इससे रुकने में मदद मिलती है। जो तरफ़ टकराएगी वहाँ फ़ेंडर लटकाइए। पहले अगला रस्सा लेकर किनारे पर उतरिए, फिर पिछला रस्सा। उन्हें क्लीट या खूँटे से कसिए। आगे से पीछे की ओर जाने वाला रस्सा (स्प्रिंग लाइन) नाव को आगे-पीछे फिसलने से रोकता है। ज्वार से पानी चढ़ता-उतरता है, इसलिए थोड़ा ढीला छोड़ें।
खोलना (अनमूरिंग)
इंजन चालू करें और देखें कि न्यूट्रल में है। आसपास कोई नाव न हो। रस्से एक-एक करके खोलें: जो बहने से रोके उसे सबसे अंत में रखें। रस्से नाव के अंदर खींच लें ताकि वे प्रोपेलर में न फँसें। फ़ेंडर अंदर लें। फिर धीमे चलें और मुड़ने से पहले घाट से सीधे दूर जाएँ।
खिंचे रस्से से उँगलियाँ, हाथ और पैर दूर रखें। तना रस्सा चोट पहुँचा सकता है।
गाँठें और रस्सी का काम
अच्छी गाँठ जल्दी बँधती है, भार में टिकती है और भार हटने पर आसानी से खुलती है।
- क्लीट हिच: रस्से को क्लीट से बाँधती है। आधार पर एक फेरा, फिर सींगों के ऊपर आठ के आकार के फेरे, फिर कसने वाला फंदा। 3D में तीनों चरण दिखते हैं।
- बोलाइन: ऐसा फंदा बनाती है जो न फिसलता है न कसता है। खूँटे पर फंदा डालने या बचाव का फंदा बनाने के लिए अच्छी।
- राउंड टर्न और दो हाफ़ हिच: रस्से को कड़ी या खूँटे से बाँधती है। मज़बूत और खोलने में आसान।
- रीफ़ (चौकोर) गाँठ: एक जैसी मोटाई के दो रस्से जोड़ती है। भारी भार के लिए नहीं।
- क्लोव हिच: रेलिंग या डंडे पर जल्दी बँधती है, पर भार बदले तो फिसल सकती है, इसलिए एक हाफ़ हिच जोड़ें।
- शीट बेंड: अलग-अलग मोटाई के दो रस्से जोड़ती है।
रस्सी की देखभाल: सूखी रखें, सलीके से लपेटें, उस पर पैर न रखें और घिसी रस्सी बदलें। रस्सी लपेटना और फेंकना भी सीखें।
दिशा खोजना: कंपास और बेयरिंग
नाविक दिशा को उत्तर से घड़ी की दिशा में नापा गया कोण मानते हैं। पूरा चक्कर 360 डिग्री है, तीन अंकों में लिखते हैं।
- उत्तर = 000°, पूर्व = 090°, दक्षिण = 180°, पश्चिम = 270°। उत्तर-पूर्व 045° है।
- हेडिंग वह दिशा है जिधर नाव का मुँह है।
- बेयरिंग आपसे किसी चिह्न, जैसे प्रकाश-स्तंभ या बोया, की दिशा है।
- उलटी बेयरिंग (reciprocal) उसकी विपरीत दिशा है: 180° जोड़ें या घटाएँ। 065° की उलटी 245° है।
- सापेक्ष बेयरिंग (relative) नाव के अगले हिस्से से नापी बेयरिंग है: सापेक्ष = बेयरिंग − हेडिंग (ऋणात्मक हो तो 360 जोड़ें)। 0 से 180 दाएँ (starboard), 180 से 360 बाएँ (port)।
नाव के कंपास की सुई चुंबकीय उत्तर बताती है, जो सच्चे उत्तर से थोड़ा अलग होता है। नक्शे पर यह अंतर (variation) लिखा होता है। छोटी नाव के लिए हाथ का कंपास और कोई चिह्न काफ़ी है। दो चिह्नों की बेयरिंग लेकर नक्शे पर रेखाएँ खींचें तो जहाँ मिलें वही आपकी स्थिति है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ई-ला-इ-मौ-र: ईंधन, लाइफ़ जैकेट, इंजन, मौसम, रस्से
- बेयरिंग: उत्तर से घड़ी की दिशा में कोण, 000° से 359°
- उलटी बेयरिंग = बेयरिंग ± 180°
- सापेक्ष बेयरिंग = बेयरिंग − हेडिंग (0 से कम हो तो +360°)
- क्लीट हिच: 1 फेरा, आठ का आकार, कसने वाला फंदा
हल किए गए उदाहरण
1. एक प्रकाश-स्तंभ की बेयरिंग 135° है। यह कौन सी दिशा है और उसकी उलटी बेयरिंग क्या है?
135° पूर्व (090°) और दक्षिण (180°) के ठीक बीच है, यानी दक्षिण-पूर्व। उलटी: 135 + 180 = 315°, यानी उत्तर-पश्चिम।
2. आपकी नाव की हेडिंग 040° है और बोया की बेयरिंग 100° है। वह नाव के अगले हिस्से से किधर है?
सापेक्ष बेयरिंग = 100 − 40 = 60°। वह अगले हिस्से के दाईं ओर (starboard) 60° पर है।
3. नाव की हेडिंग 300° है और मीनार की बेयरिंग 250° है। सापेक्ष बेयरिंग निकालिए।
250 − 300 = −50, 360 जोड़ने पर 310°। यानी बाईं ओर (port) 360 − 310 = 50°।
4. घाट से रस्से खोलने का क्रम बताइए।
इंजन चालू और न्यूट्रल, आसपास देखें, फ़ेंडर तैयार। पहले पिछला रस्सा खोलें, अंत में अगला। रस्से अंदर खींचें। धीरे दूर जाएँ, फिर मुड़ें।
आम गलतियाँ
- आसमान साफ़ दिखने से मौसम का पूर्वानुमान न देखना।
- चलने से पहले रस्से पानी में लटके छोड़ देना, जो प्रोपेलर में लिपट जाते हैं।
- नाव बाँधने के लिए रीफ़ गाँठ लगाना। भारी खिंचाव में वह फिसल सकती है।
- बेयरिंग उलटी दिशा (घड़ी के उलट) में नापना, या सापेक्ष बेयरिंग ऋणात्मक आने पर 360 जोड़ना भूलना।