तीन विभाग और छह मंत्रालय
सुई ने बनाया और तांग ने सुधारा, एक विशाल देश पर शासन का साफ़ तरीक़ा। शीर्ष पर तीन विभाग थे:
- सचिवालय (चोंगशू): सम्राट के आदेशों का मसौदा लिखता है।
- चांसलरी (मेनश्या): हर मसौदे को जाँचती है और अनुचित या अस्पष्ट होने पर वापस भेज सकती है।
- राज-कार्य विभाग (शांगशू): आदेश को लागू करता है।
इससे जाँच की एक कड़ी बनी। अंतिम शक्ति सम्राट के पास रही, पर ग़लत आदेशों की संभावना घटी।
राज-कार्य विभाग के नीचे छह मंत्रालय थे:
- कार्मिक: अधिकारियों को चुनता, पद देता और पदोन्नत करता है।
- राजस्व: परिवारों और ज़मीन की गिनती, कर वसूली।
- संस्कार: समारोह, विद्यालय, परीक्षाएँ और विदेशी अतिथि।
- युद्ध: सेना और रसद।
- न्याय: अदालतें और दंड।
- निर्माण: सड़कें, नहरें, दीवारें और महल।
इनके नीचे प्रांत, प्रीफ़ेक्चर और काउंटियाँ थीं, हर जगह नियुक्त अधिकारी। यह ढाँचा बदलावों के साथ लगभग 1900 तक चला।
शाही परीक्षाएँ
पहले अधिकारी ज़्यादातर परिवार या सिफ़ारिश से चुने जाते थे। सुई ने कुछ को परीक्षा से चुनना शुरू किया (इस व्यवस्था को केजू कहते हैं), और तांग ने इसे बढ़ाया।
- उम्मीदवार कन्फ़्यूशियस की पुस्तकें, कविता और राज्य के विषयों पर लेखन पढ़ते थे।
- जिनशी डिग्री (लेखन और नीति पर) सबसे सम्मानित थी। हज़ारों उम्मीदवारों में से साल में सिर्फ़ कुछ दर्जन पास होते थे।
- वू ज़ेतियान ने महल की परीक्षा और सैन्य परीक्षाएँ जोड़ीं और पुराने कुलीन परिवारों के बाहर के लोगों को लाने के लिए परीक्षाओं का उपयोग किया।
महत्त्व: प्रतिभा ऊपर उठ सकी, अधिकारी अपने परिवार से नहीं बल्कि सम्राट से बँधे, और पूरे देश के लोग एक जैसी पुस्तकें पढ़ने लगे। सीमाएँ: तांग काल में कई अधिकारी अब भी कुलीन परिवारों से आते थे, और ग़रीब परिवारों के लिए वर्षों की पढ़ाई का ख़र्च कठिन था। अगले राजवंश सोंग में परीक्षा-प्रणाली और महत्त्वपूर्ण हुई और 1905 तक चली।
कर-सुधार: समान-भूमि, तीन कर, दो-कर
समान-भूमि व्यवस्था (उत्तरी वेई में शुरू, सुई और तांग ने रखी): राज्य हर खेतिहर परिवार को ज़मीन देता था। एक हिस्सा (शहतूत या सन उगाने के लिए) परिवार में रहता; बाक़ी वयस्क की मृत्यु पर राज्य को लौट जाता। इससे बड़े ज़मींदार कमज़ोर रहे और किसानों के पास ज़मीन रही।
बदले में हर साल तीन कर:
- अनाज (ज़ू): हर वयस्क पुरुष पर निश्चित मात्रा में अनाज।
- कपड़ा या रेशम (दियाओ): निश्चित लंबाई का कपड़ा।
- श्रम (योंग): राज्य के लिए लगभग 20 दिन का काम, जिसे कपड़ा देकर बदला जा सकता था।
कर व्यक्तियों से बँधे थे, ज़मीन के आकार से नहीं। जब तक रिकॉर्ड अच्छे थे, यह चला। आन लुशान युद्ध के बाद कई लोग अपने खेत छोड़कर भागे, ताक़तवर परिवारों ने ज़मीन ले ली, और रिकॉर्ड वास्तविकता से मेल नहीं खाते थे।
मंत्री यांग यान की दो-कर व्यवस्था (780): कर अभी वास्तव में जितनी ज़मीन और संपत्ति है उस पर, दो मौसमों (गर्मी और पतझड़) में, अक्सर पैसे में। इसे इससे मतलब नहीं था कि व्यक्ति कहाँ जन्मा या पंजीकृत है। इससे अधिक निष्पक्ष ढंग से धन जुटा और राज्य सौ साल से ज़्यादा चला। यह बाद के राजवंशों की ज़मीन-आधारित कर-व्यवस्था की ओर एक क़दम था।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- तीन विभाग: सचिवालय (लिखो), चांसलरी (जाँचो), राज-कार्य (करो)
- छह मंत्रालय: कार्मिक, राजस्व, संस्कार, युद्ध, न्याय, निर्माण
- परीक्षा: सुई में शुरू, तांग में बढ़ी; सर्वोच्च डिग्री = जिनशी
- समान-भूमि: राज्य से ज़मीन; कर = अनाज + कपड़ा + श्रम
- दो-कर (780): रखी ज़मीन और संपत्ति पर कर, गर्मी और पतझड़ में
- सफलता-दर = पास ÷ उम्मीदवार × 100
हल किए गए उदाहरण
1. आदेश है "सड़क बनाओ"। कौन-सा विभाग मसौदा लिखेगा, कौन जाँचेगा, कौन लागू करेगा और कौन-सा मंत्रालय काम करेगा?
सचिवालय मसौदा लिखेगा, चांसलरी जाँचेगी, राज-कार्य लागू करेगा, और निर्माण मंत्रालय सड़क बनाएगा।
2. एक वर्ष 3,000 लोगों ने परीक्षा दी और 30 पास हुए। सफलता-दर निकालिए।
30 ÷ 3000 × 100 = 1 प्रतिशत। 100 में सिर्फ़ 1 पास हुआ।
3. 755 के बाद समान-भूमि व्यवस्था विफल क्यों हुई?
युद्ध के कारण कई किसान अपने खेत छोड़ गए, ताक़तवर परिवारों ने ज़मीन ले ली और आबादी बदल गई। रिकॉर्ड अब मेल नहीं खाते थे कि कौन-सी ज़मीन किसके पास है, इसलिए राज्य व्यक्ति-आधारित कर वसूल नहीं कर सका।
4. दो-कर व्यवस्था तीन-कर वाली से अधिक निष्पक्ष कैसे है?
यह परिवार के पास अभी वास्तव में जो है उस पर कर लगाती है। ज़्यादा ज़मीन वाले अमीर ज़्यादा देते हैं और कम ज़मीन वाला ग़रीब परिवार कम, हर वयस्क पर एक-सा निश्चित कर लगाने की जगह।
आम गलतियाँ
- तीन विभागों और छह मंत्रालयों को एक समझना। मंत्रालय राज-कार्य विभाग के नीचे थे।
- यह मानना कि परीक्षाएँ सबके लिए बराबर खुली थीं। ग़रीब परिवारों के पास पढ़ाई का समय और पैसा कम था।
- दोनों कर-व्यवस्थाओं को मिलाना। तीन कर वाली समान-भूमि पहले थी; दो-कर 780 में आई।
- चांसलरी को सिर्फ़ सचिव समझना। वह आदेश वापस भेज सकती थी।