विभिन्नता क्या है?
विभिन्नता जीवों के बीच के अंतर हैं। दो अलग जातियों (बिल्ली और कुत्ता) में अंतर बड़ा होता है। एक ही जाति के अंदर अंतर छोटे होते हैं: हर इंसान, हर कुत्ता, हर आम का पेड़ थोड़ा अलग है।
विभिन्नता ज़रूरी है। जब आसपास का माहौल बदलता है तो यह जाति को बचे रहने में मदद करती है, और किसानों को सबसे अच्छे पौधे और पशु चुनने देती है।
सतत और असतत विभिन्नता
सतत विभिन्नता: लक्षण किसी सीमा में कोई भी मान ले सकता है, जैसे लंबाई, भार, हथेली का फैलाव, पत्ती की लंबाई। कक्षा की लंबाइयों का दंड-आलेख एक चिकनी पहाड़ी जैसा बनता है। इसके पीछे आमतौर पर कई जीन और वातावरण होते हैं।
असतत विभिन्नता: लक्षण कुछ साफ़ समूहों में बँटा होता है, बीच में कुछ नहीं, जैसे रक्त समूह, जीभ मोड़ पाना, मटर के फूल का रंग। दंड-आलेख में अलग-अलग दंड बनते हैं। इसके पीछे आमतौर पर एक या कुछ जीन होते हैं और वातावरण का असर कम होता है।
विभिन्नता के कारण: जीन और वातावरण
आनुवंशिक कारण। हर बच्चे को आधे जीन माँ से और आधे पिता से मिलते हैं। लैंगिक जनन हर बार जीनों को नए ढंग से मिलाता है, इसलिए भाई-बहन भी अलग होते हैं। कभी-कभी कोई जीन अपने आप बदल जाता है; इसे उत्परिवर्तन (mutation) कहते हैं, यह विभिन्नता का नया स्रोत है।
वातावरण के कारण। भोजन, धूप, पानी, तापमान, व्यायाम, बीमारी और दुर्घटना शरीर की बढ़त बदल देते हैं। छाँव में पौधा छोटा रहता है; अभ्यास करने वाला मज़बूत बनता है; चोट से निशान बनता है।
ज़्यादातर लक्षण दोनों से बनते हैं: जीन लंबाई की संभावित सीमा तय करते हैं; भोजन और सेहत तय करते हैं कि तुम उस सीमा में कहाँ पहुँचोगे।
वंशागत और अवंशागत विभिन्नता
वंशागत विभिन्नता जीन से आती है, इसलिए अगली पीढ़ी में जा सकती है (बालों का प्राकृतिक रंग, रक्त समूह)। अवंशागत (उपार्जित) विभिन्नता सिर्फ वातावरण से आती है और आगे नहीं जाती (निशान, रंगे बाल, व्यायाम से बनी मांसपेशियाँ, छाँव से छोटा पौधा)। जाँच: अगर बदलाव सिर्फ शरीर में है, जनन कोशिकाओं के जीन में नहीं, तो बच्चों को नहीं मिलेगा।
विभिन्नता का उपयोग: चयनात्मक और संकर प्रजनन
चयनात्मक प्रजनन (कृत्रिम चयन): मनुष्य मनचाहे लक्षण वाले माता-पिता चुनता है, उनसे प्रजनन कराता है और कई पीढ़ियों तक दोहराता है। उदाहरण: ज़्यादा दूध देने वाली गायें, छोटे मज़बूत तने वाला गेहूँ, एक जंगली पूर्वज से बनी कुत्तों की अनेक नस्लें।
संकर प्रजनन: दो अलग शुद्ध किस्मों का संकरण, जिनमें हर एक में कोई अच्छा गुण हो, ताकि संतान में दोनों आ जाएँ (जैसे अधिक उपज + रोग-रोधी)। संकर धान ने कई एशियाई देशों में फसल बढ़ाई।
सीमाएँ: यह धीमा है, और सिर्फ कुछ 'सबसे अच्छे' माता-पिता से प्रजनन करने पर विभिन्नता घटती है, तो पूरी फसल एक ही रोग से बीमार हो सकती है।
आनुवंशिक संशोधन (GM)
आनुवंशिक संशोधन में वैज्ञानिक एक जीव से उपयोगी जीन काटकर दूसरे में डालते हैं, चाहे वह दूसरी जाति का हो। उदाहरण: जीवाणु के जीन वाली कीट-रोधी कपास, अधिक विटामिन A वाला चावल, मानव इंसुलिन बनाने वाले जीवाणु।
लाभ: प्रजनन से तेज़, ऐसे गुण जोड़ सकता है जो प्रजनन से संभव नहीं। चिंताएँ: जंगली पौधों और कीटों पर असर, सुरक्षा जाँच, किसानों के लिए बीज का दाम। देशों में GM भोजन की जाँच और लेबल के कानून हैं।
करके देखो: अपनी कक्षा को नापो
15 लोगों की हथेली का फैलाव (अँगूठे की नोक से छोटी उँगली की नोक तक) सेमी में नापो। समूह बनाओ: 15–16, 17–18, 19–20 आदि, और दंड-आलेख बनाओ। पहाड़ी जैसा आकार दिखेगा: सतत विभिन्नता। फिर उन्हीं से पूछो: क्या तुम जीभ मोड़ सकते हो? दो दंड बनाओ: हाँ और नहीं। यह असतत विभिन्नता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- विभिन्नता = एक ही जाति के जीवों के बीच अंतर
- सतत: सीमा में कोई भी मान (लंबाई, भार)
- असतत: साफ़ अलग समूह (रक्त समूह)
- लक्षण = जीन + वातावरण
- वंशागत = जीन से; अवंशागत = सिर्फ वातावरण से
- चयनात्मक प्रजनन: चुनो → प्रजनन → दोहराओ; GM: जीन सीधे डालो
हल किए गए उदाहरण
1. सतत या असतत में बाँटो: लंबाई, रक्त समूह, भार, जीभ मोड़ना।
सतत: लंबाई, भार (सीमा में कोई भी मान)। असतत: रक्त समूह, जीभ मोड़ना (साफ़ समूह)।
2. समरूप जुड़वाँ के जीन एक जैसे हैं, फिर भी एक का भार ज़्यादा है। क्यों?
जीन एक जैसे हैं, तो अंतर वातावरण से आया: भोजन, व्यायाम या बीमारी। यह अवंशागत है।
3. किसान मोटे ऊन वाली भेड़ें चाहता है। तरीका बताओ।
सबसे मोटे ऊन वाले मेढ़े और भेड़ें चुनो, प्रजनन कराओ, सबसे मोटे ऊन वाले मेमने रखो, उनसे प्रजनन कराओ, और कई पीढ़ियों तक दोहराओ।
4. चोट का निशान बच्चों में क्यों नहीं जाता?
निशान सिर्फ त्वचा की कोशिकाएँ बदलता है। शुक्राणु या अंडाणु के जीन नहीं बदलते, इसलिए यह अवंशागत है।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि हर विभिन्नता आगे जाती है। सिर्फ जीन वाली विभिन्नता वंशागत है।
- दोनों प्रकार मिला देना: लंबाई को हम पूरे सेमी में लिखते हैं, फिर भी वह सतत है।
- GM और चयनात्मक प्रजनन को एक समझना। प्रजनन पीढ़ियों में जीन मिलाता है; GM एक जीन सीधे डालता है।
- भूल जाना कि ज़्यादातर लक्षण जीन और वातावरण दोनों से बनते हैं।