मानव संसाधन प्रबंधन क्या है?
मानव संसाधन संगठन में काम करने वाले लोग हैं। मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) सही संख्या में, सही कौशल वाले लोगों को सही काम पर, सही समय और लागत पर लाना और उन्हें सबसे अच्छा करने में मदद करना है।
इसकी लिखित योजना फ़र्म की कार्मिक (HR) नीति है: भर्ती, वेतन, काम के घंटे, प्रशिक्षण, पदोन्नति, अनुशासन और नौकरी छोड़ने के नियम।
HRM के मुख्य कार्य
- कार्यबल योजना: अभी और आगे कितने लोग, कौन-से कौशल।
- भर्ती और चयन।
- प्रवेश प्रशिक्षण और प्रशिक्षण।
- निष्पादन मूल्यांकन: काम की समीक्षा, लक्ष्य तय करना।
- पुरस्कार: वेतन, बोनस, ग़ैर-वित्तीय लाभ।
- कर्मचारी संबंध: संवाद, परामर्श, यूनियन, स्वास्थ्य-सुरक्षा।
- नौकरी छोड़ना: सेवानिवृत्ति, इस्तीफ़ा, छँटनी, बर्ख़ास्तगी।
HR उद्देश्य
HR उद्देश्य HR विभाग के ऐसे लक्ष्य हैं जो फ़र्म के कुल लक्ष्यों को सहारा देते हैं।
- कर्मचारी जुड़ाव और भागीदारी: कर्मचारी प्रतिबद्ध हों और ज़्यादा मेहनत करें; उनसे सुझाव लिए जाएँ।
- प्रतिभा विकास: भविष्य की भूमिकाओं के लिए भीतर ही कुशल लोग तैयार करना।
- प्रशिक्षण: कौशल ताज़ा रखना, क़ानूनी नियम (जैसे सुरक्षा) पूरे करना।
- विविधता: अलग पृष्ठभूमि वाला कार्यबल ज़्यादा विचार लाता है।
- मूल्यों का तालमेल: कर्मचारी फ़र्म का उद्देश्य और संस्कृति अपनाएँ।
- संख्या, कौशल, स्थान: सही आकार का कार्यबल, सही जगह।
- श्रम लागत: प्रतिस्पर्धी रखना।
प्रभाव डालने वाले कारक: फ़र्म के लक्ष्य, अर्थव्यवस्था और श्रम बाज़ार, क़ानून, तकनीक, प्रतिद्वंद्वी।
कठोर और नरम HRM
| कठोर HRM | नरम HRM |
|---|---|
| कर्मचारी = लागत | कर्मचारी = संपत्ति |
| ऊपर से आदेश, कम परामर्श | भागीदारी, अधिकार सौंपना, दोतरफ़ा बातचीत |
| छोटे अनुबंध, माँग के अनुसार भर्ती-छँटनी | लंबा करियर और विकास |
| वेतन सीधे उत्पादन से जुड़ा | व्यापक पुरस्कार, सराहना, भलाई |
| उपयोगी: संकट में लागत नियंत्रण | उपयोगी: रचनात्मकता, सेवा गुणवत्ता, वफ़ादारी |
HR प्रदर्शन मापना
श्रम आवर्त = अवधि में छोड़ने वाले ÷ औसत कर्मचारी × 100
प्रतिधारण दर = पूरी अवधि रुके कर्मचारी ÷ शुरू के कर्मचारी × 100
श्रम उत्पादकता = अवधि का उत्पादन ÷ कर्मचारियों की संख्या
प्रति इकाई श्रम लागत = कुल श्रम लागत ÷ उत्पादन इकाइयाँ
आय के % में कर्मचारी लागत = कर्मचारी लागत ÷ बिक्री आय × 100
थोड़ा आवर्त स्वस्थ है (नए विचार)। ज़्यादा आवर्त से भर्ती-प्रशिक्षण की लागत बढ़ती है, गुणवत्ता और मनोबल घटते हैं। कारण: कम वेतन, ख़राब प्रबंधन, पदोन्नति के कम अवसर, बाहर ढेरों नौकरियाँ। हमेशा पिछले साल, प्रतिद्वंद्वियों और उद्योग औसत से तुलना करें।
HR प्रदर्शन सुधारना
- बेहतर भर्ती (साफ़ कार्य-विवरण, बेहतर चयन परीक्षा)।
- प्रशिक्षण और साफ़ करियर मार्ग।
- उचित वेतन, बोनस, लाभ में हिस्सा; सराहना, लचीले घंटे जैसे ग़ैर-वित्तीय पुरस्कार।
- कार्य संवर्धन और टीमवर्क; कर्मचारियों की बात सुनना (सर्वे, परिषदें)।
- तकनीक से उत्पादकता बढ़ाना।
घर पर करके देखें
किसी नौकरीपेशा रिश्तेदार से पूछें: आपकी टीम में कितने लोग हैं? पिछले साल कितने गए? आवर्त निकालें। फिर पूछें कि लोग ज़्यादा समय क्यों रुकेंगे: वेतन, बॉस, प्रशिक्षण या कुछ और? चरण 6 के स्लाइडर पर अपनी संख्याएँ आज़माएँ।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- श्रम आवर्त (%) = छोड़ने वाले ÷ औसत कर्मचारी × 100
- औसत कर्मचारी = (शुरू के + अंत के) ÷ 2
- प्रतिधारण दर (%) = रुके कर्मचारी ÷ शुरू के कर्मचारी × 100
- श्रम उत्पादकता = उत्पादन ÷ कर्मचारी
- प्रति इकाई श्रम लागत = कुल श्रम लागत ÷ उत्पादन
- आय के % में कर्मचारी लागत = कर्मचारी लागत ÷ आय × 100
हल किए गए उदाहरण
1. एक दुकान में औसतन 40 कर्मचारी थे, साल में 6 गए। श्रम आवर्त?
6 ÷ 40 × 100 = 15%।
2. फ़ैक्टरी में 1 जनवरी को 180, 31 दिसंबर को 220 कर्मचारी; 20 गए। आवर्त?
औसत = (180 + 220) ÷ 2 = 200। आवर्त = 20 ÷ 200 × 100 = 10%।
3. 25 कर्मचारी हफ़्ते में 5,000 इकाई बनाते हैं। उत्पादकता?
5,000 ÷ 25 = 200 इकाई प्रति कर्मचारी प्रति सप्ताह।
4. श्रम लागत 60,000 प्रति माह, उत्पादन 12,000 इकाई। प्रति इकाई श्रम लागत?
60,000 ÷ 12,000 = 5 प्रति इकाई।
5. कॉल सेंटर साल की शुरुआत में 80 कर्मचारियों के साथ; अंत में उनमें से 68 बचे। प्रतिधारण दर?
68 ÷ 80 × 100 = 85%।
6. फ़र्म A: 50 कर्मचारी, 2,000 इकाई, 30 प्रतिदिन वेतन। फ़र्म B: 40 कर्मचारी, 2,000 इकाई, 35 वेतन। किसकी प्रति इकाई श्रम लागत कम?
A: 1,500 ÷ 2,000 = 0.75। B: 1,400 ÷ 2,000 = 0.70। B कम है: वेतन ज़्यादा पर उत्पादकता भी ज़्यादा (50 बनाम 40 इकाई प्रति कर्मचारी)।
आम गलतियाँ
- छोड़ने वालों को औसत की जगह अंत के कर्मचारियों से भाग देना।
- हर आवर्त को बुरा मानना।
- उत्पादकता (प्रति कर्मचारी) और उत्पादन (कुल) को एक समझना।
- मान लेना कि ज़्यादा वेतन से प्रति इकाई लागत ज़रूर बढ़ेगी; उत्पादकता ज़्यादा बढ़े तो लागत घट सकती है।