हाइड्रोजन आबंध क्या है?
जब H किसी बहुत विद्युतऋणी परमाणु (F, O, N) से जुड़ा होता है, तो साझा युग्म उस परमाणु की ओर खिसक जाता है। H पर आंशिक धन आवेश (δ+) रह जाता है। यह छोटा, खुला δ+ H दूसरे अणु (या उसी अणु के दूसरे भाग) के विद्युतऋणी परमाणु के एकाकी युग्म की ओर खिंचता है। यही हाइड्रोजन आबंध है।
इसे बिंदुओं से लिखते हैं: X–H···Y (X, Y = F, O, N)।
शर्तें
- H किसी छोटे और बहुत विद्युतऋणी परमाणु (F, O, N) से जुड़ा हो।
- दूसरे परमाणु पर एकाकी युग्म हो।
- Cl विद्युतऋणी है पर बड़ा है, इसलिए उसके H-आबंध बहुत कमज़ोर हैं।
शक्ति
हाइड्रोजन आबंध (≈ 10–40 kJ mol⁻¹) सहसंयोजी आबंध (≈ 400 kJ mol⁻¹) से बहुत कमज़ोर, पर सामान्य वांडरवाल्स बलों से मज़बूत है। क्रम: F–H···F > O–H···O > N–H···N।
अंतरअणुक हाइड्रोजन आबंधन
H-आबंध दो अलग अणुओं के बीच बनता है, चाहे वे एक जैसे हों या अलग।
- HF: टेढ़ी-मेढ़ी शृंखलाएँ (H–F···H–F···H–F)। इसलिए HF कमरे के ताप पर द्रव (क्वथनांक 19.5 °C) है, जबकि HCl गैस (−85 °C)।
- पानी: हर अणु 4 तक H-आबंध। पानी 100 °C पर, H₂S −60 °C पर उबलता है।
- ऐल्कोहॉल + पानी: एथेनॉल पानी से H-आबंध बनाकर घुल जाता है।
- अमोनिया: NH₃ (−33 °C) का क्वथनांक PH₃ (−88 °C) से ऊँचा।
असर: गलनांक और क्वथनांक ऊँचे, पानी में घुलनशीलता ज़्यादा, श्यानता ज़्यादा (ग्लिसरॉल), और अणु जोड़े बनाते हैं (ऐसीटिक अम्ल द्वितय)।
अंतराअणुक हाइड्रोजन आबंधन
H-आबंध एक ही अणु के दो समूहों के बीच बनता है। इसके लिए समूह इतने पास हों कि एक वलय (आमतौर पर H सहित 5 या 6 परमाणु) बन सके।
o-नाइट्रोफ़ीनॉल: –OH और –NO₂ वलय पर पास-पास हैं। –OH का H उसी अणु के –NO₂ के O से जुड़ जाता है। H "व्यस्त" हो जाता है, इसलिए अणु आपस में कम जुड़ते हैं।
p-नाइट्रोफ़ीनॉल: समूह उलटे सिरों पर हैं, एक-दूसरे तक नहीं पहुँचते, इसलिए H-आबंध अणुओं के बीच बनते हैं।
नतीजा: o-नाइट्रोफ़ीनॉल का क्वथनांक कम, वह भाप-वाष्पशील और पानी में कम घुलनशील है; p-नाइट्रोफ़ीनॉल का क्वथनांक ज़्यादा। सैलिसिलैल्डिहाइड में भी अंतराअणुक H-आबंध है।
हाइड्रोजन आबंध क्यों ज़रूरी हैं
- बर्फ़ तैरती है: बर्फ़ के खुले, H-आबंधित पिंजरे में खाली जगह ज़्यादा है, इसलिए बर्फ़ द्रव पानी से कम घनी है।
- जीवन: H-आबंध DNA की दोनों लड़ियों को जोड़ते और प्रोटीन को उनका आकार देते हैं।
- पसीना ठंडक देता है: पानी के वाष्पित होते समय H-आबंध तोड़ने में त्वचा से बहुत ऊष्मा जाती है।
- KHF₂ बनता है (HF₂⁻ आयन, F–H···F⁻), पर KHCl₂ नहीं।
करके देखो: पानी बनाम स्पिरिट की बूँद
स्टील की प्लेट पर एक बूँद पानी और एक बूँद स्पिरिट (या सैनिटाइज़र) रखो। पहले अनुमान लगाओ: कौन-सी बूँद ज़्यादा गोल रहेगी और कौन पहले सूखेगी? पानी में ज़्यादा H-आबंध हैं, इसलिए उसकी बूँद गोल (ज़्यादा पृष्ठ तनाव) रहती है और देर से सूखती है। फिर खेल वाले कदम में पानी के H-आबंध गिनो और CH₄ से मिलाओ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- हाइड्रोजन आबंध: X–H···Y, X, Y = F, O या N (Y पर एकाकी युग्म)
- शक्ति: F–H···F > O–H···O > N–H···N
- सहसंयोजी ≈ 400 kJ mol⁻¹ ≫ H-आबंध ≈ 10–40 kJ mol⁻¹ > वांडरवाल्स
- अंतरअणुक ⇒ क्वथनांक ऊँचा, घुलनशील; अंतराअणुक ⇒ क्वथनांक कम, भाप-वाष्पशील
- पानी: हर अणु 4 तक H-आबंध
हल किए गए उदाहरण
1. CH₄, NH₃, HCl, H₂O में से कौन अपने अणुओं के बीच हाइड्रोजन आबंध बना सकते हैं?
कदम 1: देखो H, F, O या N से जुड़ा है या नहीं। कदम 2: NH₃ (N–H) और H₂O (O–H) में है। CH₄ में C–H; HCl में H–Cl (Cl बड़ा है)। उत्तर: NH₃ और H₂O।
2. HF कमरे के ताप पर द्रव और HCl गैस क्यों है?
कदम 1: F छोटा और सबसे विद्युतऋणी → मज़बूत F–H···F आबंध। कदम 2: HF अणु शृंखला बनाते हैं, उन्हें अलग करने में ज़्यादा ऊर्जा लगती है। कदम 3: Cl बड़ा है; HCl में सिर्फ़ कमज़ोर आकर्षण। उत्तर: H-आबंधन HF का क्वथनांक (19.5 °C) HCl (−85 °C) से बहुत ऊँचा कर देता है।
3. H₂O 100 °C पर और H₂S −60 °C पर क्यों उबलता है?
कदम 1: O, S से बहुत ज़्यादा विद्युतऋणी और छोटा है। कदम 2: पानी के अणु मज़बूत अंतरअणुक H-आबंध बनाते हैं (हर एक 4 तक)। कदम 3: उबलने से पहले इन्हें तोड़ना पड़ता है, ज़्यादा ऊर्जा लगती है। उत्तर: H-आबंधन पानी का क्वथनांक लगभग 160 °C ऊँचा कर देता है।
4. o-नाइट्रोफ़ीनॉल और p-नाइट्रोफ़ीनॉल में किसका क्वथनांक ज़्यादा है? क्यों?
कदम 1: o-नाइट्रोफ़ीनॉल में –OH और –NO₂ पास-पास → अंतराअणुक H-आबंध। कदम 2: p-नाइट्रोफ़ीनॉल में दूर-दूर → अंतरअणुक H-आबंध कई अणुओं को जोड़ते हैं। उत्तर: p-नाइट्रोफ़ीनॉल का क्वथनांक ज़्यादा; o-नाइट्रोफ़ीनॉल भाप-वाष्पशील।
5. समझाओ कि बर्फ़ पानी पर क्यों तैरती है।
कदम 1: बर्फ़ में हर अणु चतुष्फलकीय कोणों पर 4 दूसरे अणुओं से H-आबंधित है। कदम 2: इससे खाली जगह वाला खुला पिंजरा बनता है। कदम 3: पिघलने पर कुछ H-आबंध टूटते हैं और अणु पास आ जाते हैं। उत्तर: बर्फ़ पानी से कम घनी है, इसलिए तैरती है।
6. एथेनॉल (C₂H₅OH) पानी में हर मात्रा में घुलता है, पर डाइमेथिल ईथर (CH₃OCH₃, वही सूत्र) कम। क्यों?
कदम 1: एथेनॉल में O–H है, वह पानी को H दे भी सकता है और H-आबंध ले भी सकता है। कदम 2: डाइमेथिल ईथर में O–H नहीं; वह सिर्फ़ H-आबंध ले सकता है। उत्तर: एथेनॉल पानी से ज़्यादा और मज़बूत H-आबंध बनाता है, इसलिए पूरा घुलता है।
7. क्वथनांक के क्रम में लगाओ: CH₄, NH₃, H₂O, HF।
कदम 1: CH₄ में H-आबंध नहीं → सबसे कम (−161 °C)। कदम 2: NH₃ में कमज़ोर N–H···N → −33 °C। कदम 3: HF में सबसे मज़बूत H-आबंध, पर एक ही H, शृंखला → 19.5 °C। कदम 4: H₂O हर अणु से 4 तक H-आबंध → 100 °C। उत्तर: CH₄ < NH₃ < HF < H₂O।
आम गलतियाँ
- पानी के अणु के अंदर के O–H आबंध को हाइड्रोजन आबंध कहना। वह सहसंयोजी है; H-आबंध अणुओं के बीच का आकर्षण है।
- यह सोचना कि कोई भी H हाइड्रोजन आबंध बना सकता है। H का F, O या N से जुड़ा होना ज़रूरी है।
- अंतरा और अंतर को मिलाना: अंतराअणुक H-आबंध क्वथनांक को, अंतरअणुक वाले समावयवी की तुलना में, घटाता है।
- H-आबंध को सहसंयोजी आबंध जितना मज़बूत मानना। यह लगभग 10–20 गुना कमज़ोर है।