ज़्यादा खेती, ज़्यादा बिक्री
वस्तु वह चीज़ है जो बेचने के लिए बनाई जाए। मिंग (1368–1644) और छिंग (1644 से) काल में खेत और कारीगरी का ज़्यादा सामान बाज़ार के लिए बनने लगा:
- नई फ़सलें जैसे मक्का, शकरकंद और मूँगफली अमेरिका से आईं और ग़रीब, पहाड़ी ज़मीन से भी ज़्यादा लोगों का पेट भरने लगीं।
- नकदी फ़सलें जैसे कपास, शहतूत (रेशम के लिए), चाय और गन्ना बेचने के लिए उगाई गईं।
- इलाक़ों की ख़ूबी: यांग्त्ज़ी के निचले क्षेत्र (च्यांगनान) में रेशम और सूती कपड़ा, चिंगतेचन में चीनी मिट्टी के बर्तन मशहूर हुए।
कारख़ाने, व्यापारी और शहर
कपड़ा, बर्तन और काग़ज़ कार्यशालाओं में बनते थे। कुछ में किराए के मज़दूर थे जिन्हें मज़दूरी मिलती थी। हुईचओ और शानशी के बड़े व्यापारी समूह अनाज, नमक, चाय और कपड़ा दूर-दूर ले जाते थे। छिंग काल में शानशी के बैंकरों ने ऐसी दुकानें खोलीं जो काग़ज़ की हुंडी से पैसा भेजती थीं, ताकि व्यापारियों को भारी चाँदी न ढोनी पड़े। सूज़ओ, नानचिंग और ग्वांगचओ जैसे शहर बड़े और व्यस्त हुए।
कुछ इतिहासकार शुरुआती मज़दूरी वाले कारख़ानों को "पूँजीवाद के अंकुर" कहते हैं। दूसरे कहते हैं कि वे बहुत कम और छोटे थे, पूरी अर्थव्यवस्था नहीं बदल सके। कक्षा में दोनों मत चलते हैं: हर पक्ष का एक तथ्य बताना आना चाहिए।
चाँदी, कर और दुनिया
बड़े व्यापार का मुख्य पैसा चाँदी बनी। चीनी रेशम, चाय और चीनी मिट्टी के बदले अमेरिका (फ़िलीपींस के रास्ते) और जापान से बहुत चाँदी आई। राज्य बाज़ार के पीछे चला:
- सिंगल व्हिप सुधार (मंत्री चांग च्वूचंग के समय लगभग 1581 से पूरे देश में) ने कई अलग करों और श्रम-कर्तव्यों को एक ही चाँदी के भुगतान में मिला दिया।
- बाद में शुरुआती छिंग शासकों ने श्रम-कर्तव्य को भी भूमि कर में जोड़ दिया, यानी लोग मुख्यतः ज़मीन के हिसाब से कर देते थे।
इससे राज्य के लिए पैसा गिनना आसान हुआ, पर साम्राज्य चाँदी की आपूर्ति पर निर्भर हो गया। चाँदी आती रही तो व्यापार चमका; रुकी तो कीमतें और किसानों की कमाई बिगड़ी।
विचार और संस्कृति
बड़े शहर और छपाई यानी ज़्यादा किताबें और पाठक। चार तरह के काम ख़ास हैं:
- नए विचारक: वांग यांगमिंग (1472–1529) ने सिखाया कि ज्ञान और कर्म साथ चलते हैं और सही-ग़लत मन ख़ुद जानता है। 1600 के दशक में हुआंग जोंगशी ने सम्राटों की अति-शक्ति की आलोचना की और कू येनवू ने कहा कि देश के भले-बुरे की ज़िम्मेदारी सब पर है। उन्होंने व्यावहारिक, काम की पढ़ाई पर भी ज़ोर दिया। आगे छिंग विद्वानों ने पुराने ग्रंथों की बारीक जाँच की (प्रमाण-आधारित अध्ययन)।
- उपन्यास और कथाएँ: पश्चिम की यात्रा, जल-किनारे की कथा और तीन राज्यों की गाथा (मिंग), और लाल भवन का स्वप्न (मध्य छिंग)। नाटक और लगभग 1790 से पेकिंग ऑपेरा के शुरुआती रूप भी बढ़े।
- व्यावहारिक विज्ञान: ली शिचन का औषधि संग्रह (1578), शू ग्वांगछी का खेती पर लेखन, और सोंग यिंगशिंग की प्रकृति की कारीगरी (1637) जो शिल्पों पर है।
- विशाल ग्रंथ परियोजनाएँ: योंगल विश्वकोश (लगभग 1408) और छियानलोंग के समय सिकू छ्वानशू (1770 के दशक से संकलित)। साथ ही दरबार ने नापसंद किताबों पर रोक लगाई या उन्हें बदला, जिसे "साहित्यिक जाँच-पड़ताल" कहते हैं।
करके देखिए
पहले अनुमान लगाइए, फिर जाँचिए: 3D के खुले खेल चरण में बाज़ार का दायरा 0 पर, फिर 12 पर कीजिए। चाँदी के ढेर और किताबों की संख्या का क्या होता है? अब बाज़ार और किताबों के रिश्ते को एक वाक्य में लिखिए। फिर कोई एक बात बताइए जो इस कड़ी को रोक सकती है (जैसे किसी किताब पर रोक या चाँदी का घटना)।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- वस्तु अर्थव्यवस्था = सिर्फ़ खाने के लिए नहीं, बेचने के लिए बनाना (नकदी फ़सल + कार्यशाला + व्यापारी)
- पैसे की कड़ी: माल → बाज़ार → चाँदी → चाँदी में कर (सिंगल व्हिप, लगभग 1581)
- विचार और संस्कृति = नए विचारक + उपन्यास + व्यावहारिक विज्ञान + विशाल ग्रंथ परियोजनाएँ
- मिंग 1368–1644; छिंग 1644–1912
हल किए गए उदाहरण
1. नकदी फ़सलों ने गाँव का जीवन कैसे बदला?
जो परिवार कपास या चाय बेचते थे उन्हें अन्न और कपड़ा बाज़ार से ख़रीदना पड़ता था, इसलिए वे व्यापारियों और पैसे से जुड़ गए। गाँव विशेषज्ञ बने और एक-दूसरे पर निर्भर हुए।
2. सिंगल व्हिप सुधार क्या था, आसान शब्दों में?
यह कई अलग करों और श्रम-कर्तव्यों को एक ही भुगतान में, चाँदी में, मिलाने का सुधार था। इससे कर वसूली आसान हुई और राज्य चाँदी की अर्थव्यवस्था से बँध गया।
3. हर रचना को उसके क्षेत्र से मिलाइए: औषधि संग्रह, लाल भवन का स्वप्न, सिकू छ्वानशू।
औषधि संग्रह (ली शिचन, 1578) = चिकित्सा; लाल भवन का स्वप्न = उपन्यास; सिकू छ्वानशू = छिंग दरबार द्वारा संकलित किताबों का विशाल संग्रह।
4. "पूँजीवाद के अंकुर" के पक्ष में एक और विरोध में एक तथ्य दीजिए।
पक्ष: च्यांगनान की कुछ रेशम कार्यशालाओं में मज़दूरी पर लोग काम करते थे। विरोध: ऐसी कार्यशालाएँ कम और छोटी थीं, ज़्यादातर परिवार खेती ही करते थे, इसलिए पूरी अर्थव्यवस्था नहीं बदली।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि चीनी समाज बंद था और व्यापार नहीं करता था। चाँदी, रेशम, चाय और चीनी मिट्टी समुद्र पार जाती थी।
- मिंग और छिंग की तारीख़ें उलझाना: मिंग 1368–1644, छिंग 1644 से।
- सिंगल व्हिप को मज़दूरों पर चलने वाला कोड़ा समझ लेना। यह कर-सुधार है।
- पूरी संस्कृति को आज़ाद मान लेना। सिकू छ्वानशू जैसी दरबारी परियोजनाओं ने कुछ किताबें हटाईं या बदलीं भी।