समावयवता क्या है?
समावयवी वे यौगिक हैं जिनका रासायनिक सूत्र एक है पर परमाणुओं की व्यवस्था अलग है। व्यवस्था अलग होने से उनके गुण (रंग, विलेयता, अभिक्रिया, प्रकाश पर असर) अलग हो सकते हैं।
उपसहसंयोजन यौगिकों में दो बड़े परिवार हैं:
- संरचनात्मक समावयवता: बंध अलग (कौन-सा परमाणु किससे जुड़ा है)।
- त्रिविम समावयवता: बंध वही, बस अंतरिक्ष में जगह अलग।
संरचनात्मक समावयवता
1. आयनन समावयवता
कोष्ठक के अंदर का एक आयन बाहर वाले काउंटर आयन से जगह बदल लेता है। [Co(NH₃)₅(SO₄)]Br और [Co(NH₃)₅Br]SO₄ पानी में अलग आयन देते हैं (Br⁻ और SO₄²⁻), इसलिए परीक्षण भी अलग।
2. बंधनी समावयवता
सिर्फ़ उभयदंती लिगैंड में। NO₂⁻, N से (नाइट्राइटो-N) या O से (नाइट्राइटो-O) जुड़ सकता है; SCN⁻, S से या N से। उदाहरण: [Co(NH₃)₅(NO₂)]Cl₂ (पीला) और [Co(NH₃)₅(ONO)]Cl₂ (लाल)।
3. उपसहसंयोजन समावयवता
जब धनायन और ऋणायन दोनों संकुल हों, तो लिगैंड दोनों धातुओं के बीच अदला-बदली करते हैं। [Co(NH₃)₆][Cr(CN)₆] और [Cr(NH₃)₆][Co(CN)₆]।
4. विलायकयोजन (हाइड्रेट) समावयवता
आयनन जैसी, पर विलायक के साथ। विलायक पानी हो तो हाइड्रेट समावयवता। [Cr(H₂O)₆]Cl₃ बैंगनी है; [Cr(H₂O)₅Cl]Cl₂·H₂O धूसर-हरा। एक पानी अंदर से बाहर गया और एक Cl बाहर से अंदर आया।
ज्यामितीय समावयवता
तब होती है जब लिगैंड पास-पास (सिस, 90°) या आमने-सामने (ट्रांस, 180°) हो सकें।
- वर्ग समतली MA₂B₂ जैसे [Pt(NH₃)₂Cl₂]: सिस और ट्रांस। MABXL प्रकार में 3 समावयवी तक।
- अष्टफलकीय MA₄B₂ जैसे [Co(NH₃)₄Cl₂]⁺: सिस और ट्रांस। [M(AA)₂B₂] जैसे [Co(en)₂Cl₂]⁺: सिस और ट्रांस।
- अष्टफलकीय MA₃B₃ जैसे [Co(NH₃)₃(NO₂)₃]: fac (फलकीय — तीनों B एक फलक पर) और mer (याम्योत्तरी — तीनों B एक मेरिडियन पर)।
- चतुष्फलकीय संकुल में ज्यामितीय समावयवता नहीं होती, क्योंकि हर कोना बाकी सब कोनों का पड़ोसी है।
ध्रुवण (प्रकाशिक) समावयवता
दो समावयवी जो एक-दूसरे के दर्पण प्रतिबिंब हों पर एक-दूसरे पर ठीक से न बैठें, प्रतिबिंबरूपी (enantiomers) कहलाते हैं। ऐसा अणु किरेल कहलाता है। एक समतल ध्रुवित प्रकाश को दाईं ओर (दक्षिण ध्रुवण घूर्णक, d) घुमाता है, दूसरा उतना ही बाईं ओर (वाम ध्रुवण घूर्णक, l)।
- द्विदंतुर लिगैंड वाले अष्टफलकीय संकुलों में आम: [Co(en)₃]³⁺, [PtCl₂(en)₂]²⁺।
- सिस-[Co(en)₂Cl₂]⁺ ध्रुवण घूर्णक है। ट्रांस-[Co(en)₂Cl₂]⁺ नहीं, क्योंकि उसमें सममिति तल है।
- इसलिए [Co(en)₂Cl₂]⁺ के कुल 3 त्रिविम समावयवी: ट्रांस, d-सिस और l-सिस।
परीक्षण: अगर कोई दर्पण तल अणु को दो मिलते-जुलते आधों में काटे, तो वह किरेल नहीं है।
करके देखो: हाथ और दस्ताने का परीक्षण
अपना बायाँ हाथ आईने के सामने रखो। प्रतिबिंब दाएँ हाथ जैसा दिखता है। अब दायाँ हाथ बाएँ हाथ पर रखो, दोनों हथेलियाँ नीचे। अंगूठे उलटी तरफ़ रहते हैं — कभी मेल नहीं खाते। 3D के आखिरी चरण में स्लाइडर को पूरा घुमाकर देखो: दर्पण वाला [Co(en)₃]³⁺ कभी मूल जैसा नहीं बनता। फिर एक चौकोर कागज़ पर 4 सिक्के (2 एक तरह के) रखकर सिस और ट्रांस बनाओ: कितने अलग पैटर्न बनते हैं? सिर्फ़ 2।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- संरचनात्मक प्रकार: आयनन · बंधनी · उपसहसंयोजन · विलायकयोजन (हाइड्रेट)
- त्रिविम प्रकार: ज्यामितीय (सिस/ट्रांस, fac/mer) · ध्रुवण (d/l)
- वर्ग समतली MA₂B₂ → 2 ज्यामितीय समावयवी; चतुष्फलकीय → कोई नहीं
- अष्टफलकीय MA₄B₂ → सिस + ट्रांस; MA₃B₃ → fac + mer
- [M(AA)₂B₂]: ट्रांस (अघूर्णक) + सिस जोड़ा (d, l) = 3 त्रिविम समावयवी; [M(AA)₃] → d और l
हल किए गए उदाहरण
1. [Co(NH₃)₅(SO₄)]Br और [Co(NH₃)₅Br]SO₄ में कौन-सी समावयवता है? इन्हें कैसे पहचानोगे?
चरण 1: परमाणु वही; Br और SO₄ अंदर/बाहर बदलते हैं। चरण 2: यह आयनन समावयवता है। चरण 3: AgNO₃ डालो: पहला हल्का पीला AgBr देता है, दूसरा नहीं। BaCl₂ डालो: सिर्फ़ दूसरा सफ़ेद BaSO₄ देता है। उत्तर: आयनन समावयवी; AgNO₃ / BaCl₂ परीक्षण से पहचान।
2. क्या वर्ग समतली [Pt(NH₃)₂Cl₂] ज्यामितीय समावयवता दिखाता है? और चतुष्फलकीय MA₂B₂ जैसे [Zn(NH₃)₂Cl₂]?
चरण 1: वर्ग में पास (90°) और सामने (180°) की जगहें हैं, तो दो Cl सिस या ट्रांस हो सकते हैं। चरण 2: चतुष्फलक में चारों जगहें पड़ोसी हैं, दो Cl हमेशा 109.5° पर — एक ही व्यवस्था। उत्तर: वर्ग समतली हाँ (2), चतुष्फलकीय नहीं।
3. [Co(NH₃)₃Cl₃] के कितने ज्यामितीय समावयवी हैं? नाम बताओ।
चरण 1: यह MA₃B₃ अष्टफलकीय है। चरण 2: तीनों Cl एक फलक पर (सब 90° पर) या एक मेरिडियन पर (दो आमने-सामने) हो सकते हैं। उत्तर: 2 — fac और mer।
4. क्या ट्रांस-[Co(en)₂Cl₂]⁺ ध्रुवण घूर्णक है?
चरण 1: ट्रांस में दोनों Cl आमने-सामने हैं, दोनों en छल्लों के तल के ऊपर और नीचे। चरण 2: Co और दोनों en छल्लों वाला तल दर्पण तल है। चरण 3: दर्पण तल वाला अणु किरेल नहीं। उत्तर: नहीं, ट्रांस अघूर्णक है; सिर्फ़ सिस घूर्णक है।
5. [Co(en)₂Cl₂]⁺ के कुल कितने त्रिविम समावयवी हैं?
चरण 1: ज्यामितीय: सिस और ट्रांस। चरण 2: ट्रांस में दर्पण तल → 1 रूप। चरण 3: सिस किरेल → d और l (2)। उत्तर: 1 + 2 = 3।
6. [Co(NH₃)₅(NO₂)](NO₃)₂ में कौन-कौन सी समावयवता संभव है?
चरण 1: अंदर का NO₂⁻ उभयदंती → बंधनी समावयवी (नाइट्राइटो-N / O)। चरण 2: अंदर NO₂⁻ और बाहर NO₃⁻ अदला-बदली कर सकते हैं → आयनन समावयवी। चरण 3: अष्टफलकीय MA₅B का एक ही ज्यामितीय रूप। उत्तर: बंधनी और आयनन।
7. वर्ग समतली [Pt(NH₃)(Br)(Cl)(py)] के कितने ज्यामितीय समावयवी हैं?
चरण 1: चारों लिगैंड अलग: MABCD। चरण 2: A को स्थिर रखो। उसके सामने B, C या D आ सकता है। चरण 3: हर विकल्प अलग व्यवस्था देता है। उत्तर: 3।
आम गलतियाँ
- कहना कि चतुष्फलकीय MA₂B₂ में सिस-ट्रांस होता है। नहीं होता: चतुष्फलक का हर कोना बाकी सबका पड़ोसी है।
- ट्रांस-[Co(en)₂Cl₂]⁺ को ध्रुवण घूर्णक मानना। उसमें दर्पण तल है; सिर्फ़ सिस रूप किरेल है।
- बंधनी और उपसहसंयोजन समावयवता को मिलाना। बंधनी = एक उभयदंती लिगैंड अपना दाता परमाणु बदलता है। उपसहसंयोजन = लिगैंड दो धातुओं के बीच बदलते हैं।
- अंतरिक्ष में घुमाए गए अणु को नया समावयवी गिनना। घुमाने पर मेल खा जाए तो वह वही यौगिक है।