अनुप्रस्थ काट क्या है?
जब एक सपाट समतल (बहुत पतला चाकू सोचो) किसी ठोस को काटता है, तो नया सपाट चेहरा अनुप्रस्थ काट कहलाता है। यह एक 2D आकार है।
आकार दो बातों पर निर्भर है: कौन-सा ठोस और कट का कोण।
- प्रिज़्म या बेलन को आधार के समांतर काटो तो हमेशा आधार जैसी ही आकृति मिलती है।
- पिरामिड या शंकु को आधार के समांतर काटो तो आधार की छोटी नकल मिलती है; ऊपर जाते-जाते यह छोटी होती है।
- गोले को किसी भी दिशा में काटो, वृत्त ही मिलता है। सबसे बड़ा वृत्त केंद्र से होकर जाता है (वृहत् वृत्त)।
घन के अनुप्रस्थ काट
घन के 6 फलक हैं, तो समतल ज़्यादा से ज़्यादा 6 फलकों को छू सकता है। इसलिए घन के काट में 3, 4, 5 या 6 भुजाएँ होती हैं:
- वर्ग: किसी फलक के समांतर कट।
- आयत: दो आमने-सामने के किनारों से होकर सीधा नीचे कट (कोने से कोने)। भुजा a वाले घन में यह a × a√2 है।
- त्रिभुज: एक कोना काट दो। अगर कट एक कोने के पास वाले तीन कोनों से जाए तो समबाहु त्रिभुज।
- पंचभुज: तिरछा कट जो 5 फलकों को छुए।
- सम षट्भुज: केंद्र से होकर, लंबे विकर्ण के लंबवत कट; यह सभी 6 फलकों को छूता है।
घन से कभी भी वृत्त या 6 से ज़्यादा भुजाओं वाली आकृति नहीं बनती।
बेलन, शंकु और गोले के अनुप्रस्थ काट
| ठोस | आड़ा कट (क्षैतिज) | अक्ष से होकर कट (ऊर्ध्वाधर) | तिरछा कट |
|---|---|---|---|
| बेलन | वृत्त (एक ही माप) | आयत | दीर्घवृत्त |
| शंकु | वृत्त (ऊपर छोटा) | समद्विबाहु त्रिभुज | दीर्घवृत्त, परवलय या अतिपरवलय |
| गोला | वृत्त | वृत्त (सबसे बड़ा) | वृत्त |
त्रिज्या R वाले गोले को केंद्र से h दूरी पर काटो तो वृत्त की त्रिज्या r = √(R² − h²)। ऊँचाई H और आधार त्रिज्या R वाले शंकु में आधार से y ऊँचाई पर त्रिज्या r = R(H − y)/H।
घूर्णन ठोस (Solids of rotation)
किसी सपाट आकार को एक सीधी रेखा, यानी अक्ष, के चारों ओर पूरा (360°) घुमाओ। वह जितनी जगह घेरता है, वह घूर्णन ठोस है।
- आयत को एक भुजा पर घुमाओ → बेलन (त्रिज्या = दूसरी भुजा)।
- समकोण त्रिभुज को एक पाद (leg) पर घुमाओ → शंकु (अक्ष वाला पाद = ऊँचाई)।
- अर्धवृत्त को उसके व्यास पर घुमाओ → गोला।
- आयत को उससे दूर की रेखा पर घुमाओ → खोखला बेलन (पाइप)।
- समकोण समलंब को उसकी लंब भुजा पर घुमाओ → छिन्नक (ऊपर से कटा शंकु)।
- वृत्त को बाहर की रेखा पर घुमाओ → टोरस (डोनट)।
हर घूर्णन ठोस के अक्ष के लंबवत काट वृत्त होते हैं। इसी से घूर्णन और काट आपस में जुड़े हैं।
काट से आयतन और कैवेलियरी का सिद्धांत
ठोस को बहुत पतले स्लाइसों का ढेर सोचो। आयतन = (स्लाइस का क्षेत्रफल × मोटाई) का जोड़। इसीलिए:
- प्रिज़्म या बेलन: हर स्लाइस का क्षेत्रफल B बराबर, तो V = B × h। बेलन: V = πr²h।
- पिरामिड या शंकु: स्लाइस छोटे होते-होते बिंदु बन जाते हैं, V = ⅓ B h। शंकु: V = ⅓πr²h।
- गोला: V = ⁴⁄₃πr³।
कैवेलियरी का सिद्धांत: अगर दो ठोसों की ऊँचाई बराबर हो और हर ऊँचाई पर उनके काट का क्षेत्रफल बराबर हो, तो उनका आयतन बराबर है। सिक्कों का सीधा ढेर और वही सिक्के तिरछे ढेर में, दोनों का आयतन बराबर है। इसी से तिरछे बेलन का आयतन भी πr²h है।
घर पर करके देखो
खीरा, गाजर या साबुन की टिकिया अलग-अलग दिशाओं में काटो और हर काट का चित्र बनाओ। घन के लिए पनीर या मिट्टी का घन लो: क्या तुम त्रिभुज और षट्भुज ढूँढ सकते हो? फिर काग़ज़ का आयत, त्रिभुज और अर्धवृत्त पेंसिल पर चिपकाओ और हथेलियों के बीच तेज़ घुमाओ: बेलन, शंकु और गोला दिखाई देंगे।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रिज़्म या बेलन का आयतन = आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई; बेलन V = πr²h
- पिरामिड या शंकु का आयतन = ⅓ × आधार क्षेत्रफल × ऊँचाई; शंकु V = ⅓πr²h
- गोले का आयतन V = ⁴⁄₃πr³
- खोखला बेलन (पाइप) V = π(R² − r²)h
- गोले को केंद्र से h दूरी पर काटो: काट की त्रिज्या r = √(R² − h²)
- भुजा a वाला घन कोने से कोने काटो: आयत a × a√2
- कैवेलियरी: हर ऊँचाई पर काट का क्षेत्रफल बराबर → आयतन बराबर
हल किए गए उदाहरण
1. भुजा 4 cm वाले घन को एक फलक के समांतर काटा। काट क्या है और उसका क्षेत्रफल कितना?
काट वर्ग है, 4 cm × 4 cm। क्षेत्रफल = 16 cm²।
2. उसी घन को दो आमने-सामने के खड़े किनारों से होकर सीधा नीचे काटा। काट का क्षेत्रफल निकालो।
काट आयत है। ऊँचाई 4 cm और चौड़ाई फलक का विकर्ण 4√2 ≈ 5.66 cm। क्षेत्रफल = 4 × 4√2 = 16√2 ≈ 22.6 cm²।
3. 3 cm चौड़े और 5 cm ऊँचे आयत को उसकी 5 cm भुजा पर घुमाया। ठोस का नाम और आयतन बताओ।
बेलन बनता है, r = 3 cm, h = 5 cm। V = πr²h = π × 9 × 5 = 45π ≈ 141.4 cm³।
4. पाद 6 cm (अक्ष पर) और 4 cm वाले समकोण त्रिभुज को 6 cm पाद पर घुमाया। आयतन निकालो।
शंकु बनता है, h = 6 cm, r = 4 cm। V = ⅓πr²h = ⅓ × π × 16 × 6 = 32π ≈ 100.5 cm³।
5. त्रिज्या 5 cm वाले गोले को केंद्र से 3 cm दूर समतल से काटा। काट का क्षेत्रफल निकालो।
r = √(R² − h²) = √(25 − 9) = √16 = 4 cm। क्षेत्रफल = πr² = 16π ≈ 50.3 cm²।
6. 4 cm ऊँचा आयत ऐसे रखा कि उसकी भीतरी भुजा अक्ष से 1 cm और बाहरी भुजा 3 cm दूर है, फिर घुमाया। पाइप का आयतन निकालो।
R = 3 cm, r = 1 cm, h = 4 cm। V = π(R² − r²)h = π(9 − 1) × 4 = 32π ≈ 100.5 cm³।
7. एक शंकु की आधार त्रिज्या 6 cm और ऊँचाई 9 cm है। आधार से 3 cm ऊपर आधार के समांतर काटा। काट की त्रिज्या और क्षेत्रफल निकालो।
r = R(H − y)/H = 6 × (9 − 3)/9 = 4 cm। क्षेत्रफल = π × 4² = 16π ≈ 50.3 cm²।
आम गलतियाँ
- सोचना कि घन से सिर्फ़ वर्ग बनता है। तिरछे कट से आयत, त्रिभुज, पंचभुज और षट्भुज भी बनते हैं।
- समकोण त्रिभुज को ग़लत पाद पर घुमाना। अक्ष वाला पाद ऊँचाई बनता है; दूसरा पाद त्रिज्या।
- πr²h या ⁴⁄₃πr³ में त्रिज्या की जगह व्यास रख देना।
- सोचना कि तिरछे बेलन का आयतन अलग है। कैवेलियरी के सिद्धांत से, आधार क्षेत्रफल और ऊँचाई बराबर तो आयतन बराबर।