China 高三 History
अध्याय: 4
1. Sel.3 Cultural exchange and transmission
Chinese culture and its world significance · Diverse world cultures · Migration and cultural identity · Trade routes and exchange · War and cultural encounters · Heritage and its protection
- विश्व की विविध संस्कृतियाँ: हर क्षेत्र ने दुनिया को क्या दिया – संस्कृति किसी समूह के साझा जीवन का तरीका है: उसका खाना, भाषा, कला, विश्वास और विचार। 1500 से पहले कई क्षेत्रों में समृद्ध संस्कृतियाँ बढ़ीं। पश्चिम एशिया और अफ़्रीका ने शुरुआती शहर, लेखन और कानून दिए। यूरोप ने सार्वजनिक बहस, नाटक, दर्शन और बाद में पुनर्जागरण का विज्ञान दिया। दक्षिण एशिया ने शून्य, दशमलव प्रणाली, योग और बौद्ध धर्म दिया। पूर्वी एशिया ने काग़ज़, छपाई, रेशम और कम्पास दिया। अमेरिका ने मक्का, आलू, टमाटर और सटीक कैलेंडर दिए। कोई भी संस्कृति अकेली नहीं बढ़ी। व्यापार, यात्रा और युद्ध ने विचार इधर से उधर पहुँचाए, इसलिए आज हर संस्कृति एक मेल है।
- प्रवास और सांस्कृतिक पहचान: चलते लोग नई संस्कृतियाँ कैसे बनाते हैं – प्रवास यानी लोगों का नई जगह रहने के लिए जाना। लोग धक्का कारकों (भूख, युद्ध, काम की कमी) और खिंचाव कारकों (ज़मीन, काम, सुरक्षा) की वजह से जाते हैं। प्राचीन प्रवास ने हज़ारों साल में किसानों, चरवाहों और भाषाओं को फैलाया। लगभग 1500 से औपनिवेशिक प्रवास में बसने वालों, ग़ुलाम बनाए गए लोगों और गिरमिटिया मज़दूरों को अकसर ज़बरदस्ती समुद्र पार ले जाया गया, जिसने कई देश बदल दिए। आधुनिक प्रवास तेज़ है और दोनों दिशाओं में होता है: पढ़ाई, काम और परिवार के लिए, और घर पैसा (रेमिटेंस) भी भेजा जाता है। जहाँ नए आने वाले और स्थानीय लोग मिलते हैं, वहाँ खाना, भाषा, संगीत और त्योहार मिलते हैं और लोग परतदार पहचान बनाते हैं। सांस्कृतिक पहचान यह एहसास है कि हम कौन हैं और किन समूहों के हैं; इसमें एक से ज़्यादा संस्कृतियाँ हो सकती हैं।
- दुनिया के व्यापार नेटवर्क, लगभग 1200–1450 – लगभग 1200 से 1450 के बीच तीन बड़े नेटवर्क अफ़्रीका, एशिया और यूरोप को जोड़ते थे: ज़मीन पर रेशम मार्ग, समुद्र में हिंद महासागर के रास्ते, और रेगिस्तान में सहारा पार के ऊँट-मार्ग। व्यापार इसलिए बढ़ा क्योंकि अलग-अलग क्षेत्रों के पास अलग चीज़ें थीं, नई तकनीक ने सफ़र सुरक्षित और सस्ता किया, और ताक़तवर राज्यों (चीन के सोंग और मिंग, मंगोल साम्राज्य, माली, स्वाहिली शहर-राज्य और मुस्लिम सल्तनतें) ने व्यापारियों की रक्षा की। इन रास्तों पर रेशम, मसाले, सोना और नमक ही नहीं, धर्म, तकनीक, फ़सलें और बीमारी भी चलीं। साथ ही पूर्वी एशिया, इस्लामी दुनिया, दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया, अफ़्रीका, यूरोप और अमेरिका में राज्य अपने-अपने ढंग से बढ़े।
- युद्ध और सांस्कृतिक मुठभेड़ – युद्ध और विजय अलग-अलग लोगों को आमने-सामने ला देते हैं। संपर्क के बाद तकनीक, कला, खान-पान, शब्द और विचार दोनों तरफ़ चलते हैं। नतीजा मिश्रण, एक संस्कृति का हावी होना, या दोनों का साथ-साथ रहना हो सकता है। युद्ध धरोहर को नष्ट भी कर सकता है। यह बात प्राचीन, आधुनिक और आज के संघर्षों, सब में दिखती है।
- सांस्कृतिक विरासत – सांस्कृतिक विरासत वह सब है जो किसी समुदाय को अतीत से मिला, जिसे वह आज महत्व देता है और आगे सौंपना चाहता है: इमारतें और स्मारक, संग्रहालय की चीज़ें, भाषाएँ, संगीत, नृत्य, त्योहार, हुनर, खाना और ज्ञान। मूर्त विरासत छू सकते हैं (अचल जैसे मंदिर और पुल, चल जैसे सिक्के और पांडुलिपियाँ); अमूर्त विरासत जी और निभाई जाती है; प्राकृतिक विरासत में ख़ास भू-दृश्य और जीव हैं। विरासत पहचान देती है, इतिहास सिखाती है, पर्यटन से कमाई लाती है और संस्कृतियों को जोड़ती है। मौसम, प्रदूषण, भीड़, लापरवाह निर्माण, उपेक्षा और संघर्ष इसे ख़तरे में डालते हैं; संरक्षण, कानून, संग्रहालय, विरासत सूचियाँ, शिक्षा और स्थानीय लोग इसे बचाते हैं।
2. Elective 1: Introduction to historiography
History and historiography; historical materialism; traditions; calendars; methods; interpretation; research paper
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
3. Elective 2: Reading sources
Documentary, material, oral, visual and audiovisual sources; digital resources
- ऐतिहासिक चिंतन: इतिहासकार कैसे काम करते हैं – इतिहास साक्ष्य के सहारे अतीत का अध्ययन है। घटनाओं को समय-रेखा पर क्रम से रखिए और उनके संदर्भ में पढ़िए। प्राथमिक स्रोत (उसी समय बने) और द्वितीयक स्रोत (बाद में बने) दोनों का उपयोग कीजिए। हर स्रोत को परखिए: किसने, कब, क्यों बनाया और क्या छूट गया। घटनाओं के कई कारण होते हैं: धीमे दीर्घकालिक कारण और एक तात्कालिक कारण। परिवर्तन और निरंतरता दोनों देखिए, महत्व तय कीजिए और साक्ष्य के साथ तर्क दीजिए।
4. 高考 review
Comprehensive review
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