फ़र्म भर्ती क्यों करती है, और दो मुख्य काग़ज़
रिक्त पद वह नौकरी है जिसे अभी कोई नहीं कर रहा। यह तब बनता है जब कोई नौकरी छोड़े या सेवानिवृत्त हो, फ़र्म बढ़े, या नया कौशल चाहिए।
भर्ती = योग्य लोगों को ढूँढना और आवेदन करवाना। चयन = उनमें से सबसे अच्छे को चुनना।
कार्य विवरण (Job description)
यह काम बताता है: पद का नाम, मुख्य काम और ज़िम्मेदारियाँ, किसे रिपोर्ट करना है, जगह, घंटे और वेतन।
व्यक्ति विवरण (Person specification)
यह बताता है कि काम के लिए कैसा व्यक्ति चाहिए: योग्यता, कौशल, अनुभव और गुण। अक्सर इन्हें ज़रूरी और अच्छा हो तो में बाँटा जाता है।
फ़ायदा: विज्ञापन साफ़ बनता है, आवेदक खुद जाँच लेते हैं कि वे फ़िट हैं या नहीं, और आवेदकों की तुलना के लिए निष्पक्ष सूची मिलती है।
आंतरिक बनाम बाहरी भर्ती
आंतरिक भर्ती
पद फ़र्म में पहले से काम कर रहे व्यक्ति को पदोन्नति या स्थानांतरण से दिया जाता है। सूचना स्टाफ़ नोटिस बोर्ड या इंट्रानेट पर लगती है।
- लाभ: सस्ती और जल्दी; फ़र्म व्यक्ति का काम जानती है; व्यक्ति फ़र्म को जानता है, इसलिए कम प्रशिक्षण; पदोन्नति की उम्मीद से कर्मचारी प्रेरित होते हैं।
- हानि: एक और रिक्त पद बनता है; नए विचार नहीं आते; दूसरों को जलन हो सकती है; विकल्प कम।
बाहरी भर्ती
फ़र्म बाहर देखती है: जॉब वेबसाइट, सोशल मीडिया, अख़बार, भर्ती एजेंसी, रोज़गार कार्यालय, कॉलेज-विश्वविद्यालय, या सिफ़ारिश।
- लाभ: बहुत बड़ा विकल्प; नए विचार और नए कौशल; अंदर कोई खाली जगह नहीं बनती।
- हानि: विज्ञापन और एजेंसी महँगे; समय ज़्यादा; नए व्यक्ति को ज़्यादा प्रशिक्षण; फ़र्म उसे कम जानती है।
चयन की विधियाँ
चयन छलनियों की एक कड़ी है:
- आवेदन फ़ॉर्म या CV (साथ में पत्र)। फ़ॉर्म में सबसे एक जैसे सवाल, तो तुलना आसान। CV में व्यक्ति अपने ढंग से अपने बारे में बताता है।
- छँटाई (shortlisting): आवेदनों को व्यक्ति विवरण से मिलाकर कुछ सबसे अच्छे रखे जाते हैं।
- साक्षात्कार: आमने-सामने, फ़ोन या वीडियो पर। सस्ता और आम, पर कुछ लोग बोलते अच्छा हैं, काम कमज़ोर करते हैं।
- परीक्षा और काम: अभिरुचि या कौशल परीक्षा, व्यक्तित्व परीक्षा, प्रेज़ेंटेशन, समूह गतिविधि या ट्रायल शिफ़्ट। इससे असली क्षमता दिखती है।
- संदर्भ (references): पुराना नियोक्ता या शिक्षक जानकारी की पुष्टि करता है।
- नौकरी का प्रस्ताव, फिर अनुबंध।
सही चयन ज़रूरी है: ग़लत चुनाव से भर्ती का पैसा बर्बाद होता है, काम ख़राब होता है, और पूरी प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ती है।
रोज़गार अनुबंध: पूर्णकालिक, अंशकालिक, शून्य घंटे
रोज़गार अनुबंध कर्मचारी और नियोक्ता के बीच क़ानूनी समझौता है। इसमें पद, घंटे, वेतन, छुट्टियाँ और नोटिस अवधि लिखी होती है।
- पूर्णकालिक: लगभग 35 से 40 घंटे प्रति सप्ताह। कर्मचारी को पक्की आय; फ़र्म को वफ़ादार कर्मचारी, पर ख़र्च ज़्यादा और लचीलापन कम।
- अंशकालिक: कम पर तय घंटे (जैसे 16 घंटे)। छात्रों और माता-पिता के लिए अच्छा; फ़र्म भीड़ के समय को संभाल सकती है।
- शून्य घंटे (zero-hours): कोई न्यूनतम घंटे तय नहीं। ज़रूरत हो तो बुलाया जाता है। फ़र्म के लिए लचीला और सस्ता, पर कर्मचारी की आय अनिश्चित और वफ़ादारी कम हो सकती है।
- अस्थायी: तय समय के लिए, जैसे त्योहार का मौसम। फ़्रीलांस लोग स्व-नियोजित होते हैं और हर काम का भुगतान पाते हैं।
कई देशों में न्यूनतम मज़दूरी और उचित अनुबंध के क़ानून हैं; नियम हर देश में अलग होते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- भर्ती = लोगों को ढूँढना और आवेदन करवाना
- चयन = सबसे अच्छे आवेदक को चुनना
- कार्य विवरण = काम की जानकारी; व्यक्ति विवरण = आदर्श व्यक्ति के गुण
- आंतरिक = फ़र्म के अंदर से; बाहरी = बाहर से
- अनुबंध: पूर्णकालिक, अंशकालिक, शून्य घंटे, अस्थायी, फ़्रीलांस
हल किए गए उदाहरण
1. एक स्कूल को विज्ञान विभाग का प्रमुख चाहिए और एक अच्छी विज्ञान शिक्षिका पदोन्नति चाहती हैं। आंतरिक या बाहरी? क्यों?
आंतरिक। यह जल्दी और सस्ता है, शिक्षिका स्कूल और बच्चों को जानती हैं, और पदोन्नति से दूसरे शिक्षक भी प्रेरित होते हैं। पर फिर उनकी पुरानी जगह भरनी होगी।
2. एक नई टेक कंपनी को ऐसे सॉफ़्टवेयर का विशेषज्ञ चाहिए जो टीम में कोई नहीं जानता। क्या करे?
बाहरी भर्ती (जॉब वेबसाइट या विशेष एजेंसी), क्योंकि यह कौशल अंदर नहीं है। चयन में कौशल परीक्षा या कोडिंग का काम दें, क्योंकि सिर्फ़ साक्षात्कार से कौशल साबित नहीं होता।
3. समुद्र किनारे की आइसक्रीम दुकान सिर्फ़ गर्मियों और धूप वाले दिनों में व्यस्त रहती है। कौन-सा अनुबंध ठीक है, और एक जोखिम?
शून्य घंटे या मौसमी अस्थायी अनुबंध, ताकि ग्राहक हों तभी वेतन देना पड़े। जोखिम: कर्मचारी पक्की नौकरी ढूँढ़कर चले जाएँ और सबसे व्यस्त दिनों में स्टाफ़ कम पड़े।
आम गलतियाँ
- दोनों काग़ज़ मिला देना: कार्य विवरण काम के बारे में है, व्यक्ति विवरण व्यक्ति के बारे में।
- भर्ती और चयन को एक ही मानना। भर्ती आवेदक बुलाती है; चयन उनमें से एक चुनता है।
- भूल जाना कि आंतरिक भर्ती से एक नया रिक्त पद बनता है।
- शून्य घंटे का मतलब 'कोई काम नहीं' समझना। इसका मतलब है घंटे पक्के नहीं; काम बहुत भी हो सकता है।