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काई (मॉस / ब्रायोफ़ाइटा)

काई छोटे हरे स्थलीय पौधे हैं। इनमें सच्ची जड़ें और नलियाँ नहीं होतीं। मूलाभास इन्हें ज़मीन से पकड़े रखते हैं। शुक्राणुओं को तैरने के लिए पानी चाहिए, इसलिए काई नम जगह में रहती है। हरा पौधा (n) अंडा और शुक्राणु बनाता है। निषेचन के बाद उस पर कैप्सूल (2n) उगता है और बीजाणु छोड़ता है। दलदल की स्फ़ैग्नम काई से पीट बनता है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. काई हरा मुलायम गुच्छा है। यह बहुत सारे छोटे पौधों से बना है। हर पौधा बस कुछ सेंटीमीटर ऊँचा है।
  2. एक पौधा देखिए। पतला तना, छोटी पत्तियाँ और नीचे मूलाभास हैं। मूलाभास पौधे को पकड़ते हैं। भीतर कोई नली नहीं है।
  3. बारिश से पानी की पतली परत बनती है। नर सिरे के शुक्राणु इसमें तैरकर मादा सिरे के अंडे तक जाते हैं।
  4. अंडा निषेचित होने पर हरे पौधे के ऊपर डंठल और कैप्सूल उगता है। कैप्सूल बीजाणुओं की फ़ैक्टरी है।
  5. कैप्सूल खुलता है और बीजाणु उड़ते हैं। नम जगह गिरा बीजाणु हरा धागा बनाता है, फिर नई काई।
  6. आपकी बारी: दलदल में स्फ़ैग्नम काई स्पंज की तरह पानी सोखती है। नीचे की मृत काई दबकर पीट बनती है। स्लाइडर से वर्ष बढ़ाइए।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

क्या मूलाभास और जड़ एक ही हैं?

नहीं। मूलाभास बस कुछ कोशिका मोटे होते हैं। वे काई को पकड़ते हैं, पर पौधे के भीतर पानी ऊपर नहीं भेजते।

काई पेड़ जितनी ऊँची क्यों नहीं होती?

इसमें नलियाँ नहीं हैं। पानी कोशिका से कोशिका जाता है, जो ऊँचे पौधे के लिए बहुत धीमा है।

नई काई बनने के लिए बारिश क्यों चाहिए?

शुक्राणु पानी की परत में तैरकर अंडे तक पहुँचते हैं। 3D में सफ़ेद शुक्राणु देखिए।

क्या कैप्सूल अलग पौधा है?

यह बीजाणुद्भिद है, उसी काई की दूसरी अवस्था। यह हरे पौधे पर उगता है और भोजन के लिए उसी पर निर्भर है।

काई नई दीवार पर कैसे पहुँचती है?

छोटे बीजाणु हवा से उड़ते हैं। नम जगह गिरने पर वे हरा धागा और फिर काई बनाते हैं।

पीट सिर्फ़ ठंडी और गीली जगहों में ही क्यों मिलता है?

ठंडे और गीले पानी में ऑक्सीजन कम होती है, इसलिए सड़न बहुत धीमी होती है और मृत काई जमा होती जाती है।

काई क्या है?

काई ब्रायोफ़ाइटा समूह के पौधे हैं। ये ज़मीन पर रहने वाले सबसे पहले पौधों में से हैं। ज़्यादातर काई 1 से 10 सेमी ऊँची होती है और नम मिट्टी, चट्टान, दीवार और पेड़ के तनों पर हरी परत में उगती है।

इतनी छोटी क्यों? काई में नलियाँ नहीं होतीं (जाइलम और फ़्लोएम नहीं)। पानी और भोजन एक कोशिका से दूसरी में धीरे-धीरे जाते हैं। ऊँचे पौधे तक पानी पहुँचाने के लिए नलियाँ चाहिए, इसलिए काई ऊँची नहीं हो पाती।

काई के पौधे की संरचना

काई के पौधे के तीन सरल भाग हैं।

पूरा हरा पौधा युग्मकोद्भिद (gametophyte) है। इसकी कोशिकाओं में गुणसूत्रों का एक सेट (n) होता है।

काई का जीवन-चक्र

काई के जीवन-चक्र में दो शरीर बारी-बारी से आते हैं। इसे पीढ़ी-एकांतरण (alternation of generations) कहते हैं।

  1. हरा पौधा (n) नर सिरों पर शुक्राणु और मादा सिरों पर अंडा बनाता है।
  2. गीले मौसम में शुक्राणु पानी की परत में तैरकर अंडे तक पहुँचते हैं। यह निषेचन है। शुक्राणुओं की पूँछ होती है, इसलिए पानी ज़रूरी है।
  3. निषेचित अंडा (युग्मनज, 2n) बढ़कर बीजाणुद्भिद (sporophyte) बनता है: डंठल और ऊपर कैप्सूल। यह हरे पौधे से जुड़ा रहता है और उसी से भोजन लेता है।
  4. कैप्सूल के भीतर कोशिकाएँ अर्धसूत्री विभाजन से बहुत सारे बीजाणु (n) बनाती हैं।
  5. सूखने पर कैप्सूल खुलता है और हवा बीजाणुओं को दूर ले जाती है।
  6. नम ज़मीन पर गिरा बीजाणु हरा धागा (प्रोटोनीमा) बनाता है, फिर नया काई-पौधा।

काई में दिखने वाला हरा पौधा मुख्य अवस्था (n) है। कैप्सूल (2n) छोटा है और उसी पर निर्भर है।

पीट दलदल और स्फ़ैग्नम

स्फ़ैग्नम (पीट मॉस) ठंडी, गीली जगहों यानी दलदल (bog) में उगती है। इसकी पत्तियों में बड़ी खाली कोशिकाएँ पानी भर लेती हैं। एक मुट्ठी काई अपने वज़न से कई गुना पानी रोक सकती है, स्पंज की तरह।

ऊपर की परत जीवित और हरी रहती है। नीचे की परतें मर जाती हैं। गीले, खट्टे और कम ऑक्सीजन वाले पानी में जीवाणु और कवक मृत काई को पूरा सड़ा नहीं पाते। ऊपर नई काई उगती रहती है, और नीचे की मृत परतें दबकर धीरे-धीरे पीट (peat) बन जाती हैं। दलदल में लगभग 1 मिमी पीट प्रति वर्ष जमा होता है, यानी एक मीटर पीट में करीब हज़ार साल लगते हैं।

काई क्यों ज़रूरी है?

काई अग्रणी (pioneer) पौधे हैं। ये नंगी चट्टान पर उगकर पतली मिट्टी बनाती हैं, ताकि दूसरे पौधे आ सकें। ये ढलान पर पानी रोकती हैं और मिट्टी का कटाव कम करती हैं। छोटे जीवों को भोजन और आसरा भी देती हैं।

करके देखिए: अपनी काई का अध्ययन

बरसात में काई का कोई गुच्छा खोजिए। एक छोटा टुकड़ा धीरे से उठाकर आवर्धक काँच से देखिए। एक तने पर पत्तियाँ गिनिए। नीचे मूलाभास ढूँढिए। ऊपर कैप्सूल वाला पतला डंठल खोजिए। फिर सूखी भूरी काई पर पानी छिड़ककर दस मिनट रुकिए। क्या हुआ? लिख लीजिए। (काई को वहीं वापस रख दीजिए जहाँ से उठाई थी।)

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ज़्यादातर काई 10 सेमी से छोटी क्यों होती है?

इनमें जाइलम और फ़्लोएम नहीं होते। पानी और भोजन कोशिका से कोशिका धीरे-धीरे जाते हैं, जो सिर्फ़ छोटी दूरी तक चलता है। इसलिए पौधा छोटा रहता है।

2. सूखी छत पर काई उग रही है पर कैप्सूल नहीं हैं। कारण बताइए।

शुक्राणुओं को अंडे तक तैरने के लिए पानी की परत चाहिए। सूखी छत पर वह परत नहीं बनती, इसलिए निषेचन नहीं होता और कैप्सूल नहीं बनता।

3. दलदल में 1 मिमी प्रति वर्ष पीट जमा होता है। 2,500 वर्ष में कितना गहरा पीट बनेगा?

2,500 वर्ष × 1 मिमी = 2,500 मिमी = 250 सेमी = 2.5 मीटर।

4. कैप्सूल n है या 2n? उसे भोजन कहाँ से मिलता है?

कैप्सूल 2n है क्योंकि यह युग्मनज से बना है। यह हरे पौधे से जुड़ा रहता है और उसी से भोजन और पानी लेता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. काई का कौन-सा भाग बीजाणु बनाता है?
2. काई को प्रजनन के लिए पानी क्यों चाहिए?
3. मूलाभास का काम है:
4. हरे काई-पौधे में गुणसूत्रों के कितने सेट होते हैं?
5. पीट मुख्य रूप से किस काई से बनता है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काई आसान शब्दों में क्या है?

काई छोटे हरे स्थलीय पौधे हैं जिनमें फूल, बीज या नलियाँ नहीं होतीं। ये नम, छायादार जगहों पर मुलायम गुच्छों में उगती हैं और बीजाणुओं से फैलती हैं।

पीट किस काम आता है?

कुछ जगहों पर सूखा पीट ईंधन के रूप में और बागवानी में पानी रोकने के लिए काम आता है। पर दलदल बहुत कीमती होते हैं, इसलिए कई देश इन्हें बचाते हैं।

क्या काई और फ़र्न एक ही हैं?

नहीं। फ़र्न में नलियाँ होती हैं और वे ऊँचे हो सकते हैं। काई में नलियाँ नहीं होतीं और वह छोटी रहती है।

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