बिना तंत्रिका तंत्र के पौधे प्रतिक्रिया कैसे करते हैं?
पौधों में तंत्रिका और पेशी नहीं होतीं। वे दो तरह से प्रतिक्रिया करते हैं:
- वृद्धि से न जुड़ी गति: तेज़, कुछ सेकंड में, जैसे छुईमुई की पत्तियों का मुड़ना।
- वृद्धि से जुड़ी गति: धीमी, घंटों या दिनों में, और इसकी दिशा होती है, जैसे तने का प्रकाश की ओर मुड़ना।
पौधे की कोशिकाएँ एक-दूसरे तक विद्युत और रासायनिक तरीक़े से सूचना पहुँचाती हैं, पर इसके लिए कोई ख़ास ऊतक नहीं होता।
तुरंत प्रतिक्रिया: छुईमुई का पौधा
छुईमुई (माइमोसा प्यूडिका) में एक जगह छूने की ख़बर बाकी पत्तियों तक फैलती है। पत्ती के आधार की कोशिकाएँ जल्दी से पानी बाहर कर देती हैं, उनका कसाव (स्फीति) ख़त्म होता है, आकार बदलता है और पत्तियाँ मुड़कर झुक जाती हैं। इसमें वृद्धि नहीं होती और मुड़ने की दिशा इस पर निर्भर नहीं कि आपने कहाँ छुआ। ऐसी गतियों को अनुकुंचन (नास्टिक) गति कहते हैं।
अनुवर्तन (वृद्धि) गतियाँ
अनुवर्तन किसी उद्दीपन के कारण दिशा वाली वृद्धि गति है। उद्दीपन की ओर बढ़ना धनात्मक, उससे दूर बढ़ना ऋणात्मक कहलाता है।
प्रकाशानुवर्तन (प्रकाश)
तना प्रकाश की ओर (धनात्मक), जड़ प्रकाश से दूर (ऋणात्मक)।
गुरुत्वानुवर्तन (गुरुत्व)
जड़ नीचे (धनात्मक), तना ऊपर (ऋणात्मक)।
जलानुवर्तन (पानी)
जड़ें नम मिट्टी या पानी की ओर बढ़ती हैं।
रसायनानुवर्तन (रसायन)
निषेचन के समय पराग नलिका रसायनों के सहारे बीजांड की ओर बढ़ती है।
मटर जैसी बेलों के प्रतान सहारे से लिपटते हैं: सहारे से दूर वाला भाग तेज़ी से बढ़ता है (स्पर्श अनुवर्तन)।
पादप हॉर्मोन (फाइटोहॉर्मोन)
- ऑक्सिन: तने की नोक पर बनता है; कोशिकाओं को लंबा करता है। एक तरफ़ से रोशनी आने पर ऑक्सिन छाया वाली तरफ़ जाता है, वहाँ कोशिकाएँ ज़्यादा लंबी होती हैं और तना रोशनी की ओर मुड़ता है।
- जिबरेलिन: तने की लंबाई बढ़ाता है; फल बड़े करने और बीज की सुप्तावस्था तोड़ने में भी काम आता है।
- साइटोकाइनिन: कोशिका विभाजन बढ़ाता है; जहाँ विभाजन तेज़ है, जैसे फल और बीज, वहाँ ज़्यादा होता है।
- एब्सिसिक अम्ल (ABA): वृद्धि रोकने वाला हॉर्मोन; पत्तियों का मुरझाना और गिरना, और सूखे जैसे तनाव में बचाव।
पहले तीन वृद्धि बढ़ाते हैं; एब्सिसिक अम्ल वृद्धि रोकता है। एथिलीन (फल पकाना) भी एक पादप हॉर्मोन है।
बोर्ड परीक्षा टिप: "हॉर्मोन का नाम बताइए", प्रकाशानुवर्तन का प्रयोग और अनुवर्तन व अनुकुंचन गति में अंतर अक्सर पूछे जाते हैं।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अनुवर्तन = उद्दीपन की ओर (+) या उससे दूर (−) दिशा वाली वृद्धि
- प्रकाशानुवर्तन: तना + , जड़ −
- गुरुत्वानुवर्तन: जड़ + , तना −
- जलानुवर्तन: जड़ पानी की ओर +
- रसायनानुवर्तन: पराग नलिका बीजांड की ओर +
- अनुकुंचन गति: न दिशा, न वृद्धि (छुईमुई)
- ऑक्सिन → कोशिका लंबी, प्रकाश की ओर झुकाव
- जिबरेलिन → तने की वृद्धि; साइटोकाइनिन → कोशिका विभाजन; एब्सिसिक अम्ल → वृद्धि रोके, मुरझाना
हल किए गए उदाहरण
1. एक खिड़की वाले कमरे में रखा पौधा खिड़की की ओर झुक जाता है। कारण बताइए।
रोशनी एक तरफ़ से आती है। तने की नोक का ऑक्सिन अँधेरी तरफ़ चला जाता है, वहाँ कोशिकाएँ रोशनी वाली तरफ़ से ज़्यादा लंबी होती हैं, इसलिए तना खिड़की की ओर मुड़ता है। यह धनात्मक प्रकाशानुवर्तन है।
2. गमले को दो दिन के लिए करवट पर लिटा दिया। जड़ और तने का क्या होगा?
जड़ की नोक नीचे की ओर मुड़ेगी (धनात्मक गुरुत्वानुवर्तन) और तने की नोक ऊपर की ओर मुड़ेगी (ऋणात्मक गुरुत्वानुवर्तन)।
3. छुईमुई की पत्तियों का मुड़ना, तने के प्रकाश की ओर मुड़ने से कैसे अलग है?
छुईमुई की गति तेज़ है, वृद्धि से नहीं होती और दिशा वाली नहीं (पानी निकलने से, अनुकुंचन गति)। प्रकाश की ओर मुड़ना धीमा, असमान वृद्धि से और दिशा वाला है (अनुवर्तन)।
4. बौने मटर को लंबा करने के लिए और सूखे में पुरानी पत्तियाँ गिराने के लिए कौन-से हॉर्मोन?
तना लंबा करने के लिए जिबरेलिन; तनाव में पत्तियाँ मुरझाने और गिराने के लिए एब्सिसिक अम्ल।
5. बीजांड स्त्रीकेसर के भीतर गहराई में है, फिर भी पराग नलिका वहाँ कैसे पहुँचती है?
बीजांड रसायन छोड़ता है। पराग नलिका उन रसायनों की ओर बढ़ती है (रसायनानुवर्तन) और रास्ता पा लेती है।
आम गलतियाँ
- छुईमुई की गति को अनुवर्तन कहना। यह वृद्धि नहीं और दिशा वाली भी नहीं; यह अनुकुंचन गति है।
- यह कहना कि ऑक्सिन रोशनी वाली तरफ़ जमा होता है। वह छाया वाली तरफ़ जाता है, जो ज़्यादा बढ़ती है।
- धनात्मक-ऋणात्मक में गड़बड़: जड़ गुरुत्व के लिए धनात्मक पर प्रकाश के लिए ऋणात्मक है।
- एब्सिसिक अम्ल को वृद्धि बढ़ाने वाला कहना। यह वृद्धि रोकता है।