अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) क्या है?
अंतर्राष्ट्रीय मानवीय कानून (IHL) अंतर्राष्ट्रीय कानून का वह भाग है जो सशस्त्र संघर्ष (युद्ध) के दौरान लागू होता है। इसे युद्ध का कानून या सशस्त्र संघर्ष का कानून भी कहते हैं। विचार सरल है: युद्ध की भी सीमाएँ हैं।
- किसे बचाता है: जो लड़ाई में भाग नहीं लेते, और वे लड़ाके जो अब लड़ नहीं सकते (घायल, बीमार, पकड़े गए)।
- किस पर सीमा लगाता है: इस्तेमाल होने वाले साधनों (हथियारों) और तरीक़ों पर।
- किसे मानना है: सभी पक्षों को, बराबर। इससे फ़र्क़ नहीं पड़ता कि युद्ध किसने शुरू किया या कौन सही है।
IHL यह नहीं बताता कि युद्ध छेड़ना वैध है या नहीं। वह सवाल संयुक्त राष्ट्र चार्टर देखता है। IHL केवल यह तय करता है कि युद्ध कैसे लड़ा जाए।
IHL और मानव अधिकार। मानव अधिकार कानून शांति और युद्ध, दोनों में सब लोगों की रक्षा करता है। युद्ध जैसी आपात स्थिति में कुछ अधिकार सीमित हो सकते हैं (जैसे आने-जाने की आज़ादी), पर कुछ कभी नहीं तोड़े जा सकते, जैसे यातना, ग़ुलामी और बंदियों की हत्या पर रोक। युद्ध के लिए IHL ज़्यादा विस्तृत कानून है; मानव अधिकार कानून उसके साथ चलता रहता है।
ये नियम कहाँ से आए?
IHL निष्पक्ष लड़ाई के पुराने रिवाज़ों से बना। आधुनिक समय में यह लिखित कानून बना:
- 1864: घायल सैनिकों की देखभाल पर पहला जिनेवा अभिसमय, रेड क्रॉस आंदोलन के संस्थापकों द्वारा एक युद्ध की पीड़ा देखने के बाद।
- 1899 और 1907: युद्ध के तरीक़ों पर हेग अभिसमय।
- 1949: चार जिनेवा अभिसमय: (1) ज़मीन पर घायल और बीमार सैनिक, (2) समुद्र में घायल, बीमार और जहाज़ डूबने वाले, (3) युद्धबंदी, (4) नागरिक।
- 1977: दो अतिरिक्त प्रोटोकॉल, जिनमें नागरिकों और आंतरिक युद्धों पर ज़्यादा ब्योरा है (1949 के अभिसमय लगभग सभी राज्य मानते हैं)।
IHL के कई नियम रिवाज भी हैं, इसलिए संधि पर हस्ताक्षर न हों तब भी राज्यों पर लागू होते हैं। राज्यों के बीच के युद्धों और गृहयुद्धों के नियम बिल्कुल एक जैसे नहीं हैं, पर बुनियादी सुरक्षाएँ दोनों में लागू होती हैं।
मुख्य नियम: भेद, अनुपात, सावधानी
अधिकतर नियमों के पीछे पाँच विचार हैं:
- भेद: लड़ाकों और सैन्य लक्ष्यों (जिन पर हमला हो सकता है) को नागरिकों और नागरिक वस्तुओं (घर, स्कूल, दुकानें, खेत, पानी की आपूर्ति) से हमेशा अलग पहचानो। नागरिक कभी निशाना नहीं बन सकते। जो हमले किसी लक्ष्य पर नहीं साधे जा सकते, और नागरिकों में आतंक फैलाने वाले हमले मना हैं।
- अनुपात: वैध लक्ष्य पर हमला भी मना है यदि अपेक्षित नागरिक नुकसान साफ़ सैन्य लाभ की तुलना में अत्यधिक हो।
- सावधानी: कमांडरों को नागरिक नुकसान से बचने या घटाने के हर संभव उपाय करने होते हैं: लक्ष्य की जाँच, सही हथियार का चुनाव और जहाँ संभव हो चेतावनी।
- सैन्य आवश्यकता: बल केवल असली सैन्य उद्देश्य के लिए हो, बदले या डर फैलाने के लिए नहीं।
- मानवीयता: अनावश्यक पीड़ा न दो और सबसे मानवीय व्यवहार करो।
IHL लागू करना: राज्य अपनी सेनाओं को ये नियम सिखाते हैं, उन्हें अपने कानून का हिस्सा बनाते हैं और उल्लंघन पर दंड देते हैं। सैनिकों के कामों की ज़िम्मेदारी कमांडरों की भी है। जो आदेश साफ़ युद्ध अपराध हो, सैनिक को उसे मना करना चाहिए; "मैं तो आदेश मान रहा था" पूरा बचाव नहीं है।
संरक्षित व्यक्ति और चिह्न
संरक्षित व्यक्तियों का सम्मान और उनसे मानवीय व्यवहार ज़रूरी है, नस्ल, धर्म, लिंग या विचार के आधार पर भेद किए बिना:
- नागरिक: उन पर हमला नहीं हो सकता, उन्हें ढाल नहीं बनाया जा सकता और बिना ठोस कारण निकाला नहीं जा सकता। उनका भोजन, पानी और घर बचाए जाने चाहिए।
- घायल और बीमार (दुश्मन लड़ाके भी): उन्हें उठाकर उनकी देखभाल करनी है।
- युद्धबंदी और बंदी: उनसे मानवीय व्यवहार, भोजन और इलाज, अपमान और हिंसा से सुरक्षा ज़रूरी है; वे अपने बारे में केवल बुनियादी जानकारी देते हैं। युद्ध ख़त्म होने पर उन्हें छोड़ना होता है।
- चिकित्सा व धार्मिक कर्मी और मानवीय राहत कर्मी: उन्हें काम करने देना है और उन पर हमला नहीं होगा। बच्चों और महिलाओं को अतिरिक्त सुरक्षा है, और बच्चों को लड़ाई में नहीं भेजा जा सकता।
चिह्न संरक्षित स्थिति दिखाते हैं: सफ़ेद पृष्ठभूमि पर लाल क्रॉस, लाल अर्धचंद्र और लाल क्रिस्टल। सुरक्षा-चिह्न के रूप में ये अस्पतालों, एम्बुलेंसों और चिकित्सा कर्मियों को ढकते हैं। दुश्मन को धोखा देने के लिए इनका उपयोग विश्वासघात (perfidy) है, जो युद्ध अपराध है। अन्य सुरक्षा-चिह्नों में सफ़ेद झंडा (बातचीत या आत्मसमर्पण का अनुरोध) और सांस्कृतिक संपत्ति का विशेष चिह्न हैं।
युद्ध के साधन और तरीक़े (संक्षेप में)
पक्षों को हथियार चुनने का अधिकार असीमित नहीं है।
- प्रतिबंधित या सीमित हथियार: जो बेवजह पीड़ा देते हैं या नागरिकों और लड़ाकों में फ़र्क़ नहीं कर सकते। संधियाँ ज़हरीली गैस, रासायनिक और जैविक हथियार, अंधा करने वाले लेज़र हथियार, कार्मिक-रोधी बारूदी सुरंगें (संधि में शामिल राज्यों के लिए), क्लस्टर बम (शामिल राज्यों के लिए) और ऐसे हथियार जिनके टुकड़े पकड़े नहीं जा सकते, सीमित या प्रतिबंधित करती हैं।
- प्रतिबंधित तरीक़े: नागरिकों पर हमला, नागरिकों को भूखा रखना, बंधक बनाना, मानव ढाल का उपयोग, संरक्षित व्यक्ति का रूप धरना (विश्वासघात), और प्राकृतिक पर्यावरण का बड़े पैमाने पर विनाश।
- सांस्कृतिक संपत्ति (संग्रहालय, पूजा-स्थल, धरोहर स्थल) बचाई जानी चाहिए।
- नए हथियार: हर राज्य को नया हथियार या तकनीक (जैसे साइबर उपकरण या ड्रोन) इस्तेमाल करने से पहले जाँचना होता है कि वह IHL मानता है।
इन नियमों का गंभीर उल्लंघन युद्ध अपराध है। राज्यों को संदिग्धों को खोजकर मुक़दमा चलाना होता है, और राज्य न करें तो अंतर्राष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय व्यक्तियों पर मुक़दमा चला सकता है।
संघर्ष में व्यक्तिगत सुरक्षा और मदद
IHL आम लोगों को सुरक्षा के लिए कुछ साफ़ बातें भी देता है। स्थानीय प्रशासन और रेड क्रॉस की आधिकारिक चेतावनियाँ मानिए और कहा जाए तो सुरक्षित जगह जाइए। फटे न हुए गोले या बारूदी सुरंग जैसी अनजान चीज़ें न छूइए; दूर रहिए और अधिकारियों को बताइए। सैन्य घेरे वाले क्षेत्र में न जाइए। घायलों की मदद तभी करें जब सुरक्षित हो, और प्रशिक्षित सहायकों को बुलाइए। बिना अनुमति कभी सुरक्षा-चिह्न का उपयोग न करें: इससे असली मददगार ख़तरे में पड़ सकते हैं।
यह पन्ना सामान्य जानकारी है, प्रशिक्षण नहीं। असली आपात स्थिति में स्थानीय अधिकारियों और प्रशिक्षित बचावकर्ताओं की बात मानिए।
मुख्य सूत्र और परिभाषाएँ
- IHL = युद्ध की हानि सीमित करने वाला कानून (सशस्त्र संघर्ष का कानून)
- मुख्य नियम: भेद, अनुपात, सावधानी, आवश्यकता, मानवीयता
- चार जिनेवा अभिसमय (1949): ज़मीन पर घायल; समुद्र में घायल; युद्धबंदी; नागरिक
- चिह्न: लाल क्रॉस, लाल अर्धचंद्र, लाल क्रिस्टल (सफ़ेद पर)
- नागरिक नुकसान सैन्य लाभ से अत्यधिक हो तो हमला मना
- IHL सब पक्षों पर बराबर लागू
हल किए गए उदाहरण
1. एक पक्ष सैन्य वाहन बनाने वाली फ़ैक्टरी इस्तेमाल करता है। क्या वह लक्ष्य हो सकती है? पास में स्कूल हो तो?
फ़ैक्टरी सैन्य लक्ष्य है। स्कूल नागरिक वस्तु है और बचाया जाना चाहिए। फ़ैक्टरी पर हमला तभी वैध है जब स्कूल और आसपास के लोगों को नुकसान सैन्य लाभ की तुलना में अत्यधिक न हो और हमलावर नुकसान घटाने के हर संभव उपाय (सावधानी) करे।
2. एक सैनिक दुश्मन सैनिक को पकड़ता है। पकड़ने वाले को तीन काम करने होंगे, बताइए।
बंदी से मानवीय व्यवहार (कोई हिंसा, अपमान या यातना नहीं), भोजन-पानी और इलाज देना, और उसे सुरक्षित रखना। युद्ध ख़त्म होने पर बंदी को छोड़ना होगा।
3. एक समूह हथियार ले जाने वाले ट्रक पर लाल क्रॉस पेंट कर देता है ताकि उस पर हमला न हो। क्या यह ठीक है?
नहीं। यह विश्वासघात है, यानी दूसरे पक्ष को धोखा देने के लिए सुरक्षा-चिह्न का उपयोग। यह युद्ध अपराध है और असली चिकित्सा वाहनों को भी ख़तरे में डालता है।
4. बंदी को यातना से कौन-सा कानून बचाता है: IHL, मानव अधिकार कानून या दोनों?
दोनों। IHL (जिनेवा अभिसमय) और मानव अधिकार कानून दोनों यातना पर रोक लगाते हैं, और यह रोक युद्ध में भी कभी नहीं हटती।
आम गलतियाँ
- यह सोचना कि IHL तय करता है कि युद्ध वैध है या नहीं। वह केवल बताता है कि युद्ध कैसे लड़ें; बल कब वैध है, यह संयुक्त राष्ट्र चार्टर बताता है।
- यह सोचना कि केवल "अच्छे" पक्ष को नियम मानने हैं। IHL सब पक्षों पर बराबर लागू है, चाहे युद्ध किसी ने भी शुरू किया हो।
- यह सोचना कि दुश्मन लड़ाकों का कोई अधिकार नहीं। घायल, बीमार और पकड़े गए लड़ाके संरक्षित हैं।
- IHL और मानव अधिकार कानून को एक समझ लेना। IHL केवल सशस्त्र संघर्ष में लागू है; मानव अधिकार कानून हमेशा, और युद्ध में दोनों लागू हैं।