निर्देशन की अवधारणा और महत्व
निर्देशन का अर्थ है लोगों को बताना, राह दिखाना, मदद करना और प्रेरित करना ताकि वे अच्छा काम करें। नियोजन योजना बनाता है। संगठन और नियुक्तिकरण काम और लोग तैयार करते हैं। निर्देशन से असली काम शुरू होता है।
विशेषताएँ
- यह कार्य आरंभ करता है।
- यह हर स्तर पर होता है: CEO प्रबंधकों को, पर्यवेक्षक कर्मचारियों को निर्देश देता है।
- यह लगातार चलने वाली प्रक्रिया है।
- यह ऊपर से नीचे की ओर बहता है।
महत्व
- लक्ष्यों की ओर काम शुरू करवाता है।
- सबके प्रयासों को जोड़ता है।
- लोगों की पूरी क्षमता का उपयोग करवाता है।
- बदलाव को आसान बनाता है, क्योंकि लोग बदलाव से डरते हैं।
- संगठन में स्थिरता और संतुलन लाता है।
निर्देशन के तत्व
- पर्यवेक्षण: काम करते लोगों पर नज़र रखना और मौके पर राह दिखाना। पर्यवेक्षक कर्मचारियों से सीधा संपर्क रखता है, काम पर प्रशिक्षण देता है, अनुशासन रखता है और आदेश व शिकायतें आगे-पीछे पहुँचाता है।
- अभिप्रेरणा: लोगों के मन में लक्ष्य के लिए मेहनत करने की इच्छा जगाना।
- नेतृत्व: लोगों पर ऐसा प्रभाव डालना कि वे ख़ुशी से लक्ष्य के लिए काम करें।
- संप्रेषण: तथ्य, विचार, आदेश और भावनाएँ इस तरह बाँटना कि सामने वाला समझ जाए।
अभिप्रेरणा और मैस्लो का आवश्यकता सोपान
अभिप्रेरणा अंदर से आने वाला वह धक्का है जो इंसान को लक्ष्य की ओर काम करवाता है। तीन शब्द: अभिप्रेरक तत्व/उद्देश्य (motive) अंदर की ज़रूरत है; अभिप्रेरणा प्रेरित करने की प्रक्रिया है; अभिप्रेरक (motivator) वह साधन है जो प्रेरित करता है, जैसे बोनस या तारीफ़।
विशेषताएँ
- यह अंदर की भावना है।
- यह लक्ष्य की ओर व्यवहार पैदा करती है।
- यह सकारात्मक (इनाम) या नकारात्मक (चेतावनी, वेतन कटौती) हो सकती है।
- यह जटिल है, क्योंकि हर इंसान अलग है।
महत्व
काम का स्तर बढ़ता है, ग़ैरहाज़िरी और नौकरी छोड़ना (श्रम आवर्त) घटता है, बदलाव का विरोध कम होता है और लक्ष्य जल्दी पूरे होते हैं।
मैस्लो की पाँच ज़रूरतें
- मूल (शारीरिक): रोटी, कपड़ा, मकान। काम पर: मूल वेतन।
- सुरक्षा: ख़तरे और नौकरी जाने से बचाव। काम पर: पक्की नौकरी, पेंशन।
- सामाजिक (संबद्धता): प्यार, दोस्ती, अपनापन।
- सम्मान: इज़्ज़त, पद, पहचान।
- आत्म-विकास (आत्म-सिद्धि): जो बन सकते हैं, वह बनना।
मुख्य बातें: लोग एक-एक सीढ़ी ऊपर चढ़ते हैं; पूरी हुई ज़रूरत प्रेरित नहीं करती; प्रेरित करने से पहले देखें कि व्यक्ति किस सीढ़ी पर है।
मौद्रिक और अमौद्रिक प्रोत्साहन
प्रोत्साहन वह इनाम है जो बेहतर काम के लिए प्रेरित करता है।
मौद्रिक प्रोत्साहन (पैसे में गिने जा सकते हैं)
- वेतन और भत्ते: वेतन, महँगाई भत्ता, वेतन-वृद्धि।
- उत्पादकता से जुड़ी मज़दूरी: ज़्यादा उत्पादन, ज़्यादा पैसा।
- बोनस।
- लाभ में हिस्सा।
- सह-साझेदारी / शेयर विकल्प: कर्मचारियों को कम दाम पर शेयर।
- सेवानिवृत्ति लाभ: भविष्य निधि, पेंशन, ग्रेच्युटी।
- अनुलाभ (सुविधाएँ): गाड़ी, मकान, इलाज।
अमौद्रिक प्रोत्साहन
- पद-प्रतिष्ठा (स्तर)।
- संगठनात्मक वातावरण: दोस्ताना, निष्पक्ष माहौल।
- पदोन्नति के अवसर।
- कार्य-संवर्धन: रोचक, चुनौती भरा काम।
- कर्मचारी मान्यता: तारीफ़, प्रमाणपत्र।
- नौकरी की सुरक्षा।
- कर्मचारियों की भागीदारी: निर्णयों में हिस्सा।
- कर्मचारी सशक्तीकरण: फ़ैसले लेने की ज़्यादा आज़ादी।
नेतृत्व और नेतृत्व शैलियाँ
नेतृत्व लोगों को इस तरह प्रभावित करने की कला है कि वे ख़ुशी से लक्ष्य के लिए काम करें।
महत्व
नेता व्यवहार को दिशा देता है, भरोसा बनाता है, झगड़े सुलझाता है, नए नेता तैयार करता है और बदलाव लाता है।
अच्छे नेता के गुण
अच्छा स्वास्थ्य, ज्ञान, ईमानदारी, पहल, बात करने की कला, प्रेरित करने की कला, आत्मविश्वास, निर्णय क्षमता और सामाजिक कौशल।
तीन शैलियाँ
- निरंकुश (अधिकारवादी): नेता अकेले फ़ैसला करता है। आपात स्थिति में ठीक, पर कर्मचारी अलग-थलग महसूस करते हैं।
- लोकतांत्रिक (सहभागी): नेता टीम से पूछकर तय करता है। टीम भावना बढ़ती है।
- निर्बाध (अहस्तक्षेप): नेता कम दख़ल देता है, टीम ख़ुद तय करती है। कुशल लोगों के लिए ठीक।
कोई शैली हमेशा सबसे अच्छी नहीं। अच्छा नेता स्थिति देखकर शैली चुनता है।
संप्रेषण: औपचारिक और अनौपचारिक
संप्रेषण का अर्थ है विचार, तथ्य और भावनाएँ इस तरह बाँटना कि सामने वाला समझ जाए। प्रक्रिया के भाग: प्रेषक, संदेश, कूटबद्धता, माध्यम, कूटवाचन, प्राप्तकर्ता, प्रतिपुष्टि और शोर (रुकावट)।
औपचारिक संप्रेषण
यह संगठन के आधिकारिक रास्तों से चलता है: ऊर्ध्वाधर (ऊपर-नीचे) या समतल (बराबर स्तर पर)। नेटवर्क: एकल शृंखला, चक्र, वृत्ताकार, मुक्त प्रवाह और उल्टा V।
अनौपचारिक संप्रेषण (अंगूर-लता)
यह दोस्ती और बातचीत से फैलता है। तेज़ है, पर अफ़वाहें भी फैला सकता है। नेटवर्क: एकल धारा, गपशप, संभाव्यता और गुच्छ। प्रबंधक इससे कर्मचारियों की भावनाएँ जान सकते हैं।
संप्रेषण की बाधाएँ और उपाय
बाधाएँ
- शब्दार्थ संबंधी: ग़लत शब्द, दो अर्थ वाले शब्द, ग़लत अनुवाद, तकनीकी शब्द, शब्दों से मेल न खाती भाव-भंगिमा।
- मनोवैज्ञानिक: जल्दी राय बना लेना, ध्यान न देना, कई लोगों से गुज़रते हुए बात खोना, अविश्वास।
- संगठनात्मक: कड़े नियम, बहुत सारे स्तर, पद का अंतर, सुविधाओं की कमी।
- व्यक्तिगत: बॉस को अधिकार खोने का डर, कर्मचारियों पर भरोसा न होना; कर्मचारियों में इच्छा या प्रोत्साहन की कमी।
उपाय
- भेजने से पहले विचार साफ़ करें।
- सुनने वाले की ज़रूरत और भाषा के अनुसार बोलें।
- दूसरों से सलाह लें।
- लहजे और भाव-भंगिमा का ध्यान रखें।
- काम की जानकारी दें।
- प्रतिपुष्टि लें और बाद में जाँचें।
- अच्छे श्रोता बनें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- निर्देशन = पर्यवेक्षण + अभिप्रेरणा + नेतृत्व + संप्रेषण।
- उद्देश्य (अंदर की ज़रूरत) → अभिप्रेरणा (प्रक्रिया) → अभिप्रेरक (साधन)।
- मैस्लो क्रम: मूल → सुरक्षा → सामाजिक → सम्मान → आत्म-विकास।
- मौद्रिक प्रोत्साहन पैसे में मापा जा सकता है; अमौद्रिक नहीं।
- नेतृत्व शैलियाँ: निरंकुश, लोकतांत्रिक, निर्बाध।
- संप्रेषण प्रक्रिया: प्रेषक → कूटबद्धता → माध्यम → कूटवाचन → प्राप्तकर्ता → प्रतिपुष्टि।
- बाधाएँ: शब्दार्थ, मनोवैज्ञानिक, संगठनात्मक, व्यक्तिगत।
हल किए गए उदाहरण
1. रवि का वेतन रोटी और किराए के लिए काफ़ी है, नौकरी भी पक्की है। मैस्लो के अनुसार अब उसे क्या प्रेरित करेगा?
मूल और सुरक्षा ज़रूरतें पूरी हैं। अगली सीढ़ी सामाजिक ज़रूरत है: दोस्ताना सहकर्मी और टीम का हिस्सा बनना।
2. कंपनी कर्मचारियों को बाज़ार से कम दाम पर शेयर देती है। यह कौन-सा प्रोत्साहन है?
सह-साझेदारी / कर्मचारी शेयर विकल्प। यह मौद्रिक प्रोत्साहन है।
3. एक शोध लैब का प्रबंधक सिर्फ़ लक्ष्य बताता है, तरीका वैज्ञानिक ख़ुद चुनते हैं। कौन-सी शैली है?
निर्बाध (अहस्तक्षेप) शैली, क्योंकि टीम कुशल और ख़ुद से चलने वाली है।
4. इंजीनियर का ईमेल तकनीकी शब्दों से भरा है; बिक्री टीम ग़लत समझती है। कौन-सी बाधा, क्या उपाय?
शब्दार्थ संबंधी बाधा। उपाय: सुनने वाले के अनुसार आसान शब्द, और प्रतिपुष्टि लेना।
5. बोनस कटने की अफ़वाह लंच की बातचीत से एक दिन में फैल गई। यह कौन-सा संप्रेषण है?
अनौपचारिक (अंगूर-लता)। प्रबंधक औपचारिक सूचना से अफ़वाह जल्दी दूर करे और इससे कर्मचारियों की भावना समझे।
6. आग के अलार्म के दौरान दो घंटे में सुरक्षा सुधार करना है। कौन-सी शैली ठीक है?
निरंकुश शैली, क्योंकि आपात स्थिति में तेज़ फ़ैसला और साफ़ आदेश ज़रूरी हैं।
आम गलतियाँ
- निर्देशन को सिर्फ़ आदेश देना समझना। इसमें प्रेरित करना, नेतृत्व और संप्रेषण भी है।
- उद्देश्य, अभिप्रेरणा और अभिप्रेरक को एक समझना।
- नौकरी की सुरक्षा को मौद्रिक प्रोत्साहन कहना। यह अमौद्रिक है।
- किसी एक नेतृत्व शैली को हमेशा सबसे अच्छा मानना।