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लागत प्रबंधन

लागत प्रबंधन का मतलब है लागत की योजना बनाना और उसे काबू में रखना। मानक लागत से हम तय करते हैं कि एक चीज़ की लागत कितनी होनी चाहिए और असली लागत से तुलना करके विचरण निकालते हैं। लक्ष्य लागत = कीमत - चाहा गया मुनाफ़ा। गतिविधि आधारित लागत में ओवरहेड उसी गतिविधि के हिसाब से बँटता है जिसने उसे पैदा किया। गुणवत्ता लागत में रोकथाम, जाँच और विफलता की लागत जुड़ती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. नीला, हरा और नारंगी स्टैक देखो। यह एक चीज़ की मानक लागत है: सामग्री 40, श्रम 30, ओवरहेड 30। कुल 100। यानी इतनी लागत होनी चाहिए।
  2. अब असली लागत का स्टैक बगल में है। सामग्री 40 की जगह 52 पड़ी। कुल 112। 12 का फ़र्क़ ही विचरण है। लाल का मतलब है योजना से ज़्यादा खर्च।
  3. लक्ष्य लागत उलटा सोचती है। बाज़ार 120 देने को तैयार है। हमें 20 मुनाफ़ा चाहिए। तो लागत सिर्फ़ 100 होनी चाहिए। कीमत में से मुनाफ़ा घटाओ।
  4. गतिविधि आधारित लागत: 40 का ओवरहेड बराबर नहीं बँटता। सादी चीज़ फ़ैक्टरी का कम काम लेती है, उसे 10 मिलता है। जटिल चीज़ बहुत काम लेती है, उसे 30 मिलता है।
  5. गुणवत्ता लागत: रोकथाम और जाँच पर थोड़ा खर्च सस्ता है। फ़ैक्टरी के अंदर पकड़ी गई ग़लती महँगी है। ग्राहक के पास पहुँची ग़लती सबसे महँगी है।
  6. अब तुम्हारी बारी। असली सामग्री लागत का स्लाइडर चलाओ। देखो विचरण प्रतिकूल (ज़्यादा खर्च) बनता है या अनुकूल (कम खर्च)।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जब असली लागत अलग ही आती है तो मानक क्यों तय करें?

मानक एक पैमाना है। उसके बिना पता नहीं चलता कि 112 अच्छा है या बुरा। दोनों स्टैक साथ देखो।

क्या अनुकूल विचरण हमेशा अच्छी ख़बर है?

नहीं। सस्ता कपड़ा ख़राब गुणवत्ता का हो सकता है। जश्न से पहले कारण पूछो। खुद करो चरण में लागत घटाकर कारण सोचो।

लक्ष्य लागत कीमत से क्यों शुरू होती है?

क्योंकि कीमत ग्राहक तय करता है, फ़र्म नहीं। लागत लक्ष्य तक न घटे तो शायद उत्पाद बनाना ही न चाहिए। बैंगनी मुनाफ़े का टुकड़ा पहले तय है।

ओवरहेड सब उत्पादों में बराबर क्यों न बाँटें?

जटिल चीज़ फ़ैक्टरी की गतिविधि कहीं ज़्यादा लेती है। बराबर बाँटने से सादी चीज़ महँगी और जटिल चीज़ सस्ती दिखती है।

क्या रोकथाम पर खर्च बेकार है?

नहीं। रोकथाम की छोटी पट्टियाँ विफलता की ऊँची पट्टियों से बहुत सस्ती हैं।

मानक लागत और प्रत्यक्ष मानक लागत में क्या फ़र्क़ है?

प्रत्यक्ष मानक लागत में इकाई लागत से स्थिर ओवरहेड हटा दिया जाता है। स्टैक में सिर्फ़ परिवर्ती भाग गिने जाते हैं।

मानक लागत और विचरण

मानक लागत वह लागत है जो हम एक इकाई के लिए पहले से तय करते हैं। पुराने आँकड़ों और अच्छे अनुमान से तय होती है: कितनी सामग्री, कितने श्रम-घंटे, कीमत और मज़दूरी क्या।

उत्पादन के बाद असली लागत की तुलना मानक से करते हैं। फ़र्क़ को विचरण कहते हैं। असली लागत ज़्यादा हो तो प्रतिकूल (A), कम हो तो अनुकूल (F)।

विचरण प्रबंधक को बताता है कि कहाँ देखना है। यह फ़ैसला नहीं, संकेत है।

प्रत्यक्ष मानक लागत (Direct standard costing)

प्रत्यक्ष मानक लागत (परिवर्ती मानक लागत) में सिर्फ़ परिवर्ती लागतें उत्पाद की लागत में जोड़ी जाती हैं: प्रत्यक्ष सामग्री, प्रत्यक्ष श्रम और परिवर्ती ओवरहेड। किराये जैसी स्थिर लागत इकाइयों पर नहीं बाँटी जाती, उसे उस अवधि का खर्च माना जाता है।

क्यों? स्थिर लागत उत्पादन बदलने से नहीं बदलती। बाँटने पर ज़्यादा बनाने पर इकाई सस्ती और कम बनाने पर महँगी दिखती है। इसे हटाने से छोटी अवधि के फ़ैसलों के लिए साफ़ आधार मिलता है।

लक्ष्य लागत (Target costing)

सामान्य तरीका पूछता है "लागत क्या है, तो कीमत क्या?" लक्ष्य लागत उलटा पूछती है: "ग्राहक कितना देगा, तो लागत कितनी हो सकती है?"

लक्ष्य लागत = अपेक्षित बिक्री कीमत - चाहा गया मुनाफ़ा

अगर मौजूदा डिज़ाइन की लागत लक्ष्य से ज़्यादा है, तो टीम डिज़ाइन, सामग्री, प्रक्रिया और सप्लायर में बचत खोजती है, जब तक अंतर मिट न जाए। उत्पाद की ज़्यादातर लागत डिज़ाइन में ही तय हो जाती है, इसलिए काम शुरू में ही होता है।

गतिविधि आधारित लागत (ABC)

पुराने तरीके पूरे ओवरहेड को एक ही आधार (जैसे श्रम-घंटे) पर बाँट देते हैं। जटिल उत्पाद के लिए यह ग़लत है। ABC कारण और असर देखता है:

  1. मुख्य गतिविधियाँ लिखो (सेट-अप, निरीक्षण, ऑर्डर, डिलीवरी)।
  2. हर गतिविधि का ओवरहेड एक लागत पूल में रखो।
  3. लागत चालक खोजो (सेट-अप की संख्या, निरीक्षण की संख्या)।
  4. दर = पूल की लागत / कुल चालक इकाइयाँ।
  5. हर उत्पाद पर लगाओ: दर x उसके चालक की इकाइयाँ।

जो उत्पाद ज़्यादा गतिविधियाँ लेता है उस पर ज़्यादा ओवरहेड आता है, इसलिए कीमत और फ़ैसले ज़्यादा सही बनते हैं।

गुणवत्ता लागत (Quality costing)

गुणवत्ता की लागत के चार भाग हैं। रोकथाम (प्रशिक्षण, अच्छा डिज़ाइन) और मूल्यांकन/जाँच (निरीक्षण, परीक्षण) अच्छी गुणवत्ता की लागत हैं। आंतरिक विफलता (बिक्री से पहले पकड़ा गया कबाड़ या दोबारा काम) और बाहरी विफलता (वापसी, मरम्मत, ग्राहक का भरोसा खोना) ख़राब गुणवत्ता की लागत हैं।

आम नतीजा: रोकथाम पर लगा एक रुपया कई रुपये की विफलता लागत बचाता है। बाहरी विफलता सबसे महँगी होती है।

खुद करके देखो: अपना विचरण निकालो

4 दोस्तों के लिए शिकंजी की योजना बनाओ: 8 नींबू 5 रुपये के हिसाब से और चीनी 10 रुपये। मानक लागत = 50 रुपये। अब बनाओ और असली खर्च लिखो। विचरण प्रतिकूल है या अनुकूल? कारण कीमत था (नींबू महँगे) या उपयोग (10 नींबू लगे)? 3D में स्लाइडर चलाकर लाल स्टैक देखो।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ऊन की मानक कीमत 10 रुपये/किलो है। फ़र्म 500 किलो 12 रुपये/किलो पर खरीदती है। सामग्री मूल्य विचरण निकालो।

(12 - 10) x 500 = 1,000 रुपये। असली कीमत ज़्यादा है, इसलिए प्रतिकूल।

2. असली उत्पादन की मानक मात्रा 480 किलो है, फ़र्म ने 500 किलो इस्तेमाल की। मानक कीमत 10 रुपये/किलो। उपयोग विचरण निकालो।

(500 - 480) x 10 = 200 रुपये प्रतिकूल। ज़रूरत से ज़्यादा ऊन लगी।

3. मानक मज़दूरी 50 रुपये/घंटा। असली मज़दूरी 48 रुपये/घंटा, 200 घंटे। श्रम दर विचरण निकालो।

(48 - 50) x 200 = -400, यानी 400 रुपये अनुकूल।

4. एक बैग बाज़ार में 1,500 रुपये का बिकता है। फ़र्म को कीमत का 20% मुनाफ़ा चाहिए। लक्ष्य लागत निकालो।

मुनाफ़ा = 1,500 का 20% = 300। लक्ष्य लागत = 1,500 - 300 = 1,200 रुपये।

5. सेट-अप ओवरहेड पूल 60,000 रुपये है और 30 सेट-अप हुए। उत्पाद A को 5 और B को 25 सेट-अप चाहिए। दोनों पर कितना ओवरहेड आएगा?

दर = 60,000 / 30 = 2,000 रुपये प्रति सेट-अप। A: 5 x 2,000 = 10,000। B: 25 x 2,000 = 50,000 रुपये।

6. खर्च: रोकथाम 5,000; जाँच 3,000; आंतरिक विफलता 8,000; बाहरी विफलता 14,000। कुल गुणवत्ता लागत में विफलता लागत का हिस्सा क्या है?

कुल = 30,000। विफलता = 8,000 + 14,000 = 22,000। हिस्सा = 22,000 / 30,000 = लगभग 73%।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. मानक लागत क्या है?
2. असली लागत 112, मानक लागत 100। विचरण है:
3. लक्ष्य लागत बराबर है:
4. ABC में ओवरहेड बाँटा जाता है:
5. सबसे महँगी गुणवत्ता लागत कौन-सी है?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मानक लागत सरल शब्दों में क्या है?

पहले से तय करते हैं कि एक चीज़ की लागत कितनी होनी चाहिए, फिर असली लागत से तुलना करते हैं। फ़र्क़ को विचरण कहते हैं और वह बताता है कि कहाँ सुधार चाहिए।

लक्ष्य लागत और लागत-जमा-मुनाफ़ा कीमत में क्या फ़र्क़ है?

लागत-जमा-मुनाफ़ा में लागत पर मुनाफ़ा जोड़कर कीमत बनती है। लक्ष्य लागत में ग्राहक की कीमत से शुरू करके मुनाफ़ा घटाते हैं और लागत को उस स्तर तक लाते हैं।

गतिविधि आधारित लागत ज़्यादा सही क्यों है?

क्योंकि वह हर उत्पाद पर ओवरहेड उतना डालती है जितनी गतिविधि उसने सच में ली, न कि श्रम-घंटों जैसी एक ही दर से।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

जापान高校(専門学科)1〜3年Management Accounting

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