📘 CodingMarble Learn

सृजनात्मक चिंतन, चिंतन और भाषा

सृजनात्मक चिंतन ऐसे विचार देता है जो नए भी हों और उपयोगी भी। यह तैयारी, उद्भवन, प्रदीपन और सत्यापन से गुज़रता है, और इसमें अपसारी (कई विचार) व अभिसारी (एक सबसे अच्छा उत्तर) दोनों चिंतन लगते हैं। चिंतन और भाषा गहराई से जुड़े हैं (व्होर्फ़, पियाजे, वायगोत्स्की)। बच्चे तय चरणों में भाषा सीखते हैं, जिसमें सीखना और जन्मजात तैयारी दोनों मदद करते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. सृजनात्मक चिंतन चार अवस्थाओं में चलता है: तैयारी, उद्भवन, प्रदीपन और सत्यापन।
  2. अपसारी चिंतन एक शुरुआत से कई विचार निकालता है। अभिसारी चिंतन एक सबसे अच्छा उत्तर चुनता है। सृजन को दोनों चाहिए।
  3. चिंतन और भाषा जुड़े हैं। व्होर्फ़: भाषा चिंतन को ढालती है। पियाजे: चिंतन पहले। वायगोत्स्की: पहले अलग, बाद में जुड़ते हैं।
  4. बच्चे चरणों में भाषा सीखते हैं: कूजन, बलबलाना, एक शब्द, दो शब्द, फिर पूरे वाक्य।
  5. बच्चे नक़ल और शाबाशी से भाषा सीखते हैं, और इसलिए भी कि दिमाग़ व्याकरण के लिए तैयार होता है।
  6. आपकी बारी: किसी हिस्से पर टैप करें और 3D में दोबारा देखें।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या उद्भवन बस आलस है?

नहीं। आप ज़ोर लगाना छोड़ते हैं, पर मन पीछे से विचार जोड़ता रहता है। इसीलिए अक्सर टहलते या नहाते समय विचार सूझते हैं।

सृजन अपसारी है, तो अभिसारी चिंतन क्यों चाहिए?

जब तक सबसे अच्छा विचार चुनकर काम में न लाया जाए, बहुत-से विचार बेकार हैं। अपसारी विकल्प खोलता है, अभिसारी चुनता है।

क्या भाषा के बिना सोच सकते हैं?

हाँ, कुछ हद तक: शिशु और जो बोल नहीं पाते, वे भी प्रतिमाओं और क्रियाओं से समस्या सुलझाते हैं। पर भाषा जटिल चिंतन को बहुत आसान बनाती है।

कोई नहीं बोलता, फिर बच्चा "मैं जाया" क्यों कहता है?

बच्चे ने भूतकाल का नियम पकड़ लिया है और हर जगह लगा रहा है। यह सक्रिय नियम-निर्माण दिखाता है।

क्या सब बच्चे ठीक एक ही उम्र में हर चरण पर पहुँचते हैं?

नहीं। उम्र औसत है; क्रम वही रहता है पर समय बच्चे-बच्चे में बदलता है।

सृजनात्मक चिंतन और उसकी प्रक्रिया

सृजनात्मक चिंतन ऐसे विचार या चीज़ें बनाता है जो नई भी हों और उपयोगी भी। यह विज्ञान, कला, खाना बनाने, व्यापार और रोज़मर्रा में मिलता है, केवल प्रतिभाशाली लोगों में नहीं।

सृजनात्मक प्रक्रिया की अवस्थाएँ

  1. तैयारी: समस्या समझो, तथ्य और कौशल जुटाओ।
  2. उद्भवन: कुछ समय अलग हो जाओ; विचार बिना ज़ोर लगाए "पकता" है।
  3. प्रदीपन: अचानक "अहा!" वाला पल जब हल दिखता है।
  4. सत्यापन: परखो, सुधारो और देखो कि विचार सच में काम करता है।

अपसारी और अभिसारी चिंतन

अपसारी चिंतन कई उत्तरों की ओर फैलता है। इसमें प्रवाह (ज़्यादा विचार), लचीलापन (अलग-अलग प्रकार), मौलिकता (दुर्लभ विचार) और विस्तारण (ब्योरा जोड़ना) दिखते हैं। अभिसारी चिंतन एक सबसे अच्छे उत्तर पर सिमटता है। सृजन में पहले अपसारी से विकल्प बनते हैं, फिर अभिसारी से चुने और निखारे जाते हैं।

रुकावटें और सृजनात्मकता बढ़ाना

चिंतन और भाषा का संबंध

हम अक्सर शब्दों में सोचते हैं, पर क्या सोचने के लिए भाषा ज़रूरी है? तीन मत:

बच्चों में भाषा विकास

भाषा प्रतीकों (ध्वनि, शब्द, संकेत) की व्यवस्था है जिन्हें नियमों से जोड़कर अर्थ बाँटा जाता है। इसके अंग: ध्वनियाँ (स्वनिम), अर्थ वाली इकाइयाँ (रूपिम), अर्थ (अर्थविज्ञान), वाक्य के नियम (वाक्य-विन्यास) और समाज में उपयोग (व्यावहारिकी)।

चरण

  1. कूजन (लगभग 0–2 माह): स्वर जैसी कोमल आवाज़ें।
  2. बलबलाना (लगभग 6 माह): "बा-बा" जैसी दोहराई आवाज़ें; शुरू में हर भाषा के शिशु एक जैसा बलबलाते हैं।
  3. एक-शब्द अवस्था (लगभग 1 वर्ष): एक शब्द पूरा विचार बताता है ("दूध!")।
  4. दो-शब्द / तारनुमा अवस्था (लगभग 18–24 माह): केवल मुख्य शब्द ("पापा जाओ")।
  5. वाक्य (2–5 वर्ष): व्याकरण तेज़ी से बढ़ता है; "मैं जाया" जैसी ग़लतियाँ दिखाती हैं कि बच्चा नियम लगा रहा है।

भाषा अर्जन कैसे होता है?

अधिगम मत (बी.एफ. स्किनर): बच्चे नक़ल करते हैं और सही बोलने पर पुनर्बलन पाते हैं। जन्मजात मत (नोम चॉम्स्की): बच्चों में जन्म से भाषा अर्जन यंत्र होता है जो व्याकरण पकड़ने के लिए तैयार रखता है; इससे वे बिना सुने नए वाक्य बनाते हैं। आज अधिकतर मनोवैज्ञानिक मानते हैं कि जैविक तैयारी और भाषा से भरा माहौल, दोनों ज़रूरी हैं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. एक रसोइया नई मिठाई सोचने में उलझता है, रात को छोड़ देता है और सुबह आम-नारियल लड्डू का विचार लेकर उठता है। कौन-सी अवस्थाएँ दिखीं?

तैयारी (समस्या से जूझना), उद्भवन (रात भर दूर रहना), प्रदीपन (विचार के साथ जागना)। बनाकर चखना सत्यापन होगा।

2. आशा प्लास्टिक की बोतल के 20 उपयोग 6 प्रकारों (भंडारण, बगीचा, खिलौना, कला, विज्ञान, पानी फ़िल्टर) में लिखती है। अपसारी चिंतन के कौन-से गुण दिखे?

प्रवाह (20 विचार) और लचीलापन (6 प्रकार)। अगर कुछ विचार कक्षा में दुर्लभ हों तो मौलिकता भी।

3. 20 माह का बच्चा कहता है "गेंद गई"। भाषा विकास का कौन-सा चरण है? इसे यह नाम क्यों?

दो-शब्द या तारनुमा अवस्था। पुराने तार (टेलीग्राम) की तरह केवल मुख्य शब्द रहते हैं, छोटे शब्द छूट जाते हैं।

4. 4 साल का बच्चा कहता है "मैंने खाया लिया" या अंग्रेज़ी में "I runned"। यह ग़लती क्या बताती है?

बच्चे ने भूतकाल का नियम पकड़ लिया है और उसे हर जगह लगा रहा है। बड़े ऐसा नहीं बोलते, इसलिए यह दिखाता है कि बच्चा नियम बनाता है (चॉम्स्की), सिर्फ़ नक़ल नहीं करता।

5. 5 साल की बच्ची पहेली जोड़ते हुए ख़ुद से बोलती है: "नीला टुकड़ा... ऊपर जाएगा"। वायगोत्स्की इसे कैसे समझाते हैं?

यह निजी वाक् है: भाषा चिंतन को राह दिखा रही है। बाद में यह चुप आंतरिक वाक् बन जाती है। यह दिखाता है कि चिंतन और भाषा जुड़ गए हैं।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. सृजनात्मक प्रक्रिया का "अहा!" पल कहलाता है:
2. एक प्रश्न के कई अलग उत्तर निकालना है:
3. किसने कहा कि चिंतन और भाषा अलग विकसित होकर बाद में जुड़ते हैं?
4. लगभग 6 माह में "बा-बा-बा" की आवाज़ें हैं:
5. भाषा अर्जन यंत्र का विचार किसका है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सृजनात्मक चिंतन की अवस्थाएँ कौन-सी हैं?

तैयारी, उद्भवन, प्रदीपन और सत्यापन।

अपसारी और अभिसारी चिंतन में क्या अंतर है?

अपसारी चिंतन कई संभावित उत्तर देता है; अभिसारी चिंतन एक सबसे अच्छा उत्तर ढूँढता है।

भाषा विकास के चरण कौन-से हैं?

कूजन, बलबलाना, एक-शब्द, दो-शब्द (तारनुमा) और पूरे वाक्य।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

स्पेन1º BachilleratoDeveloping creativity
स्पेन1º BachilleratoAnalysis of three-dimensional representation
स्पेन2º BachilleratoTools to innovate in business and management models
सीबीएसई (भारत)कक्षा 11चिंतन
इंग्लैंडYear 113.2.2 Language, thought and communication
अमेरिकाGrade 11Development and Learning

पहले यह पढ़ें

आगे पढ़ें

इससे जुड़े पाठ

सभी मनोविज्ञान पाठ