Italy Scuola secondaria di primo grado – classe 3ª Civic education
अध्याय: 3
1. Constitution
Respect, legality and belonging · Institutions and active citizenship · Health and wellbeing
- संविधान क्या है? नियम, अधिकार और कर्तव्य – संविधान किसी देश का सबसे ऊँचा क़ानून है। यह बताता है कि राज्य कैसे बना है, शक्ति किसके पास और कैसे है, और नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य क्या हैं। क़ानूनी नियम दूसरे नियमों (खेल, घर, स्कूल, शिष्टाचार) से अलग हैं क्योंकि राज्य उन्हें बनाता और अदालतों व दंड से लागू करता है। सारे क़ानून एक पिरामिड बनाते हैं: सबसे ऊपर संविधान, फिर संसद के क़ानून, फिर नियम और स्थानीय नियम; ऊपर वाले से टकराने वाला नीचे का नियम रद्द हो सकता है। ज़्यादातर संविधान बदलना कठिन है (कठोर), ताकि समानता, स्वतंत्रता, एकजुटता और काम का अधिकार व कर्तव्य जैसे मूल्य सुरक्षित रहें।
- शासन प्रणालियाँ: सरकार के अंग, नियंत्रण और संतुलन – हर आधुनिक राज्य सत्ता को तीन अंगों में बाँटता है: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका लागू करती है, न्यायपालिका व्याख्या करती है। नियंत्रण और संतुलन से हर अंग दूसरे को सीमित कर सकता है। लोकतंत्र विधायिका और कार्यपालिका को अलग तरह से जोड़ते हैं। संसदीय प्रणाली में सरकार संसद से बनती है और उसके विश्वास पर टिकी रहती है (भारत, ब्रिटेन, जर्मनी)। अध्यक्षीय प्रणाली में जनता राष्ट्रपति और विधायिका को अलग-अलग तय अवधि के लिए चुनती है (अमेरिका, ब्राज़ील)। अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली में चुने हुए राष्ट्रपति और संसद के प्रति ज़िम्मेदार प्रधानमंत्री में सत्ता बँटी है (फ़्रांस)। राजतंत्र और स्विट्ज़रलैंड की समिति प्रणाली दूसरे रूप हैं।
- स्वस्थ जीवनशैली: रोज़ की आदतें जो तुम्हें ठीक रखें – स्वस्थ जीवनशैली रोज़ की अच्छी आदतों का नाम है: पाँच भोजन-समूहों वाला संतुलित आहार, भरपूर पानी, स्कूली बच्चों के लिए 9–11 घंटे और किशोरों के लिए लगभग 8–10 घंटे नींद, रोज़ कम से कम 60 मिनट खेल-कूद, सही मुद्रा, साफ-सुरक्षित भोजन, और तंबाकू, शराब व नशे से दूरी। इनसे टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे जीवनशैली रोगों का खतरा घटता है।
- स्वच्छता और सफ़ाई (Hygiene and Sanitation) – स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ़ बीमारी न होना नहीं, बल्कि शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों में ठीक रहना है। स्वास्थ्य के संकेत (indicators) हैं: उम्र के हिसाब से वज़न, ऊर्जा, अच्छी नींद और कम बीमार पड़ना। ग़लत खान-पान से कुपोषण होता है: अल्पपोषण (कम खाना या पोषक तत्व) या अतिपोषण (बहुत ज़्यादा, जिससे मोटापा)। स्वच्छता (hygiene) यानी साफ़ आदतें जो कीटाणु रोकें: व्यक्तिगत, भोजन और पर्यावरण स्वच्छता। सफ़ाई व्यवस्था (sanitation) यानी कचरे और गंदे पानी को सुरक्षित हटाना। पीने का पानी उबालकर, छानकर, क्लोरीन या दूसरे तरीकों से सुरक्षित बनाना चाहिए।
2. Economic development and sustainability
Growth, work and environment · Heritage, savings and legality
- संधारणीयता (Sustainability) – संधारणीयता यानी आज अपनी ज़रूरतें ऐसे पूरी करना कि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह तीन स्तंभों पर टिकी है — पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था। कोई संसाधन तभी टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल होता है जब हम उसे उसके नवीकरण से तेज़ न लें। आज मानवता हर साल लगभग 1.7 पृथ्वी जितना इस्तेमाल करती है, और यह इस्तेमाल बहुत असमान है। देखभाल (stewardship), समझदार योजना और GIS जैसे औज़ार हमें संधारणीयता की ओर ले जाते हैं।
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
3. Digital citizenship
Using digital information and communication responsibly
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।