कंपनी बजट की तैयारी
बजट भावी अवधि के लिए धन (या इकाइयों) में योजना है, आमतौर पर साल, महीनों में बँटा। चरण:
- सीमित कारक खोजें (अक्सर बिक्री)। पहले बिक्री बजट बनाएँ।
- बिक्री से उत्पादन बजट (बनाने की इकाइयाँ = बिक्री + चाहा गया अंतिम स्टॉक - प्रारंभिक स्टॉक)।
- फिर माल, श्रम और उपरिव्यय के बजट: लागत बजट।
- रोकड़ बजट: महीने-वार रोकड़ आना-जाना, ताकि फर्म ऋण की योजना बना सके।
- सबको जोड़कर मास्टर बजट: बजटीय लाभ-हानि और चिट्ठा।
हर इकाई के प्रबंधक भाग लेते हैं ताकि बजट स्वीकार्य और यथार्थवादी हो।
बजटीय नियंत्रण की विधियाँ
बजटीय नियंत्रण यानी बजट से काम को दिशा देना और जाँचना। चक्र: बजट बनाओ, वास्तविक नतीजे दर्ज करो, तुलना करो, अंतर बताओ, कदम उठाओ।
अंतर = वास्तविक - बजट। बिक्री या लाभ में बजट से ऊपर अनुकूल है। लागत में बजट से ऊपर प्रतिकूल है।
प्रचलित विधियाँ:
- स्थिर बजट: गतिविधि बदलने पर भी नहीं बदलता।
- लोचशील बजट: वास्तविक गतिविधि के स्तर पर दोबारा बनता है, तुलना उचित रहती है।
- शून्य-आधारित बजट: हर मद हर अवधि में शून्य से उचित ठहरानी पड़ती है।
- चलता (रोलिंग) बजट: एक महीना ख़त्म हो तो अंत में नया महीना जोड़ दें।
अंतर पढ़ना और कदम उठाना
अंतर एक प्रश्न है, फ़ैसला नहीं। पूछें: कारण हमारे हाथ से बाहर है (दाम बढ़े) या अंदर (बर्बादी)? एक बार का है या दोहराएगा? फिर प्रबंधक कदम उठाते हैं: दाम बदलना, बर्बादी घटाना या योजना संशोधित करना। अपवाद द्वारा रिपोर्ट करें: केवल बड़े अंतर वरिष्ठ प्रबंधकों तक जाएँ, ताकि वे आँकड़ों में न दबें।
करके देखें: लोचशील बजट
1,000 इकाइयों का बजट: लागत ₹7,000, जिसमें स्थिर ₹2,000 और परिवर्ती ₹5 प्रति इकाई। वास्तविक उत्पादन 1,200 इकाई और लागत ₹8,300। स्थिर तुलना कहती है ₹1,300 अधिक। 1,200 इकाइयों का लोचशील बजट 2,000 + 5 × 1,200 = ₹8,000 है, इसलिए असली अधिक-खर्च सिर्फ़ ₹300 है।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- अंतर = वास्तविक - बजट
- उत्पादन बजट = बिक्री + अंतिम स्टॉक - प्रारंभिक स्टॉक
- लोचशील बजट लागत = स्थिर लागत + (प्रति इकाई परिवर्ती लागत × वास्तविक इकाइयाँ)
- योजित लाभ = बजटीय बिक्री - बजटीय लागत
हल किए गए उदाहरण
1. बजटीय बिक्री ₹120 हज़ार, वास्तविक ₹112 हज़ार। अंतर निकालें और बताएँ अनुकूल है या नहीं।
112 - 120 = -8, यानी ₹8 हज़ार बजट से कम। बिक्री बजट से कम हो तो प्रतिकूल।
2. बजटीय लागत ₹80 हज़ार, वास्तविक ₹76 हज़ार। अंतर निकालें।
76 - 80 = -4। ₹4 हज़ार बजट से कम; लागत में कम होना अनुकूल है।
3. बिक्री बजट 900 इकाई। चाहा गया अंतिम स्टॉक 100, प्रारंभिक स्टॉक 150। उत्पादन बजट निकालें।
900 + 100 - 150 = 850 इकाइयाँ।
4. लोचशील बजट: स्थिर लागत ₹2,000, परिवर्ती ₹5 प्रति इकाई। वास्तविक उत्पादन 1,200 इकाई, वास्तविक लागत ₹8,300। असली अधिक-खर्च निकालें।
लोचशील बजट = 2,000 + 5 × 1,200 = 8,000। अधिक-खर्च = 8,300 - 8,000 = ₹300 (प्रतिकूल)।
आम गलतियाँ
- हर अंतर को बुरा कहना। बजट से कम लागत अनुकूल है।
- गतिविधि बदलने पर भी स्थिर बजट से तुलना करना। लोचशील बजट लें।
- उत्पादन बजट को बिक्री बजट के बराबर मान लेना। स्टॉक का समायोजन करें।
- जिन प्रबंधकों को बजट पूरा करना है उनसे पूछे बिना बजट बनाना।