दैनिक जीवन को समझना
दैनिक जीवन यानी वे आम ज़रूरतें जो सबकी होती हैं: आरामदायक जगह, खाना-पीना, पेशाब-शौच, चलना-फिरना, नींद, सफ़ाई और साफ़ कपड़े। बीमार, बुज़ुर्ग या कमज़ोर लोग इनमें से कुछ अकेले नहीं कर पाते। नर्स मदद करती है, पर तीन नियम मानती है: जितनी ज़रूरत उतनी ही मदद ताकि मरीज़ आत्मनिर्भर रहे, निजता और गरिमा रखना, और मरीज़ की अपनी आदतों और संस्कृति का सम्मान।
वातावरण का समायोजन
कमरा ऐसा हो जो ठीक होने में मदद करे। नर्स ये ठीक करती है:
- तापमान: ज़्यादातर लोगों के लिए लगभग 22 से 26 °C आरामदायक है।
- ताज़ी हवा और नमी: खिड़की खोलो या पंखा चलाओ, पर सीधी तेज़ हवा मरीज़ पर न पड़े।
- रोशनी: दिन में तेज़, रात में धीमी।
- शोर: कम रखो; काम ऐसे तय करो कि मरीज़ आराम कर सके।
- सुरक्षा और सफ़ाई: सूखा फ़र्श, खाली रास्ता, बिस्तर सुरक्षित ऊँचाई पर।
भोजन और पोषण
मरीज़ को सही भोजन (ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट, मरम्मत के लिए प्रोटीन, विटामिन और रेशे के लिए सब्ज़ी-फल) और पर्याप्त पानी चाहिए। नर्स:
- आहार का आदेश और एलर्जी जाँचती है;
- खाते समय मरीज़ को सीधा बिठाती है, इससे गले में अटकने का ख़तरा घटता है;
- खाना काटने या खिलाने में धीरे-धीरे, छोटे निवालों में मदद करती है;
- लिखती है कि कितना खाया-पिया, और कम खाए तो आहार-विशेषज्ञ को बताती है।
मल-मूत्र त्याग
मल-मूत्र त्याग (excretion) यानी पेशाब और शौच। नर्स निजता देती है, बेडपैन, कमोड या शौचालय तक सहारा देती है और बाद में कोमलता से साफ़ करती है। वह यह भी देखती है: कितनी बार, कितना, रंग (हल्का पीला पेशाब स्वस्थ है; गहरा या लाल चेतावनी है), गंध, दर्द और तकलीफ़। मोटा नियम: दिन भर जो पिया और जो निकला, वे लगभग संतुलित हों। इसे तरल संतुलन (fluid balance) यानी सेवन-निकास चार्ट कहते हैं।
गतिविधि और व्यायाम
चलने-फिरने से मांसपेशियाँ, जोड़, फेफड़े, हृदय और आँतें ठीक चलती हैं। कई दिन बिना हिले लेटने से जोड़ जकड़ते हैं, मांसपेशियाँ कमज़ोर होती हैं, छाती में संक्रमण और दबाव के घाव (pressure sore) हो सकते हैं। नर्स मरीज़ को बिस्तर पर लगभग हर 2 घंटे में करवट बदलने, बैठने, खड़े होने और डॉक्टर की अनुमति से चलने में मदद करती है और सही तरह उठाती है ताकि मरीज़ और नर्स दोनों को चोट न लगे।
आराम और नींद
नींद में शरीर अपनी मरम्मत करता है। ज़्यादातर बड़ों को लगभग 7 से 9 घंटे चाहिए; बच्चों और किशोरों को ज़्यादा। नर्स अँधेरा और शांत कमरा, नियमित सोने का समय, आरामदायक बिस्तर, ज़रूरत पर दर्द से राहत देकर और शाम को देर से कड़क चाय-कॉफ़ी से बचाकर नींद में मदद करती है। रात की देखभाल ऐसे तय करना कि ज़रूरत पर ही जगाया जाए, नींद की रक्षा करता है।
सफ़ाई और कपड़े
साफ़ त्वचा, मुँह, बाल और कपड़े संक्रमण रोकते हैं और अच्छा महसूस कराते हैं। नर्स नहलाने (शॉवर, स्पंज स्नान या बिस्तर पर स्नान), मुँह की सफ़ाई (ब्रश; बेहोश मरीज़ की कोमल सफ़ाई), बाल और नाखून की देखभाल और गीले या गंदे होने पर कपड़े बदलने में मदद करती है। कपड़े साफ़, सूखे, ढीले और मौसम के हिसाब से हों। धोते समय नर्स त्वचा पर लालिमा या घाव देखती है, गर्माहट और गरिमा के लिए ढककर रखती है और साफ़ हिस्सों से गंदे हिस्सों की ओर धोती है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
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हल किए गए उदाहरण
1. मरीज़ ने दिन में 300 mL के 6 गिलास पिए। कुल सेवन कितना है?
6 × 300 = 1800 mL, यानी 1.8 लीटर।
2. बिस्तर पर पड़े मरीज़ की करवट सुबह 8 बजे बदली गई। अगली कब?
लगभग हर 2 घंटे में, यानी करीब 10 बजे, ताकि त्वचा को दबाव के घाव से बचाया जा सके।
3. मरीज़ रात में 5 घंटे सोता है। 24 में से कितने घंटे जागता है?
24 − 5 = 19 घंटे। यह सामान्य से ज़्यादा है, इसलिए नर्स कारण (दर्द, शोर, चिंता) खोजती है और मदद की योजना बनाती है।
आम गलतियाँ
- मरीज़ के लिए सब कुछ खुद कर देना। जो वह कर सकता है, उसे करने दो।
- सीधे लेटे मरीज़ को खिलाना। पहले उसे सीधा बिठाओ।
- घंटों एक ही स्थिति में छोड़ देना। लगभग हर 2 घंटे में करवट बदलो।
- शौच और नहलाने में निजता भूल जाना। हमेशा पर्दा करो और ढको।