घन संख्या क्या है?
एक जैसे छोटे ब्लॉक लीजिए। n ब्लॉक लंबाई में, n चौड़ाई में और n ऊँचाई में रखिए। बड़े घन में n × n × n ब्लॉक होंगे। इसे n³ लिखते हैं और "n का घन" पढ़ते हैं।
- 1³ = 1, 2³ = 8, 3³ = 27, 4³ = 64, 5³ = 125
- 6³ = 216, 7³ = 343, 8³ = 512, 9³ = 729, 10³ = 1000
नाम "घन" क्यों? क्योंकि इतने ब्लॉक हमेशा एक पूरा घन (क्यूब) बनाते हैं। आयतन भी ऐसे ही निकलता है: a सेमी भुजा वाले घन का आयतन a³ घन सेमी।
करके देखिए: चीनी के क्यूब या पासों से 2 × 2 × 2 का घन बनाइए और गिनिए। फिर 3 × 3 × 3 बनाइए।
पूर्ण घन और उनके पैटर्न
पूर्ण घन वह पूर्ण संख्या है जो किसी पूर्ण संख्या का घन हो। 216 पूर्ण घन है (6³)। 100 नहीं है।
इकाई का अंक
जिस संख्या के अंत में 1, 4, 5, 6, 9 या 0 हो, उसके घन के अंत में वही अंक आता है। 2 → 8 और 8 → 2। 3 → 7 और 7 → 3।
सम और विषम
सम संख्या का घन सम होता है, विषम संख्या का घन विषम।
ऋणात्मक संख्याएँ
(−2)³ = −8, यानी ऋणात्मक संख्या का घन ऋणात्मक होता है। इसलिए ∛(−8) = −2 सही है, जबकि वर्गमूल में ऐसा नहीं होता।
घनमूल कैसे निकालें
m का घनमूल ∛m वह संख्या है जिसका घन m हो।
विधि 1: अभाज्य गुणनखंड
संख्या के अभाज्य गुणनखंड लिखिए। तीन-तीन बराबर गुणनखंडों के समूह बनाइए। हर समूह से एक गुणनखंड लेकर गुणा कीजिए।
3375 = 3 × 3 × 3 × 5 × 5 × 5 = (3 × 5)³, इसलिए ∛3375 = 15।
अगर कोई गुणनखंड तिकड़ी पूरी नहीं कर पाता, तो संख्या पूर्ण घन नहीं है। कमी वाले गुणनखंड से गुणा (या फालतू गुणनखंड से भाग) करके उसे पूर्ण घन बनाया जा सकता है।
विधि 2: अनुमान (6 अंकों तक के पूर्ण घन)
अंतिम तीन अंक अलग कीजिए। घन का इकाई अंक बताता है कि घनमूल का इकाई अंक क्या होगा। आगे वाला भाग दहाई का अंक बताता है: वह सबसे बड़ा घन ढूँढिए जो उससे बड़ा न हो।
17576: अंत में 6, तो घनमूल के अंत में 6। आगे का भाग 17, जो 2³ = 8 और 3³ = 27 के बीच है, तो दहाई 2। ∛17576 = 26।
घनों का योग और संख्या 1729
कुछ संख्याएँ दो घनों का योग होती हैं: 9 = 1³ + 2³, 35 = 2³ + 3³।
1729 को दो अलग तरीकों से लिख सकते हैं: 1729 = 1³ + 12³ = 9³ + 10³। ऐसी यह सबसे छोटी संख्या है। इसे हार्डी–रामानुजन संख्या या टैक्सीकैब संख्या कहते हैं। कहानी यह है कि गणितज्ञ जी. एच. हार्डी 1729 नंबर की टैक्सी से रामानुजन से मिलने आए और बोले कि यह तो बोरिंग संख्या है। रामानुजन ने तुरंत बताया कि यह बहुत दिलचस्प है, इसी कारण से।
एक और मज़ेदार पैटर्न: 1³ + 2³ + 3³ = 36 = (1 + 2 + 3)²। शुरू के घनों का योग हमेशा एक वर्ग संख्या होता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- n³ = n × n × n
- घन का आयतन = a³
- ∛(n³) = n
- ∛(a × b) = ∛a × ∛b
- (−n)³ = −n³
हल किए गए उदाहरण
1. 7³ ज्ञात कीजिए।
7 × 7 = 49, फिर 49 × 7 = 343। इसलिए 7³ = 343।
2. क्या 216 पूर्ण घन है? हाँ तो घनमूल बताइए।
216 = 2 × 2 × 2 × 3 × 3 × 3। समूह: (2,2,2) और (3,3,3)। सब तिकड़ी में हैं, तो हाँ। ∛216 = 2 × 3 = 6।
3. अभाज्य गुणनखंड से ∛2744 निकालिए।
2744 = 2 × 2 × 2 × 7 × 7 × 7। हर तिकड़ी से एक: 2 और 7। ∛2744 = 2 × 7 = 14।
4. क्या 500 पूर्ण घन है? किस सबसे छोटी संख्या से गुणा करें कि पूर्ण घन बने?
500 = 2 × 2 × 5 × 5 × 5। 5 की तिकड़ी पूरी है, 2 सिर्फ़ दो बार है। एक 2 और चाहिए: 500 × 2 = 1000 = 10³। उत्तर: 2।
5. ∛13824 का अनुमान लगाइए (यह पूर्ण घन है)।
अंत में 4, तो घनमूल के अंत में 4। आगे का भाग 13: 8 ≤ 13 < 27, तो दहाई 2। ∛13824 = 24। जाँच: 24³ = 13824।
6. ∛(−1331) और ∛(27/125) ज्ञात कीजिए।
11³ = 1331, तो ∛(−1331) = −11। ∛27 = 3 और ∛125 = 5, तो ∛(27/125) = 3/5।
आम गलतियाँ
- n³ को 3 × n समझना। 4³ = 4 × 4 × 4 = 64 है, 12 नहीं।
- गुणनखंडों को जोड़ों में बाँटना (वह वर्गमूल के लिए है)। घनमूल में तीन-तीन के समूह बनाइए।
- यह मानना कि ऋणात्मक संख्या का घनमूल नहीं होता। ∛(−27) = −3, क्योंकि (−3)³ = −27।
- अंतिम अंक वाली ट्रिक ऐसी संख्या पर लगाना जो पूर्ण घन न हो। यह ट्रिक सिर्फ़ पूर्ण घन पर चलती है।