राजनीतिक व्यवस्था क्या है?
हर राज्य को तीन सवालों का जवाब देना होता है: निर्णय कौन लेता है, लागू कौन करता है और जाँच कौन करता है। इन उत्तरों से उसकी राजनीतिक व्यवस्था बनती है। अलग समय और स्थानों ने अलग उत्तर दिए, इसलिए तुलना से समझ आता है कि सत्ता क्यों बाँटी गई या एक हाथ में रही।
प्राचीन चीन की व्यवस्थाएँ
झोउ काल में राजा सामंतों को भूमि देते थे जो अपने क्षेत्र चलाते थे। छिन द्वारा चीन के एकीकरण (221 ई.पू.) के बाद सम्राट ने ज़िले चलाने को अधिकारी भेजे और सामंतों की सत्ता गई। यह केंद्रीकृत व्यवस्था है जिसमें ऊपर सम्राट और नीचे अधिकारियों की सीढ़ी है।
सुई और तांग काल में तीन विभाग-छह मंत्रालय व्यवस्था ने काम बाँटा: एक विभाग आदेश बनाता, एक जाँचता, एक छह मंत्रालयों (अधिकारी, कर, संस्कार, सेना, न्याय, निर्माण) के ज़रिए लागू करता। इससे महल के भीतर जाँच बनी, पर अंतिम बात सम्राट की ही रही।
पश्चिमी व्यवस्थाएँ: यूनान, रोम और आधुनिक पश्चिम
एथेंस में वयस्क पुरुष नागरिक सभा में मिलकर सीधे मत देते थे। रोम में गणराज्य चुने हुए कौंसलों और सीनेट से चलता था। बहुत लोग (दास, स्त्रियाँ, विदेशी) बाहर थे।
आधुनिक पश्चिम में मोंतेस्क्यू जैसे विचारकों ने शक्ति-पृथक्करण की बात की: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका शासन चलाती है और स्वतंत्र न्यायालय निर्णय देते हैं। हर शाखा बाक़ियों पर रोक रख सकती है (रोक और संतुलन)। नागरिक स्वतंत्र चुनाव में मत देते हैं और संविधान अधिकारों की रक्षा करते हैं।
आधुनिक चीन की व्यवस्था
1954 से जनवादी गणराज्य जन-कांग्रेस प्रणाली का उपयोग करता है। लोग स्थानीय कांग्रेसें चुनते हैं; वे प्रतिनिधि ऊपर भेजती हैं, यहाँ तक कि राष्ट्रीय जन-कांग्रेस (एनपीसी) बनती है, जो राज्य-सत्ता का सर्वोच्च अंग है। एनपीसी राज्य परिषद (सरकार), सर्वोच्च जन-न्यायालय और सर्वोच्च जन-अभियोजनालय बनाती है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी राज्य का नेतृत्व करती है, और दल राजनीतिक परामर्श प्रणाली में भाग लेते हैं।
इतिहास में सुधार
सदियों में शासकों ने व्यवस्था बदली। छिन ने सामंतों की जगह भेजे हुए अधिकारी रखे। तांग ने विभागों में जाँच जोड़ी। मिंग में संस्थापक ने मुख्य मंत्री का पद हटा दिया (1380) ताकि सत्ता अपने पास रहे। छिंग में छोटी भीतरी परिषद (ग्रैंड काउंसिल) सीधे सम्राट को सलाह देती थी। पश्चिम में लिखित संविधान और व्यापक मताधिकार जैसे सुधारों ने सत्ता को अधिक नागरिकों तक पहुँचाया। दोनों कहानियाँ केंद्रीय नियंत्रण और साझा सत्ता के संतुलन की हैं।
करके देखें
चरण 6 में हर काल दबाइए और ब्लॉक गिनिए। किस सुधार से सम्राट की मीनार सबसे ऊँची हुई? घर पर अपने परिवार या स्कूल को चारों आकारों में से एक बनाकर देखिए। कौन तय करता है, कौन लागू करता है, कौन जाँचता है?
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- राजनीतिक व्यवस्था = कौन निर्णय लेता + कौन लागू करता + कौन जाँचता
- केंद्रीकृत: सत्ता ऊपर से (सम्राट, फिर अधिकारी)
- शक्ति-पृथक्करण: विधायिका, कार्यपालिका, न्यायालय
- जन-कांग्रेस प्रणाली: स्थानीय से राष्ट्रीय कांग्रेसें
हल किए गए उदाहरण
1. छिन ने स्थानीय शासन में क्या बदला?
सामंतों की जगह सम्राट के भेजे अधिकारियों से ज़िले चलवाए, जिससे सत्ता केंद्रीकृत हुई।
2. तीन विभाग व्यवस्था ने जाँच कैसे जोड़ी?
एक विभाग मसौदा बनाता, दूसरा जाँचता, तीसरा लागू करता। आदेश को जाँच के चरण से गुज़रना पड़ता था।
3. एथेंस और आधुनिक पश्चिमी राज्य में एक अंतर बताइए।
एथेंस में पुरुष नागरिकों का छोटा समूह सीधे मत देता था; आधुनिक राज्य निर्वाचित प्रतिनिधि रखते हैं और अधिकतर वयस्कों को मत देते हैं।
4. मिंग संस्थापक ने मुख्य मंत्री का पद क्यों हटाया?
ताकि कोई एक मंत्री बहुत सत्ता न रखे और निर्णय सम्राट के निकट रहें।
आम गलतियाँ
- यह कहना कि प्राचीन चीन में कोई जाँच नहीं थी। तांग व्यवस्था में महल के भीतर जाँच थी।
- यह मानना कि एथेंस सबके लिए लोकतंत्र था। स्त्रियों, दासों और विदेशियों को मत नहीं था।
- पश्चिमी तीन शाखाओं को मिलाना। विधायिका क़ानून बनाती, कार्यपालिका शासन चलाती, न्यायालय निर्णय देते हैं।
- सब व्यवस्थाओं को एक जैसा मानना। हर एक निर्णय, पालन और जाँच का उत्तर अपने ढंग से देती है।