प्राचीन जातीय संबंध
जातीय समूह भाषा, रीति-रिवाज और अपनेपन की भावना साझा करता है। प्राचीन पूर्वी एशिया में मध्य मैदान के किसानों और उत्तरी घास के मैदानों के चरवाहों को एक-दूसरे की ज़रूरत थी: अनाज, रेशम और लोहा एक ओर जाता; घोड़े, ऊन और चमड़ा दूसरी ओर।
संपर्क तीन रूपों में हुआ: व्यापार व आदान-प्रदान, विवाह-संधियाँ (जैसे 641 में तांग-थुबो संबंध) और संघर्ष। समय के साथ जातीय मेल हुआ: लोग घुले-मिले और उत्तरी वेई, सुई-तांग और युआन जैसे नए समुदाय व वंश कई जन से बने।
राष्ट्र-राज्य और अंतरराष्ट्रीय क़ानून
राष्ट्र-राज्य वह राज्य है जिसका निश्चित भू-भाग, सरकार और ऐसी जनसंख्या हो जो स्वयं को एक राष्ट्र मानती हो। लंबे तीस-वर्षीय युद्ध के बाद वेस्टफेलिया की शांति (1648) को अक्सर उस विचार की शुरुआत माना जाता है कि राज्य बराबर हैं और अपनी भूमि पर शासन करते हैं (संप्रभुता)।
ह्यूगो ग्रोशियस जैसे विचारकों ने कहा कि राज्यों को साझा नियम मानने चाहिए। संधियों, दूतावासों और बाद में राष्ट्र संघ व संयुक्त राष्ट्र जैसी संस्थाओं ने अंतरराष्ट्रीय क़ानून बनाया: युद्ध, शांति, व्यापार और समुद्र के नियम।
जातीय नीति
अधिकांश आधुनिक राज्यों में कई जन रहते हैं। उचित जातीय नीति का लक्ष्य समान अधिकार, राष्ट्रीय एकता और भाषाओं-रीति-रिवाजों का सम्मान है। चीन में नीति में क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता शामिल है: जहाँ अल्पसंख्यक समूह रहते हैं वहाँ स्वायत्त सरकारें होती हैं जिन्हें एक ही देश के भीतर स्थानीय मामलों में कुछ अधिकार मिलते हैं। अन्य देश अपने ढंग अपनाते हैं, जैसे संघीय राज्य, भाषा-अधिकार या आरक्षित सीटें।
कूटनीति
कूटनीति का अर्थ है राज्यों के बीच संबंध बातचीत, दूत भेजने और समझौतों से संभालना। उदाहरण: झांग छियेन (दूसरी सदी ई.पू.) ने रेशम-मार्ग की कड़ियाँ खोलीं; तांग-थुबो विवाह-संधि (641) ने तनाव घटाया; झेंग हे की यात्राओं (1405-1433) ने समुद्रों के पार माल और सद्भाव पहुँचाया; 1954 में चीन, भारत और म्यांमार ने शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत घोषित किए: संप्रभुता व भू-भाग का पारस्परिक सम्मान, अनाक्रमण, अहस्तक्षेप, समानता व पारस्परिक लाभ, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व।
करके देखें
चरण 6 में चारों उदाहरण दबाइए और कड़ियाँ गिनिए। किसमें सबसे ज़्यादा साथी हैं? घर पर किसी बड़े से पूछिए कि आपका शहर किन देशों से व्यापार करता है या कहाँ से मेहमान आते हैं, और शांति से क्या लाभ है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- जातीय मेल = संपर्क + व्यापार + विवाह + समय के साथ आदान-प्रदान
- संप्रभुता = राज्य अपनी भूमि पर शासन करता है (वेस्टफेलिया, 1648)
- क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता = अल्पसंख्यक क्षेत्रों में स्वशासन, एक देश
- शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व के पाँच सिद्धांत (1954)
हल किए गए उदाहरण
1. किसानों और चरवाहों के मिलने के तीन तरीक़े बताइए।
व्यापार, विवाह-संधियाँ और संघर्ष।
2. संप्रभुता क्या है?
राज्य की अपने भू-भाग पर बाहरी शासन के बिना सर्वोच्च शक्ति। वेस्टफेलिया 1648 ने इसे आम विचार बनाया।
3. चार देश हर दूसरे देश से मैत्री-संधि करते हैं। कुल कितनी संधियाँ होंगी?
जोड़े = 4 x 3 / 2 = 6 संधियाँ।
4. क्षेत्रीय जातीय स्वायत्तता एकता में कैसे मदद करती है?
लोग स्थानीय मामले चलाते और संस्कृति बचाते हैं, इसलिए वे सम्मानित महसूस करते हैं और एक देश का भाग बने रहते हैं।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि जनों का संपर्क केवल युद्ध था। व्यापार और विवाह भी आम थे।
- यह मानना कि वेस्टफेलिया ने पूरा अंतरराष्ट्रीय क़ानून बनाया। उसने बराबर राज्यों का विचार शुरू किया; क़ानून बाद में बढ़ा।
- स्वायत्तता और स्वतंत्रता को मिलाना। स्वायत्तता एक देश के भीतर स्वशासन है।
- यह सोचना कि कूटनीति बस युद्ध-शांति की बात है। इसमें व्यापार, संस्कृति और यात्रा भी आते हैं।