साँस, रक्त संचार और शरीर का तापमान
जीवन-संकेत (vital signs) शरीर की वे जल्दी जाँचें हैं जो दिखाती हैं कि ज़रूरी काम ठीक चल रहे हैं या नहीं। नर्स इन्हें बार-बार देखती है, क्योंकि कुछ बदलना अक्सर गड़बड़ी का पहला संकेत होता है।
- साँस की दर: एक मिनट में छाती कितनी बार उठती है। बड़ों में करीब 12 से 20।
- नब्ज़: कलाई पर महसूस होने वाली धड़कन। बड़ों में 60 से 100 प्रति मिनट।
- रक्तचाप: खून का नली की दीवार पर दबाव। स्वस्थ बड़े में करीब 120/80 mmHg।
- शरीर का तापमान: सामान्य 36.1 से 37.2 °C। 38 °C से ऊपर बुखार है।
- ऑक्सीजन स्तर (SpO2): उँगली पर लगने वाला क्लिप। स्वस्थ में 95% या ज़्यादा।
मदद के तरीके: साँस आसान करने को बिठाओ, डॉक्टर कहे तो ऑक्सीजन दो, ठंड में गर्म रखो, गर्मी में हल्के कपड़े पहनाओ और तरल पदार्थ दो।
दवा देना (औषधि प्रशासन)
दवा बहुत मदद करती है, लेकिन ग़लत दवा या मात्रा नुकसान कर सकती है। इसलिए नर्स हर बार पाँच सही जाँचती है:
- सही व्यक्ति (नाम और पहचान देखो)
- सही दवा (लेबल पढ़ो)
- सही मात्रा
- सही समय (कितनी बार)
- सही रास्ता (कैसे अंदर जाए)
रास्ते: मुँह से (गोली, सिरप), जीभ के नीचे, चमड़ी पर (क्रीम, पैच), साँस से (इन्हेलर), माँसपेशी या नस में (इंजेक्शन, ड्रिप)। पहले एलर्जी पूछो, रिकॉर्ड रखो और खुजली या उल्टी जैसे असर पर नज़र रखो।
घाव की देखभाल (wound management)
घाव यानी चमड़ी का कटना। चमड़ी हमारी ढाल है, इसलिए घाव से कीटाणु अंदर जा सकते हैं।
- हाथ धोओ और साफ़ दस्ताने पहनो।
- खून रोको: साफ़ कपड़े से दबाओ।
- साफ़ करो: साफ़ बहते पानी या नमक के पानी से। बीच से बाहर की ओर पोंछो।
- ढको: साफ़ पट्टी से। गीली या गंदी हो जाए तो बदलो।
- नज़र रखो: ज़्यादा लालिमा, सूजन, गर्मी, मवाद, बदबू या बुखार हो तो संक्रमण है।
ठीक होने के लिए अच्छा खाना (प्रोटीन और विटामिन C), आराम और गंदगी से बचाव चाहिए। गहरे घाव, जानवर के काटने और मिट्टी वाले घाव में टाँके या टेटनस का इंजेक्शन लग सकता है।
जाँच, परीक्षण और प्रक्रियाएँ
डॉक्टर मरीज़ की जाँच करता है और परीक्षण (खून, पेशाब, X-ray, ECG) या प्रक्रियाएँ (टाँका, ड्रिप, कैथेटर) बता सकता है। नर्स ऐसे मदद करती है:
- आसान शब्दों में समझाती है कि क्या होगा, ताकि मरीज़ शांत रहे और सहमति दे।
- तैयारी कराती है (ज़रूरत हो तो खाली पेट) और साफ़ औज़ारों की ट्रे लगाती है।
- निजता और आराम का ध्यान रखती है।
- नमूने पर सही नाम लिखती है, मरीज़ के पास ही।
- बाद में निगरानी करके लिख लेती है।
नतीजे की तुलना सामान्य सीमा से की जाती है। सीमा से बाहर होना एक सुराग़ है, अंतिम जवाब नहीं।
जीवन रक्षक आपात उपचार
अगर कोई जवाब नहीं देता और सामान्य साँस नहीं ले रहा, तो दिल रुक सकता है। हर मिनट क़ीमती है। नियम: देखो, बुलाओ, दबाओ।
- देखो: जगह सुरक्षित है? कंधा थपथपाकर पूछो, "ठीक हो?"
- बुलाओ: आपात नंबर पर मदद बुलाओ और किसी को AED (डिफ़िब्रिलेटर) लाने को कहो।
- दबाओ: हथेली की एड़ी छाती के बीच में रखो, बाँहें सीधी, लगभग 5 से 6 सेमी दबाओ, एक मिनट में 100 से 120 बार, हर बार छाती को वापस ऊपर आने दो।
- प्रशिक्षित हो तो हर 30 दबाव के बाद 2 साँसें दो। AED आते ही उसकी आवाज़ मानकर चलाओ।
तब तक मत रुको जब तक मदद न आ जाए या व्यक्ति होश में न आए।
जीवन के अंतिम समय की देखभाल
जब बीमारी ठीक नहीं हो सकती, तब भी देखभाल रुकती नहीं। उसका लक्ष्य बदल जाता है: इलाज से हटकर आराम और सम्मान पर।
- तकलीफ़ कम करो: दर्द, साँस फूलना, मुँह सूखना, बेचैनी।
- इच्छा का आदर करो: खाना, मिलने वाले, प्रार्थना, वह कहाँ रहना चाहता है।
- साफ़ और आरामदेह रखो: कोमल स्पर्श और शांत कमरा।
- परिवार का साथ दो: सुनो, समझाओ, साथ बिताने का समय दो।
- मृत्यु के बाद: संस्कृति और धर्म के अनुसार शरीर का आदर करो।
प्यार से बात करना और बस पास होना भी असली देखभाल है।
करके देखो (Try it)
अपनी नब्ज़ गिनो। दो उँगलियाँ अँगूठे के नीचे कलाई पर रखो। घड़ी देखकर 15 सेकंड धड़कनें गिनो, फिर 4 से गुणा करो। एक मिनट जगह पर दौड़ो और फिर गिनो। क्या बदला?
3D में: आख़िरी चरण पर जाकर "जीवन रक्षक (CPR)" चुनो और गति स्लाइडर हिलाओ। हरी "सही गति" वाली जगह (100 से 120) ढूँढो।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- प्रति मिनट नब्ज़ = 15 सेकंड की धड़कनें × 4
- बड़ों में सामान्य: साँस 12–20 / मिनट · नब्ज़ 60–100 / मिनट · तापमान 36.1–37.2 °C · रक्तचाप करीब 120/80 mmHg · SpO2 ≥ 95%
- पाँच सही: व्यक्ति · दवा · मात्रा · समय · रास्ता
- CPR: 100–120 दबाव प्रति मिनट, 5–6 सेमी गहरा, 30 दबाव : 2 साँसें
- घाव: खून रोको → साफ़ करो → ढको → संक्रमण पर नज़र रखो
हल किए गए उदाहरण
1. नर्स 15 सेकंड में 18 धड़कनें गिनती है। प्रति मिनट नब्ज़ कितनी है? क्या यह बड़े के लिए सामान्य है?
नब्ज़ = 18 × 4 = 72 धड़कन प्रति मिनट। बड़ों की सामान्य सीमा 60 से 100 है, इसलिए 72 सामान्य है।
2. डॉक्टर दिन में तीन बार 500 mg की गोली लिखता है। एक दिन में कुल कितनी दवा जाएगी? कौन-सा "सही" जुड़ा है?
500 mg × 3 = 1,500 mg एक दिन में। यह सही मात्रा और सही समय है। दोगुनी मात्रा देना या समय छोड़ना इन नियमों को तोड़ता है।
3. एक व्यक्ति गिर गया और साँस नहीं ले रहा। मदद करने वाला 110 बार प्रति मिनट दबाता है। 2 मिनट में कितने दबाव? क्या गति सही है?
110 × 2 = 220 दबाव। 110, 100 से 120 के बीच है, इसलिए गति सही है। साथ में मदद बुलाओ और पास में AED हो तो उसे लाओ।
4. बच्चे के घुटने में मिट्टी वाली खरोंच है। कदम क्रम से बताओ।
हाथ धोओ, कपड़े से खून रोको, बहते पानी से मिट्टी साफ़ करो, साफ़ पट्टी से ढको, फिर लालिमा, मवाद या बुखार पर नज़र रखो।
आम गलतियाँ
- नब्ज़ कुछ ही सेकंड गिनकर गुणा न करना। 15 या 30 सेकंड गिनो और 4 या 2 से गुणा करके एक मिनट निकालो।
- "मैं यह गोली जानता हूँ" कहकर लेबल न देखना। पाँच सही हर बार जाँचो।
- CPR में चोट के डर से हल्का या धीमा दबाना। टूटी पसली जुड़ जाती है, रुका दिल नहीं चलता।
- खुले घाव पर साफ़ किए बिना क्रीम, पाउडर या हल्दी लगाना। पहले साफ़ करो, फिर साफ़ पट्टी बाँधो।