Ukraine 10 клас Mathematics (algebra and beginnings of analysis; geometry)
अध्याय: 6
1. Algebra: functions, their properties and graphs (15 h)
Numerical functions · nth roots and rational exponents · Power functions
- संबंध एवं फलन: कार्तीय गुणन, प्रांत, परिसर और ग्राफ़ – क्रमित युग्म (a, b) में पहला और दूसरा स्थान तय है, इसलिए (1, 2) ≠ (2, 1)। कार्तीय गुणन A × B उन सब युग्मों (a, b) का समुच्चय है जिनमें a ∈ A, b ∈ B; n(A × B) = n(A) × n(B)। A × B का कोई भी उपसमुच्चय A से B में संबंध है। पहले अवयवों का समुच्चय प्रांत, दूसरे अवयवों का परिसर, और पूरा B सहप्रांत है। फलन ऐसा संबंध है जिसमें A के हर अवयव का ठीक एक प्रतिबिंब हो। हम अचर, तत्समक, बहुपद, परिमेय, मापांक, चिह्न, घातांकी, लघुगणकीय और महत्तम पूर्णांक फलन और उनके ग्राफ़ पढ़ते हैं, और फलनों को जोड़ना, घटाना, गुणा और भाग करना सीखते हैं।
- करणी (Radicals) और n-वाँ मूल – किसी संख्या a का n-वाँ मूल वह संख्या है जिसे n बार आपस में गुणा करने पर a मिले। इसे ⁿ√a लिखते हैं और यह a^(1/n) के बराबर है। करणियों को गुणा-भाग कर सकते हैं, पूर्ण घात बाहर निकालकर सरल कर सकते हैं, और हर में मूल हो तो परिमेयीकरण से हटा सकते हैं।
- घात फलन: y = a·xⁿ – घात फलन का रूप y = a·xⁿ है, जहाँ a एक संख्या और n एक स्थिर घातांक है। सम पूर्ण घातें (x², x⁴) U आकार बनाती हैं जो y-अक्ष के प्रति सममित है। विषम घातें (x³, x⁵) S आकार बनाती हैं जो मूलबिंदु के प्रति सममित है। n > 0 वाले सभी y = xⁿ (0, 0) और (1, 1) से गुज़रते हैं। ऋणात्मक घात (x⁻¹ = 1/x) में अनंतस्पर्शी होते हैं और x = 0 पर फलन परिभाषित नहीं। भिन्न घात मूल हैं: x^(1/2) = √x, x^(1/3) = ∛x. मूल फलन मिलती घात का प्रतिलोम है।
2. Algebra: trigonometric functions (18 h)
Angles and radian measure · Trigonometric identities · Graphs of trigonometric functions · Simplest trigonometric equations
- त्रिकोणमितीय फलन: रेडियन, इकाई वृत्त, ग्राफ़ और सर्वसमिकाएँ – एक रेडियन वह कोण है जिसका चाप त्रिज्या के बराबर हो, इसलिए π रेडियन = 180°। इकाई वृत्त पर कोण x वाला बिंदु P = (cos x, sin x) है, जिससे sin²x + cos²x = 1 मिलता है और sin, cos हर वास्तविक संख्या के लिए बन जाते हैं। चारों चतुर्थांशों में चिह्न 'All, Sin, Tan, Cos' से याद रखो; sin x और cos x हर 2π पर दोहराते हैं और −1 से 1 के बीच रहते हैं। cos(A + B) = cos A cos B − sin A sin B जैसे सूत्रों से tan(A + B), cot(A + B), योग-गुणनफल, द्विगुण और त्रिगुण कोण सूत्र निकलते हैं।
3. Algebra: the derivative and its applications (14 h)
Derivative · Using the derivative
- अवकलज (कक्षा 11): ढाल, परिवर्तन की दर और नियम – अवकलज बताता है कि कोई चीज़ एक पल में कितनी तेज़ी से बदल रही है। ग्राफ़ पर यह स्पर्श रेखा की ढाल है। इसे सीमा से निकालते हैं: छोटा कदम h लो, औसत बदलाव निकालो, और h को 0 की ओर ले जाओ। फिर xⁿ, sin x, cos x, योग, अंतर, गुणनफल और भागफल के आसान नियम सीखेंगे।
- अवकलज के अनुप्रयोग – अवकलज बताता है कि एक राशि दूसरी के साथ कितनी तेज़ी से बदलती है। इसका चिह्न बताता है कि फलन बढ़ रहा है (f′ > 0, वर्धमान) या घट रहा है (f′ < 0, ह्रासमान)। जहाँ f′ = 0 हो वहाँ स्पर्श रेखा सपाट होती है: ये क्रांतिक बिंदु स्थानीय उच्चिष्ठ या निम्निष्ठ हो सकते हैं, जिन्हें प्रथम अवकलज परीक्षण (चिह्न बदलना) या द्वितीय अवकलज परीक्षण (f″ का चिह्न) से जाँचते हैं। इससे सबसे बड़ा डिब्बा या सबसे सस्ता टैंक जैसे असली सवाल हल होते हैं।
4. Geometry: parallel lines and planes in space (17 h)
Axioms of solid geometry · Lines and planes in space · Parallel projection
- ठोस ज्यामिति: अंतरिक्ष में बिंदु, रेखाएँ और समतल – ठोस ज्यामिति तीन विमाओं (3D) की आकृतियों का अध्ययन है। एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल तय करते हैं। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ समांतर, प्रतिच्छेदी या विषमतलीय (skew, किसी एक तल में नहीं) हो सकती हैं। रेखा समतल में पड़ी हो सकती है, उसे काट सकती है या उसके समांतर हो सकती है; वह समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो प्रतिच्छेदी रेखाओं पर लंब हो। अंतरिक्ष के कोण समतल पर प्रक्षेप लेकर समकोण त्रिभुज से निकाले जाते हैं।
- अंतरिक्ष में रेखाएँ और समतल – दो बिंदु एक रेखा तय करते हैं; एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ या तो मिलती हैं, या समांतर हैं, या विषमतलीय। रेखा समतल में पड़ी होती है, उसके समांतर होती है या उसे एक बिंदु पर काटती है; दो समतल समांतर होते हैं या एक रेखा में मिलते हैं। रेखा समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो कटती रेखाओं पर लंब हो। अभिलंब n = (a, b, c) से समतल ax + by + cz = d, रेखा r = a + t·u, और बिंदु (x₀, y₀, z₀) से दूरी |ax₀ + by₀ + cz₀ − d| ÷ √(a² + b² + c²)।
5. Geometry: perpendicular lines and planes (17 h)
Perpendicularity in space · Distances and angles in space
- अंतरिक्ष में रेखाएँ और समतल – दो बिंदु एक रेखा तय करते हैं; एक रेखा पर न पड़ने वाले तीन बिंदु एक समतल। अंतरिक्ष में दो रेखाएँ या तो मिलती हैं, या समांतर हैं, या विषमतलीय। रेखा समतल में पड़ी होती है, उसके समांतर होती है या उसे एक बिंदु पर काटती है; दो समतल समांतर होते हैं या एक रेखा में मिलते हैं। रेखा समतल पर लंब है अगर वह समतल की दो कटती रेखाओं पर लंब हो। अभिलंब n = (a, b, c) से समतल ax + by + cz = d, रेखा r = a + t·u, और बिंदु (x₀, y₀, z₀) से दूरी |ax₀ + by₀ + cz₀ − d| ÷ √(a² + b² + c²)।
6. Geometry: coordinates and vectors in space (10 h)
Coordinates in space · Vectors in space
- त्रिविमीय ज्यामिति का परिचय (कक्षा 11) – अंतरिक्ष में मूल O से होकर तीन परस्पर लंब अक्ष x, y, z लेते हैं। हर दो अक्ष एक निर्देशांक तल बनाते हैं: XY (z = 0), YZ (x = 0), ZX (y = 0)। तीनों तल अंतरिक्ष को आठ अष्टांशों में बाँटते हैं, जिनकी पहचान x, y, z के चिह्नों से होती है। बिंदु P(x, y, z) तक x-अक्ष पर x, फिर y के समांतर y, फिर z के समांतर z चलकर पहुँचते हैं। x-अक्ष पर बिंदु (x, 0, 0), XY-तल पर (x, y, 0)। दूरी PQ = √((x₂ − x₁)² + (y₂ − y₁)² + (z₂ − z₁)²)।
- सदिश बीजगणित – सदिश (vector) में माप (परिमाण) और दिशा दोनों होते हैं। 3D में a = xî + yĵ + zk̂ लिखते हैं। लंबाई |a| = √(x² + y² + z²)। दिक्-कोसाइन l = x/|a|, m = y/|a|, n = z/|a| और l² + m² + n² = 1। सदिश सिर-से-पूँछ (त्रिभुज नियम) या घटक-दर-घटक जुड़ते हैं। ka लंबाई को k गुना करता है, k ऋण हो तो दिशा उल्टी। AB को m : n में बाँटने वाले बिंदु का स्थिति सदिश अंतः (mb + na)/(m + n) और बाह्य (mb − na)/(m − n)। अदिश गुणनफल a·b = |a||b|cosθ एक संख्या है। सदिश गुणनफल a×b दोनों पर लंब नया सदिश है; इसकी लंबाई समांतर चतुर्भुज का क्षेत्रफल है।