CBSE कक्षा 12 व्यवसाय अध्ययन
अध्याय: 13
1. प्रबंध की प्रकृति एवं महत्व
प्रबंध की प्रकृति एवं महत्व
- प्रबंध की प्रकृति एवं महत्व – प्रबंध का मतलब है लोगों के साथ और उनके ज़रिए काम करवाना, ताकि लक्ष्य समय पर (प्रभावपूर्णता) और कम लागत में (कुशलता) पूरे हों। इसके संगठनात्मक, सामाजिक और व्यक्तिगत उद्देश्य होते हैं। यह कुछ हद तक विज्ञान, पूरी तरह कला और अभी पूरा पेशा नहीं है। यह तीन स्तरों पर पाँच कार्यों से चलता है, और समन्वय सबको जोड़ता है।
2. प्रबंध के सिद्धांत
प्रबंध के सिद्धांत
- प्रबंध के सिद्धांत: फ़ेयोल और टेलर – प्रबंध के सिद्धांत व्यापक और लचीले दिशानिर्देश हैं, जो प्रबंधकों को निर्णय लेने में मदद करते हैं। ये सार्वभौमिक, सामान्य, अभ्यास से बने, व्यवहारिक, कारण-परिणाम वाले और परिस्थिति पर निर्भर हैं। हेनरी फ़ेयोल ने पूरी संस्था के लिए 14 सिद्धांत दिए। एफ. डब्ल्यू. टेलर ने कारख़ाने के स्तर पर वैज्ञानिक प्रबंध दिया: अध्ययन से सबसे अच्छा तरीका, सामंजस्य, सहयोग, और क्रियात्मक फ़ोरमैनशिप, मानकीकरण, समय-गति अध्ययन व विभेदात्मक मज़दूरी जैसी तकनीकें।
3. व्यावसायिक पर्यावरण
व्यावसायिक पर्यावरण
- व्यावसायिक पर्यावरण: अर्थ, आयाम और विमुद्रीकरण – व्यावसायिक पर्यावरण उन सभी बाहरी शक्तियों, व्यक्तियों और संस्थाओं का योग है जो फ़र्म पर असर डालती हैं पर जिन पर उसका नियंत्रण नहीं। यह गतिशील, अनिश्चित, जटिल, सापेक्ष है और इसमें जुड़ी हुई विशिष्ट व सामान्य शक्तियाँ हैं। इसे समझकर फ़र्म अवसर पहचानती है, ख़तरे देखती है और योजना बनाती है। इसके पाँच आयाम हैं: आर्थिक, सामाजिक, तकनीकी, राजनीतिक और कानूनी। नवंबर 2016 का विमुद्रीकरण इसका बड़ा उदाहरण है।
4. नियोजन
नियोजन
- नियोजन: अर्थ, प्रक्रिया और योजनाओं के प्रकार – नियोजन का मतलब है पहले से तय करना कि क्या करना है, कैसे, कब और कौन करेगा। यह प्रबंधन का पहला काम है। यह दिशा देता है और जोखिम घटाता है, पर यह कठोर और खर्चीला भी हो सकता है। इसके 7 चरण हैं, उद्देश्य तय करने से अनुवर्तन तक। योजनाएँ एकल-प्रयोग (एक बार के लिए) या स्थायी (बार-बार के काम के लिए) होती हैं, और 8 प्रकार की होती हैं: उद्देश्य, व्यूह रचना, नीति, कार्यविधि, पद्धति, नियम, बजट और कार्यक्रम।
5. संगठन
संगठन
- संगठन: प्रक्रिया, ढाँचे, भारार्पण और विकेंद्रीकरण – संगठन का मतलब है काम, लोगों और साधनों को ऐसे जमाना कि योजना पूरी हो सके। इसके 4 चरण हैं: काम बाँटना, विभाग बनाना, कर्तव्य सौंपना और रिपोर्टिंग संबंध तय करना। इससे संगठन ढाँचा बनता है: कार्यात्मक (काम के प्रकार से) या प्रभागीय (उत्पाद से)। औपचारिक ढाँचे के साथ दोस्ती से अनौपचारिक ढाँचा भी बनता है। भारार्पण में अधिकार अधीनस्थ को दिया जाता है; विकेंद्रीकरण में निर्णय की शक्ति सभी स्तरों तक फैलती है।
6. नियुक्तिकरण
नियुक्तिकरण
- नियुक्तिकरण: भर्ती, चयन और प्रशिक्षण – नियुक्तिकरण का मतलब है पदों को सही लोगों से भरना और उन्हें कुशल बनाए रखना। यह मानव संसाधन प्रबंधन का भाग है। इसकी प्रक्रिया मानव शक्ति के अनुमान से शुरू होकर भर्ती, चयन, स्थापन, प्रशिक्षण, मूल्यांकन, पदोन्नति और पारिश्रमिक तक जाती है। भर्ती आंतरिक या बाहरी स्रोतों से आवेदक लाती है। चयन परीक्षा, साक्षात्कार और जाँच से सबसे अच्छे को चुनता है। प्रशिक्षण कार्य पर (प्रवेश, शिक्षुता, इंटर्नशिप, कोचिंग) या कार्य से पृथक (प्रकोष्ठ, कक्षा, केस स्टडी) होता है।
7. निर्देशन
निर्देशन
- निर्देशन: लोगों से उनका सबसे अच्छा काम करवाना – निर्देशन प्रबंध का वह काम है जिसमें लोगों को राह दिखाई जाती है, प्रेरित किया जाता है, नेतृत्व दिया जाता है और बात समझाई जाती है। इसके चार तत्व हैं: पर्यवेक्षण, अभिप्रेरणा, नेतृत्व और संप्रेषण। मैस्लो बताते हैं कि ज़रूरतें पाँच सीढ़ियों में आती हैं। प्रोत्साहन मौद्रिक या अमौद्रिक होते हैं। नेता निरंकुश, लोकतांत्रिक या निर्बाध हो सकता है। संप्रेषण औपचारिक या अनौपचारिक होता है, और उसकी बाधाएँ आसान उपायों से हटती हैं।
8. नियंत्रण
नियंत्रण
- नियंत्रण: जाँचना कि काम योजना के अनुसार हो रहा है – नियंत्रण प्रबंध का वह काम है जो जाँचता है कि असली काम योजना से मेल खाता है या नहीं। यह वास्तविक परिणाम की मानक से तुलना करता है, अंतर (विचलन) ढूँढता है और उसे सुधारता है। इससे लक्ष्य मिलते हैं, संसाधन बचते हैं, अनुशासन रहता है और मनोबल बढ़ता है। नियोजन और नियंत्रण एक-दूसरे पर निर्भर हैं। प्रक्रिया के पाँच चरण हैं: मानक तय करना, वास्तविक कार्य मापना, तुलना, विचलन का विश्लेषण और सुधारात्मक कार्रवाई।
9. वित्तीय प्रबंध
वित्तीय प्रबंध
- वित्तीय प्रबंध: धन समझदारी से जुटाना और लगाना – वित्तीय प्रबंध का अर्थ है कम लागत पर धन जुटाना और उसे सबसे अच्छे ढंग से लगाना। इसका मुख्य उद्देश्य अंशधारकों की संपत्ति अधिकतम करना है, जो शेयर का बाज़ार मूल्य बढ़ने में दिखता है। यह तीन निर्णय लेता है: निवेश (धन कहाँ लगाएँ), वित्तीयन (कहाँ से लाएँ) और लाभांश (कितना लाभ बाँटें)। वित्तीय नियोजन पहले से धन का बजट बनाता है। पूँजी संरचना ऋण और समता का मिश्रण है; समता पर व्यापार सस्ते ऋण से EPS बढ़ाता है। स्थायी पूँजी लंबी चलने वाली संपत्ति ख़रीदती है; कार्यशील पूँजी रोज़ का काम चलाती है।
10. वित्तीय बाज़ार
वित्तीय बाज़ार
- वित्तीय बाज़ार – वित्तीय बाज़ार बचत करने वालों को पैसे की ज़रूरत वाले व्यवसायों से जोड़ता है। मुद्रा बाज़ार में एक साल तक का पैसा चलता है: मांग मुद्रा, ट्रेज़री बिल, वाणिज्यिक पत्र, जमा प्रमाणपत्र और वाणिज्यिक बिल। पूँजी बाज़ार में लंबे समय का पैसा चलता है; इसमें प्राथमिक बाज़ार (नए निर्गमन) और द्वितीयक बाज़ार (शेयर बाज़ार, पुरानी प्रतिभूतियाँ) हैं। शेयर डीमैट रूप में निक्षेपागार (NSDL, CDSL) में रहते हैं, और सेबी निवेशकों की रक्षा, बाज़ार का विकास और नियमन करता है।
11. विपणन प्रबंध
विपणन
- विपणन प्रबंध – विपणन का मतलब है ख़रीदारों की ज़रूरत पहचानना और मूल्य के बदले, लाभ के साथ, उसे पूरा करना। इसके कई कार्य हैं (अनुसंधान, योजना, ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग, कीमत, संवर्धन, वितरण, सेवा) और पाँच विचारधाराएँ (उत्पादन, उत्पाद, विक्रय, विपणन, सामाजिक विपणन)। विपणन मिश्र 4P है: उत्पाद (ब्रांड, लेबल, पैकेजिंग के साथ), कीमत (लागत, माँग, प्रतियोगिता, सरकारी नियम, उद्देश्य और विपणन तरीकों से तय), स्थान (माध्यम और भौतिक वितरण) और संवर्धन (विज्ञापन, व्यक्तिगत विक्रय, विक्रय संवर्धन, जनसंपर्क)।
12. उपभोक्ता संरक्षण
उपभोक्ता संरक्षण
- उपभोक्ता संरक्षण – उपभोक्ता संरक्षण का मतलब है ख़रीदारों को नकली माल, कम तौल, ज़्यादा कीमत और भ्रामक विज्ञापन जैसे अनुचित कामों से बचाना। यह उपभोक्ता और व्यवसाय दोनों के लिए ज़रूरी है। उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 छह अधिकार देता है (सुरक्षा, सूचना, चुनाव, सुनवाई, क्षतिपूर्ति, उपभोक्ता शिक्षा), उपभोक्ता से ज़िम्मेदारी की उम्मीद करता है, बताता है कि कौन शिकायत कर सकता है, और तीन स्तर बनाता है: ज़िला (₹50 लाख तक), राज्य (₹2 करोड़ तक) और राष्ट्रीय आयोग (₹2 करोड़ से ऊपर)। उपचार में मरम्मत, बदलना, कीमत वापसी और हर्जाना आते हैं। उपभोक्ता संगठन और NGO उपभोक्ताओं को शिक्षित करते और मदद करते हैं।
13. परियोजना कार्य
परियोजना (एक)
जल्द आ रहा है