जल संसाधन और जल आपूर्ति
दुनिया के पानी का बहुत थोड़ा भाग मीठा पानी है जिसे हम काम में ले सकते हैं। यह सतही जल (नदियाँ, झीलें, जलाशय) और भूजल (कुएँ और बोरवेल) से मिलता है। जल-चक्र से वर्षा इन्हें फिर भरती है, पर हम पानी भरने की गति से तेज़ उपयोग कर सकते हैं, इसलिए जल बचाना ज़रूरी है।
स्रोत से नल तक
- अंतर्ग्रहण (intake): स्रोत से पानी लिया जाता है।
- शोधन: छानना, गंदगी बैठाना (अवसादन), फ़िल्टर करना और कीटाणु मारना (क्लोरीनीकरण या अन्य विधि) पानी को पीने योग्य बनाते हैं।
- भंडारण और पंपिंग: साफ़ पानी भंडारण जलाशयों और मीनारों में जाता है।
- वितरण: भूमिगत मुख्य और शाखा पाइप पानी को इमारतों तक पहुँचाते हैं।
- इमारत में: सेवा पाइप, मीटर, वाल्व, टंकियाँ, नल और हीटर।
पानी की गुणवत्ता की जाँच बार-बार होती है। पाइप के रिसाव से बहुत पानी बर्बाद होता है, इसलिए पाइपों की जाँच और मरम्मत की जाती है।
जल और गर्म जल आपूर्ति के उपकरण
ठंडे पानी की आपूर्ति के तरीक़े
- सीधी आपूर्ति: सड़क के मुख्य पाइप का दाब नलों को पानी देता है। सरल है, पर मुख्य पाइप पर निर्भर।
- छत की टंकी (गुरुत्व): मुख्य पाइप छत की टंकी भरता है; गुरुत्व नलों को पानी देता है। दाब स्थिर, पर ऊपरी मंज़िलों पर कम।
- दाब (बूस्टर) पंप: दाब-टंकी वाला पंप ऊँची इमारतों में भी दाब स्थिर रखता है।
उपकरण
- पाइप: तांबा, स्टेनलेस स्टील, PVC, CPVC, PPR या PEX; हर एक की अपनी तापमान-सीमा है।
- वाल्व (गेट, बॉल, चेक, दाब-घटाने वाला), जल मीटर, छन्नी और टंकी में फ़्लोट वाल्व।
- पंप और दाब-टंकियाँ।
गर्म जल आपूर्ति
- भंडारण हीटर (गीज़र/टंकी): टंकी को धीरे-धीरे गर्म करता है; ठंडा पानी नीचे से आता है, गर्म पानी ऊपर से निकलता है। उसमें थर्मोस्टैट और सुरक्षा (दाब-निकास) वाल्व होता है।
- तुरंत गर्म करने वाला हीटर: बहते पानी को गर्म करता है; टंकी नहीं।
- ऊर्जा बिजली, गैस, सौर संग्राहक या हीट पंप से मिल सकती है।
- गर्म पाइपों पर इन्सुलेशन लगाइए। कीटाणु रोकने के लिए लगभग 60 °C पर रखिए और जलने से बचने के लिए नल पर लगभग 45 से 50 °C तक मिलाइए।
जल और गर्म जल आपूर्ति का डिज़ाइन
1. माँग का अनुमान
कई शहरों में प्रति व्यक्ति दैनिक उपयोग लगभग 135 से 200 लीटर है। दैनिक माँग = लोग × प्रति व्यक्ति लीटर। टंकी का आयतन सामान्यतः एक दिन की माँग या थोड़ा ज़्यादा होता है।
2. दाब
ऊँचाई से पानी का दाब p = ρ × g × h है। ρ = 1000 kg/m³ और g = 9.81 m/s² लें तो हर मीटर ऊँचाई पर 9.81 kPa मिलता है। नल को न्यूनतम दाब (अक्सर 30 से 100 kPa) चाहिए और बहुत ज़्यादा भी नहीं (लगभग 400 kPa से कम), वरना पाइप और नल घिसते हैं।
3. पाइप का आकार
प्रवाह Q = क्षेत्रफल × गति, इसलिए v = Q ÷ A। इमारत के पाइपों में गति लगभग 1.5 से 2 m/s से कम रखिए। तेज़ पानी शोर करता है, पाइप घिसता है और दाब के झटके (वॉटर हैमर) पैदा करता है। लंबे पाइप और मोड़ भी घर्षण से दाब घटाते हैं।
4. गर्म पानी की ऊर्जा
E = m × c × ΔT, c = 4.186 kJ/kg·K। 1 kWh = 3600 kJ। हीटर का समय = ऊर्जा ÷ शक्ति।
5. सुरक्षित व्यवस्था
गर्म और ठंडे पाइप अलग रखिए, पीने के पानी के पाइप को नाली या गंदे स्रोत से कभी न जोड़िए, उल्टे बहाव को रोकने के लिए चेक वाल्व और रखरखाव के लिए ड्रेन वाल्व लगाइए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- p = ρ × g × h (≈ 9.81 kPa प्रति मीटर ऊँचाई)
- Q = A × v, इसलिए v = Q ÷ A
- A = π d² ÷ 4
- E = m × c × ΔT (c = 4.186 kJ/kg·K); 1 kWh = 3600 kJ
- दैनिक माँग = लोगों की संख्या × प्रति व्यक्ति लीटर
हल किए गए उदाहरण
1. टंकी में पानी के स्तर से 20 m नीचे एक नल है। नल पर दाब निकालिए।
p = ρgh = 1000 × 9.81 × 20 = 196 200 Pa ≈ 196 kPa।
2. नल से कितनी ऊँचाई पर टंकी हो तो 100 kPa मिलेगा?
h = p ÷ (ρg) = 100 000 ÷ (1000 × 9.81) = 10.2 m।
3. 20 mm भीतरी व्यास के पाइप में 0.3 L/s पानी बहता है। गति निकालिए।
Q = 0.0003 m³/s। A = π × (0.01)² = 3.14 × 10⁻⁴ m²। v = 0.0003 ÷ 0.000314 = 0.96 m/s। अच्छा।
4. 5 सदस्यों का परिवार प्रति व्यक्ति 135 L प्रतिदिन उपयोग करता है। दैनिक माँग और टंकी का आकार निकालिए।
माँग = 5 × 135 = 675 L/दिन। 700 से 1000 L की टंकी एक दिन या ज़्यादा के लिए काफ़ी है।
5. 100 L पानी को 20 °C से 60 °C तक गर्म करने में कितनी ऊर्जा लगेगी? 2 kW के हीटर को कितना समय लगेगा?
m = 100 kg। E = 100 × 4.186 × 40 = 16 744 kJ = 16 744 ÷ 3600 = 4.65 kWh। समय = 4.65 ÷ 2 = 2.3 घंटे।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि दाब टंकी के आकार पर निर्भर है। दाब केवल पानी की ऊँचाई (गहराई) पर निर्भर है।
- क्षेत्रफल के सूत्र में mm और m मिला देना। पहले 20 mm को 0.02 m कीजिए।
- पैसा बचाने के लिए बहुत पतला पाइप लेना। पानी तेज़ होता है, शोर करता है और पाइप घिसता है।
- गीज़र बहुत गर्म रखना और नल पर मिलाना नहीं। लगभग 50 °C से ऊपर का पानी जला सकता है।