पुनर्जागरण की पृष्ठभूमि और कारण
पुनर्जागरण ("नया जन्म") लगभग 1350–1600 में प्राचीन यूनानी और रोमन ज्ञान में फिर से जागी रुचि थी। कारण:
- इटली के व्यापारी नगरों (फ़्लोरेंस, वेनिस, मिलान) की दौलत और मेदिची जैसे अमीर संरक्षक।
- ब्लैक डेथ (1347–51) के बाद मज़दूरी बढ़ी और पुराने विचारों पर सवाल उठे।
- यूनानी विद्वान और पांडुलिपियाँ इटली पहुँचीं, ख़ासकर 1453 में कुस्तुंतुनिया के पतन के बाद।
- इस्लामी दुनिया से संपर्क ने प्राचीन ग्रंथ, गणित और विज्ञान ज़िंदा रखे।
मानवतावाद व्याकरण, भाषण-कला, इतिहास, कविता और नीति पढ़कर योग्य नागरिक बनाना चाहता था। पेट्रार्क, पिको और मैकियावेली (द प्रिंस, 1513) जैसे विचारकों ने मनुष्य की क्षमता और असली राजनीति को महत्व दिया।
इटली और उत्तरी पुनर्जागरण
इटली: लियोनार्डो, माइकलएंजेलो और राफ़ेल ने रेखीय परिप्रेक्ष्य (रेखाएँ एक लुप्त बिंदु पर मिलती हैं), सही शरीर-रचना और प्राचीन रूप अपनाए। ब्रुनेलेस्की के गुंबद ने नई इंजीनियरिंग दिखाई।
उत्तरी पुनर्जागरण (नीदरलैंड, जर्मनी, फ़्रांस, इंग्लैंड): ज़्यादा धार्मिक और व्यावहारिक। इरास्मस और थॉमस मोर जैसे ईसाई मानवतावादियों ने बाइबिल पढ़ने और चर्च की बुराइयों की आलोचना में मानवतावादी तरीके लगाए। यान वान आइक और ड्यूरर ने तैल रंग, बारीक विवरण और छपाई-चित्र को निखारा, अक्सर रोज़मर्रा का जीवन दिखाया।
छपाई की क्रांति
लगभग 1450 में योहानेस गुटेनबर्ग ने धातु के चल अक्षर, तेल वाली स्याही और पेंच प्रेस को जोड़ा। 1500 तक यूरोप के 200 से ज़्यादा शहरों में प्रेस लाखों किताबें छाप चुके थे।
- किताबें सस्ती हुईं, इसलिए साक्षरता बढ़ी।
- एक जैसी प्रतियों से वैज्ञानिक और मानवतावादी विचार सही रूप में फैले।
- छपाई ने धर्मसुधार की मदद की: लूथर के लेख हफ़्तों में फैल गए।
- जर्मन, अंग्रेज़ी, फ़्रांसीसी जैसी लोकभाषाएँ मानक बनीं।
नए राजतंत्र
1400 के अंत से शासकों ने सत्ता केंद्रित की:
- फ़्रांस (लुई ग्यारहवाँ, फ़्रांसिस प्रथम): सीधा कर 'ताय' और बोलोन्या समझौता (1516), जिससे चर्च की नियुक्तियों पर राजा का नियंत्रण हुआ।
- इंग्लैंड (हेनरी सप्तम): सामंतों पर नियंत्रण के लिए स्टार चैंबर अदालत।
- स्पेन (फ़र्डिनेंड और इसाबेला): मुकुटों का मेल, इन्क्विज़िशन, 1492 में ग्रेनाडा पर जीत।
साधन: कर, स्थायी सेना, मध्य वर्ग के वेतनभोगी अफ़सर और चर्च पर पकड़। सामंत और पवित्र रोमन साम्राज्य के कई राजकुमार विरोध करते रहे।
खोज यात्राएँ: कारण, तकनीक और प्रतिद्वंद्वी
उद्देश्य: धर्म, धन और गौरव: ईसाई धर्म फैलाना, उस्मानी और वेनिस बिचौलियों के बिना मसाले और सोना पाना, और राजकीय प्रतिष्ठा।
तकनीक: कैरेवल (तिकोने पाल से हवा के विरुद्ध चलना), चुंबकीय कम्पास, अक्षांश के लिए एस्ट्रोलैब, बेहतर नक्शे और बारूद के हथियार।
- पुर्तगाल: हेनरी द नेविगेटर की यात्राएँ, डियास अफ़्रीका के सिरे तक (1488), वास्को द गामा कालीकट (1498)।
- स्पेन: कोलंबस (1492), मैगलन का दल दुनिया के चारों ओर (1519–22), एज़्टेक और इंका साम्राज्यों पर विजय।
- बाद के प्रतिद्वंद्वी: डच, अंग्रेज़ और फ़्रांसीसी ने व्यापारी साम्राज्य बनाए और समुद्री ताक़त के लिए लड़े।
उपनिवेश विस्तार, कोलंबियन विनिमय और दास व्यापार
कोलंबियन विनिमय में दोनों गोलार्धों के बीच पौधे, जानवर और रोग गए। पुरानी दुनिया को: मक्का, आलू, टमाटर, मिर्च, कोको। अमेरिका को: गेहूँ, घोड़े, गाय-बैल, गन्ना, और चेचक जैसे रोग जिनसे मूल निवासियों का बहुत बड़ा हिस्सा मर गया।
चीनी, तंबाकू और बाद में कपास के बागानों को मज़दूर चाहिए थे। यूरोपीय व्यापारी पश्चिम और मध्य अफ़्रीका में बंदी ख़रीदते थे और 1500 से 1800 के दशक तक लगभग 1.25 करोड़ अफ़्रीकियों को ज़बरन अटलांटिक पार ले गए ("मिडल पैसेज")। इस अटलांटिक दास व्यापार ने भयानक पीड़ा दी और तीन महाद्वीपों की आबादी बदल दी।
वाणिज्यिक क्रांति
विश्व स्तर के व्यापार ने यूरोप की अर्थव्यवस्था बदली:
- संयुक्त पूँजी कंपनियाँ (अंग्रेज़ी ईस्ट इंडिया कंपनी 1600, डच VOC 1602): कई निवेशक जोखिम और मुनाफ़ा बाँटते थे।
- बैंक (मेदिची, फ़ुगर) और शेयर बाज़ार (एंटवर्प, एम्स्टर्डम) बढ़े।
- वणिकवाद (mercantilism): राज्य आयात से ज़्यादा निर्यात करके और सोना-चाँदी जमा करके अमीर बनता है।
- मूल्य क्रांति: अमेरिका की चाँदी से पूरे यूरोप में महँगाई।
- व्यापार का केंद्र भूमध्य सागर से अटलांटिक की ओर खिसका।
करके देखो: कारण-परिणाम की कड़ी
कागज़ पर 5 डिब्बे और तीर बनाओ: कुस्तुंतुनिया का पतन → ... → भारतीय खाने में मिर्च। बीच के डिब्बे इस पाठ से भरो। फिर 3D के चीज़ चुनने वाले बटन से जाँचो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- पुनर्जागरण = प्राचीन ज्ञान का नया जन्म
- मानवतावाद = मनुष्य की उपलब्धियों का अध्ययन (व्याकरण, भाषण, इतिहास, नीति)
- उद्देश्य: धर्म, धन, गौरव
- नए राजतंत्र के साधन: कर, सेना, अफ़सर, चर्च पर पकड़
- कोलंबियन विनिमय: पुरानी दुनिया ↔ नई दुनिया
- वणिकवाद: निर्यात > आयात, सोना-चाँदी जमा
हल किए गए उदाहरण
1. छापेखाने से धर्मसुधार तक की कारण-परिणाम कड़ी समझाओ।
प्रेस ने सस्ती, एक जैसी प्रतियाँ बनाईं → लूथर की 95 बातें और पर्चे हफ़्तों में जर्मनी में फैल गए → बहुत लोगों ने जर्मन में चर्च की आलोचना पढ़ी → सुधार का समर्थन चर्च की रोक से तेज़ बढ़ा।
2. इटली और उत्तरी पुनर्जागरण की कला में क्या अंतर था?
इटली की कला में प्राचीन विषय, परिप्रेक्ष्य और आदर्श शरीर थे। उत्तर की कला में धार्मिक भक्ति और रोज़ का जीवन था, और तैल रंग से बहुत बारीक विवरण।
3. संयुक्त पूँजी कंपनी ने लंबी यात्राएँ कैसे संभव कीं?
एक यात्रा बहुत महँगी और जोखिम भरी थी। कई निवेशकों को शेयर बेचकर जोखिम बँट गया, इसलिए एक जहाज़ डूबने से कोई बर्बाद नहीं हुआ और मुनाफ़ा बँट गया।
आम गलतियाँ
- सोचना कि पुनर्जागरण सिर्फ़ कला था। इसने राजनीति, विज्ञान, शिक्षा और धर्म भी बदले।
- कहना कि कोलंबस ने ख़ाली ज़मीन 'खोजी'। अमेरिका में पहले से करोड़ों लोग रहते थे।
- सोचना कि कोलंबियन विनिमय सबके लिए बराबर अच्छा था। रोग और दासता ने भयानक पीड़ा दी।
- वणिकवाद को मुक्त व्यापार समझना। वणिकवाद आयात से ज़्यादा निर्यात और घरेलू उद्योग की रक्षा चाहता था।