Spain 2º Bachillerato Business and Business Model Design
अध्याय: 4
1. The company and its environment
The entrepreneur: profiles · The company: types, location and size · Business environment and social responsibility · Digitalisation and innovation
- विचार से स्टार्टअप तक: उद्यमिता – उद्यमी ज़मीन, श्रम और पूँजी को जोड़कर और जोखिम उठाकर एक विचार को व्यवसाय में बदलता है। नए विचार पुराने तरीकों की जगह लेते हैं, जिसे अर्थशास्त्री रचनात्मक विनाश कहते हैं। स्टार्टअप निवेशकों, बैंकों, इनक्यूबेटरों, स्टार्टअप इंडिया और मेक इन इंडिया जैसी सरकारी योजनाओं, और MSME कहलाने वाले छोटे उद्यमों की मदद से बढ़ते हैं। व्यवसाय योजना विचार, लागत और ग्राहकों का नक्शा है। लाभ-हानि विवरण बिक्री − लागत दिखाता है, और तुलन पत्र परिसंपत्तियाँ = देनदारियाँ + पूँजी।
- उद्यमिता विकास – उद्यमिता का अर्थ है ज़रूरत पहचानकर, संसाधन जोड़कर और जोखिम उठाकर नया व्यवसाय शुरू करना। भारत को रोज़गार, नए विचारों और संतुलित विकास के लिए उद्यमी चाहिए। प्रक्रिया खुद को जानने से शुरू होकर व्यवसाय शुरू करने और बढ़ाने तक जाती है। स्टार्टअप इंडिया (2016) नई फ़र्मों की मदद करता है; पैसा बचत, एंजेल, वेंचर कैपिटल, बैंक और क्राउडफ़ंडिंग से आता है; और बौद्धिक संपदा अधिकार नए विचारों, ब्रांड और रचनाओं की रक्षा करते हैं।
- एकल स्वामित्व, साझेदारी और संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय – एकल स्वामित्व का मालिक और संचालक एक व्यक्ति होता है, जो पूरा लाभ लेता और असीमित दायित्व उठाता है। साझेदारी दो या ज़्यादा लोग समझौते के तहत चलाते हैं और लाभ बाँटते हैं; साझेदार कई तरह के होते हैं और लिखित विलेख व पंजीकरण उनकी रक्षा करते हैं। संयुक्त हिंदू परिवार व्यवसाय परिवार का सबसे बड़ा सदस्य, कर्ता, सबके लिए चलाता है; सदस्यता जन्म से मिलती है।
- व्यावसायिक पर्यावरण: अर्थ, आयाम और विमुद्रीकरण – व्यावसायिक पर्यावरण उन सभी बाहरी शक्तियों, व्यक्तियों और संस्थाओं का योग है जो फ़र्म पर असर डालती हैं पर जिन पर उसका नियंत्रण नहीं। यह गतिशील, अनिश्चित, जटिल, सापेक्ष है और इसमें जुड़ी हुई विशिष्ट व सामान्य शक्तियाँ हैं। इसे समझकर फ़र्म अवसर पहचानती है, ख़तरे देखती है और योजना बनाती है। इसके पाँच आयाम हैं: आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, राजनीतिक और कानूनी। नवंबर 2016 का विमुद्रीकरण इसका बड़ा उदाहरण है।
- व्यवसाय में नवाचार (Innovation) – नवाचार का मतलब है किसी नए विचार को ऐसे उत्पाद या प्रक्रिया में बदलना जो सच में इस्तेमाल हो या बिके। कंपनियाँ छोटे-छोटे लगातार सुधार (काइज़ेन) से या शोध और विकास (R&D) से नवाचार करती हैं, जो महँगा और जोखिम भरा है पर बड़ी छलांग दे सकता है। डिजिटल साधन इसे तेज़ करते हैं। पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क विचारों की नक़ल रोकते हैं।
2. The business and management model
Company and business model · The commercial function · The production function · Human resource management · The financial function · Accounting information in the company
- बिज़नेस मॉडल (व्यवसाय मॉडल) – बिज़नेस मॉडल बताता है कि कोई व्यवसाय कैसे मूल्य बनाता है, उसे ग्राहक तक पहुँचाता है और बदले में पैसा कमाता है। बिज़नेस मॉडल कैनवस इसे 9 ब्लॉक में बाँटता है: ग्राहक वर्ग, मूल्य प्रस्ताव, चैनल, ग्राहक संबंध, आय के स्रोत, मुख्य काम, मुख्य संसाधन, मुख्य साझेदार और लागत ढाँचा। आम प्रकार: एक बार बिक्री, सदस्यता, फ्रीमियम, मार्केटप्लेस, विज्ञापन, फ्रैंचाइज़ी और सामाजिक उद्यम। तकनीक नए मॉडल लाती रहती है। अच्छा मॉडल असली ग्राहकों पर परखा और उनकी राय से सुधारा जाता है।
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
- मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) – मानव संसाधन प्रबंधन व्यवसाय को चाहिए लोगों की योजना बनाना, उन्हें खोजना, विकसित करना, पुरस्कृत करना और बनाए रखना है। HR उद्देश्य: कर्मचारी जुड़ाव, प्रतिभा विकास, प्रशिक्षण, विविधता, मूल्यों का तालमेल और सही आकार का किफ़ायती कार्यबल। HR प्रदर्शन के माप: श्रम आवर्त (छोड़ने वाले ÷ औसत कर्मचारी × 100), प्रतिधारण दर, श्रम उत्पादकता (उत्पादन ÷ कर्मचारी), प्रति इकाई श्रम लागत और आय के % में कर्मचारी लागत। कठोर HRM कर्मचारियों को लागत, नरम HRM संपत्ति मानता है।
- वित्तीय प्रबंध: धन समझदारी से जुटाना और लगाना – वित्तीय प्रबंध का अर्थ है कम लागत पर धन जुटाना और उसे सबसे अच्छे ढंग से लगाना। इसका मुख्य उद्देश्य अंशधारकों की संपत्ति अधिकतम करना है, जो शेयर का बाज़ार मूल्य बढ़ने में दिखता है। यह तीन निर्णय लेता है: निवेश (धन कहाँ लगाएँ), वित्तीयन (कहाँ से लाएँ) और लाभांश (कितना लाभ बाँटें)। वित्तीय नियोजन पहले से धन का बजट बनाता है। पूँजी संरचना ऋण और समता का मिश्रण है; समता पर व्यापार सस्ते ऋण से EPS बढ़ाता है। स्थायी पूँजी लंबी चलने वाली संपत्ति ख़रीदती है; कार्यशील पूँजी रोज़ का काम चलाती है।
- एकल स्वामित्व के वित्तीय विवरण – साल के अंत में तलपट से दो विवरण बनते हैं। व्यापार और लाभ-हानि खाता आयगत मदों से सकल लाभ, परिचालन लाभ और शुद्ध लाभ निकालता है। तुलन पत्र पूँजीगत मदों से अंतिम दिन की संपत्ति, देयता और पूँजी को समूहों में और क्रम से दिखाता है। इसके अंतिम शेष प्रारंभिक प्रविष्टि से अगले साल की पुस्तकें खोलते हैं।
3. Tools to innovate in business and management models
The business model canvas · Customer view: empathy map · Creativity in business model design · Competition and market niches · Visual thinking and idea organisation · Prototyping · Presenting a project: storytelling and pitch · Scenarios and future business models · Other business innovation tools
- डिज़ाइन थिंकिंग: लोगों से शुरू करके समस्या हल करना – डिज़ाइन थिंकिंग समस्या हल करने का तरीका है जो पहले उन लोगों को समझता है जिनकी वह समस्या है। इसके पाँच चरण हैं: सहानुभूति (उपयोगकर्ता को देखना-सुनना, सहानुभूति मानचित्र से), परिभाषा ("हम कैसे…?" सवाल के रूप में साफ़ समस्या), विचार (बहुत सारे विचार, प्रकृति से भी: जैव-अनुकरण), प्रोटोटाइप (जल्दी, सस्ते मॉडल) और परीक्षण (उपयोगकर्ता से आज़माना और सुधारना)। यह पुनरावृत्त और उपयोगकर्ता-केंद्रित है, और दो बार फैलता-सिमटता है, जैसे दोहरा हीरा।
- सृजनात्मक चिंतन, चिंतन और भाषा – सृजनात्मक चिंतन ऐसे विचार देता है जो नए भी हों और उपयोगी भी। यह तैयारी, उद्भवन, प्रदीपन और सत्यापन से गुज़रता है, और इसमें अपसारी (कई विचार) व अभिसारी (एक सबसे अच्छा उत्तर) दोनों चिंतन लगते हैं। चिंतन और भाषा गहराई से जुड़े हैं (व्होर्फ़, पियाजे, वायगोत्स्की)। बच्चे तय चरणों में भाषा सीखते हैं, जिसमें सीखना और जन्मजात तैयारी दोनों मदद करते हैं।
- बाज़ार संरचना: पूर्ण प्रतियोगिता से एकाधिकार तक – बाज़ार संरचना बताती है कि कितनी फ़र्में बेचती हैं, उनका माल कितना मिलता-जुलता है, और नई फ़र्म का आना कितना आसान है। पूर्ण प्रतियोगिता: बहुत फ़र्में, एक-जैसा माल, मुक्त प्रवेश, कीमत स्वीकारक, दीर्घकाल में सामान्य लाभ। एकाधिकारी प्रतियोगिता: बहुत फ़र्में, विभेदित माल, आसान प्रवेश, थोड़ी कीमत शक्ति। अल्पाधिकार: कुछ परस्पर निर्भर फ़र्में, ऊँची बाधाएँ, रणनीति (खेल सिद्धांत, गठजोड़, कीमत नेतृत्व)। एकाधिकार: एक फ़र्म, कोई निकट विकल्प नहीं, ऊँची बाधाएँ, कीमत निर्धारक, असामान्य लाभ और कीमत विभेद संभव। प्रतिस्पर्धा-योग्य बाज़ार दिखाते हैं कि नए आने का डर भी ताक़त को सीमित करता है।
- प्रोटोटाइपिंग: बनाओ, परखो, बेहतर बनाओ – प्रोटोटाइप किसी उत्पाद या विचार का शुरुआती रूप है जिसे परखा जा सके। कम फ़िडेलिटी वाले प्रोटोटाइप (स्केच, काग़ज़, गत्ता) तेज़ और सस्ते हैं और विचार परखते हैं; उच्च फ़िडेलिटी वाले (3D प्रिंट, चालू मॉडल) असली चीज़ जैसे दिखते और चलते हैं। रैपिड प्रोटोटाइपिंग में 3D प्रिंटर (योगात्मक: परत-दर-परत), लेज़र कटर और CNC मशीन (घटावात्मक: पदार्थ काटकर हटाना) जैसी मशीनें लगती हैं। हर प्रोटोटाइप को साफ़ लक्ष्य और निष्पक्ष तरीक़े से परखा जाता है, नतीजे लिखे जाते हैं, और डिज़ाइन चक्र में सुधरता है: बनाओ, परखो, सीखो, सुधारो। आख़िर में प्रोजेक्ट को दस्तावेज़ बनाकर प्रस्तुत किया जाता है।
- प्रेज़ेंटेशन स्किल्स: श्रोताओं के सामने बोलना – अच्छा प्रेज़ेंटेशन श्रोता और उद्देश्य को सोचकर बनता है। उसमें साफ़ शुरुआत, मुख्य भाग और अंत होता है। स्लाइड सरल होती हैं और बोलने वाले की मदद करती हैं। साफ़ आवाज़, आँखों से संपर्क और सही समय ज़रूरी हैं। अभ्यास से घबराहट आत्मविश्वास बन जाती है।
- बिज़नेस मॉडल (व्यवसाय मॉडल) – बिज़नेस मॉडल बताता है कि कोई व्यवसाय कैसे मूल्य बनाता है, उसे ग्राहक तक पहुँचाता है और बदले में पैसा कमाता है। बिज़नेस मॉडल कैनवस इसे 9 ब्लॉक में बाँटता है: ग्राहक वर्ग, मूल्य प्रस्ताव, चैनल, ग्राहक संबंध, आय के स्रोत, मुख्य काम, मुख्य संसाधन, मुख्य साझेदार और लागत ढाँचा। आम प्रकार: एक बार बिक्री, सदस्यता, फ्रीमियम, मार्केटप्लेस, विज्ञापन, फ्रैंचाइज़ी और सामाजिक उद्यम। तकनीक नए मॉडल लाती रहती है। अच्छा मॉडल असली ग्राहकों पर परखा और उनकी राय से सुधारा जाता है।
- व्यवसाय में नवाचार (Innovation) – नवाचार का मतलब है किसी नए विचार को ऐसे उत्पाद या प्रक्रिया में बदलना जो सच में इस्तेमाल हो या बिके। कंपनियाँ छोटे-छोटे लगातार सुधार (काइज़ेन) से या शोध और विकास (R&D) से नवाचार करती हैं, जो महँगा और जोखिम भरा है पर बड़ी छलांग दे सकता है। डिजिटल साधन इसे तेज़ करते हैं। पेटेंट, कॉपीराइट और ट्रेडमार्क विचारों की नक़ल रोकते हैं।
4. Business strategy and analysis: case studies and simulation
The business model environment · Evaluating business models beforehand · Validating the business model · Protecting ideas, products and brands · Decision-making and business plans · Analysing results and financial statements
- व्यावसायिक पर्यावरण: अर्थ, आयाम और विमुद्रीकरण – व्यावसायिक पर्यावरण उन सभी बाहरी शक्तियों, व्यक्तियों और संस्थाओं का योग है जो फ़र्म पर असर डालती हैं पर जिन पर उसका नियंत्रण नहीं। यह गतिशील, अनिश्चित, जटिल, सापेक्ष है और इसमें जुड़ी हुई विशिष्ट व सामान्य शक्तियाँ हैं। इसे समझकर फ़र्म अवसर पहचानती है, ख़तरे देखती है और योजना बनाती है। इसके पाँच आयाम हैं: आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, राजनीतिक और कानूनी। नवंबर 2016 का विमुद्रीकरण इसका बड़ा उदाहरण है।
- सम-विच्छेद विश्लेषण (Break-Even Analysis) – जब कुल आय कुल लागत के बराबर हो, यानी लाभ शून्य, तो व्यवसाय सम-विच्छेद पर है। हर बिकी इकाई अंशदान देती है = कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत, जो पहले स्थिर लागत चुकाता है। सम-विच्छेद मात्रा = स्थिर लागत ÷ प्रति इकाई अंशदान। इससे ज़्यादा बिक्री पर लाभ, कम पर हानि। सुरक्षा सीमा = असली बिक्री − सम-विच्छेद बिक्री। लक्ष्य लाभ के लिए (स्थिर लागत + लक्ष्य लाभ) ÷ अंशदान इकाइयाँ बेचनी होंगी।
- डेटा सुरक्षा और बौद्धिक संपदा अधिकार – बौद्धिक संपदा (IP) मन की रचना है, जैसे कहानी, गीत, प्रोग्राम, आविष्कार या लोगो। बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR) निर्माता को उसके उपयोग पर नियंत्रण देते हैं। कॉपीराइट रचनात्मक कार्य (लेख, संगीत, कला, सॉफ़्टवेयर कोड) को बनते ही अपने-आप बचाता है; पेटेंट नए, उपयोगी आविष्कार को लगभग 20 साल बचाता है और इसके लिए आवेदन करना पड़ता है; ट्रेडमार्क ब्रांड नाम, लोगो और नारे बचाता है। साहित्यिक चोरी दूसरे का काम बिना श्रेय अपना बताना है। उल्लंघन सुरक्षित IP को बिना अनुमति इस्तेमाल करना है। सार्वजनिक लाइसेंस से निर्माता अपनी शर्तों पर साझा करते हैं: रचनात्मक कार्यों के लिए क्रिएटिव कॉमन्स (BY, SA, NC, ND), और सॉफ़्टवेयर के लिए GPL (कॉपीलेफ़्ट: बदला संस्करण खुला रहे) और Apache (उदार: नोटिस रखकर बंद उत्पाद में भी)।
- बिज़नेस प्लान: नया व्यवसाय कैसे प्लान करें – बिज़नेस प्लान (व्यवसाय योजना) एक लिखित दस्तावेज़ है। इसमें लिखा होता है कि व्यवसाय क्या बेचेगा, ग्राहक कौन हैं, उन तक कैसे पहुँचेंगे, कौन चलाएगा और पैसे का हिसाब कैसा होगा। मालिक इससे साफ़ सोच पाता है, खतरे पहले देख लेता है, और बैंक या निवेशक को पैसा देने के लिए राज़ी कर पाता है। आम तौर पर इसके हिस्से हैं: सार (एग्ज़ीक्यूटिव समरी), विचार और लक्ष्य, बाज़ार अनुसंधान, प्रतियोगी, मार्केटिंग (4 P), संचालन और टीम, और वित्त। वित्त में कुछ आसान हिसाब हैं। स्थिर लागत बिक्री से नहीं बदलती (किराया)। परिवर्ती लागत हर इकाई के साथ बढ़ती है (कच्चा माल)। कुल लागत = स्थिर + परिवर्ती। आय = कीमत × बिक्री। लाभ = आय − कुल लागत (उत्तर ऋण में हो तो हानि)। ब्रेक-ईवन बिंदु = स्थिर लागत ÷ (कीमत − प्रति इकाई परिवर्ती लागत)। योजना भविष्य का अनुमान है, इसलिए इसे बार-बार जाँचना और बदलना चाहिए।
- वित्तीय विवरण विश्लेषण के उपकरण – विश्लेषण यानी वित्तीय विवरणों को पढ़कर कंपनी के लाभ, सुरक्षा और वृद्धि का आकलन। मुख्य उपकरण: तुलनात्मक विवरण (दो वर्ष साथ-साथ: रुपये और % में बदलाव) और सामान्य आकार विवरण (हर मद एक आधार का %)। सीमाएँ: पुराने आँकड़े, ग़ैर-मौद्रिक तथ्य छूटना, लेखा नीतियों पर निर्भरता।