छिन, हान, तांग और पूर्वी एशिया
221 ईसा पूर्व में छिन (Qin) ने चीन में कई राज्यों को जोड़कर एक साम्राज्य बनाया, जिसमें एक जैसे माप-तौल और लिखावट थी। हान (Han) (206 ईसा पूर्व से 220 ईस्वी) ने इस राज्य को चलाया। उन्होंने अफ़सर हुनर और वफ़ादारी के आधार पर चुने और कन्फ़्यूशियस की शिक्षाओं को बढ़ावा दिया, जो कर्तव्य, परिवार और अच्छे शासन पर ज़ोर देती हैं। हान ने पश्चिम की ओर रेशम मार्ग भी खोला।
तांग (Tang) (618 से 907 ईस्वी) ने नया शिखर दिया: मज़बूत राज्य, बड़े शहर और व्यापक व्यापार। चीन की लिखावट, कानून, बौद्ध धर्म और शहर-योजना का असर कोरिया, जापान और वियतनाम पर पड़ा, जिन्होंने उन्हें अपने ढंग से ढाला। इसी साझी विरासत से हम पूर्वी एशिया को एक इलाका कहते हैं।
दक्षिण एशिया में बौद्ध और हिंदू धर्म
बौद्ध धर्म पाँचवीं सदी ईसा पूर्व के आसपास उत्तर भारत में बुद्ध की शिक्षा से शुरू हुआ: जीवन में दुख है, इच्छा उसका कारण है, और उसे खत्म करने का रास्ता है। सम्राट अशोक (तीसरी सदी ईसा पूर्व) ने बौद्ध धर्म का साथ दिया, और भिक्षु-व्यापारी इसे मध्य एशिया से होकर चीन, कोरिया, जापान और दक्षिण-पूर्व एशिया ले गए।
हिंदू धर्म कई पुरानी परंपराओं, ग्रंथों और स्थानीय विश्वासों से बना। समय के साथ मंदिर, भक्ति, त्योहार और धर्म का विचार पूरे उपमहाद्वीप के रोज़ के जीवन में रच-बस गए, और हिंदू विचार और कला समुद्र के रास्ते दक्षिण-पूर्व एशिया भी पहुँचे। मानसून की हवाओं से हिंद महासागर में नियमित समुद्री व्यापार चला और दोनों धर्मों को फैलने में मदद मिली।
यूनान, रोम और पश्चिम एशिया
यूनान एक राज्य नहीं था, बल्कि कई स्वतंत्र नगर-राज्य (पोलिस) थे। पाँचवीं सदी ईसा पूर्व में एथेंस ने अपने पुरुष नागरिकों के लिए सीधे लोकतंत्र का एक रूप आज़माया। यूनानी विचारकों ने दर्शन, विज्ञान और नाटक में सवाल उठाए। पश्चिम एशिया में फ़ारसी जैसे पुराने बड़े साम्राज्य थे, जिन्होंने कई जनों और सड़कों को जोड़ा।
रोम एक शहर से शुरू हुआ, फिर (करीब 509 ईसा पूर्व से) गणराज्य और (27 ईसा पूर्व से) साम्राज्य बना, जिसने भूमध्य सागर के चारों ओर की ज़मीनों पर राज किया। रोमन कानून, सड़कें और लैटिन भाषा सदियों चलीं। समुद्र राजमार्ग था: जहाज़ अनाज, शराब, विचार और सैनिक ले जाते थे।
इलाकों की तुलना और जुड़ाव
हर इलाके का अपना ढर्रा था: पूर्वी एशिया मज़बूत राज्यों और अफ़सरों के लिए जाना जाता है; दक्षिण एशिया धर्मों के उदय और फैलाव के लिए; पश्चिम एशिया और भूमध्य सागर नगर-राज्यों, साम्राज्यों, कानून और समुद्री व्यापार के लिए। पर कोई इलाका अकेला नहीं था। ज़मीन पर रेशम मार्ग और समुद्र पर मानसून के रास्तों ने रेशम, मसाले, धातु, धर्म और विचार इनके बीच पहुँचाए।
इतिहासकार इलाकों की तुलना ऐसे सवालों से करते हैं: किसका राज था, लोग कैसे कमाते थे, क्या मानते थे और किससे व्यापार करते थे?
करके देखो: इलाका-जासूस
3D में: हर इलाके को दबाओ। कार्ड पढ़ो, फिर आँखें बंद करके निशानी और मुख्य विचार बोलो। फिर बैंगनी बिंदुओं को देखो: कौन-से रास्ते तीनों द्वीपों को जोड़ते हैं?
घर पर: तीन कार्ड बनाओ, हर इलाके के लिए एक निशानी और एक शब्द (अफ़सर, धर्म, व्यापार) के साथ। उन्हें फेंटकर किसी दोस्त से निशानी और इलाका मिलवाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: राजवंश = वह परिवार जो कई पीढ़ियों तक राज करे
- मुख्य शब्द: नगर-राज्य = ऐसा शहर जो खुद और आसपास की ज़मीन पर शासन करे
- मुख्य शब्द: रेशम मार्ग = पूर्वी एशिया को पश्चिम से जोड़ने वाले ज़मीनी व्यापार-रास्ते
- मुख्य शब्द: मानसून व्यापार = हिंद महासागर में मौसमी हवाओं के सहारे समुद्री व्यापार
- तिथियाँ: छिन 221 ई.पू.; हान 206 ई.पू. से 220 ई.; तांग 618 से 907 ई.; रोमन गणराज्य करीब 509 ई.पू. से; रोमन साम्राज्य 27 ई.पू. से
- विचार: राज्य (पूर्व), धर्म (दक्षिण), नगर-राज्य और कानून (पश्चिम), और रास्ते सबको जोड़ते हैं
हल किए गए उदाहरण
1. 206 ई.पू. से 220 ई. तक हान राजवंश कितने साल चला?
206 ई.पू. से 1 ई. तक 206 साल और 1 ई. से 220 ई. तक 220 साल। शून्य वर्ष नहीं होता, इसलिए कुल करीब 206 + 220 - 1 = 425 साल, और हम 'करीब 400 साल' कहते हैं।
2. पूर्वी एशिया को सिर्फ़ 'चीन' न कहकर एक इलाका क्यों कहते हैं?
क्योंकि कोरिया, जापान और वियतनाम ने चीन से लिखावट, कानून और बौद्ध धर्म जैसे विचार लिए पर उन्हें अपने ढंग से बदला। उनकी साझी विरासत इलाके को जोड़ती है।
3. बौद्ध धर्म दक्षिण एशिया से चीन कैसे पहुँचा?
भिक्षु और व्यापारी इसे मध्य एशिया से रेशम मार्ग के रास्ते, और बाद में समुद्र से ले गए। सदियों में शिक्षा, ग्रंथ और कला चीन में अपनाए और ढाले गए।
4. यूनानी नगर-राज्य रोमन साम्राज्य से किस एक बात में अलग थे?
यूनानी नगर-राज्य कई छोटे, अलग, स्वशासित शहर थे, जबकि रोम एक बड़े साम्राज्य के रूप में पूरे भूमध्य सागर की ज़मीनों पर राज करने लगा।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि यूनान एक देश था। वह कई स्वतंत्र नगर-राज्य थे।
- छिन, हान और तांग की तिथियाँ गड़बड़ाना। क्रम याद रखो: छिन (221 ई.पू.), हान (206 ई.पू.), तांग (618 ई.)।
- यह कहना कि बौद्ध धर्म सिर्फ़ भारत में रहा। वह पूरे एशिया में फैला, और बाद में भारत में कम रह गया।
- इलाकों को अलग-अलग डिब्बे मानना। व्यापार के रास्तों और घूमते विचारों ने उन्हें जोड़ा।