1958 से पहले: चौथा गणराज्य
द्वितीय विश्व युद्ध के बाद फ्रांस ने 1946 में नया संविधान लिखा और चौथा गणराज्य शुरू हुआ। इसमें संसद (नेशनल असेंबली) सबसे ताकतवर थी। राष्ट्रपति के पास कम अधिकार थे।
समस्या यह थी कि किसी दल के पास साफ़ बहुमत नहीं था, इसलिए एक वोट से सरकार गिर सकती थी। 12 साल में 20 से अधिक सरकारें बनीं। इसे अस्थिरता कहते हैं।
फिर भी कुछ बड़े काम हुए। फ्रांस ने यूरोप को जोड़ने में भाग लिया: शुमान योजना (1950) ने छह देशों का कोयला-इस्पात जोड़ा और 1957 की रोम संधि से साझा बाज़ार शुरू हुआ। पीयर मेंदेस फ्रांस 1954–55 में प्रधानमंत्री थे। उन्होंने इंडोचीन का युद्ध खत्म किया।
1958: अल्जीरिया संकट और नया शासन
1954 से फ्रांस अल्जीरिया में युद्ध लड़ रहा था, जो तब फ्रांस का हिस्सा था। युद्ध ने देश को बाँट दिया और सरकारें इसे सुलझा नहीं सकीं। मई 1958 में संकट गहरा गया और राज्य के टूटने का डर बढ़ा।
संसद ने जनरल शार्ल दे गॉल को बुलाया, जो द्वितीय विश्व युद्ध में "स्वतंत्र फ्रांस" के नेता थे और 1946 में राजनीति छोड़ चुके थे। जून 1958 में वे सरकार के प्रमुख बने और नया संविधान लिखने की शक्ति माँगी।
शांति बाद में आई: एवियाँ समझौते (मार्च 1962) से युद्ध खत्म हुआ और अल्जीरिया स्वतंत्र हुआ। फ्रांस और अल्जीरिया में लोग इस युद्ध को अलग-अलग तरह से याद करते हैं, इसलिए इसे सावधानी और सभी पीड़ितों के सम्मान के साथ पढ़ाया जाता है।
1958 का संविधान और मज़बूत राष्ट्रपति
सितंबर 1958 में फ्रांस की जनता ने जनमत संग्रह (एक प्रश्न पर सीधा वोट) में नया संविधान माना। पाँचवाँ गणराज्य बना।
राष्ट्रपति सत्ता का केंद्र बना। वह प्रधानमंत्री चुनता है, नेशनल असेंबली को भंग कर नए चुनाव करा सकता है, जनमत संग्रह बुला सकता है और गंभीर आपात स्थिति में विशेष अधिकार रखता है।
प्रधानमंत्री और सरकार रोज़ का शासन चलाते हैं और उन्हें असेंबली का समर्थन चाहिए। इसलिए इसमें दो प्रमुख हैं: इसे अर्ध-राष्ट्रपति प्रणाली कहते हैं।
दे गॉल और मेंदेस फ्रांस में मतभेद था: दे गॉल दलों से ऊपर मज़बूत राज्य चाहते थे; मेंदेस फ्रांस को डर था कि बहुत शक्ति लोकतंत्र को नुकसान पहुँचा सकती है।
1962: सभी नागरिकों द्वारा राष्ट्रपति का चुनाव
शुरू में राष्ट्रपति को निर्वाचित अधिकारियों का एक छोटा समूह चुनता था। 1962 में दे गॉल ने जनमत संग्रह से जनता से पूछा कि राष्ट्रपति को सीधे सार्वभौमिक मतदान से चुना जाए। जनता ने हाँ कहा। ऐसा पहला चुनाव 1965 में हुआ।
अब राष्ट्रपति दो तरह से मज़बूत था: संविधान से और मतदाताओं से। चुनाव दो चरणों में होता है: पहले चरण में किसी को आधे से अधिक वोट न मिलें तो सबसे आगे के दो उम्मीदवार दूसरे चरण में टकराते हैं।
सांसद भी दो चरणों के बहुमत वाले मतदान से चुने जाते हैं, हर क्षेत्र से एक विजेता। इससे बड़े समूहों को लाभ होता है और असेंबली में साफ़ बहुमत बनने में मदद मिलती है। 2000 में राष्ट्रपति का कार्यकाल 7 से घटाकर 5 साल किया गया।
सत्ता-परिवर्तन (alternation) और सहवास (cohabitation)
सत्ता-परिवर्तन का अर्थ है चुनाव के बाद सत्ता एक खेमे से दूसरे खेमे में जाना। पहली बार यह 1981 में हुआ, जब वामपंथी नेता फ्रांस्वा मितराँ राष्ट्रपति बने।
सहवास का अर्थ है राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री का विरोधी खेमों से होना। यह 1986–88, 1993–95 और 1997–2002 में हुआ। तब प्रधानमंत्री सरकार की नीति चलाता है, और राष्ट्रपति विदेश और रक्षा में भूमिका रखता है।
2000–2002 में 5 साल का कार्यकाल और चुनावों का क्रम बदलने के बाद असेंबली का चुनाव राष्ट्रपति चुनाव के बाद होता है, इसलिए सहवास दुर्लभ हो गया है।
अभ्यास: अपनी समय-रेखा बनाइए
कागज़ की एक पट्टी लीजिए। उस पर 1946, 1958, 1962, 1981, 1986 लिखिए। हर साल के नीचे एक पंक्ति लिखिए: कौन ताकतवर है? फिर 3D में काल स्लाइडर चलाकर जाँचिए। मित्र से पूछिए: अगर असेंबली राष्ट्रपति को कभी हटा न सके तो क्या खतरा होगा?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- 1946–1958: चौथा गणराज्य (मज़बूत संसद, अस्थिर सरकारें)
- 1958: जनमत संग्रह से नया संविधान = पाँचवाँ गणराज्य
- 1962: राष्ट्रपति का सीधा चुनाव (दो चरण)
- 1981: पहला सत्ता-परिवर्तन; 1986: पहला सहवास
- अर्ध-राष्ट्रपति = चुना हुआ राष्ट्रपति + असेंबली के समर्थन वाला प्रधानमंत्री
हल किए गए उदाहरण
1. चौथे गणराज्य में इतनी सरकारें क्यों बनीं?
संसद ताकतवर थी और किसी समूह का बहुमत नहीं था। एक वोट से सरकार गिर जाती थी, इसलिए 12 साल में 20 से अधिक बार बदली।
2. 1958 के संविधान में राष्ट्रपति की दो शक्तियाँ बताइए।
वह प्रधानमंत्री चुनता है और नेशनल असेंबली भंग कर सकता है। वह जनमत संग्रह बुला सकता है और आपात शक्तियाँ भी रखता है।
3. 1962 में क्या बदला?
राष्ट्रपति को सभी नागरिक दो चरणों में चुनने लगे। इससे उसे जनता का मज़बूत समर्थन मिला।
4. सहवास क्या है? एक तारीख बताइए।
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री विरोधी खेमों के होते हैं, जैसे 1986–88 (मितराँ और शिराक)।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि फ्रांस में एक ही गणराज्य रहा। फ्रांस में पाँच गणराज्य हुए, हर एक का अलग संविधान।
- यह कहना कि राष्ट्रपति सब चलाता है। कानून और रोज़ का शासन प्रधानमंत्री और असेंबली के हाथ में भी है।
- सत्ता-परिवर्तन (सत्ता दूसरे खेमे को जाना) और सहवास (विरोधी खेमे साथ में) को मिला देना।
- अल्जीरिया संकट को भूल जाना। 1958 में दे गॉल की वापसी का कारण वही था।