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राष्ट्रवाद: राष्ट्र, आत्म-निर्णय और बहुलवाद

राष्ट्रवाद एक ताक़तवर शक्ति है: इसने छोटे राज्यों को जोड़ा, भारत जैसे स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरणा दी, और साम्राज्य भी तोड़े व टकराव भी कराए। राष्ट्र कोई भौतिक चीज़ नहीं; यह ऐसा समुदाय है जो इसलिए है क्योंकि उसके सदस्य मानते हैं कि वे एक-दूसरे के हैं। राष्ट्र साझा विश्वास, इतिहास की साझी समझ, मातृभूमि से जुड़ाव, साझे राजनीतिक आदर्श और साझी राजनीतिक पहचान पर टिका है; एक धर्म या भाषा ज़रूरी नहीं। राष्ट्रीय आत्म-निर्णय किसी समूह का स्वयं शासन का दावा है; उपनिवेशवाद के बाद इससे कई नए राज्य बने, पर हर समूह का अलग राज्य असंभव है, इसलिए आज यह अक्सर लोकतांत्रिक राज्य के अंदर अधिकारों और स्वायत्तता से पूरा होता है। जब राष्ट्र सब समूहों की पहचान का सम्मान और अल्पसंख्यकों की रक्षा करता है, तो राष्ट्रवाद और बहुलवाद साथ चल सकते हैं।

🎬 कदम-दर-कदम कहानी

  1. राष्ट्रवाद के दो चेहरे: यह लोगों को जोड़ता और स्वतंत्रता संग्राम को प्रेरित करता है, और राज्य तोड़कर नफ़रत भी फैला सकता है।
  2. राष्ट्र पहाड़ या नदी नहीं। यह इसलिए है क्योंकि करोड़ों लोग मानते हैं कि वे एक हैं, भले कभी न मिलें।
  3. राष्ट्र साझा विश्वास, इतिहास, मातृभूमि, राजनीतिक आदर्श और पहचान पर टिका है। एक धर्म या भाषा ज़रूरी नहीं।
  4. आत्म-निर्णय = किसी समूह का स्वयं शासन का दावा। आज यह अक्सर राज्य के अंदर अधिकारों और स्वायत्तता से पूरा होता है।
  5. राष्ट्रवाद और बहुलवाद साथ चलते हैं: एक राष्ट्र जिसकी छतरी के नीचे अनेक भाषाओं, आस्थाओं और संस्कृतियों का सम्मान हो।
  6. अब आपकी बारी। हर समूह की पहचान का सम्मान बदलें और देखें राष्ट्र जुड़ा रहता है या बिखरता है।

टिप: 3D दृश्य को घुमाने के लिए खींचें। ज़ूम के लिए दो उंगलियाँ इस्तेमाल करें।

🤔 आम शंकाएँ और उनके जवाब

राष्ट्रवाद अच्छा है या बुरा?

दोनों हो सकता है: यह जोड़ता और आज़ाद कराता है, पर तोड़ और नफ़रत भी फैला सकता है।

अगर मैं ज़्यादातर सदस्यों से कभी न मिलूँ तो राष्ट्र कैसे है?

यह इस साझे विश्वास से है कि हम एक-दूसरे के हैं।

क्या राष्ट्र के लिए एक धर्म या भाषा चाहिए?

नहीं। साझा इतिहास, मातृभूमि, आदर्श और पहचान काफ़ी हैं।

क्या हर समूह को अपना देश पाने का अधिकार है?

हमेशा नहीं। अक्सर राज्य के अंदर अधिकार और स्वायत्तता बेहतर जवाब है।

क्या मैं अपने राष्ट्र और अपनी संस्कृति दोनों से प्रेम कर सकता हूँ?

हाँ। बहुलवाद दोनों को साथ रहने देता है।

सब पर एक संस्कृति थोपें तो क्या होगा?

समूह ख़ुद को बाहर महसूस करते और दूर होते हैं। स्लाइडर से परखें।

राष्ट्रवाद: जोड़ने और तोड़ने वाली शक्ति

राष्ट्रवाद किसी राष्ट्र से जुड़ाव की भावना और उस पर बने राजनीतिक विचार व आंदोलन हैं।

इसलिए राष्ट्रवाद न पूरी तरह अच्छा है न पूरी तरह बुरा। सवाल यह है कि वह किस तरह का राष्ट्रवाद है।

राष्ट्र क्या है?

राष्ट्र परिवार या कबीले (जहाँ लोग एक-दूसरे को जानते हैं) से अलग है और कोई भौतिक वस्तु नहीं। यह ऐसा समुदाय है जो इसलिए है क्योंकि उसके सदस्य मानते हैं कि वे एक-दूसरे के हैं। आम साझी विशेषताएँ:

  1. साझा विश्वास: एक राष्ट्र के रूप में साथ रहने की इच्छा।
  2. इतिहास: अतीत, कहानियों और स्मृतियों की साझी समझ जो साझी पहचान देती है।
  3. भू-क्षेत्र / मातृभूमि: वह धरती जिसे लोग अपना साझा घर मानते हैं। (एक ही धरती पर अलग समूहों के दावे टकराव ला सकते हैं।)
  4. साझे राजनीतिक आदर्श: राज्य की साझी सोच, जैसे लोकतंत्र, धर्मनिरपेक्षता और अधिकार।
  5. साझी राजनीतिक पहचान: नागरिक ख़ुद को एक राजनीतिक समुदाय का सदस्य मानते हैं।

ज़रूरी नहीं: एक धर्म, एक भाषा या एक नस्ल। इन्हें थोपने से अल्पसंख्यकों को चोट पहुँचती है। भारत की राष्ट्रीयता साझे लोकतांत्रिक मूल्यों पर टिकी है, एक संस्कृति पर नहीं।

राष्ट्रीय आत्म-निर्णय

आत्म-निर्णय किसी राष्ट्र का स्वयं शासन करने और अपना भविष्य तय करने का दावा है, आमतौर पर अपने राज्य के ज़रिए।

राष्ट्रवाद और बहुलवाद

बहुलवाद = एक समाज में अनेक संस्कृतियों, भाषाओं और धर्मों को स्वीकार करना और उनका सम्मान करना।

भारत का संविधान यही रास्ता अपनाता है: कई भाषाओं को मान्यता, अल्पसंख्यकों को सांस्कृतिक और शैक्षिक अधिकार, और राष्ट्र को राज्यों का संघ कहा गया। स्वस्थ राष्ट्रवाद समावेशी है, आक्रामक नहीं।

परीक्षा टिप्स

नागरिकता और राष्ट्रवाद मिलकर लगभग 8 अंक। आम सवाल: राष्ट्र की विशेषताएँ, राष्ट्र 'कल्पित' समुदाय क्यों, आत्म-निर्णय का अर्थ और समस्याएँ, और राष्ट्रवाद बहुलवाद के साथ कैसे चल सकता है। मुख्य उदाहरण के रूप में भारत की अनेकता में एकता लें।

घर पर करके देखें

परिवार के तीन लोगों से पूछें: 'आपको भारतीय होने का एहसास किस बात से होता है?' उत्तर लिखें। उन्हें विश्वास, इतिहास, मातृभूमि, आदर्श और पहचान में बाँटें। क्या किसी ने एक भाषा या धर्म कहा? चर्चा करें कि भारत को उसकी ज़रूरत क्यों नहीं।

मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ

हल किए गए उदाहरण

1. राष्ट्रवाद के जोड़ने और तोड़ने का एक-एक उदाहरण दीजिए।

जोड़ना: 19वीं सदी में छोटे राज्यों का मिलकर जर्मनी और इटली बनना, या भारत के स्वतंत्रता संग्राम का लोगों को एक करना। तोड़ना: प्रथम विश्व युद्ध के बाद बड़े साम्राज्यों का टूटना।

2. राष्ट्र को विश्वास पर आधारित समुदाय क्यों कहते हैं?

राष्ट्र के सदस्य ज़्यादातर दूसरे सदस्यों से कभी नहीं मिलते, फिर भी वे जुड़ाव महसूस करते हैं। राष्ट्र इसी साझे विश्वास और कल्पना से है, किसी भौतिक चीज़ से नहीं।

3. क्या भारत को राष्ट्र होने के लिए एक भाषा चाहिए?

नहीं। भारत साझे इतिहास, मातृभूमि, लोकतांत्रिक आदर्शों और राजनीतिक पहचान से एक है। कई भाषाओं को मान्यता है; एक थोपने से एकता को चोट पहुँच सकती है।

4. एक सांस्कृतिक समूह अलग राज्य माँगता है। लोकतंत्र क्या विकल्प दे सकता है?

अधिकार और मान्यता: भाषाई और सांस्कृतिक अधिकार, विशेष प्रावधान और क्षेत्रीय स्वायत्तता, ताकि समूह देश के अंदर रहकर अपने कई मामले स्वयं चला सके।

5. राष्ट्रवाद हानिकारक कब बनता है?

जब वह एक संस्कृति को श्रेष्ठ बताए, उसे अल्पसंख्यकों पर थोपे या दूसरे राष्ट्रों के विरुद्ध हो जाए, तो नफ़रत, भेदभाव और युद्ध ला सकता है।

आम गलतियाँ

अभ्यास क्विज़

1. राष्ट्र मुख्यतः किस पर आधारित है?
2. राष्ट्रीय आत्म-निर्णय का अर्थ है:
3. बहुलवाद का अर्थ है:
4. राष्ट्र के लिए कौन सी विशेषता ज़रूरी नहीं?
5. द्वितीय विश्व युद्ध के बाद कई नए राज्य किससे बने?

अभ्यास: खुद जवाब दो

अपना जवाब लिखो या चुनो, फिर जाँचें दबाओ। अटको तो संकेत देखो; जवाब देने के बाद पूरा हल दिखेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राष्ट्र क्या है?

ऐसे लोगों का समुदाय जो मानते हैं कि वे एक-दूसरे के हैं, साझे इतिहास, मातृभूमि, राजनीतिक आदर्शों और पहचान के आधार पर।

राष्ट्रीय आत्म-निर्णय क्या है?

किसी राष्ट्र का स्वयं शासन करने और अपना भविष्य तय करने का दावा।

क्या राष्ट्रवाद और बहुलवाद साथ चल सकते हैं?

हाँ, जब राष्ट्र हर समूह की पहचान का सम्मान और अल्पसंख्यकों की रक्षा करे, जैसे भारत की अनेकता में एकता।

यह कहाँ पढ़ाया जाता है

सीबीएसई (भारत)कक्षा 11राजनीतिक सिद्धांत
इंग्लैंडYear 133.3.2 Other ideologies (choose one)

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