पौधे के अंग और उनके काम
- जड़: पौधे को मिट्टी में पकड़े रखती है और पानी व खनिज लेती है।
- तना: पत्तियों को रोशनी की ओर उठाता है और जड़-पत्ती के बीच रस ले जाता है।
- पत्ती: प्रकाश संश्लेषण से भोजन बनाती है (रोशनी + पानी + कार्बन डाइऑक्साइड → चीनी + ऑक्सीजन)।
- फूल: अगली पीढ़ी के लिए बीज बनाता है; बीज फल के अंदर रहते हैं।
पौधा एक जगह स्थिर है। वह गर्मी या जानवरों से भाग नहीं सकता, इसलिए उसका पूरा शरीर वहीं खड़े-खड़े ज़रूरी चीज़ें जमा करने और ख़ुद को बचाने के लिए बना है।
बड़ी विनिमय सतहें, जड़ें और कवक
विनिमय सतह वह जगह है जहाँ से चीज़ें अंदर-बाहर जाती हैं। पौधे में ये बहुत बड़ी होती हैं:
- हर मूल रोम (जड़-बाल) एक लंबी पतली कोशिका है। राई के एक पौधे में अरबों हो सकते हैं, यानी ज़मीन के नीचे सैकड़ों वर्ग मीटर सतह।
- पतली चौड़ी पत्तियों में छोटे छेद रंध्र (stomata) होते हैं, जिनसे कार्बन डाइऑक्साइड अंदर और भाप बाहर जाती है। अंदर हवा वाली स्पंजी कोशिकाएँ सतह और बढ़ाती हैं।
माइकोराइजा (कवकमूल) जड़ों और मिट्टी के कवक की साझेदारी (सहजीवन) है। कवक के धागे दूर तक फैलकर पानी और फ़ॉस्फ़ेट जड़ को देते हैं; पौधा कवक को चीनी देता है। दोनों का फ़ायदा। ज़्यादातर ज़मीनी पौधों में यह होता है।
दो रस: जाइलम और फ्लोएम
कच्चा रस (जाइलम रस): पानी + खनिज आयन, जड़ से पत्तियों तक ऊपर, जाइलम वाहिकाओं में। ये मृत, खोखली नलियाँ हैं जिनकी दीवार लिग्निन से मज़बूत होती है।
- वाष्पोत्सर्जन खिंचाव: पत्तियों के रंध्रों से पानी भाप बनकर उड़ता है। पानी के अणु आपस में चिपकते हैं (संसंजन) और नली की दीवार से भी (आसंजन), इसलिए पूरा पानी का स्तंभ स्ट्रॉ से पीने की तरह ऊपर खिंचता है।
- मूल दाब: जड़ें आयन अंदर लेती हैं, परासरण से पानी पीछे आता है और नीचे से थोड़ा धक्का देता है।
तैयार रस (फ्लोएम रस): पानी + चीनी (मुख्यतः सुक्रोज़) और अमीनो अम्ल, स्रोत (चीनी बनाती पत्ती) से सिंक (जड़, फल, कली, आलू जैसा भंडार) तक। फ्लोएम जीवित चालनी नलिकाएँ और सहकोशिकाएँ हैं। स्रोत पर चीनी भरने से पानी अंदर आता है, दाब बनता है और रस सिंक की ओर धकेला जाता है (दाब प्रवाह)। यह ऊपर या नीचे दोनों जा सकता है।
बढ़वार, हार्मोन, रक्षा और अनुकूलन
बढ़वार विभज्योतक (meristem, तने और जड़ की नोक) में होती है, जहाँ कोशिकाएँ बँटती और फिर लंबी होती हैं। हार्मोन इसे चलाते हैं: ऑक्सिन तने को रोशनी की ओर मोड़ता है (प्रकाशानुवर्तन) और जड़ को नीचे (गुरुत्वानुवर्तन); जिबरेलिन तना लंबा करता और बीज जगाता है; साइटोकाइनिन कोशिका विभाजन बढ़ाता है; एब्सिसिक अम्ल सूखे में रंध्र बंद करता है; एथिलीन फल पकाती है।
रक्षा: भौतिक (छाल, मोटा मोम, काँटे, रोएँ) और रासायनिक (कड़वे या ज़हरीले पदार्थ जैसे निकोटिन, टैनिन, कीड़ों का मुँह चिपकाने वाला दूधिया रस)। कुछ पौधे रासायनिक संकेत भेजकर ततैयों को बुलाते हैं जो इल्लियों पर हमला करती हैं।
अनुकूलन: मरुद्भिद (सूखी जगह) में मोटी मोमी त्वचा, कम और धँसे रंध्र, पानी जमा करने वाला तना और काँटे (नागफनी)। जलोद्भिद (पानी) में तैरती पत्तियाँ, ऊपर की ओर रंध्र, तैरने के लिए हवा की जगहें और छोटी जड़ें (कमल, कुमुदिनी)। छाँव के पौधों की पत्तियाँ बड़ी और पतली; ठंडी जगह के पौधे नीचे और रोएँदार।
इंसान ने जंगली पौधों को पालतू (domesticate) बनाया, साल-दर-साल सबसे अच्छे बीज चुनकर: ऐसा गेहूँ जिसके दाने न झड़ें, बड़े फल, कम कड़वा स्वाद।
करके देखो
एक सफ़ेद फूल या अजवाइन की डंडी को गिलास में रंग या स्याही मिले पानी में रखो। 2, 6 और 24 घंटे बाद देखो। फिर धूप में एक पत्तेदार टहनी पर पारदर्शी पॉलीथीन बाँधो और एक घंटे बाद पानी की बूँदें देखो: यह आँख से दिखता वाष्पोत्सर्जन है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- कच्चा (जाइलम) रस: पानी + खनिज, जड़ → पत्ती (सिर्फ़ ऊपर)
- तैयार (फ्लोएम) रस: चीनी + पानी, स्रोत → सिंक (ऊपर या नीचे)
- वाष्पोत्सर्जन खिंचाव = भाप उड़ना + संसंजन + आसंजन
- प्रकाश संश्लेषण: कार्बन डाइऑक्साइड + पानी —रोशनी→ ग्लूकोज़ + ऑक्सीजन
- माइकोराइजा: कवक देता पानी/फ़ॉस्फ़ेट ↔ पौधा देता चीनी
- मरुद्भिद = सूखी ज़मीन का पौधा; जलोद्भिद = पानी का पौधा
हल किए गए उदाहरण
1. गर्म, सूखे, हवादार दिन में जाइलम में पानी तेज़ चढ़ेगा या धीरे? क्यों?
तेज़। पत्तियों से ज़्यादा भाप उड़ती है, तो पानी के स्तंभ पर खिंचाव ज़्यादा होता है।
2. गर्मियों में आलू का कंद चीनी के लिए स्रोत है या सिंक?
सिंक। पत्तियों की चीनी फ्लोएम से आती है और उसमें स्टार्च बनकर जमा होती है।
3. पेड़ के तने से छाल (फ्लोएम सहित) का छल्ला हटा दिया। छल्ले के ऊपर और नीचे क्या होगा?
पत्तियों से नीचे आती चीनी छल्ले के ऊपर रुककर जमा होती है, वहाँ छाल फूल जाती है। नीचे की जड़ों को चीनी नहीं मिलती और वे धीरे-धीरे भूखी मरती हैं। गहरी लकड़ी का जाइलम कुछ समय पानी ऊपर ले जाता रहता है।
4. कुमुदिनी की पत्ती में रंध्र ऊपर की सतह पर क्यों होते हैं?
नीचे की सतह पानी को छूती है। हवा और कार्बन डाइऑक्साइड सिर्फ़ ऊपर मिलती है।
आम गलतियाँ
- कहना कि फ्लोएम भोजन सिर्फ़ नीचे ले जाता है। यह स्रोत से सिंक तक ले जाता है, ऊपर (फल) या नीचे (जड़)।
- सोचना कि जाइलम कोशिकाएँ ज़िंदा हैं और पानी पंप करती हैं। परिपक्व जाइलम वाहिकाएँ मृत नलियाँ हैं; खिंचाव भाप उड़ने से आता है।
- कच्चे रस (पानी + खनिज) और तैयार रस (चीनी) को मिला देना।
- सोचना कि नागफनी में पत्तियाँ हैं ही नहीं। उसकी पत्तियाँ काँटे बन गईं; हरा तना प्रकाश संश्लेषण करता है।