प्रवास क्या है और लोग क्यों जाते हैं?
प्रवास यानी लंबे समय के लिए दूसरी जगह रहने जाना। जिस जगह को छोड़ा वह मूल स्थान है। जहाँ पहुँचे वह गंतव्य है।
- धक्का कारक लोगों को दूर करते हैं: सूखा, भूख, युद्ध, ग़रीबी, काम की कमी, अन्यायपूर्ण कानून।
- खिंचाव कारक लोगों को बुलाते हैं: उपजाऊ ज़मीन, काम, स्कूल, सुरक्षा, पहले से वहाँ परिवार।
प्रवास स्वैच्छिक (अपनी मर्ज़ी का) या ज़बरदस्ती का (ग़ुलामी, निर्वासन, युद्ध से भागना) हो सकता है। कुछ आंतरिक होते हैं (देश के भीतर, जैसे गाँव से शहर) और कुछ अंतरराष्ट्रीय।
प्राचीन प्रवास
आधुनिक मानव अफ़्रीका में शुरू हुए और दसियों हज़ार साल में सभी महाद्वीपों तक फैले। बाद में खेती कुछ मूल क्षेत्रों से बाहर फैली और चरवाहे घास के मैदान पार करते गए।
- कारण: जलवायु बदलाव, बढ़ती आबादी और बेहतर ज़मीन की खोज।
- कैसे: पैदल, तटों और नदियों पर नाव से, और बाद में घोड़ों, ऊँटों और गाड़ियों से।
- क्या गया: बीज, पशु, औज़ार, भाषाएँ और विश्वास। इंडो-यूरोपीय और बांटू जैसे भाषा-परिवार पुराने प्रवास दिखाते हैं।
- उदाहरण: अफ़्रीका में बांटू बोलने वाले किसानों का फैलना; ऑस्ट्रोनेशियाई नाविकों का प्रशांत और हिंद महासागर के द्वीपों में बसना; कई सदियों में भारतीय उपमहाद्वीप में आते समूह।
सबूत हड्डियों, औज़ारों, मिट्टी के बर्तनों, भाषाओं और आज डीएनए से मिलते हैं।
औपनिवेशिक प्रवास
लगभग 1500 से यूरोपीय शक्तियों ने अमेरिका, अफ़्रीका और एशिया में उपनिवेश बनाए। इससे लोगों की विशाल आवाजाही हुई।
- बसने वाले: यूरोपीय अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिणी अफ़्रीका गए और अकसर स्थानीय लोगों की ज़मीन ले ली।
- ग़ुलाम बनाए गए अफ़्रीकी: लगभग 1.2 करोड़ लोगों को ज़बरदस्ती अटलांटिक पार ले जाया गया। उनके संगीत, खाने और आस्था ने कैरिबियन और अमेरिका को ढाला।
- गिरमिटिया मज़दूर: ग़ुलामी ख़त्म होने (1830 के दशक) के बाद भारत और चीन के मज़दूरों ने अनुबंध पर मॉरीशस, फ़िजी, त्रिनिदाद, गयाना और दक्षिण अफ़्रीका के बाग़ानों में काम किया। कई वहीं रह गए और उनके वंशज आज बड़े समुदाय हैं।
- प्रभाव: नए मिले-जुले समाज बने, पर स्थानीय लोगों ने ज़मीन और संस्कृति भी खोई।
आधुनिक प्रवास
1900 के बाद, और ख़ासकर 1950 के बाद, आवाजाही तेज़ और ज़्यादा हो गई।
- कारण: विदेश में काम और पढ़ाई, परिवार का परिवार से जुड़ना, युद्ध और आपदाएँ (शरणार्थी), जलवायु का दबाव।
- पैटर्न: दक्षिण एशिया से खाड़ी देशों में कामगार; यूरोप, उत्तर अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया में छात्र; गाँव से शहर।
- रेमिटेंस: घर भेजा पैसा। भारत को किसी भी देश से ज़्यादा रेमिटेंस मिलता है (सालाना 100 अरब अमेरिकी डॉलर से ज़्यादा)।
- चुनौतियाँ: भाषा की बाधा, भेदभाव, अपने देश से प्रतिभा का जाना (ब्रेन ड्रेन), और सीमा व वीज़ा के नियम।
सांस्कृतिक पहचान: नए आने वाले और जगहें कैसे बदलती हैं
सांस्कृतिक पहचान किसी संस्कृति से जुड़े होने का एहसास है: आपकी भाषा, खाना, आस्था और रिवाज़।
संस्कृतियाँ मिलती हैं तो कई बातें हो सकती हैं:
- घुलना: नया खाना, संगीत या भाषा बनती है (क्रियोल भाषाएँ, जैज़, इंडो-कैरिबियन खाना)।
- पुरानी बातें बचाना: समुदाय त्योहार और भाषा जीवित रखते हैं (फ़िजी या लंदन में दीवाली)।
- आत्मसात होना: नए आने वाले धीरे-धीरे नई जगह की मुख्य संस्कृति अपना लेते हैं।
- कई पहचानें: बहुत से लोग एक साथ दो या ज़्यादा संस्कृतियों से जुड़ा महसूस करते हैं, जैसे "भारतीय और ब्रिटिश" या "चीनी और मलेशियाई"।
डायस्पोरा (प्रवासी समुदाय) उन लोगों का समुदाय है जो मातृभूमि से दूर रहते हैं पर उससे जुड़े रहते हैं।
करके देखो: अपने परिवार का प्रवास नक्शा
किसी बड़े से पूछो: दो-तीन पीढ़ी पहले हमारा परिवार कहाँ रहता था? हम क्यों गए (धक्का या खिंचाव)? हम क्या साथ लाए (खाना, शब्द, त्योहार)? नई जगह में क्या अपनाया? इसे 3D की तरह बिंदुओं और तीरों से बनाओ। किसी सहपाठी की कहानी से तुलना करो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- मुख्य शब्द: प्रवास = लंबे समय के लिए नई जगह रहने जाना
- धक्का कारक = घर की समस्या जो लोगों को निकालती है
- खिंचाव कारक = दूसरी जगह का आकर्षण जो लोगों को बुलाता है
- डायस्पोरा = मातृभूमि से दूर रहता पर उससे जुड़ा समुदाय
- गिरमिटिया (अनुबंधित) मज़दूरी = वर्षों के अनुबंध में बँधा काम
- रेमिटेंस = प्रवासियों का घर भेजा पैसा
हल किए गए उदाहरण
1. एक गाँव में सूखा है (धक्का)। शहर में फ़ैक्टरी का काम है (खिंचाव)। एक किसान जाता है। यह स्वैच्छिक है या ज़बरदस्ती का? आंतरिक है या अंतरराष्ट्रीय?
यह स्वैच्छिक है (मुश्किल से धकेला गया पर चुनाव है) और आंतरिक है (उसी देश के भीतर)।
2. मॉरीशस, फ़िजी और त्रिनिदाद के बहुत से लोगों के पूर्वज भारतीय क्यों हैं?
ब्रिटिश साम्राज्य में ग़ुलामी ख़त्म होने के बाद बाग़ान मालिकों को मज़दूर चाहिए थे। 1830 के दशक से लगभग 15 लाख भारतीयों ने अनुबंध (गिरमिट) पर हस्ताक्षर किए और इन उपनिवेशों में भेजे गए। कई रुक गए और उनके परिवारों ने खाना, त्योहार और भाषाएँ बचाए रखीं।
3. एक प्रवासी विदेश में 40,000 रुपये महीना कमाता है और 25 प्रतिशत घर भेजता है। साल में कितना भेजा?
40,000 का 25 प्रतिशत = 10,000 महीना। 10,000 x 12 = 1,20,000 रुपये साल।
4. अटलांटिक ग़ुलाम व्यापार ने अमेरिका की संस्कृति को दो तरह से कैसे ढाला?
अफ़्रीकी संगीत से ब्लूज़, जैज़, सांबा और रेगे बने, और अफ़्रीकी खाने व खेती के हुनर ने कैरिबियन और अमेरिकी खाने व खेती को ढाला। अफ़्रीकी आस्थाएँ और भाषाएँ दूसरों से मिलकर नई बनीं।
आम गलतियाँ
- सारा प्रवास स्वैच्छिक मान लेना। ग़ुलामी और युद्ध ने लाखों को जाने पर मजबूर किया।
- धक्का और खिंचाव कारकों को उलझाना। धक्का मूल स्थान पर है, खिंचाव गंतव्य पर।
- सांस्कृतिक पहचान को सिर्फ़ एक बात कहना। लोग कई पहचानें साथ रख सकते हैं।
- प्रवासियों को सिर्फ़ बोझ समझना। वे हुनर, विचार और पैसा भी लाते हैं और जगहों को कई अच्छे तरीकों से बदलते हैं।