निर्देश तंत्र और मुख्य शब्द
निर्देश तंत्र (frame of reference) वह नज़रिया है जहाँ से हम गति मापते हैं।
- जड़त्वीय तंत्र: त्वरित नहीं (लगभग ज़मीन)। न्यूटन के नियम सीधे लगते हैं।
- अजड़त्वीय तंत्र: त्वरित (ब्रेक लगाती बस, मुड़ती कार)। वस्तुएँ काल्पनिक बलों से धकेली जाती लगती हैं जिनका कोई स्रोत नहीं, जैसे बस रुकने पर आगे गिरना।
मुख्य शब्द: परिणामी बल ΣF, अभिलंब बल N (सतह का धक्का, लंबवत), तनाव T (रस्सी का खिंचाव), भार Fg = mg, घर्षण गुणांक μ।
न्यूटन का दूसरा नियम: ΣF = ma। बल न्यूटन (N) में, द्रव्यमान kg में, त्वरण m/s² में।
मुक्त-पिंड आरेख और न्यूटन का दूसरा नियम
मुक्त-पिंड आरेख (FBD) में एक वस्तु को बिंदु या डिब्बे से दिखाकर उस पर लगे हर बल को तीर से बनाते हैं।
- वस्तु चुनो।
- भार (नीचे), अभिलंब (सतह से दूर), लगाए बल, तनाव, घर्षण (गति के विपरीत) बनाओ।
- अक्ष चुनो; ढलान पर ढलान के साथ और लंबवत।
- ΣFx = max और ΣFy = may लिखो।
समतल फ़र्श पर ऊर्ध्वाधर गति न हो तो N = mg। तिरछा नीचे धकेलो तो N, mg से बड़ा; तिरछा ऊपर खींचो तो छोटा।
स्थैतिक और गतिज घर्षण
- स्थैतिक घर्षण रुकी वस्तु को फिसलने से रोकता है। यह धक्के के बराबर बढ़ता है, अधिकतम तक: fs ≤ μsN।
- गतिज घर्षण फिसलते समय: fk = μkN। आमतौर पर μk < μs, इसलिए चलती चीज़ को चलाते रहना शुरू करने से आसान है।
लाभ: चलना, टायर की पकड़, ब्रेक, कील और गाँठ टिकना। हानि: घिसाव, गर्मी और मशीनों में बर्बाद ऊर्जा; तेल, बॉल-बेयरिंग और चिकनी सतह से कम करते हैं।
नत तल और जुड़ी वस्तुएँ
नत तल
कोण θ पर: भार का समांतर भाग = mg sinθ (नीचे की ओर), लंबवत भाग = mg cosθ। इसलिए N = mg cosθ और घर्षण = μN। घर्षण न हो तो a = g sinθ।
जुड़ी वस्तुएँ
हल्की रस्सी से जुड़ी वस्तुओं का त्वरण एक होता है और रस्सी में एक तनाव T। तरीका: पूरे निकाय से a निकालो, फिर एक वस्तु से T।
चिकनी मेज़ पर m₁ को लटकता m₂ खींचे: a = m₂g ÷ (m₁ + m₂), T = m₁a।
उदाहरण (चरण 5): m₁ = 3 kg, m₂ = 2 kg → a = 2 × 9.8 ÷ 5 = 3.9 m/s², T = 3 × 3.9 ≈ 11.8 N।
एकसमान वृत्तीय गति
वृत्त में एकसमान चाल से चलती वस्तु भी त्वरित है, क्योंकि उसकी दिशा बदलती रहती है।
व्युत्पत्ति (छोटी)
छोटे समय Δt में वेग Δθ कोण से मुड़ता है। वेग में बदलाव Δv = vΔθ, केंद्र की ओर। चूँकि Δθ = vΔt ÷ r, इसलिए a = Δv ÷ Δt = v²/r।
- अभिकेंद्र त्वरण: ac = v²/r = 4π²r/T²
- चाल: v = 2πr/T (T = आवर्तकाल)
- अभिकेंद्र बल: Fc = mv²/r, हमेशा केंद्र की ओर। यह कोई नया बल नहीं; तनाव, घर्षण, गुरुत्व या अभिलंब बल से मिलने वाला परिणामी बल है।
कक्षा: गुरुत्व Fc देता है, GMm/r² = mv²/r से v = √(GM/r)।
उपकरण, समाज और पर्यावरण
कई उपकरण रैखिक और वृत्तीय गतिकी पर चलते हैं: सीट बेल्ट और एयरबैग (रुकने का समय बढ़ाकर बल घटाते हैं), लिफ़्ट, क्रेन, घिरनी, अस्पताल और डेयरी के सेंट्रीफ्यूज, वॉशिंग मशीन का स्पिन, ढलवाँ रेस ट्रैक और उपग्रह।
प्रभाव: सीट बेल्ट और ABS बहुत जानें बचाते हैं; उपग्रह GPS और मौसम पूर्वानुमान देते हैं पर अंतरिक्ष कचरा छोड़ते हैं; तेज़ वाहनों को ज़्यादा ईंधन और सुरक्षित सड़कें चाहिए।
करके देखो
किताब पर सिक्का रखकर धीरे झुकाओ। जिस कोण पर फिसले, tanθ = μs। फिर धागे से बँधा ढक्कन घुमाओ: तेज़ घुमाने पर खिंचाव बढ़ता है। चरण 6 के स्लाइडर से तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- ΣF = m a
- F_g = m g ; समतल पर N = m g
- f_s ≤ μ_s N ; f_k = μ_k N
- नत तल: समांतर = m g sinθ, लंबवत = m g cosθ
- घिरनी निकाय: a = m₂ g ÷ (m₁ + m₂)
- a_c = v²/r = 4π² r / T² ; F_c = m v²/r ; v = 2π r / T
हल किए गए उदाहरण
1. 10 kg डिब्बे को 50 N से धकेला, μₖ = 0.30। त्वरण निकालो।
N = 98 N। fₖ = 0.30 × 98 = 29.4 N। ΣF = 50 − 29.4 = 20.6 N। a = 2.06 m/s²।
2. 20 kg क्रेट, μₛ = 0.5। चलाने के लिए न्यूनतम क्षैतिज धक्का?
fₛ अधिकतम = 0.5 × 20 × 9.8 = 98 N। 98 N से थोड़ा ज़्यादा धक्का।
3. 4 kg ब्लॉक चिकने 30° ढलान पर फिसलता है। त्वरण और अभिलंब बल?
a = 9.8 × 0.5 = 4.9 m/s²। N = 4 × 9.8 × 0.866 ≈ 33.9 N।
4. वही 30° ढलान, μₖ = 0.2। त्वरण?
a = g(sinθ − μ cosθ) = 9.8 × (0.5 − 0.173) ≈ 3.2 m/s²।
5. चिकनी मेज़ पर 3 kg ब्लॉक घिरनी से लटकते 2 kg से जुड़ा है। a और T?
a = 19.6 ÷ 5 = 3.92 m/s²। T = 3 × 3.92 ≈ 11.8 N। जाँच: 19.6 − 11.8 = 7.8 = 2 × 3.92 ✓।
6. 1200 kg कार 50 m त्रिज्या के समतल मोड़ पर 15 m/s से मुड़ती है। ज़रूरी घर्षण बल और न्यूनतम μₛ?
F_c = 1200 × 225 ÷ 50 = 5400 N। μₛ ≥ 5400 ÷ 11760 ≈ 0.46।
7. उपग्रह 7.0 × 10⁶ m त्रिज्या पर 5.8 × 10³ s आवर्तकाल से घूमता है। चाल और अभिकेंद्र त्वरण?
v = 2πr/T ≈ 7.6 × 10³ m/s। a = v²/r ≈ 8.2 m/s²।
आम गलतियाँ
- मुक्त-पिंड आरेख में "अभिकेंद्र बल" अलग तीर बनाना। यह तनाव या घर्षण जैसे असली बलों का परिणामी है।
- हमेशा N = mg लिखना। ढलान पर N = mg cosθ, और तिरछे बल N बदलते हैं।
- वस्तु के चलने से पहले μₖ लगाना। रुकी हो तो स्थैतिक घर्षण (μₛN तक)।
- सोचना कि एकसमान वृत्तीय गति में त्वरण शून्य है। दिशा बदलती है, इसलिए केंद्र की ओर त्वरण है।