संस्कृति क्या है और इतनी सारी क्यों हैं?
संस्कृति वह जीवन-शैली है जो एक समूह साझा करता है। इसका एक हिस्सा दिखता है (खाना, कपड़े, संगीत, त्योहार) और एक हिस्सा छिपा रहता है (विश्वास और मूल्य)।
संस्कृतियाँ इसलिए अलग हैं कि जगहें अलग हैं। नदी के पास लोग धान या गेहूँ उगाते हैं। सूखे मैदान में लोग पशु पालते हैं। बहुत पहले हर समूह ने अपनी समस्याओं का अपना हल निकाला, और वही उसकी संस्कृति बन गया।
संस्कृतियाँ स्थिर नहीं हैं। व्यापार, यात्रा, विवाह और सीखने से वे बदलती हैं। इसलिए हम तीन बातें देखते हैं: उन्होंने क्या बनाया, क्या माना और किससे मिलीं।
पश्चिम एशियाई और अफ़्रीकी संस्कृतियाँ
पश्चिम एशिया (मेसोपोटामिया, फ़ारस, अरब) और अफ़्रीका (मिस्र, नूबिया, पश्चिम अफ़्रीका, स्वाहिली तट) में कुछ सबसे पुराने शहर बने।
- लेखन और रिकॉर्ड: मेसोपोटामिया वालों ने मिट्टी पर निशान दबाए; मिस्र वालों ने पपाइरस पर लिखा। लेखन से शासक कानून और व्यापारी हिसाब रख सके।
- बड़ी इमारतें: सीढ़ीदार मीनारें (ज़िगुरात) और पिरामिड दिखाते हैं कि राजा बहुत से मज़दूर जुटा सकते थे।
- कानून और विज्ञान: शुरुआती कानून-संहिताएँ, सात दिन का सप्ताह, बारह महीने का कैलेंडर और ज़मीन नापने का गणित।
- व्यापार और आस्था: फ़ारसी, अरब और अफ़्रीकी व्यापारियों ने सामान और विचार फैलाए। लगभग 650 ईस्वी से इस्लामी दुनिया चिकित्सा, गणित और खगोल का बड़ा केंद्र बनी।
- पश्चिम और पूर्वी अफ़्रीका: माली, अक्सुम और स्वाहिली नगर-राज्यों ने स्थानीय, अरबी और भारतीय विचार मिलाए।
यूरोपीय संस्कृतियाँ
यूरोप की शुरुआती संस्कृति यूनान और रोम में बढ़ी।
- यूनान: एथेंस जैसे नगर-राज्यों में कई पुरुष नागरिक बहस और मतदान के लिए मिलते थे। यूनानियों ने हर बात पर "क्यों?" पूछा और दर्शन, नाटक और शुरुआती विज्ञान दिया।
- रोम: रोमनों ने सड़कें, जलसेतु और मेहराबें बनाईं और ऐसे कानून लिखे जिन्हें बाद में कई देशों ने पढ़ा।
- मध्य युग: ईसाई धर्म ने कला और शिक्षा को ढाला। विश्वविद्यालय शुरू हुए। इस्लामी दुनिया से संपर्क ने पुरानी यूनानी किताबें और नया गणित वापस पहुँचाया।
- पुनर्जागरण (लगभग 1350-1600): कलाकारों और विचारकों ने दुनिया को नई आँख से देखा। छपाई ने उनके विचार तेज़ी से फैलाए।
ध्यान दो कि बहुत कुछ बाहर से आया। यूरोप के "अरबी अंक" भारत से आए और उसका काग़ज़ चीन से।
दक्षिण एशियाई, पूर्वी एशियाई और अमेरिकी संस्कृतियाँ
दक्षिण एशिया
सिंधु के शहरों में नालियाँ और योजनाबद्ध सड़कें थीं। आगे चलकर वैदिक ग्रंथ, बौद्ध और जैन धर्म, महाकाव्य, शून्य और स्थानमान और आयुर्वेद आए। बौद्ध धर्म व्यापार मार्गों से बाहर फैला।
पूर्वी एशिया
चीन ने काग़ज़, छपाई, रेशम, बारूद और कम्पास दिए। कन्फ़्यूशियस के विचारों ने परिवार, गुरु और ईमानदार शासक के सम्मान पर ज़ोर दिया। कोरिया और जापान ने चीनी लिपि, बौद्ध धर्म और चाय ली और अपने रूप बनाए।
अमेरिका महाद्वीप
माया लोगों ने सटीक कैलेंडर और शून्य वाली गिनती बनाई। एज़्टेक ने झील पर टेनोचटिटलान शहर बसाया। इंका ने बिना पहिए और लोहे के लगभग 40,000 किमी पहाड़ी सड़कें बनाईं। उनकी फ़सलें (मक्का, आलू, टमाटर, कोको) आज दुनिया का पेट भरती हैं।
संस्कृतियाँ कैसे मिलीं और घुलीं
कोई संस्कृति अकेली नहीं बढ़ी।
- व्यापार: रेशम मार्ग और हिंद महासागर के रास्तों ने रेशम, मसाले, काग़ज़ और विचार पहुँचाए।
- धर्म: बौद्ध धर्म भारत से मध्य और पूर्वी एशिया तक फैला। इस्लाम और ईसाई धर्म कई महाद्वीपों में फैले।
- युद्ध और साम्राज्य: सेनाएँ भाषा और कानून ले गईं, और कुछ संस्कृतियाँ ख़त्म भी कीं।
- सीखना: विद्वानों ने यूनानी, संस्कृत, अरबी, फ़ारसी और चीनी में किताबों के अनुवाद किए।
1492 के बाद अमेरिका भी इस जाल में जुड़ गया। फ़सलें समुद्र पार पहुँचीं, पर बीमारी और विजय ने कई अमेरिकी संस्कृतियाँ नष्ट भी कीं। इसलिए हम जो बाँटा गया और जो खो गया, दोनों याद रखते हैं।
करके देखो: अपना संस्कृति नक्शा
घर पर अपने दिन की पाँच चीज़ें लिखो (एक खाना, एक अंक, एक औज़ार, एक खेल, एक शब्द)। हर एक के लिए अंदाज़ा लगाओ कि वह पहले किस क्षेत्र से आया, फिर किताब में जाँचो। 3D की पाँच पट्टियों पर हर चीज़ को रंगो। तुम पाओगे कि तुम्हारा दिन पाँचों क्षेत्रों से बना है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: संस्कृति = किसी समूह की साझा जीवन-शैली
- सभ्यता = शहरों, लेखन और संगठित शासकों वाली संस्कृति
- ज़िगुरात = मेसोपोटामिया की सीढ़ीदार मंदिर-मीनार
- सांस्कृतिक प्रसार = विचारों और चीज़ों का एक संस्कृति से दूसरी में फैलना
- विरासत = जो हमें अतीत से मिला और जिसे हम बचाना चाहते हैं
- पुनर्जागरण = यूरोप में विद्या का नया जन्म, लगभग 1350 से 1600
हल किए गए उदाहरण
1. हर क्षेत्र की एक देन बताओ: पश्चिम एशिया-अफ़्रीका, यूरोप, दक्षिण एशिया, पूर्वी एशिया, अमेरिका।
पश्चिम एशिया-अफ़्रीका: लेखन (मिट्टी की पट्टिका, पपाइरस)। यूरोप: यूनान की सार्वजनिक बहस और दर्शन। दक्षिण एशिया: शून्य और स्थानमान। पूर्वी एशिया: काग़ज़ और छपाई। अमेरिका: मक्का और आलू।
2. काग़ज़ चीन से यूरोप कैसे पहुँचा?
चीनी काग़ज़-निर्माण रेशम मार्गों से पश्चिम गया। 751 ईस्वी में वह इस्लामी दुनिया (समरकंद) पहुँचा। अरब काग़ज़-कारख़ानों ने उसे 12वीं सदी तक स्पेन और इटली पहुँचाया। सस्ते काग़ज़ ने बाद में छपाई और पुनर्जागरण को संभव बनाया।
3. हम 'अरबी अंकों' को कई संस्कृतियों की देन क्यों कहते हैं?
भारतीय गणितज्ञों ने स्थानमान और शून्य खोजा। अल-ख़्वारिज़्मी जैसे अरब विद्वानों ने उन पर अरबी में लिखा। यूरोपियों ने अरबी किताबों से उन्हें सीखा। तो अंक भारत, इस्लामी दुनिया और यूरोप से गुज़रे।
4. इंका के पास पहिए और लोहा नहीं था। फिर भी उन्होंने विशाल साम्राज्य कैसे चलाया?
उन्होंने लगभग 40,000 किमी पत्थर की सड़कें और रस्सी के पुल बनाए, और संदेश व रिकॉर्ड के लिए धावकों और गाँठ वाली डोरियों (क्विपु) का इस्तेमाल किया। अच्छे संगठन ने पहियों की जगह ले ली।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि एक ही क्षेत्र ने सब कुछ खोजा। ज़्यादातर विचार कई संस्कृतियों ने बाँटे और सुधारे।
- संस्कृति को कभी न बदलने वाली मानना। संस्कृतियाँ मिलती और बदलती रहती हैं।
- अफ़्रीका या अमेरिका की संस्कृतियों को 'सरल' कहना। उनके शहर, कानून, कैलेंडर और दूर-दूर का व्यापार था।
- संस्कृति और देश को एक समझना। एक संस्कृति कई देशों में हो सकती है, और एक देश में कई संस्कृतियाँ।