स्वास्थ्य क्या है? आयाम और संकेत
स्वास्थ्य का मतलब है हर तरह से ठीक रहना, सिर्फ़ बीमारी न होना नहीं। इसके आयाम (पहलू) हैं:
- शारीरिक: शरीर ठीक काम करे, ऊर्जा हो, सही बढ़त हो।
- मानसिक और भावनात्मक: साफ़ सोच सकें, तनाव संभाल सकें, शांत रहें।
- सामाजिक: परिवार, दोस्तों और दूसरों से अच्छे संबंध।
कुछ किताबें आध्यात्मिक और पर्यावरणीय स्वास्थ्य भी जोड़ती हैं।
संकेत (indicators) वे बातें हैं जो हम जाँच सकते हैं: उम्र के हिसाब से सही वज़न और लंबाई, अच्छी भूख, गहरी नींद, चमकदार बाल और साफ़ त्वचा, काम-खेल की ऊर्जा, और कम बीमार पड़ना। पूरे देश के लिए औसत आयु और शिशु मृत्यु दर भी संकेत हैं।
कुपोषण: अल्पपोषण और अतिपोषण
कुपोषण यानी ग़लत पोषण। इसके दो रूप हैं।
- अल्पपोषण (under-nutrition): कम खाना या कम पोषक तत्व। संकेत: कम वज़न, उम्र से छोटा कद (स्टंटिंग), बहुत दुबलापन (वेस्टिंग), और कमी के रोग जैसे एनीमिया (आयरन की कमी) या रतौंधी (विटामिन A की कमी)।
- अतिपोषण (over-nutrition): बहुत ज़्यादा खाना, ख़ासकर तेल, चीनी और नमक, और कम व्यायाम। इससे मोटापा, और आगे डायबिटीज़ और दिल के रोग।
दोनों एक ही शहर, यहाँ तक कि एक ही परिवार में हो सकते हैं। स्वच्छता भी ज़रूरी है: बार-बार दस्त वाला बच्चा पोषक तत्व खो देता है और खाना होते हुए भी कुपोषित हो जाता है।
व्यक्तिगत, भोजन और पर्यावरण स्वच्छता
स्वच्छता (hygiene) यानी साफ़ आदतें जो कीटाणुओं को दूर रखें। सफ़ाई व्यवस्था (sanitation) यानी कचरे, मल और गंदे पानी को सुरक्षित हटाना।
- व्यक्तिगत स्वच्छता: रोज़ नहाना, साबुन से 20 सेकंड हाथ धोना (खाने से पहले, शौच के बाद), दिन में दो बार ब्रश, नाख़ून काटना, साफ़ कपड़े, खाँसते समय मुँह ढकना।
- भोजन स्वच्छता: फल-सब्ज़ी धोना, अच्छी तरह पकाना, खाना मक्खी-धूल से ढकना, साफ़ बर्तन, कच्चा और पका अलग रखना।
- पर्यावरण स्वच्छता: शौचालय का उपयोग, कूड़ा ढके डिब्बे में, नालियाँ बहती रहें, रुका पानी हर हफ़्ते खाली करना (इसमें मच्छर पनपते हैं), खेल का मैदान साफ़ और टूटे काँच या नुकीली चीज़ों से मुक्त।
सुरक्षित पेयजल और जल शुद्धिकरण
सुरक्षित पानी साफ़ दिखता है, गंध नहीं होती और सबसे ज़रूरी, उसमें हानिकारक कीटाणु या रसायन नहीं होते। साफ़ दिखने वाले पानी में भी कीटाणु हो सकते हैं!
- उबालना: कम से कम 1 मिनट तेज़ उबाल से लगभग सारे कीटाणु मर जाते हैं। आसान और पक्का।
- क्लोरीन मिलाना: सही मात्रा में क्लोरीन (गोली या घोल) कीटाणु मारता है। शहरों और आपदा में उपयोग होता है।
- छानना (फ़िल्टर): कैंडल या रेत फ़िल्टर गंदगी और कई कीटाणु हटाते हैं; अक्सर क्लोरीन या उबालने के साथ।
- RO और UV प्यूरीफ़ायर: घरेलू मशीनें जो लवण हटाती हैं या पराबैंगनी किरणों से कीटाणु मारती हैं।
- कपड़े से छानना सिर्फ़ गंदगी और कुछ बड़े कण हटाता है। अकेले काफ़ी नहीं।
साफ़ पानी ढके बर्तन में रखो और करछी से निकालो, हाथ डालकर नहीं।
खुद करो: घर की स्वच्छता जाँच
10 मिनट घर में घूमो। गिनो: रुका पानी (गमले, कूलर, टायर), खुला खाना, खुला कूड़ेदान, और हर नल के पास साबुन। आज एक चीज़ ठीक करो। फिर 3D में एक-एक आदत बंद करके देखो कि किससे ख़तरा सबसे ज़्यादा बढ़ता है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- स्वास्थ्य = शारीरिक + मानसिक + सामाजिक कल्याण
- कुपोषण = अल्पपोषण या अतिपोषण
- स्वच्छता के प्रकार: व्यक्तिगत · भोजन · पर्यावरण
- हाथ धोना: साबुन + 20 सेकंड
- पानी उबालना: तेज़ उबाल ≥ 1 मिनट
हल किए गए उदाहरण
1. 10 साल का बच्चा अपनी उम्र के बच्चों से बहुत कम वज़न का है और जल्दी थकता है। क्या समस्या है और क्या बदलें?
अल्पपोषण। उसे ऊर्जा, प्रोटीन, आयरन और विटामिन वाला ज़्यादा खाना चाहिए, और कीड़ों या बार-बार बीमारी की जाँच।
2. परिवार का पानी साफ़ दिखता है। क्या बिना उपचार पीना सुरक्षित है?
पक्का नहीं। कीटाणु दिखते नहीं। पहले उबालो, क्लोरीन डालो या अच्छे प्यूरीफ़ायर से साफ़ करो।
3. एक गली के कई बच्चों को डेंगू हुआ। कौन-सी स्वच्छता चूकी और उपाय क्या है?
पर्यावरण स्वच्छता। मच्छर रुके पानी में पनपते हैं। कूलर, गमले, टायर हर हफ़्ते खाली करके सुखाओ, नालियाँ बहती रखो।
आम गलतियाँ
- सोचना कि स्वास्थ्य = बस बीमारी न होना। मन और सामाजिक जीवन भी स्वास्थ्य का हिस्सा हैं।
- सोचना कि कुपोषण यानी सिर्फ़ दुबलापन। मोटापा भी कुपोषण है।
- मानना कि साफ़ दिखने वाला पानी हमेशा सुरक्षित है। कीटाणु दिखते नहीं।
- सिर्फ़ पानी से 2 सेकंड हाथ धोना। साबुन लगाकर 20 सेकंड रगड़ो।