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सौ दिन का सुधार (1898)

सौ दिन का सुधार 1898 में चीन को ऊपर से बदलने की छोटी पर साहसी कोशिश थी। 1895 में जापान से हार और बंदरगाह व पट्टे की ज़मीन के लिए विदेशी दबाव के बाद कांग योवेई और लियांग छिचाओ जैसे विद्वानों ने केवल नई मशीनों की नहीं, गहरे बदलाव की माँग की। युवा गुआंग्शू सम्राट सहमत हुए। 11 जून से उन्होंने परीक्षा, स्कूल, सेना, खेती, उद्योग, प्रेस, व्यापार और सरकारी दफ़्तरों पर आदेश जारी किए और पेकिंग शाही विश्वविद्यालय बना। पर सुधारकों के पास सेना नहीं थी, दरबार का अनुभव कम था और आदेश बहुत तेज़ी से आए। 21 सितंबर को राजमाता त्सू-शी ने रूढ़िवादी अधिकारियों और सेना प्रमुखों के समर्थन से फिर सत्ता ली, सम्राट को निगरानी में रखा और ज़्यादातर आदेश रद्द कर दिए। छह सुधारकों को मृत्युदंड मिला और कांग व लियांग विदेश भाग गए। सुधार असफल रहा, पर विश्वविद्यालय बना रहा और 1901 के बाद दरबार ने ख़ुद व्यापक सुधार शुरू किए।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. पाँच डिब्बे दिखाते हैं कि सुधार क्यों चाहिए था: 1895 की हार, विद्वानों की अर्ज़ी, अध्ययन-मंडल और अख़बार, 1897-98 का विदेशी दबाव और सुनने वाले सम्राट।
  2. एक पट्टी 11 जून से 21 सितंबर 1898 तक 103 दिन गिनती है। पहले परीक्षा-बदलाव, नए विश्वविद्यालय, दफ़्तरों की कटौती और तख़्तापलट के निशान आते हैं।
  3. आठ टाइलें सुधार के क्षेत्र दिखाती हैं। हर स्लेटी टाइल (पुराना तरीक़ा) आदेश होने पर हरी हो जाती है: परीक्षा, स्कूल, सेना, खेती, उद्योग, प्रेस, व्यापार और दफ़्तर।
  4. ब्लॉक के दो स्तंभ। हरा उनका है जिन्होंने सुधार का साथ दिया। लाल उनका जिन्होंने रोका। खिसकाओ और देखो कौन ज़्यादा ताक़तवर था।
  5. पाँच डिब्बे अंत दिखाते हैं: बहुत तेज़, दरबार में डर, 21 सितंबर का तख़्तापलट, छह को मृत्युदंड, और विश्वविद्यालय जो बचा रहा।
  6. खुला खेल। समय-रेखा 1895 से 1901 के बाद तक खिसकाओ। कोई तारीख़ चुनो और पूछो: इसका कारण क्या था और इससे क्या हुआ?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जापान से हार इतना बड़ा झटका क्यों थी?

जापान को छोटा पड़ोसी माना जाता था और चीन ने तीस साल मशीनों पर लगाए थे। हार से विद्वानों ने कहा कि गहरा बदलाव चाहिए। पहला डिब्बा देखो।

क्या सुधार सच में सौ दिन चला?

लगभग 103 दिन, 11 जून से 21 सितंबर 1898 तक। दिन-पट्टी उन्हें गिनती है।

कौन-से सुधार-आदेश सबसे अहम थे?

नए परीक्षा-निबंध और पेकिंग शाही विश्वविद्यालय, क्योंकि उन्होंने सीखने का तरीक़ा बदला। टाइलें सब आठ क्षेत्र दिखाती हैं।

क्या सुधारक जीत सकते थे?

केवल मज़बूत साथियों के साथ। स्तंभों में लाल पक्ष के पास शक्ति है और हरे के पास विचार। देखो सेना किसके पास है।

सुधारकों का क्या हुआ?

तान सीतोंग और पाँच अन्य को मृत्युदंड मिला, कांग और लियांग विदेश भागे और सम्राट निगरानी में रहे। चौथा डिब्बा देखो।

क्या सुधार का कोई स्थायी असर हुआ?

हाँ। विश्वविद्यालय बना रहा और 1901 के बाद दरबार ने कई विचार "नई नीतियों" के रूप में अपनाए। आख़िरी डिब्बे देखो।

सुधारक और उद्देश्य

सौ दिन का सुधार (1898) वह छोटा समय था जब युवा गुआंग्शू सम्राट ने चीन को ऊपर से आधुनिक बनाने की कोशिश की।

सुधार क्यों चाहिए था?

सुधारक कौन थे?

वे क्या चाहते थे?

मज़बूत और आधुनिक चीन: नए स्कूल और परीक्षाएँ, बेहतर सेना, उद्योग और व्यापार, स्वतंत्र प्रेस और अधिक कुशल सरकार। कई लोग संवैधानिक राजतंत्र चाहते थे, जिसमें सम्राट संसद के साथ शक्ति बाँटे, पर सौ दिनों में यह पूरी तरह आदेशित नहीं हुआ।

सुधार के आदेश

11 जून से 21 सितंबर 1898 (103 दिन) तक सम्राट ने दर्जनों आदेश जारी किए। मुख्य क्षेत्र ये थे:

इनमें से कई आदेश प्रांतों में कभी लागू नहीं हुए। दफ़्तर घटाने से कई अधिकारी नाराज़ भी हुए क्योंकि उनकी नौकरी जाती।

सुधार की विफलता

सुधार 103 दिन बाद ख़त्म हो गया। कारण ये हैं।

  1. बहुत तेज़: कुछ हफ़्तों में इतने आदेश कि अधिकारी उन्हें लागू नहीं कर पाए।
  2. ताक़त नहीं: सम्राट के पास असली शक्ति कम थी। कांग और लियांग के पास सेना नहीं थी और दरबार का अनुभव कम था।
  3. मज़बूत विरोधी: राजमाता त्सू-शी के पास सिंहासन के पीछे बड़ी शक्ति थी। नौकरी खोने से डरे अधिकारी और रोंगलू जैसे सेना प्रमुख उनके साथ थे। आधुनिक सेना के सेनापति युआन शिखाई ने उनके विरुद्ध योजना का साथ नहीं दिया।

21 सितंबर 1898 को त्सू-शी ने फिर सत्ता ले ली, सम्राट को महल में निगरानी में रखा और ज़्यादातर आदेश रद्द कर दिए। तान सीतोंग और पाँच अन्य को मृत्युदंड मिला। कांग और लियांग विदेशी मित्रों की मदद से विदेश भाग गए। पेकिंग शाही विश्वविद्यालय रखा गया।

महत्व

सुधार असफल रहा, फिर भी उसका महत्व रहा।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. आसान। सौ दिन के सुधार के मुख्य नेता कौन थे?

गुआंग्शू सम्राट, जिन्होंने आदेश जारी किए, और विद्वान कांग योवेई व लियांग छिचाओ, जिन्होंने विचार दिए। तान सीतोंग और कुछ युवा अधिकारियों ने आदेश लिखने में मदद की।

2. मध्यम। सुधार-आदेश वाले चार क्षेत्र बताओ और किसी एक में क्या बदला, यह लिखो।

चार क्षेत्र: परीक्षा, स्कूल, सेना, उद्योग (साथ ही खेती, प्रेस, व्यापार, सरकारी दफ़्तर)। परीक्षा में पुराना आठ-टाँग निबंध हटा और समसामयिक विषयों पर निबंध रखे गए। स्कूलों में आधुनिक स्कूलों का आदेश हुआ और पेकिंग शाही विश्वविद्यालय बना।

3. कठिन। समझाओ कि सुधार केवल 103 दिन में क्यों असफल हुआ।

चरण 1: यह बहुत तेज़ था। कुछ हफ़्तों में दर्जनों आदेश आए और प्रांत उनका पालन नहीं कर सके। चरण 2: सम्राट और सुधारकों के पास सेना और दरबार की शक्ति नहीं थी। चरण 3: मज़बूत विरोधी, त्सू-शी, नौकरी खोने से डरे अधिकारी और रोंगलू जैसे सेना प्रमुख, एक साथ खड़े हुए। चरण 4: 21 सितंबर 1898 को त्सू-शी ने सत्ता ली, सम्राट को निगरानी में रखा और ज़्यादातर आदेश रद्द किए। छह सुधारकों को मृत्युदंड मिला और कांग व लियांग विदेश भागे।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सौ दिन का सुधार हुआ:
2. इसके मुख्य विचारक दो विद्वान कौन थे?
3. सुधार की कौन-सी संस्था टिकी रही?
4. 21 सितंबर 1898 को सुधार किसने ख़त्म किया?
5. विफलता का एक कारण कौन-सा था?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सौ दिन का सुधार क्या था?

1898 का चीन का छोटा सुधार, 11 जून से 21 सितंबर तक, जिसमें गुआंग्शू सम्राट ने कांग योवेई और लियांग छिचाओ की सलाह पर परीक्षा, स्कूल, सेना, उद्योग, व्यापार और सरकार में बदलाव के आदेश दिए।

सौ दिन का सुधार क्यों असफल हुआ?

यह बहुत तेज़ था, सुधारकों के पास सेना नहीं थी, और राजमाता त्सू-शी ने रूढ़िवादी अधिकारियों व सेना प्रमुखों के साथ इसका विरोध किया। उन्होंने 21 सितंबर 1898 को सत्ता ले ली।

सौ दिन के सुधार का महत्व क्या है?

इसने ऊपर से सुधार की सीमाएँ दिखाईं, पेकिंग शाही विश्वविद्यालय छोड़ा, आधुनिक राज्य के विचार फैलाए और 1901 के बाद दरबार को व्यापक सुधार की ओर मोड़ा।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन八年级(初二)Sem.1 U2 Early modernisation and deepening crisis

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