अंतःरोगी देखभाल क्या है?
जो मरीज़ भर्ती होकर एक रात या ज़्यादा अस्पताल में रुकता है, वह अंतःरोगी (इनपेशेंट) है। जो आकर दिखाता है और उसी दिन घर चला जाता है, वह बाह्यरोगी (आउटपेशेंट) है।
हर अंतःरोगी की एक पेशेंट यूनिट होती है: बिस्तर, बगल का लॉकर, कॉल बेल, बिस्तर पर रखने वाली मेज़ और चार्ट। जनरल ड्यूटी असिस्टेंट (GDA) नर्स की मदद करता है: यूनिट साफ़-सुरक्षित रखता है, रोज़ के कामों में मदद करता है और बदलाव बताता है। GDA दवा नहीं देता और इलाज का फ़ैसला नहीं करता।
हर बार के सुनहरे नियम
- मरीज़ को नमस्ते करें, नाम जाँचें, बताएँ कि क्या करने वाले हैं।
- पहले और बाद में हाथ साफ़ करें।
- निजता के लिए पर्दा लगाएँ।
- जाते समय बिस्तर की रेलिंग ऊपर और कॉल बेल पास रखें।
बिस्तर बनाना (बेड मेकिंग)
साफ़ और चिकना बिस्तर मरीज़ को आराम देता है और त्वचा बचाता है। सिलवटें और टुकड़े त्वचा पर दबाव डालकर घाव शुरू कर सकते हैं।
परतें, नीचे से ऊपर
- कवर वाला गद्दा
- नीचे की चादर, अस्पताल वाले (मिटर्ड) कोनों के साथ
- ज़रूरत हो तो मैकिंटोश (जलरोधी शीट)
- मैकिंटोश पर ड्रॉ शीट (बदलने में आसान)
- ऊपर की चादर
- कंबल और साफ़ कवर वाला तकिया
बिस्तर के प्रकार
- बंद बिस्तर: बना और ढका हुआ, नए मरीज़ की प्रतीक्षा में।
- खुला बिस्तर: ऊपर की चादर मुड़ी हुई, मरीज़ के लेटने को तैयार।
- भरा (ऑक्युपाइड) बिस्तर: मरीज़ के लेटे-लेटे बनाया जाता है; मरीज़ को एक तरफ़ करवट देकर आधा बदलें, फिर दूसरी तरफ़।
- ऑपरेशन के बाद का बिस्तर: गर्म, चादरें एक तरफ़ मुड़ी हुई ताकि मरीज़ को ट्रॉली से खिसकाया जा सके।
गंदी चादरें लिनन बैग में जाती हैं, ज़मीन पर कभी नहीं, और वर्दी से दूर पकड़ी जाती हैं।
व्यक्तिगत स्वच्छता और बेड बाथ
स्वच्छता यानी शरीर साफ़ रखना। इससे पसीना और कीटाणु हटते हैं, मरीज़ ताज़ा महसूस करता है और आप त्वचा भी जाँच लेते हैं।
रोज़ के स्वच्छता काम
- मुँह की सफ़ाई (ब्रश, या न कर सके तो स्वैब से)
- बाल और दाढ़ी
- नाखून
- आँखें: साफ़ रुई से, अंदर के कोने से बाहर की ओर
- शौच में मदद: बेडपैन या यूरिनल, फिर आगे से पीछे की ओर सफ़ाई
बेड बाथ का क्रम
साफ़ से गंदे और ऊपर से नीचे: आँखें-चेहरा → बाँहें-हाथ → छाती-पेट → टाँगें-पैर → पीठ → गुप्तांग सबसे अंत में। पानी ठंडा या गंदा हो तो बदलें। सिर्फ़ वही भाग खोलें जो धो रहे हैं, फिर अच्छी तरह पोंछें, ख़ासकर उँगलियों के बीच।
जीवन-चिह्न (वाइटल साइन)
जीवन-चिह्न बताते हैं कि शरीर कितना ठीक काम कर रहा है। ये तय समय पर नापकर चार्ट पर लिखे जाते हैं।
| चिह्न | सामान्य वयस्क (आराम में) | कैसे |
|---|---|---|
| तापमान | लगभग 36.1–37.2 °C (बुख़ार ≥ 38 °C) | डिजिटल थर्मामीटर: मुँह, बगल या कान |
| नाड़ी | 60–100 धड़कन प्रति मिनट | कलाई पर दो उँगलियाँ, 30 s गिनकर × 2 या पूरा मिनट |
| साँस (श्वसन) | 12–20 प्रति मिनट | मरीज़ को बताए बिना छाती उठती देखें |
| रक्तचाप | लगभग 120/80 mmHg | बीपी मशीन, ऊपरी बाँह पर कफ़ |
| ऑक्सीजन (SpO₂) | 95–100% | उँगली पर पल्स ऑक्सीमीटर |
सामान्य सीमा से बाहर की हर रीडिंग GDA तुरंत नर्स को बताता है और समय व मान लिखता है।
मरीज़ को खाना खिलाना और बेड सोर से बचाव
कुछ मरीज़ ख़ुद नहीं खा पाते। उन्हें सुरक्षित खिलाना ज़रूरी कौशल है।
- डाइट कार्ड देखें (सामान्य, नरम, तरल, मधुमेह, मुँह से कुछ नहीं)।
- अपने और मरीज़ के हाथ साफ़ करें।
- मरीज़ को 45–90° पर बैठाएँ।
- छोटे चम्मच, धीरे-धीरे; हर बार निगलने का इंतज़ार करें।
- खाँसी या गला अटके तो रुकें और नर्स को बुलाएँ।
- खाने के बाद लगभग 30 मिनट बैठा रहने दें।
- कितना खाया-पिया, इनटेक चार्ट पर लिखें।
बेड सोर (दबाव के घाव)
मरीज़ एक ही स्थिति में पड़ा रहे तो वज़न हड्डी वाली जगहों (सिर का पिछला भाग, कंधे की हड्डी, कूल्हे, रीढ़ का निचला भाग, एड़ी) पर दबता है। त्वचा तक ख़ून नहीं पहुँचता और घाव बनने लगता है। कम से कम हर 2 घंटे में करवट दिलाएँ, त्वचा साफ़-सूखी और चादर चिकनी रखें।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अंतःरोगी = भर्ती, ≥ 1 रात; बाह्यरोगी = उसी दिन घर
- परतें: गद्दा → नीचे की चादर → मैकिंटोश → ड्रॉ शीट → ऊपर की चादर → कंबल + तकिया
- बेड बाथ: साफ़ → गंदा, ऊपर → नीचे; गुप्तांग अंत में
- प्रति मिनट नाड़ी = 30 s की धड़कन × 2
- सामान्य वयस्क: 36.1–37.2 °C, नाड़ी 60–100, साँस 12–20, बीपी लगभग 120/80 mmHg, SpO₂ 95–100%
- खिलाने की स्थिति: 45–90° बैठा; बाद में 30 मिनट बैठा रहे
- बिस्तर पर पड़े मरीज़ को कम से कम हर 2 घंटे में करवट
हल किए गए उदाहरण
1. 30 सेकंड में 38 धड़कनें गिनीं। नाड़ी दर क्या है, और क्या सामान्य है?
नाड़ी = 38 × 2 = 76 प्रति मिनट। यह 60 और 100 के बीच है, इसलिए आराम में वयस्क के लिए सामान्य है।
2. ऑपरेशन थिएटर से नया मरीज़ ट्रॉली पर आने वाला है। कौन-सा बिस्तर तैयार करेंगे?
ऑपरेशन के बाद का बिस्तर: गर्म, साफ़, चादरें एक तरफ़ मुड़ी हुई ताकि मरीज़ को ट्रॉली से खिसकाया जा सके। पास में उल्टी का बर्तन और टिशू रखें।
3. 8:00 बजे करवट दिलाए गए मरीज़ के कूल्हे पर 11:00 बजे लाल त्वचा है। क्या गलती हुई और क्या करें?
3 घंटे बीत गए; 10:00 बजे तक करवट दिलानी थी। अभी करवट दें, जगह साफ़-सूखी रखें, रगड़ें नहीं, और नर्स को बताएँ।
आम गलतियाँ
- चेहरे से पहले गुप्तांग धोना: हमेशा साफ़ से गंदे की ओर जाएँ।
- लेटे हुए मरीज़ को खिलाना: खाना फेफड़ों में जा सकता है।
- गंदी चादर झाड़ना या ज़मीन पर रखना: इससे कीटाणु फैलते हैं।
- जीवन-चिह्न बाद में याद से लिखना: मान और समय तुरंत लिखें।