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आत्म-सशक्तीकरण आंदोलन और सीमांत संकट (1861-1895)

अफ़ीम युद्धों और ताइपिंग युद्ध के बाद ज़ेंग गुओफ़ान, ली होंगज़ांग और ज़ुओ ज़ोंगतांग जैसे कुछ छिंग अधिकारियों ने कहा कि चीन को पश्चिम के औज़ार अपनाने चाहिए पर अपने मूल्य बनाए रखने चाहिए। 1860 के दशक से उन्होंने शस्त्रागार, जहाज़-घाट, भाषा-विद्यालय, एक भाप-जहाज़ कंपनी, खदानें और तार लाइनें बनाईं और आधुनिक नौसेना खड़ी की। साथ ही चीन की सीमाओं पर संकट आए: पश्चिम में इली, ताइवान और र्यूक्यू द्वीप, वियतनाम और कोरिया। सेना ने ज़्यादातर शिनजियांग वापस ले लिया, पर चीन ने र्यूक्यू, वियतनाम और कोरिया में प्रभाव खोया। 1894-95 में वह जापान से युद्ध और अपना बेयांग बेड़ा हार गया, और माना गया कि आंदोलन लक्ष्य से चूक गया। उसके असली लाभ भी थे (पहला आधुनिक उद्योग और स्कूल), पर धन कम था, एक योजना नहीं थी और पुरानी व्यवस्था नहीं बदली।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. एक टंकी बराबरी का दबाव दिखाती है। तीन बातें उसे भरती हैं: ताइपिंग युद्ध ने दिखाया कि आधुनिक हथियार मायने रखते हैं, संधि-बंदरगाहों ने आधुनिक मशीनें दिखाईं, और एक नारा कहता था औज़ार उधार लो पर मूल्य रखो।
  2. छह डिब्बे पहली आधुनिक चीज़ें दिखाते हैं: शस्त्रागार, जहाज़-घाट, भाषा-विद्यालय, भाप-जहाज़ कंपनी, खदानें और तार, और नौसेना।
  3. एक पट्टी 1861 से 1895 के साल गिनती है। 1865, 1872, 1888 और 1895 के निशान आते हैं। नीली पट्टी आंदोलन की उम्र है।
  4. पाँच डिब्बे सीमांत संकट दिखाते हैं: इली (1871-81), ताइवान (1874), र्यूक्यू द्वीप (1879), वियतनाम (1884-85) और कोरिया (1894-95)।
  5. ब्लॉक के दो स्तंभ। बाएँ हरे में लाभ हैं। दाएँ लाल में सीमाएँ हैं। खिसकाओ तो एक-एक ब्लॉक जुड़ता है।
  6. खुला खेल। समय-रेखा 1861 से 1895 तक खिसकाओ। कोई साल चुनो और पूछो: क्या बना और क्या अब भी कम था?

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

अधिकारी पश्चिमी औज़ार क्यों चाहते थे?

उन्होंने विदेशी बंदूक़ों और जहाज़ों को जीतते और संधि-बंदरगाहों में भाप के जहाज़ व तार को काम करते देखा। दबाव की टंकी भरती देखो।

क्या यह आंदोलन सम्राट ने शुरू किया?

नहीं। इसे राजकुमार गोंग, ज़ेंग गुओफ़ान और ली होंगज़ांग जैसे अधिकारियों ने शुरू किया, इसलिए हर कोई अपनी परियोजना चलाता रहा। यही आगे दिखने वाली समस्या का हिस्सा है।

आंदोलन कितना चला?

लगभग 34 साल, 1861 से 1895 तक। साल देखने के लिए पट्टी खिसकाओ।

क्या चीन कोई सीमांत संकट जीता?

हाँ, पश्चिम में। ज़ुओ ज़ोंगतांग की सेना ने ज़्यादातर शिनजियांग वापस लिया और 1881 में अधिकांश इली लौटा। पर वियतनाम और कोरिया हाथ से गए। पहला और आख़िरी डिब्बा देखो।

इतना बनाकर भी यह असफल क्यों हुआ?

औज़ार बनाना और व्यवस्था बदलना एक बात नहीं। लाल स्तंभ देखो: कम धन, एक योजना नहीं, पुरानी व्यवस्था वैसी ही।

इसके बाद क्या हुआ?

कांग योवेई जैसे लोगों ने गहरे बदलाव की माँग की, जिससे 1898 का सौ दिन का सुधार हुआ।

आधुनिक उद्योग और सेनाएँ

आत्म-सशक्तीकरण आंदोलन (इसे यांगवू या पश्चिमीकरण आंदोलन भी कहते हैं) लगभग 1861 से 1895 तक चला।

यह क्यों शुरू हुआ?

राजकुमार गोंग, ज़ेंग गुओफ़ान, ली होंगज़ांग, ज़ुओ ज़ोंगतांग और बाद में चांग ज़ीदोंग जैसे नेताओं ने कहा: चीनी विद्या को आधार रखो और पश्चिमी विद्या को व्यावहारिक उपयोग के लिए अपनाओ।

क्या बनाया गया?

सीमांत संकट

जब चीन नई चीज़ें बना रहा था, तब उसकी सीमाओं पर मुसीबतें आईं। हर एक को उसकी जगह और साल से याद रखो।

इन संकटों ने नए उद्योग और सेना की परीक्षा ली। पश्चिम में वह काम आया। समुद्र में, जापान के सामने, नहीं।

मूल्यांकन: आंदोलन को कैसे परखें?

"क्या आंदोलन सफल था?" का अच्छा उत्तर दोनों पक्ष देखता है।

लाभ

सीमाएँ

यानी आंदोलन एक पहला क़दम था, पर बहुत छोटा और सीमित। इसने कुछ लोगों को गहरे बदलाव की ओर धकेला, जैसे 1898 का सौ दिन का सुधार।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. आसान। आत्म-सशक्तीकरण आंदोलन का नारा क्या था और उसका मतलब क्या था?

नारा था "चीनी विद्या आधार, पश्चिमी विद्या उपयोग के लिए"। मतलब: चीन के पुराने मूल्य और शासन का तरीक़ा रखो, पर पश्चिम से बंदूक़ें, जहाज़ और मशीनें उधार लो।

2. मध्यम। आंदोलन की बनाई तीन चीज़ें बताओ और हर एक किसलिए थी।

जियांगनान शस्त्रागार (1865) ने बंदूक़ें और जहाज़ बनाए और विज्ञान की किताबें अनूदित कीं। फ़ूज़ौ जहाज़-घाट (1866) ने भाप के युद्धपोत बनाए। चाइना मर्चेंट्स स्टीम नेविगेशन कंपनी (1872) ने माल ढोया और विदेशी कंपनियों से व्यापार वापस लिया। अन्य: तोंगवेन गुआन स्कूल (1862), कैपिंग खदानें (1878), तार (1881), बेयांग बेड़ा (1888)।

3. कठिन। आंदोलन 1894-95 में जापान से चीन की हार क्यों नहीं रोक सका?

चरण 1: धन सीमित था और परियोजनाएँ अक्सर ठीक से नहीं चलीं। चरण 2: हर अधिकारी ने अपनी परियोजना बनाई, इसलिए सेना और नौसेना एक योजना के तहत नहीं थीं। चरण 3: सरकार, परीक्षा और विचारों की पुरानी व्यवस्था नहीं बदली, इसलिए औज़ारों को बढ़ने का आधार कम मिला। चरण 4: जापान ने 1868 के बाद पूरी व्यवस्था बदली थी और वह ज़्यादा ताक़तवर था। बेयांग बेड़ा हारा और 1895 की संधि से ताइवान जापान को मिला।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. आंदोलन का नारा था:
2. किस जनरल ने ज़्यादातर शिनजियांग वापस लिया?
3. जियांगनान शस्त्रागार कहाँ और कब बना?
4. किस युद्ध ने आंदोलन की उम्मीदें तोड़ दीं?
5. इनमें से आंदोलन की सीमा कौन-सी थी?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आत्म-सशक्तीकरण आंदोलन क्या था?

लगभग 1861 से 1895 तक छिंग अधिकारियों का आंदोलन, जिसमें उन्होंने पश्चिमी औज़ार अपनाकर पर चीनी मूल्य रखकर शस्त्रागार, जहाज़-घाट, स्कूल, खदानें, तार और नौसेना बनाई।

आत्म-सशक्तीकरण आंदोलन असफल क्यों हुआ?

धन सीमित था, पूरे देश की एक योजना नहीं थी और सरकार व परीक्षा की पुरानी व्यवस्था नहीं बदली। 1894-95 में चीन जापान से हार गया।

इस काल के सीमांत संकट कौन-से थे?

इली (1871-81), ताइवान (1874), र्यूक्यू द्वीप (1879), वियतनाम (1884-85) और कोरिया (1894-95)। चीन ने ज़्यादातर शिनजियांग वापस लिया पर बाक़ी में प्रभाव खोया।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

चीन八年级(初二)Sem.1 U2 Early modernisation and deepening crisis

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