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भारत के जनजातीय समुदाय

जनजाति (आदिवासी समुदाय) वह समूह है जिसमें पारंपरिक रूप से कड़ी जातिगत ऊँच-नीच नहीं थी, ज़मीन पूरे समुदाय की होती थी, और लोग जंगलों-पहाड़ों के पास रहते थे। भारत की अनुसूचित जनजातियाँ जनसंख्या का लगभग 8.6% हैं। समाजशास्त्री जनजातियों को स्थायी विशेषकों (क्षेत्र, भाषा परिवार, शारीरिक लक्षण, आकार) और अर्जित विशेषकों (जीविका का तरीका, और हिंदू या दूसरी परंपराओं को कितना अपनाया) से बाँटते हैं। बहस हुई कि जनजातियाँ बस 'पिछड़ी जातियाँ' हैं या अलग समाज, और उन्हें अलग रखा जाए या मुख्यधारा से जोड़ा जाए। बाँध, खदान और कारखानों वाले राष्ट्रीय विकास ने अक्सर जनजातीय ज़मीन और जंगल लिए और लाखों लोगों को विस्थापित किया। आज जनजातीय पहचान इन्हीं संघर्षों, झारखंड और छत्तीसगढ़ राज्य दिलाने वाले आंदोलनों, और जनजातियों के अंदर बने नए पढ़े-लिखे मध्यम वर्ग से बनती है।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. जनजाति क्या है: लोग सीढ़ी पर नहीं, बराबर में खड़े हैं, और जंगल-ज़मीन पूरे समुदाय की है।
  2. स्थायी विशेषक: जनजातियों को क्षेत्र, भाषा परिवार (चार बड़े परिवार) और आकार से बाँटा जाता है, लाखों से कुछ सौ तक।
  3. अर्जित विशेषक: वे कैसे कमाते हैं (संग्रह, झूम खेती, स्थायी खेती, कारखाना काम) और दूसरे धर्मों को कितना अपनाया।
  4. बड़ी बहस: बचाने के लिए अलग रखें, या बाकी भारत से जोड़ें? झूला (सी-सॉ) देखिए।
  5. विकास: बाँध जंगल और गाँव डुबो देता है। किसे फ़ायदा, किसे नुकसान? 'राष्ट्रीय' परियोजनाओं के लिए जनजातीय ज़मीन और जंगल लिए गए।
  6. खुद खेलें: हर रास्ते पर टैप करें और देखें आज जनजातीय पहचान कैसे बनती है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

जाति नहीं है तो जनजातियाँ कैसे संगठित होती हैं?

ज़्यादातर नातेदारी और कुलों से, बुज़ुर्गों और साझा ज़मीन के साथ, ऊँच-नीच की सीढ़ी के बिना।

एक ही जनजाति के 'स्थायी' और 'अर्जित' दोनों विशेषक कैसे?

भाषा और क्षेत्र जैसे स्थायी विशेषक बहुत धीरे बदलते हैं; जीविका जैसे अर्जित कुछ पीढ़ियों में बदल जाते हैं।

कारखाने में काम करने से क्या कोई आदिवासी नहीं रहता?

नहीं। जीविका अर्जित विशेषक है; कारखाने में काम करने वाला संथाल अब भी संथाल है।

क्या अलगाव जनजातीय संस्कृति बचाने के लिए अच्छा नहीं था?

उसने ज़मीन बचाई पर स्कूल और स्वास्थ्य भी दूर रखे। संविधान ने सुरक्षा के साथ विकास चुना।

बाँध बिजली देते हैं, फिर जनजातियाँ विरोध क्यों करती हैं?

क्योंकि बिजली ज़्यादातर शहरों को जाती है, जबकि जनजातियाँ घर और जंगल खोती हैं।

क्या सब आदिवासी अब भी गरीब वनवासी हैं?

नहीं। शिक्षा और आरक्षित नौकरियों से एक जनजातीय मध्यम वर्ग बना है।

जनजाति क्या है?

जनजाति उन समुदायों के लिए आधुनिक शब्द है जो बहुत पुराने हैं और भारत के सबसे पहले निवासियों में थे। बहुत से लोग खुद को आदिवासी ('मूल निवासी') कहते हैं।

अनुसूचित जनजातियाँ भारत की जनसंख्या का लगभग 8.6% हैं (जनगणना 2011)। ज़्यादा जनजातियाँ मध्य भारत और पूर्वोत्तर में रहती हैं।

जनजातीय समाजों का वर्गीकरण

स्थायी विशेषक (आसानी से नहीं बदलते)

अर्जित विशेषक (समय के साथ बदलते हैं)

जनजाति और जाति: बहसें

क्या जनजातियाँ जातियों से अलग हैं?

कुछ विद्वानों ने कहा जनजातियाँ बस जाति व्यवस्था के नीचे के 'पिछड़े हिंदू' हैं। दूसरों ने कहा जनजातियाँ कभी जाति व्यवस्था का हिस्सा नहीं थीं और उनका अपना सामाजिक जीवन है। आज हम देखते हैं कि जनजातियाँ पूरी तरह अलग-थलग नहीं थीं: वे व्यापार करती थीं, लड़ती थीं और राज्य बनाती थीं (जैसे गोंड राज्य), और बहुत सी धीरे-धीरे जाति समाज में खिंच आईं।

अलगाव या एकीकरण?

असली सवाल बना: एकीकरण किसकी शर्तों पर? जनजातियाँ अपनी ज़मीन और जंगल पर अपनी बात चाहती थीं।

राष्ट्रीय विकास बनाम जनजातीय विकास

यानी राष्ट्रीय विकास की कीमत जनजातियों ने भारी चुकाई, जबकि ज़्यादातर फ़ायदा कहीं और गया।

आज की जनजातीय पहचान

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. ओडिशा की एक जनजाति संथाली बोलती है और स्थायी खेती करती है। एक स्थायी और एक अर्जित विशेषक बताइए।

स्थायी: भाषा परिवार (आस्ट्रिक, संथाली) या क्षेत्र। अर्जित: जीविका, यानी स्थायी खेती।

2. एक खनन कंपनी को वह जंगल मिलता है जहाँ से एक आदिवासी गाँव फल और लकड़ी लेता है। इस अध्याय से टकराव समझाइए।

राष्ट्रीय विकास (उद्योग के लिए खनन) बनाम जनजातीय विकास (जंगल वाली जीविका)। गाँव विस्थापित हो सकता है और साझा ज़मीन खो सकता है, जबकि ज़्यादातर फ़ायदा बाहर के लोगों को जाता है।

3. संविधान ने पूरा अलगाव या पूरा एकीकरण क्यों नहीं चुना?

पूरा अलगाव जनजातियों को स्कूल, स्वास्थ्य और अधिकारों से दूर रखता; ज़बरदस्ती एकीकरण बाहरी लोगों को ज़मीन हड़पने देता। इसलिए विकास के साथ विशेष सुरक्षा (अनुसूचियाँ, आरक्षित सीटें) दी गई।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. जनजातियों के वर्गीकरण में कौन सा स्थायी विशेषक है?
2. संथाली किस भाषा परिवार की है?
3. वेरियर एल्विन किस मत से जुड़े हैं?
4. लंबे जनजातीय आंदोलनों के बाद 2000 में कौन से राज्य बने?
5. अनुसूचित जनजातियाँ भारत की जनसंख्या का लगभग कितना हिस्सा हैं?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में जनजातियों का वर्गीकरण कैसे होता है?

स्थायी विशेषकों (क्षेत्र, भाषा, शारीरिक लक्षण, आकार) और अर्जित विशेषकों (जीविका, हिंदू समाज में समावेश) से।

अलगाव बनाम एकीकरण की बहस क्या है?

जनजातियों को बाहरी लोगों से बचाकर अलग रखें या मुख्यधारा से जोड़ें। भारत ने सुरक्षा के साथ एकीकरण चुना।

आज जनजातीय पहचान कैसी है?

ज़मीन और जंगल के संघर्ष, राज्य आंदोलनों और नए जनजातीय मध्यम वर्ग से बनी।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 12सामाजिक संस्थाएँ: निरंतरता एवं परिवर्तन

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