नियुक्तिकरण का अर्थ और महत्त्व
नियुक्तिकरण का मतलब है संगठन के पदों को सही लोगों से भरना और भरे रखना। इसमें उन्हें प्रशिक्षण देना, उनके काम का मूल्यांकन करना और वेतन देना भी शामिल है, ताकि वे कुशल और संतुष्ट रहें।
महत्त्व
- हर काम के लिए योग्य लोग मिलते हैं।
- सही व्यक्ति सही काम पर, इसलिए काम बेहतर।
- भविष्य की ज़रूरत सोचकर फ़र्म टिकी रहती और बढ़ती है।
- लोगों का सही उपयोग: न कमी, न ज़्यादा।
- उचित वेतन और पदोन्नति से कार्य संतुष्टि और मनोबल बढ़ता है।
मानव संसाधन प्रबंधन के भाग के रूप में नियुक्तिकरण
मानव संसाधन प्रबंधन (HRM) फ़र्म में लोगों के प्रबंधन का व्यापक काम है: भर्ती, प्रशिक्षण, वेतन, कल्याण, सुरक्षा, रिकॉर्ड और कर्मचारियों व संघों से अच्छे संबंध। नियुक्तिकरण HRM का मुख्य भाग है। छोटी फ़र्म में हर प्रबंधक अपनी टीम का नियुक्तिकरण ख़ुद करता है। बड़ी फ़र्म में अलग मानव संसाधन विभाग सभी प्रबंधकों की मदद करता है। इसलिए नियुक्तिकरण हर प्रबंधक का कार्य भी है और HR विभाग का काम भी।
नियुक्तिकरण की प्रक्रिया
- मानव शक्ति की आवश्यकता का अनुमान: कितने लोग, किस कौशल के चाहिए (कार्यभार और कार्यबल विश्लेषण)।
- भर्ती: लोगों को खोजना और आवेदन के लिए बुलाना।
- चयन: आवेदकों में से सबसे अच्छे को चुनना।
- स्थापन और अभिमुखीकरण: व्यक्ति को काम देना और जगह, लोगों व नियमों से परिचय कराना।
- प्रशिक्षण और विकास: आज और कल के लिए कौशल।
- निष्पादन मूल्यांकन: तय मानकों पर काम की जाँच।
- पदोन्नति और करियर योजना: अच्छे कर्मचारियों को ऊँचे पद और विकास की योजना।
- पारिश्रमिक: वेतन और लाभ, प्रत्यक्ष (वेतन, बोनस) और अप्रत्यक्ष (छुट्टी, बीमा)।
भर्ती के स्रोत
आंतरिक स्रोत
- स्थानांतरण: कर्मचारी को उसी वेतन और स्तर के दूसरे काम पर भेजना।
- पदोन्नति: ज़्यादा वेतन और ज़िम्मेदारी वाले ऊँचे पद पर भेजना।
फ़ायदे: सस्ता, जल्दी, कर्मचारी प्रेरित, कम प्रशिक्षण। कमियाँ: नई प्रतिभा और विचार नहीं, सीमित विकल्प, ईर्ष्या, नई फ़र्म के लिए संभव नहीं।
बाहरी स्रोत
- प्रत्यक्ष भर्ती: गेट पर सूचना; अकुशल या अस्थायी काम के लिए लोग आते हैं।
- आकस्मिक आवेदक: लोग अपने आप आवेदन भेजते हैं, जो फ़ाइल में रखे जाते हैं।
- विज्ञापन: अख़बार, रेडियो, टीवी।
- रोज़गार कार्यालय: सरकारी दफ़्तर जो नौकरी और नौकरी चाहने वालों को मिलाता है।
- प्लेसमेंट एजेंसी और प्रबंध सलाहकार: फ़ीस लेकर कुशल और वरिष्ठ लोग खोजते हैं।
- कैंपस भर्ती: कॉलेज और संस्थानों से।
- कर्मचारियों की सिफ़ारिश: मौजूदा कर्मचारी जान-पहचान वाले सुझाते हैं।
- श्रम ठेकेदार: अकुशल श्रमिक देते हैं।
- वेब प्रकाशन: जॉब वेबसाइट और कंपनी की अपनी साइट।
फ़ायदे: ज़्यादा विकल्प, नई प्रतिभा, प्रतियोगिता। कमियाँ: महँगा, धीमा, पदोन्नति की आस वाले कर्मचारी नाराज़ हो सकते हैं।
चयन प्रक्रिया
- प्रारंभिक छँटाई: फ़ॉर्म और छोटी बातचीत से अयोग्य आवेदक हटाना।
- चयन परीक्षाएँ: बुद्धि परीक्षा, अभिरुचि परीक्षा (नया कौशल सीखने की क्षमता), व्यक्तित्व परीक्षा, व्यावसायिक परीक्षा (मौजूदा कौशल) और रुचि परीक्षा।
- साक्षात्कार: आमने-सामने बातचीत से उपयुक्तता परखना।
- संदर्भ और पृष्ठभूमि जाँच: पिछले नियोक्ताओं और संदर्भों से जाँच।
- चयन निर्णय: पास हुए लोगों में से अंतिम चुनाव।
- चिकित्सा जाँच: काम के लिए स्वास्थ्य की जाँच।
- नौकरी का प्रस्ताव: ज्वाइनिंग की तारीख के साथ नियुक्ति पत्र।
- रोज़गार अनुबंध: लिखित शर्तें: वेतन, कर्तव्य, समय, छुट्टी, नियम।
भर्ती सकारात्मक है (बहुत लोगों को बुलाती है)। चयन नकारात्मक है (ज़्यादातर को छाँट देता है)।
प्रशिक्षण और विकास
प्रशिक्षण किसी ख़ास काम के लिए कौशल और ज्ञान बढ़ाता है। विकास भविष्य की भूमिकाओं के लिए व्यक्ति का समग्र विकास है। शिक्षा इससे भी व्यापक है: सामान्य समझ बनाती है।
लाभ
फ़र्म को: कम बर्बादी, कम दुर्घटनाएँ, ज़्यादा उत्पादन, बेहतर प्रबंधक, कम कर्मचारी छोड़ते हैं। कर्मचारी को: बेहतर कौशल, ज़्यादा वेतन, आत्मविश्वास, बेहतर करियर।
| आधार | प्रशिक्षण | विकास |
|---|---|---|
| उद्देश्य | मौजूदा काम का कौशल | पूरे व्यक्ति का विकास |
| समय | छोटा | लंबा, निरंतर |
| केंद्र | काम | करियर |
कार्य पर और कार्य से पृथक विधियाँ
कार्य पर विधियाँ (असली काम करते हुए सीखना)
- प्रवेश प्रशिक्षण: नए कर्मचारी का स्वागत और फ़र्म, लोगों, नियमों व काम से परिचय का छोटा कार्यक्रम।
- शिक्षुता कार्यक्रम: सीखने वाला तय समय तक कुशल कारीगर के साथ काम करता है, जैसे बिजली मिस्त्री, प्लंबर, मैकेनिक।
- इंटर्नशिप प्रशिक्षण: कॉलेज और फ़र्म की साझा योजना; छात्र कुछ समय काम करके सिद्धांत को व्यवहार से जोड़ते हैं।
- कोचिंग: वरिष्ठ अधीनस्थ को मार्गदर्शन देता है।
- कार्य-परिवर्तन (जॉब रोटेशन): प्रशिक्षु को एक विभाग से दूसरे में भेजना।
कार्य से पृथक विधियाँ (असली काम से दूर सीखना)
- प्रकोष्ठ (वेस्टिब्यूल) प्रशिक्षण: वही मशीनें अलग कमरे में लगाई जाती हैं ताकि असली काम में बाधा न हो। महँगी मशीन या जोखिम भरी ग़लती हो तो उपयोगी।
- कक्षा व्याख्यान, फ़िल्में, केस स्टडी, कंप्यूटर मॉडलिंग और क्रमबद्ध निर्देश।
कार्य पर प्रशिक्षण सस्ता और असली है, पर काम में बाधा डाल सकता है। कार्य से पृथक सुरक्षित और केंद्रित है, पर महँगा और कम असली है।
करके देखें
आपकी कक्षा को नया मॉनिटर चाहिए। पद की ज़रूरतें लिखें (अनुमान), सूचना लगाएँ (भर्ती), 3 सवालों की परीक्षा और छोटी बातचीत रखें (चयन), और विजेता के पहले दिन की योजना बनाएँ (प्रवेश प्रशिक्षण)। गिनें कि कितनों ने आवेदन किया और हर चरण के बाद कितने बचे, बिल्कुल 3D की कीप की तरह।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रक्रिया: अनुमान → भर्ती → चयन → स्थापन व परिचय → प्रशिक्षण → मूल्यांकन → पदोन्नति → पारिश्रमिक।
- भर्ती = आवेदक बुलाना (सकारात्मक)। चयन = सबसे अच्छा चुनना (नकारात्मक)।
- आंतरिक स्रोत: स्थानांतरण, पदोन्नति। बाहरी: विज्ञापन, कैंपस, रोज़गार कार्यालय, एजेंसी, वेब आदि।
- कार्य पर: प्रवेश, शिक्षुता, इंटर्नशिप, कोचिंग, कार्य-परिवर्तन। कार्य से पृथक: प्रकोष्ठ, कक्षा, केस स्टडी, फ़िल्म।
हल किए गए उदाहरण
1. बैंक एक क्लर्क को उसी वेतन पर दिल्ली से जयपुर शाखा भेजता है। यह भर्ती का कौन सा स्रोत है?
आंतरिक स्रोत, स्थानांतरण।
2. एयरलाइन नए पायलटों को असली उड़ान से पहले फ़्लाइट सिम्युलेटर पर सिखाती है। यह कौन सी विधि है?
प्रकोष्ठ प्रशिक्षण (कार्य से पृथक), क्योंकि अभ्यास असली उपकरण की नकल पर असली काम से दूर होता है।
3. कंपनी को 500 आवेदन मिले; 200 छँटाई में पास, 60 परीक्षा में, 20 का साक्षात्कार और 5 चुने गए। कितने प्रतिशत आवेदक चुने गए?
5 ÷ 500 × 100 = 1%।
4. एक फ़र्म हर गर्मी IIT के 30 छात्रों को 8 हफ़्ते के लिए लेती है। स्रोत और प्रशिक्षण विधि बताइए।
स्रोत: कैंपस भर्ती। विधि: इंटर्नशिप प्रशिक्षण, संस्थान और फ़र्म की साझा योजना।
5. भर्ती को सकारात्मक और चयन को नकारात्मक क्यों कहते हैं?
भर्ती ज़्यादा से ज़्यादा आवेदक लाने की कोशिश है। चयन अनुपयुक्त लोगों को छाँटता जाता है, जब तक सबसे अच्छे न बचें।
आम गलतियाँ
- भर्ती और चयन को एक मानना। भर्ती बुलाती है; चयन चुनता है।
- प्रकोष्ठ प्रशिक्षण को कार्य पर कहना। मशीनें वही हैं पर जगह अलग है, इसलिए यह कार्य से पृथक है।
- प्रशिक्षण और विकास को एक मानना। प्रशिक्षण काम-केंद्रित; विकास व्यक्ति-केंद्रित।
- चिकित्सा जाँच को साक्षात्कार से पहले रखना। सामान्य क्रम में यह चयन निर्णय के बाद आती है।