Italy Secondaria di secondo grado – classe 2ª Civic education
अध्याय: 3
1. Constitution
Rights, duties and belonging (comp. 1) · Institutions (comp. 2) · Rule of law and safety (comp. 3) · Health and wellbeing (comp. 4)
- संविधान क्या है? नियम, अधिकार और कर्तव्य – संविधान किसी देश का सबसे ऊँचा क़ानून है। यह बताता है कि राज्य कैसे बना है, शक्ति किसके पास और कैसे है, और नागरिकों के अधिकार और कर्तव्य क्या हैं। क़ानूनी नियम दूसरे नियमों (खेल, घर, स्कूल, शिष्टाचार) से अलग हैं क्योंकि राज्य उन्हें बनाता और अदालतों व दंड से लागू करता है। सारे क़ानून एक पिरामिड बनाते हैं: सबसे ऊपर संविधान, फिर संसद के क़ानून, फिर नियम और स्थानीय नियम; ऊपर वाले से टकराने वाला नीचे का नियम रद्द हो सकता है। ज़्यादातर संविधान बदलना कठिन है (कठोर), ताकि समानता, स्वतंत्रता, एकजुटता और काम का अधिकार व कर्तव्य जैसे मूल्य सुरक्षित रहें।
- शासन प्रणालियाँ: सरकार के अंग, नियंत्रण और संतुलन – हर आधुनिक राज्य सत्ता को तीन अंगों में बाँटता है: विधायिका क़ानून बनाती है, कार्यपालिका लागू करती है, न्यायपालिका व्याख्या करती है। नियंत्रण और संतुलन से हर अंग दूसरे को सीमित कर सकता है। लोकतंत्र विधायिका और कार्यपालिका को अलग तरह से जोड़ते हैं। संसदीय प्रणाली में सरकार संसद से बनती है और उसके विश्वास पर टिकी रहती है (भारत, ब्रिटेन, जर्मनी)। अध्यक्षीय प्रणाली में जनता राष्ट्रपति और विधायिका को अलग-अलग तय अवधि के लिए चुनती है (अमेरिका, ब्राज़ील)। अर्ध-अध्यक्षीय प्रणाली में चुने हुए राष्ट्रपति और संसद के प्रति ज़िम्मेदार प्रधानमंत्री में सत्ता बँटी है (फ़्रांस)। राजतंत्र और स्विट्ज़रलैंड की समिति प्रणाली दूसरे रूप हैं।
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
- स्वस्थ जीवनशैली: रोज़ की आदतें जो तुम्हें ठीक रखें – स्वस्थ जीवनशैली रोज़ की अच्छी आदतों का नाम है: पाँच भोजन-समूहों वाला संतुलित आहार, भरपूर पानी, स्कूली बच्चों के लिए 9–11 घंटे और किशोरों के लिए लगभग 8–10 घंटे नींद, रोज़ कम से कम 60 मिनट खेल-कूद, सही मुद्रा, साफ-सुरक्षित भोजन, और तंबाकू, शराब व नशे से दूरी। इनसे टाइप 2 मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर जैसे जीवनशैली रोगों का खतरा घटता है।
- स्वच्छता और सफ़ाई (Hygiene and Sanitation) – स्वास्थ्य का मतलब सिर्फ़ बीमारी न होना नहीं, बल्कि शरीर, मन और सामाजिक जीवन तीनों में ठीक रहना है। स्वास्थ्य के संकेत (indicators) हैं: उम्र के हिसाब से वज़न, ऊर्जा, अच्छी नींद और कम बीमार पड़ना। ग़लत खान-पान से कुपोषण होता है: अल्पपोषण (कम खाना या पोषक तत्व) या अतिपोषण (बहुत ज़्यादा, जिससे मोटापा)। स्वच्छता (hygiene) यानी साफ़ आदतें जो कीटाणु रोकें: व्यक्तिगत, भोजन और पर्यावरण स्वच्छता। सफ़ाई व्यवस्था (sanitation) यानी कचरे और गंदे पानी को सुरक्षित हटाना। पीने का पानी उबालकर, छानकर, क्लोरीन या दूसरे तरीकों से सुरक्षित बनाना चाहिए।
2. Economic development and sustainability
Growth and environment (comp. 5) · Risk and resources (comp. 6) · Cultural heritage (comp. 7) · Financial education (comp. 8) · Fighting illegality (comp. 9)
- संधारणीयता (Sustainability) – संधारणीयता यानी आज अपनी ज़रूरतें ऐसे पूरी करना कि आने वाली पीढ़ियाँ भी अपनी ज़रूरतें पूरी कर सकें। यह तीन स्तंभों पर टिकी है — पर्यावरण, समाज और अर्थव्यवस्था। कोई संसाधन तभी टिकाऊ ढंग से इस्तेमाल होता है जब हम उसे उसके नवीकरण से तेज़ न लें। आज मानवता हर साल लगभग 1.7 पृथ्वी जितना इस्तेमाल करती है, और यह इस्तेमाल बहुत असमान है। देखभाल (stewardship), समझदार योजना और GIS जैसे औज़ार हमें संधारणीयता की ओर ले जाते हैं।
- प्राकृतिक संकट (Natural Hazards) – प्राकृतिक संकट (hazard) ऐसी प्राकृतिक घटना है जो लोगों और चीज़ों को नुकसान पहुँचा सकती है, जैसे भूकंप, ज्वालामुखी, भूस्खलन, बाढ़, सूखा या चक्रवात। जब यह ऐसे लोगों पर पड़ती है जो तैयार नहीं हैं, तब यह आपदा (disaster) बन जाती है। भूगर्भीय संकट धरती के अंदर से आते हैं, मौसमी संकट हवा और पानी से। जोखिम = संकट × सुभेद्यता ÷ क्षमता, इसलिए चेतावनी, मज़बूत मकान और प्रशिक्षित लोग नुकसान घटाते हैं।
- सांस्कृतिक विरासत – सांस्कृतिक विरासत वह सब है जो किसी समुदाय को अतीत से मिला, जिसे वह आज महत्व देता है और आगे सौंपना चाहता है: इमारतें और स्मारक, संग्रहालय की चीज़ें, भाषाएँ, संगीत, नृत्य, त्योहार, हुनर, खाना और ज्ञान। मूर्त विरासत छू सकते हैं (अचल जैसे मंदिर और पुल, चल जैसे सिक्के और पांडुलिपियाँ); अमूर्त विरासत जी और निभाई जाती है; प्राकृतिक विरासत में ख़ास भू-दृश्य और जीव हैं। विरासत पहचान देती है, इतिहास सिखाती है, पर्यटन से कमाई लाती है और संस्कृतियों को जोड़ती है। मौसम, प्रदूषण, भीड़, लापरवाह निर्माण, उपेक्षा और संघर्ष इसे ख़तरे में डालते हैं; संरक्षण, कानून, संग्रहालय, विरासत सूचियाँ, शिक्षा और स्थानीय लोग इसे बचाते हैं।
- वित्त प्रबंधन के स्मार्ट तरीके – मुद्रास्फीति से कीमतें बढ़ती हैं, इसलिए उतना ही पैसा कम खरीदता है। बैंक में रखे पैसे पर ब्याज मिलता है: साधारण ब्याज सिर्फ़ मूलधन पर मिलता है, जबकि चक्रवृद्धि ब्याज पहले के ब्याज पर भी मिलता है, इसलिए समय के साथ तेज़ी से बढ़ता है। बजट आय को ज़रूरतों, चाहतों और बचत में बाँटता है। बचत सुरक्षित रखी जाती है; निवेश बढ़ सकता है पर उसमें जोखिम है, और ज़्यादा संभावित लाभ का मतलब ज़्यादा जोखिम। बीमा जोखिम को बहुत लोगों में बाँटता है। एक सीमा से ऊपर की आय पर आयकर लगता है, जिसकी दरें आय के साथ बढ़ती हैं।
- क़ानून का शासन (Rule of Law) – क़ानून के शासन (विधि का शासन) का अर्थ है कि सरकार और उसके नेता समेत हर व्यक्ति एक-से, पहले से ज्ञात क़ानून माने, जिन्हें निष्पक्ष और स्वतंत्र अदालतें बराबरी से लागू करें। मुख्य सिद्धांत हैं: क़ानून की सर्वोच्चता, क़ानून के सामने समानता, साफ़ और सार्वजनिक क़ानून, निष्पक्ष सुनवाई, अधिकारों की रक्षा और शक्तियों का पृथक्करण। क़ानून खुली प्रक्रिया से बनते-बदलते हैं, अदालतें उन्हें संविधान या अधिकार-पत्र पर परख सकती हैं, और देश संधियों से अंतरराष्ट्रीय क़ानून मानते हैं।
3. Digital citizenship
Information literacy (comp. 10) · Digital communication (comp. 11) · Digital identity and safety (comp. 12)
- मीडिया साक्षरता (Media Literacy) – मीडिया साक्षरता मीडिया को पढ़ने, उस पर सवाल करने और खुद बनाने का हुनर है: समाचार, विज्ञापन, वीडियो, पोस्ट, फ़िल्म और गेम। हर मीडिया पाठ किसी ने, किसी उद्देश्य से, किसी दर्शक के लिए बनाया है, और उसमें ऐसे रूप, परिपाटियाँ और तकनीकें हैं जो हमारी भावना बदलती हैं। मीडिया-साक्षर व्यक्ति मानने या शेयर करने से पहले स्रोत, सबूत, दूसरे स्रोत और मूल जाँचता है, पूर्वाग्रह और फ़िल्टर बबल पहचानता है, और ज़िम्मेदारी से अपना मीडिया बनाता है।
- डिजिटल पदचिह्न और नेट शिष्टाचार – डिजिटल पदचिह्न वह डेटा का निशान है जो हम ऑनलाइन छोड़ते हैं। सक्रिय पदचिह्न जान-बूझकर साझा होते हैं (पोस्ट, कमेंट, फ़ॉर्म); निष्क्रिय पदचिह्न हमारी जानकारी के बिना इकट्ठे होते हैं (कुकीज़, ब्राउज़िंग हिस्ट्री, लोकेशन, IP पता)। ये मिटाना कठिन है और बाद में दूसरे देख सकते हैं। हम डिजिटल समाज में रहते हैं जहाँ पढ़ाई, बैंकिंग, ख़रीदारी और सरकारी सेवाएँ ऑनलाइन हैं; इसका ज़िम्मेदार उपयोगकर्ता डिजिटल नागरिक (नेटिज़न) है। नेट शिष्टाचार: नैतिक (कॉपीराइट मानें, भरोसेमंद जानकारी), सम्मानजनक (निजता, विविधता, बुलिंग नहीं) और ज़िम्मेदार (ज़्यादा निजी बातें नहीं, ट्रोल को जवाब नहीं)। संचार शिष्टाचार: सटीक, विनम्र, विश्वसनीय; सोशल मीडिया शिष्टाचार: सोच-समझकर पासवर्ड और प्राइवेसी, अपलोड से पहले सोचें, साझा करने से पहले जाँचें।
- साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा – साइबर अपराध वह अपराध है जिसमें कंप्यूटर, फ़ोन या इंटरनेट साधन या निशाना हो। आम रूप: हैकिंग (बिना अनुमति सिस्टम में घुसना; एथिकल हैकर अनुमति से सुरक्षा जाँचते हैं), ईव्सड्रॉपिंग (चुपके से बातचीत पकड़ना), फ़िशिंग (नकली ईमेल, SMS या वेबसाइट जो पासवर्ड, OTP या कार्ड की जानकारी चुराएँ), रैंसमवेयर (फ़ाइलें बंद करके पैसे माँगने वाला मालवेयर), साइबर ट्रोल (भड़काने वाले अपमानजनक संदेश) और साइबर बुलिंग (ऑनलाइन परेशान करना, धमकाना, अपमानित करना)। मालवेयर: वायरस (फ़ाइलों से फैलता है), वर्म (अपने-आप फैलता है), ट्रोजन (उपयोगी दिखकर पिछला दरवाज़ा खोलता है), स्पाइवेयर और एडवेयर (अनचाहे पॉप-अप विज्ञापन)। सुरक्षित ब्राउज़िंग: https, अपडेट, एंटीवायरस, फ़ायरवॉल, अनजान लिंक नहीं। पहचान सुरक्षा: मज़बूत अलग-अलग पासवर्ड, टू-फ़ैक्टर ऑथेंटिकेशन, OTP कभी साझा नहीं, सोच-समझकर जानकारी देना, साझा उपकरण पर लॉग आउट।